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गुरुवार, 31 दिसंबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करेँ


 

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 नया साल नई उमंग

💐     🎂    💐

STEP INTO NEXT PHASE Of CAREER

Do not distract from your career goal
under any circumstances.


☺️👍
POWER OF DREAMS
1
Dream fulfilled at 64th years of life.

2
Mr Jay Kishore Pradhan from Odisha was in news because he cleared NEET and will now join MBBS.

3
He is a retired Banker.

4
Dreams drive. 

5
He dreamt to be a doctor but financial circumstances forced him to join bank.

6
He will  become a doctor at the age of 69.

7
He says: 

If you attempt in any exam or action, either you succeed or you learn.

Swami Vivekananda says:

"Arise,
 awake
And
Stop 
Not
Till
You 
Achieve
Your 
Goal."

आपका बैंक प्रीलिमिनरी का रिजल्ट आ गया होगा।

1

अब करियर के अगले फेज की सोचें व तैयारी करें।अपने करियर गोल  से किसी हालात में भी भूल कर भी न भटकें।

2
सपनों की शक्ति

64 बर्ष की उमर में स्वप्न पूरा हुआ।

3
कभी कभी हम जो चाहते हैं, 
किन्ही कारणों से मिल नहीँ पाता। 

परन्तु मन हमेशा उसे पाने की चाहत करता रहता है।

4
ऐसा ही ओडिसा के 64 बर्षीय जय किशोर प्रधान 
के साथ हुआ है।

 बह सुर्खियों में इसलिये हैं क्योंकि उन्हों ने बैंक रिटायरमेंट के बाद 64 बर्ष की उम्र में NEET की परीक्षा पास की और अब MBBS करेंगें।

5
जवानी में उनकी ख़ाहिश डॉक्टर बनने की थी परंतु आर्थिक हालात अनुकूल न होने के कारण उन्होंने ने बैंक की नौकरी कर ली।

6
अब बैंक रिटायरमेंट के बाद उन्होंने ने NEET की परीक्षा पास कर ली और अब MBBS जॉइन करेंगे।
69 बर्ष की उम्र में दादा और डॉक्टर होंगे।

यह है दृढ़ सकंल्प और अपने सपनो को जीवंत रखने की शक्ति।

7
बह कहते हैं: 
फेल 
या
पास
 कुछ नहीँ होता।

 यदि कोई एग्जाम दो
 या 
काम करो तो

 सफलता होती है
या
 सीख मिलती है।

मैं पिछले 3 साल से कोशिश कर रहा था और अब NEET (MBBS का एडमिशन टेस्ट) पास कर गया।
इसमे पहले दो मिस मारने की सीख भी तो शामिल है।
यदि मैं पहली मिस के बाद हार मान लेता और छोड़ देता तो आज डॉक्टरी में एडमिशन ले पाता।

कभी नहीँ ।

कोशिश करता रहा और तीसरी बार पास हो गया। अब जब तक जियूँगा अपने सपनों का जीवन जियूँगा।



स्वामी विवेकानंद कहते हैं:

उठो,
जागो 

और 

तब तक
 कोशिश 
करते रहो 

जब तक 
मंजिल
 न 
मिल जाए।

नए साल 2021 की शुभकामनाए














मंगलवार, 29 दिसंबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करेँ

 ☺️घबराहट भगाएँ


Never, never give up.
Never STOP TRYING

Even if something is WORRYING you.


Make the most of the circumstances and transform the difficulty into a stimulus so that you can go ahead.



Have faith in destiny that always turns bad in to good.

LUCK is for the bravest.


LUCK क्या है?
*Labour           L
*Under             U
*Correct           C
*Knowledge     K

👍                              🎂
Never say:
(कभी न कहें)
END = 
Efforts NEVER Die


1
कभी होसला न छोड़े
 कर्म न छोड़ें
कभी प्रयत्न न छोड़ें।

चाहे आप को कोई चिंता चिंतित कर रही है।

2
जो भी हालात हों, जैसा भी समय हो उसका भरपूर सदपयोग करेँ। ताकि इस समय की सीख आपको जीवन में उत्कृष्ट बना उन्नती की राह पर ले जाये।
3

24 Hours फार्मूला

हमारे ट्रेनर कहते थे: 

यदि आपके जीवन में बहुत खुशी आ गई है तो 24 घंटे सेलिब्रेशन करके नार्मल जीवन की किर्याएँ शुरू करो।

 यह न हो कि खुशी खुशी में जरूरत से अधिक समय बर्बाद कर दें।

4
दुसरी तरफ यदि कोई जीवन में दुर्घटना हो, बुरी खबर हो तो भी 24 घन्टे से अधिक मन को न डोलने दें।

कोशिश कर बुरी घटना को भूलें, उठें और दोबारा रूटीन जिन्दगी जियें। जीवन में कभी भी हौसले की कमीं नहीँ होगी।

5
करना, 
गिरना,
 सीखना
उठना

दोबारा 
बेहतर करना
और
अंत 
लक्ष्य
पूर्ति

ही बहादुरों का मंत्र है।

सुप्रभातम





शनिवार, 26 दिसंबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करेँ

 प्रेरणा☺️🎂

शौर्य अपना आजमाना चाहता हूँ;

बिना परों खुद को उड़ाना चाहता हूँ।

आग पानी में लगाना चाहता हूँ;
न मुमकिन को मुमकिन बनाना चाहता हूँ।
बिपरीत आंधियों और तूफानों का सिर झुकाना चाहता हूँ।

क्या नहीँ मुमकिन हौसलों के आगे;

फूल पत्थर पर उगाना चाहता हूँ।

बेखुदी की ओड़ ली जो चादर मैंने;
जिन्दगी को फ़र्ज़ के लिए  भूल जाना चाहता हूँ।

भवंडर  जो उठे समुद्र में
हिम्मत से मुकाबला कर हराना चाहता हूँ।

सिर हथेली पर, 
कफ़न कंधे रख


अपने देश (हिन्द)की सरहदों पर जा लुटाना चाहता हूँ।

धूप सहकर भी जो देता छांव सबको

उस बरगद (पिता)👌 को मैं सीस झुकाना चाहता हूँ।

सुप्रभातम।

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 Advice

Revise what you have already read for preparing the Proliminary Exam 


Do not waste time waiting for the result.


Time is precious.



 Time once past cannot be recalled with any amount of wealth or gold.


मशवरा/सलाह


समय इस संसार में सबसे बहुमूल्य है।


2

इसे किसी भी कीमत पर नष्ट न करें न होने दें।


संसार की कोई भी धन दौलत समय का एक पल बापिस नहीँ लौटा सकती।

इसलिए इसका सदुपयोग करें।


जब तक रिजल्ट आ रहा है, जो प्रीलिमनरी की तैयारी में पढ़ा है उसे रिविज़न कर ले। 

इसी में से बहुत कुछ फाइनल एग्जाम में आना है।

 हाँ थोड़ा एडवांस होगा।




घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें



Expand and explain the following

1 RTGS

2 NEFT

3 IMPS

4 UPI

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 Health- the key component for SUCCESS in any field of life- be it a competitive exam or sport/game.


World Health Organization(WHO) aspires to have 'health for ALL' living on planet Earth and acts as watch dog and chief regulator for framing "health policies" to be implemented by all the Governments for ensuring physical and mental health of each and every individual.

My health is my responsibility. 
None else can make me healthy.

Simple principles for gaining good health.

Body has two dimensions:
Concrete: Physocal touchable body.
Abstract:. Mind /Thoughts.

Nourish your body and soul to EXCEL.


Make your food medicine or medicine will become food.

2
 Health comes from kitchen. 
Eat home cooked light food .

3
Food feeds body and mind.
 Be always aware : what you eat and drink.

4
Drink about 15 to 20 glasses of water. It will smoothen digestion.

5
Eating is  important but  digestion is more important. 

Mind well what you eat.

6
Exercise daily.  
Walking/cycling/running are good for health. They make you more strong and prudent.



7
Sound Sleep charges body.
 Sleep soundly for 6 to 7 hours.

8
Track your thoughts.Thoughts are things.

 Focussed thoughts will become realty. 

Hence, be wise to think right thought when manifested becomes the realty as wished or desired by you.
9

Good thinking ,
 good health-

 mental and physical.-

good exercise makes muscles (body)  and mind strong .

 It also boosts stamina and capacity to work harder, smarter and for  long hours.

10

Apply these health principales your daily habits and reap the benefits to EXCEL in achieving your goal/aim/mission.

शारीरिक और मानसिक फिटनैस जीवन में  किसी भी लक्ष्य प्राप्ति के लिये आवश्यक है।

लक्ष्य चाहे कोई
 एग्जाम हो, 
कॉम्पटीशन हो 
या 
खेल  प्रतियोगिता।

                WHO का मिशन
संसार के सभी प्राणियों की हेल्थ की जिमेबारी WHO की है।

 इस आर्गेनाइजेशन का  हेड आफिस Geneva, Switzerland में है।


वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन(WHO) का मिशन है:


संसार के सभी प्राणियों को 
ऐसी सुविधाएं उपलब्ध करवाना 

जिससे उसकी हेल्थ 
-शारिरिक व मानसिक - 
       फिट रहे।

यह आर्गेनाइजेशन दुनिया के सभी प्राणिनियों के लिए सेहत हेतु नीतियां बनाता है और संसार के  हर देश का HDI(Human Development Index) भी तैयार करता है।


**मेरी सेहत, मेरी जिमेबारी**

स्वास्थ्य के सरल सिद्धान्त।

1 अपने भोजन को अपनी दवाई बनायें
बर्ना
दवाईयां आपका भोजन बन जाएंगी।

सेहत घाती आदतों से दूर रहें
जैसे नशे, धूम्रपान, शराब आदि

2
सेहत घर के किचन में तैयार होती है।
हल्का घर का पका भोजन खाएँ।

3
भोजन और भजन शरीर, मन औऱ आत्मा को उच्च रखता है।


हमेशा सचेत रहें कि आप क्या खा रहे हैं, क्यों खा रहे हैं और इसका शरीर के पश्चात मन और बुद्धि पर लघु काल और दीर्घ कालीन प्रभाब क्या हो सकते हैं।

जैसे शास्त्र के कथनानुसार अधिक मांसाहार दीर्घकाल में बुद्धि और स्मृति  का ह्रास कर देता है, गंभीर रोगों को जन्म देता है।

 इसका सेवन सचेत रह कर करना चाहिए।

4
भोजन खाने से अधिक भोजन पचाना महत्ब पूर्ण है। तभी भोजन ऊर्जा में परिवर्तत होता है। 

5
भारतीय परिपेक्ष में कोसा (luke warm) पानी भोजन करने से 45 से 60 मिन्ट बाद पियें। ताकि भोजन पच कर ऊर्जा में परिवर्त हो चुका हो। 

दिन में 15 से 20 गिलास पानी पीने से पाचन शक्ति सुचारू रहती है। 

पानी ठंडा न पीएं।
 केवल मजबूरी में ही पीएं।

6
हर रोज व्यायाम करना सेहत और स्टैमिना बढाता है।
सैर करेँ
साइकिलिंग करेँ
योगा करेँ
दौड़ लगाएं।

सभी  आंतरिक शक्ति बढ़ाते हैं।
 रोग दूर भगाते है।
आपको हृष्ट पुष्ट बनाते हैं।

Swami Vivekanandji कहते हैं:

Weakness is death
Strength is life.

क्षणीता मृग शैया समान है
स्व शक्ति जीवन है।

7
गहरी स्वपन रहित नींद शरीर को सुचारू करती है।
कम से कम 6 से 8 घन्टे अच्छी गहरी नींद लें।

उधाहरण:
 यदि कंप्यूटर या स्मार्ट फ़ोन का ब्यवहार असाध्य महसूस करें तो ज्ञानबान इन्हें बंद करके पावर ऑफ कर देते हैं और आप सो जाते हैं।।

सुबह यह ठीक ठाक चलना शुरू कर देते हैं।

इसी तरह गहरी नींद शरीर को रिचार्ज कर देती है।

8
बिचार बस्तुएँ हैं।
 बस्तुएँ बेतरतीब हों तो ढूंढने में मन परेशान हो जाता है। 

ढूंढ़ने में समय अधिक लगता है।
 इस लिए हम बस्तुयों को ढंग से तरतीब में रखते हैं।

Thoughts

बिचार कैसे आ रहे है 
क्यों आ रहे हैं।

लाभकारी बिचार है
या
हानिकारक है।

मानवीय हैँ 
या 
अमानवीय।

इसकी ट्रैकिंग स्वयं इंसान कर सकता है, कोई नही।

लिख कर देखें। 
आप स्वयं हैरान रह जाएंगे यह देख कर कि मैं ऐसा/ऐसी हूँ।
सच का सामना करना कठिन हो जाएगा।

उस लिखे को जला दें या फ्लश कर दें। ताकि किसी के हाथ न लग जाये।
9
शुद्ध, सूचज्जी सोच शरीर औऱ मन को शशक्त करती है।

इससे काम करने की शक्ति, प्राणशक्ति और कई घन्टे बिना ब्रेक काम करने की शक्ति बढ़ती है।

10
अपने जीवन लक्ष्य में सफलता के लिए इन सरल सिद्धांतो को रोजाना जीवन की रूटीन बना लें।

 लाभ होगा।









Disclaimer

इस ब्लॉग में दी गई कोई भी सूचना या सूचनाएं केवल पढ़ने बाले के ज्ञान बृद्धि के लिए।

 इन सभी सूचनायों के सत्यता और  तथ्यों को प्रयोग करने से पहले स्वयं वेरीफाई जरूर कर लें।




















शुक्रवार, 25 दिसंबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करेँ

 Knowledge of Study Record

1
Psychological experiments indicate
that a student who keeps written record of his learning progress, learns more rapidly than the one who is in dark about her/his progress in study and preparation of a competitive exam.

2
It can be that a student who does not know where he is standing cannot reach his/her destination.

3
So keep written record of the progress made in study or preparation of an exam and be better than the one who does not keep the written progress record.





4
स्टडी  का लिखित रिकॉर्ड 

रखना आपको दुसरों से बेहतर बनाता है।

5
मनोबैज्ञानिक प्रयोगों द्वारा यह सिद्ध हो चुका है कि जो बिद्यार्थी अपने पढ़ने या एग्जाम तैयारी की प्रोग्रेस का लिखित रिकॉर्ड रखता है 

वह दुसरे विद्यार्थियों या खिलाड़ियों से अधिक बेहतर प्रदर्शन करता है।

6
जिसे पता ही नहीं है कि बह 

कहाँ पर खड़ा है, 
किस दिशा में जा रहा है

 बह अपनी मंज़िल या लक्ष्य क्या पाएगा?

7
इसलिए अपने लक्ष्य प्राप्ति के लिये  जो भी पढें या करेँ उसे एक कॉपी पर नोट करेँ और बार बार पढ़कर अपने में लक्ष्य प्राप्ति के लिए सुधार करेँ।

 

बुधवार, 23 दिसंबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की पढ़ाई करेँ

Quick Time 

Leveraging Secret

समय बचाने और बड़ाने का रहस्य


जब भी पढें तो हाथ में पेंसिल ले कर पढें।


पढ़ते जायें, इम्पोर्टेन्ट पॉइन्ट पेंसिल से अंडरलाइन करते जाएं।


इस तरह से अंडरलाइन किये हुए पॉइंट आप को बता देंगे कि यह चैप्टर या पेज पढ़ा हुआ है। और आप एक ही चैप्टर को बार बार नहीँ पढेंगे।


बहि समय दुसरे चैप्टर या पेज पढ़ने में बिताएंगे।


इस तरह समय बचता भी है और बढ़ता भी है।



 

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 Motivation-

Attitude Determines Altitude

प्रेरणा स्त्रोत

सोच ,
लक्ष्य 
और 
 सफलता 


1
लक्ष्य प्रारप्ति में सफलता
और सोच 
का  रोल बहुत ही महत्व पूर्ण है।

सकारत्मक सही दिशा की सोच सफलता देती है।

 नकारत्मक सोच दुःखों और मानसिक बीमारियों की जड़ है।

सकारत्मक सुखों का संसार।


2
यथार्थ जैसा है सभी के लिए  बैसा ही है। कुछ इसी यथार्थ का सद्पयोग करके सफल और सुखी बन जाते हैं। और दूसरे संघर्ष शील जीवन जीते रहते हैं।

अपने आप का विश्लेष्ण कर सोच बदली जा सकती है।

3

 रबैया बदलने से सफलता उसी यथार्थ से मिल जाती है।

4
कैसे?

एक धर्म स्थल के निर्माण में 3 मजदूर लगे हैं।

तीनों को एक ही पगार/मजदूरी मिलती है।

5
एक यूनिवर्सिटी के सोशल रिसर्चर ने 

5.1
पहले मजदूर से पूछा: 
काम कैसा लगता है?

मजदूर ने उत्तर दिया:

 मेडम जी मजबूरी है।
 काम नही करूँगा तो बचों को खाना कहाँ से ख़िलायउँगा?

रिसर्चर ने अपनी नोट बुक में लिख लिया।

5.2 
दूसरे मजदूर से पूछा:
काम कैसा लगता है?

मजदूर ने उत्तर दिया।

बहुत अच्छा।

 कम से कम मेरे पास काम है।
बहुत से लोग तो बिना काम के हैं।

मैं पूरा दिन परिश्रम करता हूँ।
स्वभिमान बढ़ता है कि मैं भिखारी नहीँ हूँ।

इस उत्तर को भी रिसर्चर ने नोट बुक में लिख लिया।

जो आप बोलते हैं, ब्रह्ण्ड बहि देता है।
 अंतर्मन सुनता होता है। 

इसलिए सकारत्मक उर्जाशील ही बोलें।

दुख,  कमियां ,मजबूरियां गिनयोगे तो यथार्थ में यही मिलेंगे।

5.3
अब रिसर्चर तीसरे मजदूर के पास पहुंची।

यह मिस्री (mason) था। 


बह हर इंट को अपने गमछे से साफ करता, 
आँखें बंद कर कुछ बुदबुदाता और ईट
को मंदिर निर्माण में लगा देता।

रिसर्चर यह सब देख रही थी और फिर बहि प्रश्न पूछा जो पहले दो मजदूरों को पूछ चुकी थी।

आपको काम कैसा लगता है?

मैडम जी यह काम नहीं मेरी पूजा है, मेरी श्रद्धा है।

मेरा सौभाग्य   है कि मूझे धर्म स्थल बनाने के लिए धर्म स्थल बनाने बाले ने चुना।

रिसर्चर सुन कर धंग रह गई।
 यह उत्तर भी उसने अपनी नोट बुक में लिख लिया ।

सारे उत्तर रिसर्चर ने यूनिवर्सिटी को दे दिए और यूनिवर्सिटी ने अपने* डेटा बैंक* में डेट डाल कर रिकॉर्ड कर लिए।

6
अब 11** बर्ष बाद यूनिवर्सिटी ने अपने रिसर्चर को यही डाटा दे कर उन तीनों मजदूरों से मिलने भेजा ताकि बह जान सके कि सोच का जीवन में क्या अंतर(effect इफ़ेक्ट) पड़ता() है।

7
रिसर्चर पहले मजदूर के घर पहुंची।

 मजदूर बीमार था।
 काठ पर लेटा था।
 खांस रहा था।।

पत्नी ने बताया 
" महीने में 20 दिन ही काम पर जा पाते हैं।

उम्र बढ़ने के कारण काम भी कम मिलता है क्योंकि जवान लोगों को काम मिलता है। 

जो कमाते हैं वह बीमारी पर लग जाता है।

खाने के हमेशा लाले पढ़े रहते हैं।"

रिसर्चर ने सब कुछ नोट कर लिया।

8
अब रिसर्चर दूसरे मजदूर के घर पहुँची।
 बह अपने घर नहीँ था 

घर बालों ने बताया आफिस में है।
रिसर्चर आफिस पहुंची।

रिसेप्शनिस्ट ने कहा: 
इंतजार करेँ।

रिसर्चर सांमने लगे सोफे पर बैठ गईं।

कुछ समय के बाद रिसेप्शनिस्ट ने रिसर्चर को अंदर जाने के लिए इशारा किया।

अन्दर का नजारा देख रिसर्चर खुश भी हुई 
और हैरान भी।

9
बहुत ही भव्य आफिस।

बड़ा टेबल। 
शाही कुर्सी।
और उस पर टाई कोट लगाए 
एक जेंटलमैन बैठा 
कुछ वर्कर को गाइड 
कर रहा था।

10
उस जेंटलमैन ने सभी बर्कर को गाइड करके भेज दिया और रिसर्चर को फ्रंट सीट पर आ कर बैठने को कहा।

रिसर्चर को परिचय देने को कहा।
परिचय जानने के बाद रिसर्चर का स्वागत किया।

11
रिसर्चर ने 11 बर्ष की जीवन यात्रा के बारे में पूछा।

"जब मैं 11 बर्ष पहले आप से मिली थी तब तो  आप के सिर पर ईंटे रखी थी। 
और आप पूजा स्थल पर भवन निर्माण  को ले जा रहे थे।

इतना बदलाब कैसे?"

यह दूसरा साबका मजदूर हँसा और बोला:
"
*बह और मैं *            जब काम करते हैं तो सफ़लता मिलती ही मिलती है।"

"बह कौन?"
 रिसर्चर ने पूछा।

"जिसने मुझे बनाया है और जिसमें मेरी पूरी आस्था है।
सुबह उसको याद कर परिश्रम- 

शारीरिक ब मानसिक -
 करना शुरू कर देता हूँ। 

*बह *हमेशा मेरे साथ रहता है।
और मैं सफलता की सीढ़ियां चड़ता जाता हूँ। 
सभी मुझे सफलता का श्रेय देते हैं। 

परन्तु मैं अपनी सफलता का श्रेय 
"उसको" 
मानता हूँ।

उसको न मानने से मेरे में नम्रता कम होती जाती है अहँकार और मन के बंधन बड़ते जाते हैं।

 "बह" की भावना  मुझे - sense of possession and frugal pride- से बचाती है।

* मैं,
 मेरा,,
 तेरा 
की बजाए
 हम, हमारा" 

की भावना को बढ़ावा मिलता है।

हां तो 11 बर्ष की जीवन यात्रा।

जब आप मिली थी मैं मजदूरी करता था। 
10बी पढ़ा था। 

मजदूरी से कुछ पैसे इकठ्ठे किये और ईवनिंग कालिज जॉइन कर लिया। 

सारा दिन काम और शाम को कालिज में पढ़ना।
पहले मजदूर होने की शर्म आती थी।

परन्तु सभी बातें करते हैं।

 फीस कोई नहीँ देता।
इसलिए मैंने अपने काम यानी मजदूरी से प्यार करना शुरू किया।

पैसे मिलते थे। 
मैं BA कर गया।
फिर MA कर लिया।

गरीबी पढाई में रूकावट थी।

झूठी शान- 
मेरी ईज़्ज़त, 
मेरी बेइज्जत, 
लोग क्या कहेंगे की भावनायों पर काबू बड़ी कठिनाई से किया। 

और सफलता आसान हो गई । 

मैं अपने पर और अपने काम पर फोकस करता हूँ।

 दूसरे क्या सोचते हैं, 
कैसे सोचते हैं 
मैं सोचता ही नहीँ हूँ।

मैंने देखा पहले मैं लोगों को बताता हूँ फिर लोग बेबजह उसमें नुकताचीनी करते हैं और मैं हताश और दुखी हो जाता हूँ

अब मैं बोलता नहीँ, 
बताता नहीँ, 
केवल करता हूँ। 

और सफल हो रहा हूँ। 
केवल करने और चुप रहने से बहुत तरक्की होती है।


B

क्योंकि मुझे मजदूरी करते भवन निर्माण का अनुभव था एक ^रियल एस्टेट^  कंपनी में नौकरीमिल गई। 

पढाई और नौकरी दोनों साथ साथ।

C

कुछ बर्षों बाद मैंने अपना काम शुरू कर लिया और ^रियल एस्टेट मैनेजमेंट^  में कॉरेस्पोंडेंस कोर्स(पत्राचार) के द्वारा डिप्लोमा किया।

अब अपना काम अपना आफिस है।

तब तक चाय आ चुकी थी। 

रिसर्चर ने चाय पी और धन्यबाद किया।

यह सब रिसर्चर ने अपनी नोट बुक पर लिख लिया।

खुश थी रिसर्चर कि एक मजदूरी करने बाले ने अपनी सोच के *बल* पर कितना बड़ा एम्पायर खड़ा कर लिया है।

 11 साल पहले ही सोच सकारत्मक थी।।
यह उसी का नतीजा है।

11
अब रिसर्चर ने इस दूसरे मजदूर से पूछ कर तीसरे बर्कर के घर का रुख किया।

उसके घर पहुंची तो देखा बहुत सुंदर घर है। 

बेटी बाहर निकली और बड़े सलीके से रिसर्चर को घर के मेहमान- घर मे बिठाया। 

बड़े अदब से ट्रे में रख कर शुद्ध जल परोसा।

बेटी ने बड़े अदब से अपनी मम्मी को बुलाया।
जब मम्मी आई, 
उसने बताया: 

साहिब तो अपनी इंस्टीट्यूट में बच्चों को पढ़ाने गए हैं।

बेटी तब तक चाय लेकर आ चुकी थी। 
उसकी मम्मी औऱ रिसर्चर ने चाय की चुस्कियां ली।

रिसर्चर ने धन्यवाद किया और इंस्टिट्यूट में तीसरे वर्कर से मिलने चल पड़ी।

12
जब इंस्टिट्यूट पर पहुंची तो गेट पर अपनी पहचान दी।
 पहचान रजिस्टर में आने का समय नोट किया।

देख कर धंग रह गई
 यह एक बहुत बड़ी इमारत थी ।

खुले खुले
 खेल के मैदान । 
यह कालिज नुमा थी।

रिसर्चर ने सोचा कि 11 बर्ष पहले बाला बर्कर जहाँ नौकरी कर रहा होगा।

13
पूछते, पूछते यह एक भव्य आफिस के बाहर थी। जिसके बाहर एक पियोन बैठा था।

रिसर्चर ने अपना विजिटिंग कार्ड पियोन को दिया। पियोन ने यह कार्ड अपने साहिब को दिया।

साहिब ने तुरंत रिसर्चर को आफिस में बुला लिया।
आफिस देख रिसर्चर अचंबित थी।

14
कुर्सी पर बैठे आदमी ने रिसर्चर से पूछा: 
क्या पियेंगी।

रिसर्चर बोली:
 नींबू पानी।

तभी कुर्सी पर बैठे ऑफिसर ने पियोन को दो गिलास नींबू पानी लाने को कहा।

पियोन ले आया।

दोनो नींबू पानी सिप कर रहे थे और जीवन यात्रा पर अपने अनुभव शेयर कर रहे थे।

15

"जरा 11 बर्ष की जीवन यात्रा पर रोशनी डालें"
रिसर्चर ने कहा।

"जरूर जी"

जब आप पहले मिली थी। 
तब मैंने इंजीनियरिंग (B.E/B.Tech) की डिग्री की हुई थी।

पर *सरकारी नौकरी* मिल नहीँ रही थी। मैंने सोचा सरकारी नौकरी का इं त जार करने की बजाए क्यों न अपना काम करूँ।

आज आफिस है और मैं आत्मनिर्भर हूँ। 
नौकरी लेने के सुपने की बजाए नौकरी देता हूँ।

कमाई करता हूँ।
 नेशन पर बोझ नहीँ। 
कमाई करके टैक्स देता हूँ।

 हमारे एक प्रोफेसर कहा करते थे: 
परिवार औऱ देश पर बोझ न बनना।

स्वरोजगार करो। 
दुसरों को रोजगार दो।

काम काम होता है।
।काम को प्यार करोगे जीवन हमेशा सुखी रहेगा।

 आज छोटा करोगे। 
अनुभव होगा। 

उस अनुभव से आगे बड़ जायोगे। 
नहीँ तो डिग्रियां गिनते ही दुःखी रहोगे।

डिग्रियां केवल जहाँ जरूरत है बहां बतायो और दिखायो।

 डिग्रियां का बखान करके बेबजह अहंकार को या दूसरों को रौब दिखाने के लिए प्रयोग न करो।

इनसे प्राप्त ज्ञान अपने काम मे लगायो, 
दूसरे केवल बातें करने बाले, लिफाफे बाजों से बहुत आगे निकल जायोगे

काम कोई छोटा
 या बड़ा नहीँ होता। 

हमेशा छत पर जाने बाली सीढ़ियों के बारे में सोचो।

पहली , दुसरीं ..........
सीड़ी से चढ़ कर ही छत पर पहुंचा जा सकता है।
 एक दम छलांग लगा कर नहीँ।

केवल यही बड़ी  सोच
 आज मुझे जहाँ पर "चेयरमैन " की कुर्सी पर बैठाए है।

मैंने पार्ट टाइम M Tech किया PGDBM किया आज चेयरमैन हूँ  ।

अपने आप पर फ़ोकस करो।

Listen to everyone but never deviate to do what you are doing.

Nobody knows everything;
But everybody knows something.

Listen well to gain from that something.
Never compare with others. Neither copy.

Be original.

रिसर्चर देख रही थी कि 11 साल पहला मेसन जो आज  *चेयर मैन * है जब यह बता रहा था
 तो उसकी आँखों में 
खुशी,
 संतुष्टि और बिजेता
 होने की चमक झलक रही थी।

16

इन 11 सालों में की स्टडी का विश्लेषण रिसर्चर ने यूँ किया।
16.1

 जो परिश्रम और जीवन को नकारत्मक नजीरिये से देखते हैं वह असफलता और दुःखी जीवन को आमंत्रित करते हैं। (उदाहरण पहला मजदूर)

16.2
जो परिश्रम और जीवन को सकारत्मक व उज्जवल नजीरिये से देखते हैं बह मन चाहा जीवन जीते हैं।
(उदाहरण दूसरा मजदूर)

16.3
जो परिश्रम लग्न और मगन कर नम्रता से करते हैं, जीवन में उन्नति ही उन्नति करते हैं। 
(उदाहरण तीसरे मजदूर की सोच, लग्न और दिखाबे रहित मेहनत)
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Work in silence
Let the results speak aloud.
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Your World will know and appreciate it.

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Surround yourself with positive, vibrant winning thinkers and achieve victories.

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Never boast of victories. But do celebrate victories.

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Verbal etiquettes bring laurels in life.

सोच संसार बनाती है,
 इसे बड़ा बनाएंगे
तो बड़ा पाएंगे।

बड़ा बनाने के लिए उच्च जीवन का साहित्य पढें।

Attitude determines altitude.

तुम्हारी सोच तुम्हारे जीवन की ऊँचाई बताती है।

Setbacks when emcourage to re-attempt and succeed, legends are born.

कोशिश करने पर ठोकरें और झटके तो सम्भब हैं, अवश्यम्भावी है। जो इन कठिनाईयों और झटकों को ठेंगा दिखा गया बह जीवन में सफलता और सुख पा गया।

Strong minded, strong willed never QUIT.


जो सोचो गे, बहि पयोगे।

अपने आप से बड़ी बाते करेँ।
 अपने गुणों पर फोकस करे।

सोने से पहले आईने में देखें।
 सोचें आज क्या सीखा।

थैंक यू गॉड,
थैंक यू गॉड
थैंक यू गॉड

दिन भर क्या अच्छा किया क्या गलत किया सोचें।
कह कर आगे गलत न करें की शपथ लें।
जिसने आपके साथ गलत किया है उसे माफ कर दें। आपकी स्वयं की जीवन ऊर्जा बड़ जाएगी।

नींद अच्छी आएगी। सुबह तरोताजा होंगे।

धन्यबाद।

Never Never Give Up

प्रयत्न बिलम्ब कर दें परन्तु क़भी न छोड़ें।