प्रैक्टिकल 1:
अपने घर के बाहर, गेट से बाहर खड़े हो जायें। 10 से 20 मिन्ट देखते रहें। आपको अपने घर के बारे में बहुत कुछ नया मालूम होगा।
आपको तब एहसास होगा कि आप को 30 मिन्ट पढ़ने के बाद 5 मिन्ट आराम क्यों करना चाहिए।
प्रैक्टिकल 2:
उठिये, किसी बैंक की शाखा में जाये। बहां क्या काम हो रहा, कैसे हो रहा। केवल 10 से 30 मिन्ट देखें।
ख़ुद करेँ।
करने से पहले किसी को न बताएं।
दुनिया में जो इर्द गिर्द राय बहादुर या रायचंद राय या सलाह देते हैं उनसे बचें।
यह आपको नकारत्मक बातें करके होसला बढ़ाने की बजाए घटाने की बातें।कर
आप का मनोबल घटेगा।
इसलिए इन्हें इग्नोर करेँ।
यह 2 प्रैक्टिकल करने से पढ़ा लिखा बहुत समझ आएगा। नहीँ तो तैयारी रट्टा ही है।