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शुक्रवार, 26 फ़रवरी 2021

घर बैठे English सींखेँ

 What have I learned TODAY?


आज मैंने क्या सीखा?

😢ज्ञान सभी के पास है।😢

केवल ध्यान से सुनने और सीखने की जरूरत है ।


 सुनना कठिन होता है क्योंकि कोई भी बात करो सामने बाला जो उसे पता है बता देता है। इस लिये साथ में नोट बुक रखें और उसी बक्त थोड़ा बहुत नोट कर लेँ। 

बाद में जब समय मिले उन्ही"■अनमोल बचनो◆ को कलमबद्ध कर लें। बेहतर है डेट डाल कर।


जीवन में यह ज्ञान काम आएगा। आप आत्मनिर्भर बनते जायोगे। 

बह सही है या नहीँ इसका कोई अर्थ नहीँ और सुना सुनाया ज्ञान बिना प्रयोग किये हम रिजेक्ट कर देते हैं।


कुछ दिन पहले एक प्रकति चिकित्सा की पुस्तक पढ़ी।

1 

उसमें रात को सोने से पहले गर्म पानी में 10 मिन्ट  पैर रख कर भांप लेने के बहुत लाभ बताये हुये थे।

प्रोफेसर साहिब ने स्वयं 10 मिन्ट( सोने से पहले ) गर्म पानी बर्तन में डाल कर पांब डाल दिये। 

क्या महसूस किया?

A      थकान दूर हो गई।

B      सिर/दिमाग हल्का हो गया।

C    नींद खूब गहरी आई।

D    सुबह शरीर तरोताजा था।

E । । मन खिला खिला था।

F   खून का दौरा तेज था। शरीर की झनझनाहट दूर हो गई थी।

Caution: 

ध्यान दें

 इस इलाके में अब सर्दी है।

 गर्म पानी अच्छा प्रभाव करता है। 


आप अपने एरिया का तापमान और मौसम देख कर प्रयोग करें।


हम अधिकतर ज्ञान और लाभदायक चीजों या आयामो को केवल सुनते हैं छोड़ देते हैं। परंतु साइंटिस्ट इसी ज्ञान को लिखते हैं , उस पर शोध करते और उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार हासिल होते हैं।

आओ जाने और लाभ पाएँ।

2

यह प्रयोग एक स्टूडेंट ने बताया जो प्रोफेसर साहिब ने किया।


सुबह आंखों पर खीरे के काट कर 2 छोटे छोटे टुकड़े रखे।

केवल एक मिन्ट के लिये 2 बार।

 यानी खीरे(cucumber) के 4 टुकड़े , 2  बार रखे। 


तो क्या हुआ?

A 

👍खीरे के टुकड़े ठंडे थे। आंखों को ठंडक दी। 

1 मिन्ट के बाद टुकड़े गर्म हो गए। 

मतलब कितनी गर्मी आँखों से खीरे के टुकड़े में ट्रांसफर हो गई


B आँखें तरोताजा हो गई। ठंडी हो गई।

C

 जलन समाप्त हो गई।

D

 दिमाग में भी सुइयां सी चुभ रही थी ठीक हो गई।

E 

नाक में मिर्ची सी लग रही थी दूर हो गई।

मन खुश हुआ। 

सुबह से दूसरों को हँस कर बात कर रहे हैं। 

पढ़ने को मन कर रहा है।

पढ़ने का फ़ोकस बड़ा महसूस हो रहा है।

शरीर शुद्ध, सुखी , उर्जाबान तो सब अच्छा अच्छा लगता है।


आप भी करेँ।

यदि एक दिन में इतने लाभ हैं तो एक हफ्ते

 या एक महीने 

या एक साल में कितने होंगे।


खीरा और पानी तो घर में होता ही है। 

बिना खर्च स्व स्वास्थ्य।

 करेँ और लाभ पाएँ।

शुभ कामनाएं।






गुरुवार, 25 फ़रवरी 2021

घर बैठे English लिखना/बोलना सींखेँ

 ध्यान से पढें और समझें




I have to share this extraordinary message I received from a friend... So Meaningful...

    यह ईमेल प्रोफेसर भोला नाथ जी जो बर्ल्ड एजुकेशन समिट और एम टी सी ग्लोबल के चेयरमैन है ने भेजी है।

स्टूडेंट्स के लिये प्रेरक है।

                                                                           A student studying in  a foreign country says:

      एक बिद्यार्थी विदेश में पढ़ता है 

```The highest score for most of the exams in country is 5... If a student does not answer any question and returns back the exam paper blank, with NO question answered, student gets 2 out of 5...
    उस देश में किसी भी बिषय के अधिकतम मार्क्स 5 हैं। यदि कोई बिद्यार्थी पेपर में कोई भी उत्तर न लिखे और पेपर ब्लेंक दे दे तो भी उसे 5 में से 2 मार्क्स दिए जाते हैं।

 

 

In my first days at the University of Moscow, I did not know about this system and I was surprised...

    यूनिवर्सिटी के शुरुआती दिनों में मुझे (बिद्यार्थी को,) बहुत हैरानी हुई कि यह क्या सिस्टम है।


I asked Dr. Theodor Medraev: "Is this fair that even when a student does not answer any question, you give 2 marks out of 5??? Why not give Zero??? Isn't that the right way???"

     मैंने अपने प्रोफेसर डॉ थेओडर मेड्रीव से पूछा: क्या यह उचित है कि आप ब्लेंक पेपर जिस में कोई उत्तर नहीँ लिखा फिर भी 5 में से 2 नंबर देते हैं। क्यों? जीरो क्यों नहीं? 

        जीरो देना क्यूँ उचित नहीँ?

He answered: "How can we give Human Being a Zero???

    प्रोफेसर ने उत्तर दिया: हम एक इंसान को जीरो कैसे दे सकते हैं?

How can we give Zero to someone who was getting up at 7 am to attend all the lectures???

    किसी को हम जीरो कैसे दे सकते हैं जो 7 बजे उठ कर लेक्चर अटेंड करने आता है।

How can we give Zero since they got up in this cold weather and used public transport and reached to do the exam in time and tried to solve the questions???

हम उस बिद्यार्थी को जीरो कैसे दे सकते हैं जो कड़ी ठंड में, पब्लिक ट्रांसपोर्ट लेकर समय पर इम्तिहान देने आता है और पेपर में दिये प्रश्न हल करने की कोशिश करता है।

How can we give Zero for the nights they used to study and spent their money on pens and notebooks and bought a computer for studying???

     हम उसे जीरो कैसे दे सकते हैं जो रात रात जाग कर पड़ता है। अपनी पॉकेट मनी  अपनी किताबें, कापियां और कंप्यूटर पर खर्च कर देता है। कितनी इच्छाओं का त्याग करता है।

How can we give Zero when they left all other life styles and pursued their studies???

हम उसे कैसे जीरो दे सकते हैं जो अपने जीवन की सुविधाएं छोड़ पड़ता लिखता है। बह समाज का धन है।

राष्ट्र धन है। वह संसार का धन है।

 बह(पढ़ने बाला) भीड़ नहीँ अनोखा इंसान है। 

My son, we do not give Zero to students just because they did not know the answer...

    मेरे प्यारे बच्चे , हम विधार्थियों को जीरो इसलिये नहीँ देते कि  उसने पेपर में कुछ नहीँ लिखा।

We at least try to respect the fact that they are Human Beings having brain and atleast they tried...

      हम कम से कम उनकी जागरूक इंसान होने के बजूद की पहचान करेँ। उनका ब्रेन है औऱ उन्हों ने कोशिश की। 

 

This result which we give, is not just for the questions in the exam paper, it is also about showing appreciation and respect to the fact that this is a Human Being and deserves to have a score..."

 यह रिजल्ट एग्जाम में उत्तर देने के लिये नहीँ दिया जाता बल्कि एक इंसान के जागरूक मन की मान्यता कि बह इंसान है औऱ इस स्कोर का जागरूक इंसान के नाते हकदार है।


Truly I did not know how to respond... There I knew my value as a Human Being...

सच में मुझे समझ नहीँ आ रहा था कि मैं क्या कहूँ? आज मेरे लिये नया पल, नया दिन था क्योंकि आज मुझे अपने इंसान और बिद्यार्थी और विद्या(पढ़ने/लिखने) की महत्ता और मूल्य का पता चल गया।



Zeros can actually decrease motivation on students and can quickly destroy them and make them stop caring about their studies altogether...

    पेपर में जीरो मिलने से बिद्यार्थी उत्साह हीन हो जाता है और बिद्यार्थी एक दम से गम से पढ़ना लिखना छोड़ देता है और जीवन मे बर्बादी की तरफ मुड़ जाता है।

 

 
Once a Zero score has been put in the grade book, they need no longer care about that subject and they may assume that, there’s nothing they can do about it...```    
     

    बिद्यार्थी की ग्रेड बुक में एक बार जीरो लग गया, तो बिद्यार्थी का उस विषय में इन्ट्रेस्ट घटता घटता घट जाता है। और पढ़ने पढ़ाने का यह उद्देश्य नहीँ है। बल्कि बच्चे के उत्साह को पढ़ाई में लगाना है।

हिन्दी ट्रांसलेशन : प्रोफ केशप

Prof. Bholanath Dutta
Founder & President: MTC Global

   


MTC Global is a Global Think Tank in Higher Education. 

मंगलवार, 23 फ़रवरी 2021

घर बैठे इंग्लिश बोलना लिखना सींखेँ

 Definite Article

डेफिनिट 

आर्टीकल क्या है?

1

A lion was rinning and roaring in a jungle.

2

The lion was having long whisks and the jungle was dense.


अब इन दो बाक्यो को ध्यान से पढें और समझें।

1 पहले सेंटेंस में 2 नाउन है।

जब लायन शब्द आया है आपके दिमाग में किसी  शेर का चित्र उभर आया होगा। इसी तरह जंगल शब्द से दिमाग में जंगल का भाव आ गया होगा। परन्तु यह दोनों अनजान शब्द हैं। 

कौन सा शेर, कौन सा जंगल?

इसलिये इन दोनोँ नाउन के लिये "a"यानी इंडेफिनिट आर्टिकल का प्रयोग किया है।

2

अब जब भी शेर औऱ जंगल के बारे में आगे सोचेंगे तो यह डेफिनिट बन गए हैं। 

क्योंकि दिमाग को इनका पता पहले चल चुका है और यदि शेर और जंगल के बारे में पढ़ोगे या लिखोगे तो दिमाग पहचान लेगा कि यह पहले बाक्यो में लिखे शेर और जंगल है। 

इसलिये यह दोनों शब्द डेफिनिट बन गए हैं। इसलिये पूरे पैरे या एस्से में जब भी शेर और जंगल आये तो आर्टीकल 'the" लगाएं।

A, An - इंडेफिनिट आर्टिकल है।

The - डेफिनिट आर्टिकल है।


अब 

An MP

An MLA

An SDO 

क्यूँ है।


MP , MLA, SDO के  पहले अक्षर को एक्सपैंड करेँ।

Emm= M

Emm=M

Ess = S

सभी वॉवेल e से शुरू होते हैं इस लिये an लगता है।

साइलेंट h - An honest person. एन ऑनेस्ट पर्सन। h साइलेंट है।

परन्तु A historical building.

 जहां h ह की आवाज दे रहा है

इसलिये a लगा है।


आप प्रैक्टिस करेँ। कम से कम 5- 5 सेंटेंस लिखें जिसमें a, an, the और साइलेंट h का प्रयोग हो।

कुल 20 सेंटेंस लिखें।



सोमवार, 22 फ़रवरी 2021

घर बैठेEnglish बोलना/लिखना सींखेँ

 

The BIGGEST prison

 in the world.

Mental prison.




मेन्टल प्रिजन है।

फ़िक्शन- जो पढ़ते, सुनते या देखते हैं उससे सोच पर असर पड़ता है।


यह सच हो भी सकता है और   नही भी हो सकता परन्तु हमारी नींद और मन की शांति भंग कर देता है।


इसलिये हमेशा "in terest and concern" पर फोकस रखें।

कभी देखा है: 

दो आदमी बात कर रहे हों हम बेबजह बिना तालुक खड़े हो कर सुनते है और उसी आधी अधूरी सुनी सुनाई बातों से मन की शांति खराब करते हैं।

अखबार में लिखे बहुत से क्राइम पढ़ पढ़ कर मन दुःखी करते हैं।


TV देखो । 

हमारे काम की कोई बात हो न हो परन्तु लगा कर सुनते हैं। सारी दुनिया के लड़ाई, झगड़े सुनते हैं। मन अशान्त।

सीरियल देखते हैं और जो सीरियल में साजिशें होती है, बहि घर के सदस्यों में देखने लगते हैं, ब्यवहार बदल जाता है।


एक दोस्त ने बताया: मैने TV देखना बंद किया, अखबार पढ़नी बन्द की, मेरे घर मे शांति ही शांति हो गई। 

कियूंकि सारा फोकस घरबालों, घर और घर की समस्यों को हल करने लगना शुरू हो गया। और सभी खुश।


कई सालोँ से धार्मिक गुरुयों, बाबेयों से खुशियिओं के लिये भटक रहे थे।

आप भी करो।


दुनिया का सबसे बड़ा काराबास(जेल)

यह बिचार" लोग क्या सोचेंगे"

2

यदि किसी कोशिश में कामयाब न हो तो इतना मनोबल फेल होने पर कम नहीँ होता जितना इस सोच से कि दुनिया क्या कहेगी? 

3

आपके बारे में सोचने के लिये किसके पास समय है?

भूल जायो और दोबारा कोशिश करो।

4

एक दोस्त ने एक अपने रिश्तेदार का कैरियर कैसे बनाया? जानें।

रिश्तेदार का बेटा इनके घर फौज में भर्ती होने के लिये आया।

बह दौड़ में असफल रहा और फ़ौज़ से रिजेक्ट हो गया।

5

यह लड़का बहुत अफसोस से लेटा था।

6

जब दोस्त आफिस से आया तो इशारा करके पूछा कि रिजल्ट कैसा रहा? 

रिश्तेदार के बेटे ने सिर हिला कर "न" कर दी।

7

दोस्त ने लड़के को छत पर बुलाया और कहा: अपनी आंटी को न बताना। घर पर भी मां बाप, भाई बहन, पड़ोसियों को न बताना परन्तु खुद दोबारा कोशिश करते रहना।


8 

लड़का बोला: घर बाले पूछे तो क्या कहूँ?

" कह देना कि रिजल्ट अखबार में आएगा" 

तीन चार दिन के बाद किसे याद रहना है।


9 

लड़के का मनोबल बड़ गया और उसने MBA किया और आज कल मार्केटिंग का काम कर रहा है।

जरूरी है सब कुछ सभी को बताएं?

यदि यह लड़का अपनी रिजेक्शन के बारे में बताता तो घर के और इर्द गिर्द के लोगों ने तंज/ताने दे दे कर मनोबल तोड़ देना था और हो सकता है हीन भावना से जीवन में आगे बड़ ही नहीं पाता।


इसलिये दुसरों को बताए बिना कोशिश करते रहो। सफलता मिल जाएगी।

सफलता

इमोशनल इनटेलीजेंस 75% है और आई क्यु 25%

अपने लक्ष्य से मन से जुड़ो।

कैसे?

फ़ुटबॉल का मैच चल रहा है। 

 टीम का खिलाड़ी प्लेयर से भिड़ जाता है।

प्लेयर गिर जाता है।  दूसरा खिलाड़ी मैच के रिजल्ट की परवाह किये बिना उस खिलाड़ी को उठाता है।  और फिर खेलने लगता है ।

यह है इमोशनल इनटेलीजेंस।

गिरना और फिर उठ कर खेलना बिना परवाह किये कि मैच का हश्र क्या होगा।

मन लगा कर खेलते जायो। सफलता खिलाड़ी को ही मिलेगी।खेलना जरूरी है। मैदान छोड़ने बाले कभी जीतते नहीँ।







घर बैठे इंग्लिश बोलना/लिखना सींखेँ

 बिचार लिखें

दिशा पाएँ


सुनने से ज्ञान प्राप्त होता है।

देखने से ज्ञान प्राप्त होता है।

पढ़ने से ज्ञान प्राप्त होता है।

2

अब यह ज्ञान मष्तिष्क में जमा  हो कर भय, बोझ बनता जाता है और कई कई साल तंग करता है।

3

जिसको सुनाते हैं वह सुनता नहीँ।

 बह कहता औऱ सोचता है मैं क्यों बेबजह सिर दर्द करूँ।


4 

कल एक बस में बैठा सुना रहा था। लिखना मन को शांत करना है।

प्रोफेसर साहिब के एक दम कान खड़े हो गए और ध्यान से सुनने लगे।

5

उस ब्यक्ति ने बताया

2012 में मैं स्टेशन पर बैठा था। 

मेरे साथ एक दम्पति बैठी थी।

पत्नी ने पति से पूछा :      जी क्या आप बचपन से ही इतने शांत स्वभाब के है?


"नहीँ" पति बोला।

पत्नी ने कहा: 

फिर आपको गुस्सा/क्रोध क्यों नहीं आता है?

😢

"बहुत आता है। परन्तु मैं बोल कर नहीँ लिख कर गुस्सा निकाल लेता हूँ और लिखे हुये कागज़ को फाड़ देता हूँ, या जला देता हूँ।"

इस तरह गुस्सा भी शांत और दुसरों के मन को ठेस भी नहीँ।

तभी से प्रोफेसर साहिब किताबें लिखते हैं। 

6

आप भी जो।मन आए लिखो। मन की घुटन आपकी ऊर्जा बन जाएगी।

अधिक पढ़ा जाएगा।

जो काम का है रख लो, जो नहीँ है उसे फाड़ दो, जला दो या फ्लश कर दो। मन शांत नींद गहरी।



चेताबनी:

किसी का नाम न लिख कोड लिखें ताकि बबाल से बच सकें।



 



2



घर बैठे English बोलना/लिखना सींखे

 Grammar- 

The Article

1

Indefinite article= a , an

अँग्रेज़ी में 5 वॉवेल होते हैं। a, e, i, o, u और एक साइलेंट 'h'

2

इन सभी के साथ an का प्रयोग होता है।

जैसे:

1 an apple. एन एप्पल

2 an elephant: एन एलीफैंट

3 an inkpot: एन इंकपोट

4 an opera : एन ओपेरा

An open window: एन ओपन विंडो

5 an unmbrella:एन अम्ब्रेला


3

कन्फ्यूजन क्लियर करो

3.1 an MLA

3.2 an SDO

3.3 an MP

जहां कंसोंनेंट है वॉवेल नहीँ। फिर भी an क्यों लगाया?

4

सोचो।

5

इसका उत्तर कल के ब्लॉग में दिया जाएगा। 


साइलेंट h के बारे में भी कल का ब्लॉग पढ़ना।

6

इन 5 वोवेल्स को छोड़ कर बाकि सब कंसोनान्ट्स होते हैं जिनके साथ a लगता है। 

साइलेंट h को भी छोड़ दें।

जैसे: 

A dog

A rat.

A cat.

A bat.

A boy.

A cow.

A girl.

आदि।

7

शब्दोँ का बाक्यो में प्रयोग किये बिना शब्द भूल जाते हैं।

8

इसलिये 15 से 20 शब्द के बाक्यो को बनाये और उनमें a और an आर्टिकल का प्रयोग करें।

9

"The" डेफिनिटे आर्टिकल है। इसका प्रयोग भी कल ब्लॉग में।


शुभ संध्या।








घर बैठे English बोलना/लिखना सींखेँ


Hard work gives

 self satisfaction 

not tiredness .


कड़ी मेहनत से थकावट की बजाय मनचाही सफलता व आत्म संतूष्टि मिलती है।

इस आत्म संतुष्टि से दोबारा कड़ी मेहनत करने की प्रेरणा मिलती है।

कड़ी मेहनत करें, मन चाही सफलता पाएँ।

शनिवार, 20 फ़रवरी 2021

घर बैठे English बोलना/लिखना सीखे।

 

1 
शिष्य ने
 गुरु जी की 
घास फूस से बनी 
कुटिया में ज्यूँ 
ही प्रवेश किया

2 
गुरु जी ने 
भांप लिया 
कि इसके मन में
कुछ उथल पुथल चल
रही है।

3 
गुरु जी ने पूछा :
वत्स,
 बतायो मन में क्या चल रहा है, इतने बिचलित क्यूं हो?

4
बस पूछने की देर थी
जैसे जल का  बांध  टूट गया होता है

बैसे ही वत्स ने बोलना शुरू किया।

4.1 
मैं अपने लक्ष्य से चूक गया।
4.2
 मेरे टीचर ठीक पढ़ाते नहीँ।
4.3
 घर पर काम बहुत है।
 माता पिता समझते नहीँ कि 
मैं पढ़ता हूँ। 
हमेशा अपनी मर्जी थोपते

4.4 
सभी मुझे ही आवाजें लगाते हैं।

4.5
  😊पढ़ने के लिये समय नहीँ मिलता।

4.6 
कुछ किस्मत भी खराब चल रही है।

5
गुरु जी सुने जा रहे थे। 

वत्स से बोले: 

मैं समझ गया आप 3 दिन बाद आना।

आपकी सारी समस्यायों का समाधान दूँगा।
6

3 दिन बाद बह लड़का गुरु जी के पास आया और आशा भरी निगाहों से गुरुजी की तरफ देखा।

गुरु जी ने दूसरे शिष्यों को जाने के लिये इशारा किया।

सभी ने प्रणाम किया और प्रस्थान कर गए।


केवल वत्स और गुरुजी रह गए।

7
आपके पास किताबें हैँ?
●     जी हाँ|

किताबें स्कूल/कालिज कौन ले कर जाता है?
 ●     मैं गुरुजी।
(वत्स सोच रहा था कैसा बेतुका प्रशन है?)

बहां किताबों को खोलता कौन है?
●       मैं गुरु जी।

किताब को पढ़ने के बाद बन्द कौन करता है?

●       मैं गुरु जी।
(वत्स बहुत हैरान था कि कैसे कैसे प्रशन गुरुजी पूछ रहे थे)

कभी किसी किताब ने यह कहा कि बस अब मुझे बन्द करदो?
● नहीँ कभी नहीं गुरु जी।

तो सुनो :
■ <जब तक आप अपने जीवन में सफलता व बिफलता की जिमेबारी स्वयं पर नहीँ लेते, तब तक सफलता संभव नहीँ है। 

3 दिन पहले आप ने सभी को अपनी असफलता का दोषी बना दिया, 

परन्तु अपनी जिमेबारी के बारे में नहीँ बताया।
■
बदलाव तो आपको अपनी सोच में करना है,
 परिश्रम कर समर्थ बधाना आप की अपनी जिमेबारी है।

■
किताबें हैं, 
पढ़ना आप शुरू करते हो, 
आप ही पढ़ना बन्द करते हो

 तो दुसरों का क्या दोष।

■ समय नहीँ है?

 क्या जो सफल होते हैं उनको 26 घन्टे रोज़ मिलते हैं?

■ एक घण्टा रात पढ़ो, नींद का त्याग करो।

     एक घण्टा सुबह पहले उठो, और पढ़ो।

     सफलता चाहिये तो संघर्ष तो करना ही पड़ेगा।

 संघर्ष का दर्द तो सहना पड़ेगा।
इसके लिये अपने आप को तैयार करो। चैलेंज एक्सेप्ट करो।।फिर देखो, जो चाहोगे बह मिलेगा।
😢
वत्स सब समझ चुका था। 

उसे समझ आ गईं  थी कि सफलता की कुंजी मेरे अपने पास है। 

गुरु जी को नमस्कार किया और प्रस्थान कर गया।
😢😢
यह हम सभी की दशा है।

 हम अपनी असफ़लतायों के लिये बहाने ढूंढते हैं,
 दुसरों को दोषी मानते हैं,

 जबकि बदलाव तो अपनी सोच और जीवन शैली में करना है।

उसके लिये मन से तैयारी और संघर्ष करना हमारी अपनी जिमेबारी है।
किस्मत और दूसरों की नहीँ।


रविबारिय शुभ प्रभातम।




घर बैठे English बोलना/लिखना सींखेँ

 गुरु की सीख- अपने जीवन की जिमेबारी लो।

सफलता भागती हुई मिलेगी💐

1 
शिष्य ने
 गुरु जी की 
घास फूस से बनी 
कुटिया में ज्यूँ 
ही प्रवेश किया

2 
गुरु जी ने 
भांप लिया 
कि इसके मन में
उथल पुथल चल
रही है।

3 
गुरु जी ने पूछा :
वत्स, बतायो क्या चल रहा है।

4
बस पूछने की देर थी
जैसे जल का  बांध  टूट गया होता है
बैसे ही वत्स ने बोलना शुरू किया।

4.1 
मैं अपने लक्ष्य से चूक गया।
4.2
 मेरे टीचर ठीक पढ़ाते नहीँ।
4.3
 घर पर काम बहुत है।
 माता पिता समझते नहीँ कि 
मैं पढ़ता हूँ। 
4.4 
सभी मुझे ही आवाजें लगाते हैं।
4.5
  😊पढ़ने के लिये समय नहीँ मिलता।
4.6 
कुछ किस्मत भी खराब चल रही है।

5
गुरु जी सुने जा रहे थे। 

वत्स से बोले: 

मैं समझ गया आप 3 दिन बाद आना।
आपकी सारी समस्यायों का समाधान दूँगा।
6

3 दिन बाद बह लड़का गुरु जी के पास आया और आशा भरी निगाहों से गुरुजी की तरफ देखा।

गुरु जी ने दूसरे शिष्यों को जाने के लिये इशारा किया।
सभी ने प्रणाम किया और प्रस्थान कर गए।

केवल वत्स और गुरुजी रह गए।
7
आपके पास किताबें हैँ?
●     जी हाँ|
स्कूल/कालिज कौन ले कर जाता है?
 ●     मैं गुरुजी।
(वत्स सोच रहा था कैसा बेतुका प्रशन है?)
बहां किताबों को खोलता कौन है?
●       मैं गुरु जी।
किताब को पढ़ने के बाद बन्द कौन करता है?
●       मैं गुरु जी।
(वत्स बहुत हैरान था कि कैसे कैसे प्रशन गुरुजी पूछ रहे थे)

कभी किसी किताब ने यह कहा कि बस अब मुझे बन्द करदो?
● नहीँ कभी नहीं गुरु जी।

तो सुनो :
■ <जब तक आप अपने जीवन में सफलता व बिफलता की जिमेबारी स्वयं पर नहीँ लेते, तब तक सफलता संभव नहीँ है। 3 दिन पहले आप ने सभी को अपनी असफलता का दोषी बना दिया, परन्तु अपनी जिमेबारी के बारे में नहीँ बताया।
■
बदलाव तो आपको अपनी सोच में करना है, परिश्रम कर समर्था बधाना आप की अपनी जिमेबारी है।
■
किताबें हैं, पढ़ना आप शुरू करते हो, आप ही पढ़ना बन्द करते हो तो दुसरों का क्या दोष।

■ समय नहीँ है?
 क्या जो सफल होते हैं उनको 26 घन्टे रोज़ मिलते हैं?

■ एक घण्टा रात पढ़ो, नींद का त्याग करो।
     एक घण्टा सुबह पहले उठो, और पढ़ो।
     सफलता चाहिये तो संघर्ष तो करना ही पड़ेगा।
😢
वत्स सब समझ चुका था। 

उसे समझ आ गयी थी कि सफलता की कुंजी मेरे अपने पास है। 

गुरु जी को नमस्कार किया और प्रस्थान कर गया।
😢😢
यह हम सभी की दशा है।

 हम अपनी असफ़लतायों के लिये बहाने ढूंढते हैं, दुसरों को दोषी मानते हैं,

 जबकि बदलाव तो अपनी सोच और जीवन शैली में करना है।




घर बैठे अँग्रेज़ी बोलना/लिखना सींखेँ

 

मोटिवेशन


सफलता के लिये

मेहनत का दर्द तो

सहना पड़ेगा।


घबराएँ नहीँ। मेहनत करें।


घर बैठे English बोलना/लिखना सींखेँ

DREAM


1 Dedication            डेडिकेशन        D

2 Responsibility      रिस्पांसिबिलिटी R

3 Education।           एजुकेशन।         E

4 Attitude                अटटीटूड           A

5 Motivation           मोटिवेशन          M


सुपने बह नहीँ होते जो सोते हुये लिये जाते हैं, सुपने बह होते हैं जिनके लिये जागते हुये पूरा करने के प्रयत्न किये जाते हैं।


इसके लिये डेडिकेशन(लग्न), रिस्पांसिबिलिटी(स्व जिमेबारी), एजुकेशन(ज्ञान, बिद्या, सक्षमता), अटटीटूडे(सकारात्मक समाधान समझ बाली सोच) और मोटिवेशन(स्व अभिप्रेरणा)


स्व अभिप्रेरणा सफलता के लिये अति आवश्यक है। काम काज की व्यस्तता के बाबजूद भी अपने मन्त्रणा को अपने लक्ष्य प्रति सम्परित रहना ब उत्साह पूर्ण प्रयत्न करना ही स्व अभिप्रेरणा कहलाती है।

।

इन 5 सेल्फ गाइडिंग स्व सिद्ध सिद्धांतो से सपनों में सार्थकता आती है। 


अपनाएं।

शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2021

घर बैठे English बोलना/लिखना सींखेँ

 Numbers


Singular and plural.


बचन

एक बचन 


और 

बहुवचन


आशा है आपने 

1स्ट पर्सन

2एंड पर्सन

3र्ड  पर्सन 

सीख लिया 

होगा।


अब 

एक बचन बहुबचन सींखेँ





एक बचन                                  बहु बचन

A. I (मैं)                                  We (हम)

B You(तुम, आप एक के लिये)   You (तुम, आपके लिये-एक                                                से अधिक के लिये)      

C He, She, It, 3र्ड पर्सन।          They, Boys, Girls आदि।     

 सिंगुलर(एक जैसे boy, girl, cow आदि)



टिप

अधिकतर शब्दोँ के बहुबचन अँग्रेज़ी में s या es जोड़ने से बन जाते हैं। उदाहरणतः cow, cows; boy, boys; girl, girls; toy , toys; bush, bushes etc.


नोट करेँ:

 केवल इस ब्लॉग पर निर्भर न रहें, ग्रामर की किताब पढ़ें।

 आप खरीद कर, 

किसी से ले कर, स्कूल , 

कॉलेज,

 यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी से। 


A House with a LIBRARY

has SOUL.

- Plato

  -the Greek Philosopher.


  


बुधवार, 17 फ़रवरी 2021

घर बैठे English बोलना/लिखना सींखेँ

   Self responsibility

   स्व संस्कार, स्वायत्तता और उत्तरदायित्व

  ज्ञान क्या है?

A person goes to learn Karate.

     एक लड़की या लड़का कराटे सीखने के लिये जाती/जाती है।

Over the next few months, his master teaches him different types of blocks, kicks, punches, Kata and sparring techniques.

अगले कुछ महीनों में उसका कराटे मास्टर उसे कई तरह के ब्लॉक, किक्स, पंच काटा और टेकनीक सीखाता है।

He practices it hard and finally is able to perform it with perfection and with the right amount of strength.

वह अगले कुछ महीने खूब प्रैक्टिस करता है और कराटे में परफेक्ट हो जाता है


This is knowledge.

यह ज्ञान है।
2

Later he remembers what his master used to tell during every belt ceremony.

    इस कोर्स के कई महीनों बाद उसे याद आता है कि जब भी बह कोई मैच जीतता और नया अवार्ड यानी बेल्ट मिलती तो उसका मास्टर शिक्षा देता था?

‘Karate is only for defense and self-protection. You are not supposed to misuse it to offend others or attack them for your selfish gains or pleasure.’

    कराटे केवल स्व रक्षा और स्व बचाब के लिये है। कभी भी इसका दुरूपयोग दुसरों को चोट या नुकसान या डराने के लिये न करना। या किसी को स्वार्थी पने या प्रलोभन में किसी मजलूम (कमजोर, मजबूर) पर प्रयोग न करना


He follows it strictly for rest of his life.

 उसने यह जीवन भर स्वयं की मर्यादा बना ली और कभी उलंघन नहीँ किया।

This is called Wisdom.

इसे अकल/बुद्धिमत्ता कहते हैं। ज्ञान बहुत के पास होता है परन्तु बुद्धिमता का अभाव रहता है। इसलिए बह किसी न किसी अवस्था में विफल रहता है। डिग्री ज्ञान देती है, इसका सदुपयोग 5 इन्द्रियों - आंख, कान, स्पर्श, नाक, मुख के संतुलित प्रयोग से होता है।

3

Wisdom is when you know to differentiate between what is right and what is wrong and then use your amazing knowledge accordingly for constructive purposes, rather than destructive purposes.


बुद्धिमता का अर्थ बुरे और अच्छे की पहचान होना और बुद्धिमता से अपने अनोखे ज्ञान का निर्माण हेतु न कि ध्वंस हेतु प्रयोग करना ताकि देश, समाज, समुदाय परिवार और अपना कल्याण हो।

*इमानदारी,

 -निःस्वार्थ सेवा,

 - उचित मार्ग दर्शन- स्व और दूसरों का, 

- सहायता,

-  दूरदृष्टी, 

-  बासुदेव कुटुम्बकम की भावना,

 -- सर्वथ दा भला, 

-
नम्रता, सादगी, सरलता

**सादा जीवन ऊची सोच

- ज्ञान +संस्कार Knowledge"+ Excellent Ettiquttes and manners for all 

-  सहानुभूति

--  समर्था

--  शस्त्र ज्ञान से पहले शास्त्र ज्ञान
**
मानवीय मूल्य (Human values)

" बड़ो का करो सत्कार, 
छोटो को करो प्यार, 

उचे, भैड़े, कोड़े बोल
नफरत फेलान्दे ने,

 मन दुखांदे ने,
झगड़े करवांदे ने,

दोस्ती ते रिश्ते तुदबांदे ने,
दोस्ती रिश्ते (खटे हैं या मीठे) 
ही जिन्दगी है।"
😢

 यह सभी बुद्धिमता की केटेगरी में आते हैं। 

बाकी जोड़ लें। 

आप भी तो बुद्धिमान हो।

Note:

 डिग्री ज्ञान को संस्कार की शक्ति से सजाएं।




सुप्रभातम

मंगलवार, 16 फ़रवरी 2021

घर बैठे English बोलना/लिखना सीखें

 Thought 


Every success story

is a 

tale of constant adaption

revision and change.

           - Richard Branson


हर सफलता की कथा का सार है

स्थिति और परिस्थिति के मुताबिक 

अपने आपको ढालना

इसको बार बार दोहराना व

समय अनुसार अपने आपको को बदलना।

             - रिचर्ड ब्रानसन

कहते हैं: 

Those who do not change with the imminent change, perish from the planet Earth.


जो दुनिया के  बदलाब के साथ अपने ब्यवहार को नहीँ बदलते बह पीछे रह जाते हैं या लुप्त हो जाते हैं।

बदलाब कठिन है परंत असम्भव नहीँ जैसे जनरेशन गैप को हैंडल करना। 70-80,% एडजस्टमेंट काफी है।

20% भेदभाव प्रगति का स्रोत भी बनता है 


रविवार, 14 फ़रवरी 2021

घर बैठे English बोलना/लिखना सींखेँ

 

Change the way you think 

and life will be changed,.

सोचना बदलिये आपका संसार बदल जायेगा।



Think success and happiness

 and success and happiness will come into  your life.

सफलता और खुशी सोने से पहले और सुबह उठने पर सोचिये, सफलता और खुशी आएगी । 

इसे Law of Visualization भी कहते हैं। दिमाग, मन, मश्तिष्क जो सोते समय सोचता है बह यथार्थ बन जाता है।

इसलिये अच्छा सोचिये ।

घर बैठे English बोलना/लिखना सींखेँ

 Self faith - 

☺️Yes, I can attitude - ☺️

is a great motivator

for success

in any project 

or 

any field of work.


While

Self doubt i. e. an attitude of 

* No, I can't do this* 

is a great crippler of progress in life.


आत्म बिश्वास कि

 * यह काम तो मैं कर सकता हूँ*

किसी भी काम या पढ़ाई/ पेपर के लिये बहुत बड़ी अभिप्रेरणा है।

जबकि

 अपनी आत्म शक्ति पर अंधविश्वास/भर्मित हो अविश्वास करना  किसी भी काम या पढ़ाई/पेपर में सफलता का सबसे बड़ा अविरोध(रोड़ा ) है।



केवल मन ही मन कहने से :

 मैं  यह कर सकता हूँ" 50% कर्म को सफल कर देता है। 


बाकी मेहनत।


कहते हैं: 


Well begun is half done.

 किसी भी काम/पढ़ाई को हां यानी मन से हां कहने से आधा काम हो जाता बाकी आधा करना पड़ता है।


"हाँ "का जादू देखिए।

1

आज से 20-22 साल पहले  एक यूनिवर्सिटी में एक  प्रोफेसर के साथ एक आफिस बॉय था।

2

 प्रोफेसर साहिब उस प्रोफेसर से मिलने गए।

3

 यूनिवर्सिटी प्रोफेसर के सामने प्रोफेसर साहिब बैठे हैं।

4

 यूनिवर्सिटी प्रोफेसर ने आफिस घण्टी (office bell) बजाई और आफिस बॉय आया और यूनिवर्सिटी प्रोफेसर ने कहा:

   * यह फ़ाइल देना।

     जवाब: 

यह फ़ाइल कई दिन से मिल नहीँ रही है।

** ठीक है, जायो।।

फिर युनिवेर्सिटी प्रोफेसर ने आफिस की घन्टी( bell) बजाई ।

आफिस बॉय आया।

यूनिवर्सिटी प्रोफेसर ने पर्ची दी और कहा: 

यह किताब मेरी लाइब्रेरी से ले आओ। 

**जवाब मिला: 

मैंने ढूंढी थी नहीँ मिली थी।

*** चलो दो कप चाय पिला दो। हमारे दोस्त प्रोफेसर साहिब आये हैं।

* जवाब:

 दुकान पर रश(भीड़) बहुत है।


यूनिवर्सिटी प्रोफेसर झला कर बोला: 


कोई काम न भी करना हो तो कम से" न करने की कला तो सीख लो" Be diplomatic।in saying "No" युनिवर्सिटी प्रोफेसर के कहने का मतलब था।


प्रोफेसर साहिब ने सोचा: 

यूनिवर्सिटी प्रोफेसर नाराज हो गया औऱ कुर्सी से उठते हुये बोले: 

अच्छा मैं चलता हूँ।


परन्तु यूनिवर्सिटी प्रोफेसर ने कहा: 

नहीँ बैठो साहिब। 


चाय तो मैं पिलाता हूँ।



औऱ फोन किया।



चाय बाले का लड़का 2 कप चाय दे गया। 

👍

अब 20/22 साल बाद प्रोफेसर साहिब कांफ्रेंस अटेंड करने दूसरे शहर गए और पता चला यह  यूनिवर्सिटी बाले प्रोफेसर भी इसी शहर मे है।

इस दोस्त से मिलने गए।


देख कर हैरान हो गए।

 चाय उसी चाय बाले के लड़के ने दी और बड़े अदब से "नमस्कार" की।

***

इस लड़के की 

सारी स्टोरी जानने की उत्सुकता हुई। पूछा तो


यूनिवर्सिटी प्रोफेसर ने बताया:


 साहिब बह आफिस बॉय बहुत ही बदतमीज था। 


जिस डिपार्टमेंट में जाता बहिं से शिकायतें।

 अंत में ससपेंड हो गया।


यह लड़का अनपढ़ था । 

परन्तु 

*संस्कारी,

 मेहनती  और 

तमीज बाला है"


मैंने फीस देकर इसे पढ़ाया लिखाया और 10बीं करवाई।


उसके बाद अपने पास ही नौकरी पर रख लिया। 

जहां ट्रांसफर होती है, एक आधे महीने में इसकी भी ट्रांसफर बहिं करवा लेता हूँ।




22000 रुपये तनखाह है, शादी हो गई है 2 बच्चे हैं। बाकी बाहेगुरु करने बाला है।


मैं तो साधन हूँ।


चाय पी और प्रोफेसर बापिस चले आये।

☺️☺️ 

यह  है अच्छी बोलबानी, संस्कारो और काम को "हाँ" कहने( रबैया attitude)का फल।


सोच रहे थे: 

1

 पढ़ाई बड़ी या

    संस्कार

2

 डिग्री बड़ी या

    लग्न

3 

नौकरी बड़ी या

   ब्यवहार।

तो अंत में निष्कर्ष पर पहुंचे: 

 *पढ़ाई,

 **संस्कार, 

***लग्न, 

****नौकरी, 

*****तमीज यानी 

भद्र बोलबानी, 

********मर्यादायों का पालन और ब्यवहार सभी जीवन को अच्छा बनाते हैं। सभी को सीखने और अपनाने चाहिये। बुरी आदतों का मोल जीवन को बहुत देना पड़ता है।

😢😢

यह है जीवन में मन और मुख से "हाँ" बोलने का जादू।






 








शनिवार, 13 फ़रवरी 2021

घर बैठे English बोलना/लिखना सींखे

Self Acceptance
 is key to 
BIG ACHIEVMENTS in life.

Self acceptance removes
 self conflict.

कल एक बिद्यार्थी कैरियर (Career Guidance and Mentoring) गाइडेंस के लिये आया।

फ्रंट डेस्क अटेंडेंट ने जो बह कहना चाहता था को रिकॉर्ड किया और प्रोफेसर साहिब को दे दिया।

अब इस बिद्यार्थी ने क्या कहा:

1 

मैं प्राइवेट स्कूल में नहीँ पढ़ पाया कियूंकि मेरी फैमिली फीस और खर्च अफोर्ड नहीँ कर सकती।

2

 मेरे पिता बिजली का काम करते हैं औऱ 10बीं पढ़े हैँ।

3
 मेरी कोई ख़ाहिश पूरी नहीँ की।

4
 जब भी कभी कोई पैसा मांगो तो पिता डांटने लग पड़ते हैं। 

मां रो पड़ती है।

 बहन पिता के डर से ही भाग जाती है।

5 
घर में पढ़ने का माहौल है ही नहीँ है। 

दादा जी 4 बजे पाठ करना शुरू कर देते है। नींद भी पूरी नहीँ होती। 

सारा दिन थकावट रहती है।

 माता जी पिता के काम पर जाते ही TV शुरू कर डेली सोप देखती है और जबरदस्ती हमें सुनाती है।

दिमाग में पढ़ाई की बजाय बह TV सीरियल ही रहते हैं।

 पढ़ाई की बात करूं तो कहती है: किस्मत में होगा तो पास हो जायोगे। 

कभी एक बाबा और कभी दूसरा बाबा। 

मुझे तो बहुत डर लगता है।

यह सब सुन कर, प्रोफेसर साहिब को बिद्यार्थी को आज (13-2-2021) अपने पास बुलाया।

प्रश्न
1
 आप हर रोज कितनी देर पढ़ते हैं?
  *  कभी पड़ता हूँ कभी नहीँ।

2
 दोस्तों से कितनी देर मिलते हो?
   * 4 से 5 घन्टे ।
3 सोशल मीडिया/tv या फोन पर कितने समय बिताते हो।?
   * शायद 3 -4 घन्टे।

आप कल आना।

बह विद्यार्थी आज(13.2.2021) आया और प्रोफ़ेसर साहिब ने ऐसे गाइड किया।

1 
जरूरी नहीं कि पढाई प्राइवेट स्कूल्ज में ही अच्छी होती है।


 बड़े  प्राइवेट स्कूलों में स्टाफ की योग्यता ग्रेजुएशन /पोस्ट ग्रेजुएशन  होती है जबकि सरकारी स्कूल में कम से कम ग्रेजुएशन और B ed होना जरूरी है।

नम्बर ही जीवन नहीँ हैं।

धैर्य, दया, मौन, शांति, दूरदर्षिता, मैत्री, मानवीय गुण, नम्रता, सरलता और संतूष्टि भी पढ़ाई का हिस्सा है जो जीवन को सम्पूर्णता देते हैं। 

धन दौलत होने के बाबजूद भी कुछ लोग दुःखी हैं क्योंकि उनके पास उपरलिखित गुण नहीँ हैं।


 इनका सही समीकरण सरकारी स्कूलों में दिखता है।
कहते हैं:
 Contented pauper is happier than uncontented king.

*संतुष्ट रंक असुंष्ट राजा से बेहतर होता है ।*

प्राइवेट स्कूल में तो नंबर दौड़ लगी हुई है। 

☺️
ज्ञान और गुण संचार तो शून्य समान है। 

इसलिये इस हीन भावना से ग्रस्त न हो। 
और अपने आप को उपर उठाओ।

 श्री लाल बहादुर शास्त्री जी भारत के प्रधानमंत्री थे और सरकारी स्कूल में पढ़े थे ।

 फीस 10 पैसे प्रति महीना थी।
  जो गरीबी के कारण उसके पिता नहीँ दे सकते थे। 1932 में कहाँ होते थे पैसे। 

बच्चों का पेट भरने के लिये मां बाप 2 मुठी कनक के लिये महीनों जागीरदारों के खेतोँ में काम करते थे। 

भारत गुलाम था तब।

ऐसे हालात में सरकारी स्कूल में पढ़ कर भी शास्त्री जी भारत के प्रधानमंत्री बने।
2
 आप अपना समय प्रबंदन करो।
 7-8 घन्टे TV, सोशल मीडिया या फोन पर बिताते हो इसमें से 1/2 भी अपनी पढ़ाई पर लगायोगे तो जीवन भर सुखी रहोगे।

पढ़ाई, ज्ञान, गुण, काबलियत ही आपकी सारी उम्र सहायता करेगी, सोशल मीडिया, TV या दोस्त नहीँ।

 सोशल मीडिया, tv  खाली समय  बिताने के लिये सही है परंतु क्या एक कप चाय दे सकता है। नही न।


अभी तो माता पिता आपका साथ दे रहे हैं,
 
जब से पैदा हुये हो खाना/फीस दे रहें हैं।

 जैसे ही उम्र में बड़ोगे तो सभी जिमेबारी आप पर आ जायेगी।

कोई दोस्त सारी उम्र साथ न देगा।

 हाँ सच्चे दोस्त जीवन का गहना होते हैं, परन्तु सच्चे दोस्त भी आपके घर के लिये धन नहीँ देंगे ।
 उनका साथ ही बड़ा मनोबल देता है।

तब एक दम से पढ़ना या काबिल बनना अथवा धन कमाना बहुत कठिन हो जाएगा।

इस लिये आज ही अपनी जिमेबारी समझो,

 पिता अपनी जिमेबारी का निर्वाह कर रहे हैं, माता अपनी- खाना बनाती है, कपड़े धोती है, घर संभालती है। 

पिता की छत्र छाया ही बड़ी है, यह घर के सभी मेंबर को सुरक्षा का अहसास देती है।

क्या माता का काम  आपके पिता, दादा या आप कर सकते हो? नहीँ न। इसलिये माता का सम्मान और पिता का मान औऱ सहयोग आपको जीवन में सम्पूर्णता देगा


आप बिद्यार्थी हो। बिद्यार्थी की(अपनी ) जिमेबारी समझो।

आपकी जिमेबारी क्या है?.

1
 पढ़ाई करना, ज्ञान बढ़ाना। भाग भाग कर घर के काम करना बड़ो से बहस नहीँ सहयोग करना। इससे आप स्व द्वेष (सेल्फ कनफ्लिक्ट) से बच जायोगे जो स्व ऊर्जा को खा जाता है।

समय प्रबंधन के लिये: 

घर के सारे काम एक पर्ची पर शाम को या सुबह लिख लो और देख देख आप अपने खाली समय में करते रहो।

एक ने तो घर के दरवाजे पर चाक से लिखा हुआ है और पर्ची पर नोट करके करता रहता है।

काम तो जरूरी है।

 इसे टालो न बल्कि करो और थोड़े दिन में काम ही खत्म हो जाएंगे। 

टालने से काम खत्म न होगा। फिर आज/अभी करलो।

इससे पढ़ने में अधिक मन लगेगा, फोकस बड़ेगा।
2
Health is greatest wealth.
स्वास्थ्य सबसे बड़ा धन है।


 स्वस्थ शरीर के लिये
- ब्यायाम, 
- खेल कूद, 
- योग और
- संतुलित हल्का घर पर पका आहार
 आदि करना उचित है।

3
 पिताजी का मन, बचन, कर्म से सम्पूर्ण सहयोग करना। पिता का ऋण कोई नहीँ दे सकता। पिता डाँट डपट करता है परंतु बेटे की सफलता पर मन ही मन बहुत खुश होता है।
Respect your mother and cooperate your father.
Never trouble your father.

 शास्त्र कहते हैं : 

पिता सुखी, धन वृद्धि और सफलता असीमित। 

👍 इसे पित्र ऋण कहते हैं।
4 
शास्त्र आगे कहते हैं:

जिसने माता के दर्शन कर लिये और आशीर्वाद ले लिया उसे किसी तीर्थ यात्रा की जरूरत नहीं है। 
💐
इतना महत्ब है मां का।

5 
अब आपकी ओर ध्यान देते हैं।

आप यदि एक बदलाब कर लेते हैं तो 85% समस्या का हल हो जाएगा।

सेल्फ एक्सपटेंस करो।
 अपने बिचारो से।

अपने आप को जानो, 
अपने आप को मानो, 

आपकी अंदुरनी ऊर्जा बड़ जाएगी।

मन ही मन कहो:

* मेरा परिवार अच्छा है।
* मेरा गांब/रहने की जगह अच्छी है।
* मेरा घर अच्छा है छोटा/बड़ा या झुग्गी झोपड़ी।
 घर घर बालों से बनता है दीवारों से नहीँ।

*मेरे पिता अच्छे हैं।
** मेरी माता अच्छी है।
*** मे्रे दादाजी अच्छे है।
** मेरी दादी अच्छी है।**
*** मेरा देश अच्छा है**
*** मेरा कोर्स /पढ़ाई अच्छी है**
मैं सभी को प्यार करता हूँ। 

इससे से मन से अपने बिचारों की विरोधता समाप्त होगी और स्वयं को उर्जाबान महसूस करोगे।
🎂
लंबे गहरे सांस ऊर्जा बढ़ाएंगे।

1 
घर नहीँ बदलेगा।

2 
स्कूल नहीँ बदलेगा , जो है इसे अच्छा मानो।

 सरकारी स्कूल ज्ञान देने बाले होते हैं, केवल  सूचनाएं नहीँ।

 यदि अग्नि अधिक दी जाए तो दाल/भाजी जल जाती है, इसी लिये सहनशीलता भी जरूरी है।

3 
मां बाप बहन भाई दादा दादी सब परमानेंट हैं। 

इनको मानो और ब्यर्थ इन पर अपनी ऊर्जा न बर्बाद करो।

4 
आपने सब के बारे में बात की परन्तु अपनी जिमेबारी के बारे मेँ नहीँ बताया।

जिस दिन इंसान अपनी जिमेबारी को समझ कर मेहनत करने लग जाता है, 

उस दिन से दुनिया की कोई ताकत उसकी सफलता को बिफलता में नहीँ बदल सकती।

अपनी जिमेबारी को समझो और करो, समय प्रबन्धन करो, दूरदर्शी बनो।


 आज की नहीँ 5 -10 साल बाद  की सोच कर जिओ।
5-10 साल बाद पढाई, ज्ञान और कर्म प्रेम काम आएगा।