पढ़ने का तो तरीक़ा।
अधिकतर बच्चों की यही शिकायत रहती है
कि स्लैब्स बहुत बड़ा है, किताबें बहुत मोटी हैं।
2
परन्तु अनुशासित रह कर बड़े से बड़ा स्लैब्स या कठिन से कठिन काम भी किया जा सकता है।
3
फार्मल पढ़ाई जो स्कूल कालिज में करवाई जाती है
बह यदि प्लान करके की जाए तो रुचि बढ़ेगी।
पढ़ना आसान लगेगा।
और यदि मन में बिचार आते हैं कि
"मैं समय बर्बाद कर रही या रहा हूं"
तो बही आसान पढ़ाई,
एक पहाड़ लगने लग जायेगी।
4
सबसे पहला प्रश्न अपने आप से पूछें:
कि "पढ़ाई लिखाई आसान है या कठिन।"
इससे मुझे 15 साल बाद,
30 साल बाद क्या मिलने बाला है।
5
मेरा मत
शिक्षा एक ऐसा हथियार है जिससे आप आजादी का जीवन जी सकते हैं।
IT is said:
Man (female and male) is born FREE BUT throughout Life he remains in chains - chains of fear I mean.
But education Empowers and breaks those chains.
कुछ लोग कहते हैं उसे देखो:
बह दसवीं भी नहीं पड़ा और लाखों में खेल रही /रहा है।
क्या उसके अन्दर झांक कर देखा है
किसी ने
कि रात को "सोने की चैन " पहन कर चैन की नींद आ रही है या नहीं।" और उसकी तरक्की में कितनी तपस्या है।
शादी कभी ंनही।
जजमेंट देनी बड़ी आसान है।
करना मुश्किल है पर असम्भव नहीं।
6
बिना ज्ञान,
सकिल और शिक्षा के बिजनेस करना भी है
यह उस "कुएं" के समान है, जो मीठा पानी दूसरों को पिलाता परन्तु उस पानी को एक क़दम आगे पीछे नहीं हिला सकता।
7
दुनिया और दुनिया के कानून बदलते रहते हैं। बिना शिक्षा अपने आप को बदलना अति कठिन है। बदलाव ही सुखी जीवन है।
8
इसलिए पढ़ो, सीखो, लिखो। बिना लिखे कुछ सीखा नहीं।
9
अब कंपीटिटिव इगजैम के बारे में।
9.1
कैरियर चुनाव के समय गहन विचार करें।
* यह कोर्स मैं क्यों करु? लिखें।
कम से कम 10 लाभ।
* इससे मुझे 15 साल बाद क्या लाभ होगा और मै कहां पहुंचुगा।
* इसे करने के लिए मेरी क्षमता है भी या नहीं। कहीं इधर उधर से पूछ कर न कोई कोर्स या कैरियर अपनाएं।
* आप खास हैं। अपनी शक्तियों और खूबियों को जान कर चयन करें। हर इन्सान में गुण होते हैं। अपने गुणों को मानें, जाने और पहचान करें।
लिख कर, डेट डाल कर।
* जो यह कहता है कि आप यह नहीं कर सकते, उससे नहीं हुआ, इसलिए कह रहा है। आप कर सकते हो। ््््््््््््््््््एस
ऐसी सोच रखो। आगे बढ़ोगे।
* फेल हो तो दूसरों को न बताएं। केवल आप मनन करें और दोबारा शुरू करें। पास हो जायोगे। साइंस कहती है फेल कोई लफ्ज़ नहीं है - पास या सीख - Success or Learning.
बैसे बेवजह दूसरों को बताने की बजाय, चुपचाप करते जाओ, जब कुछ कर लोगे तो सभी को पता लग जाएगा।
केवल 60-70% दुसरे जानें ््
30 -40% तो कभी किसी को न बताओ। आपकी पढ़ाई लिखाई कैरियर आपका है। आपके परिवार और आपके लिए है। दूसरों को क्या सरोकार।
9.2
Love your MoM
Respect your father - father is like army for family. Mom is confined to house and home 🏠 But Father faces all troubles, turbulent working and challenges/dangers to make life of family members comfortable.
Hence father is REAL HERO.
9.3
* कोई भी कैरियर चुनें,
हो सके तो पैसे के लिए नहीं,
जहां मन हो बहीं अस्ली तरक्की होती है।
यदि हालात के कारण आपके प्रतिकूल हैं, तो धीरज रखें, अनूकूल समय भी आयेगा जब आप राजा के तरह जीवन जी लोगे।
*
जीवन एक किताब की तरह है जिस के पन्नों पर आज तक की जीवनी लिखी जा चुकी है
आज़ आप लिख रहे हो और भविष्य के पन्ने खाली हैं जिन पर अपने मन मुताबिक लिख सकते हैं। पिछले से सीख लो । बुरे को भूल जाओ।
9.4
बुरे से सकारात्मक सीख
एक छोटे लड़के ने शरारत की और पुलिस ने उसे थप्पड़ जड़ दिया।
लड़का पड़ता चला गया और अब अमेरिका में जज बन गया है।
अख़बारों की हैडलाइन है:
एक पुलिस के थप्पड़ ने भारतीय लड़के को अमेरिका में जज वना दिया।
कमजोरी पाल लेता तो सारी उम्र इसके याद कर कर हीन वना रहता और जीवन दुखों में जीता। केवल सीख ले आगे बढ़ता गया।
यह आप पर निर्भर है
बुरे पल याद रखने हैं या
उनको अपनी उन्नति की सीढ़ी वना आगे बढ़ना है।
* दो चीज़ें आपके अन्दर है
- खुशी
- सफलता
कोशिश करोगे मिल जाएं गी।
किसी इंसान या परिस्थिति पर निर्भर रहना दुख देता है।
10
मान कर चलें कि आप जैसा इस दुनिया में कोई नहीं है।
एक बार जंगल में जानवर की प्रतियोगिता आयोजित हुई
1 शेर
2 बिल्ली
3 खरगोश
4 चुहा और
5 मछली ््
ने भाग लिया।
प्रतियोगी को बृक्ष पर चढ़ना था।
चूहा सबसे पहले नंबर पर आ गया
दूसरे पर बिल्ली , तीसरे पर खरगोश और शेर चौथे स्थान पर ।
मछली ने कोशिश ही नहीं की, क्योंकि प्रकृति ने उसे पेड़ पर चढ़ना सिखाया ही नहीं है
मछली और बहुत निराश।
परन्तु भालू ने बताया कि सभी के अपने अपने गुण होते हैं। प्रकृति ने दिये ही ऐसे होते हैं । इसलिए निराश न हो। शेर भागने में एक्सपर्ट है, तो मछली तैरने में।
शेर और मछली खुश हो गये, यथार्थ जान कर, मानकर और पहचान कर।
इसी तरह आप भी अफने गुण पहचानें और मानें। उसके बाद प्रगति अनन्त।
खूब मन लगाकर पढ़ाई करो
खूब मन लगा कर खेल कूद करो।
जो भी करो उसे अपना 100% दो।
हाकि की टीम को याद रखो। सभी प्लेयर अपना अपना 100% देते हैं। हार जीत की कोई परवाह नहीं।
Enjoy 🙂 the journey NoT destination alone.
11
आम तौर पर हर किताब 600 पन्नों से कम ही होती है। अधिक से अधिक 6 सब्जैक्ट।
3600 पेज
साल में 365 दिन।
65 छुट्टी कर लो।
3600/300= 12 पेज रोज़ पढ़ने और लिखने । अधिक से अधि आधा घंटा अर्थात 30 मिनट लगते हैं।
जो अपनी जिंदगी के लिए हर रोज 30 मिनट नहीं दे सकता उसे अच्छे जीवन की आशा ही छोड़ देनी चाहिए।
बह अपना दुश्मन आप ही है।
किसी और काम में रुचि बढाये।
13
जीवन में आगे बढ़ने में लिखना बहुत जरुरी है। यह बैसे ही है जैसे ट्रेन के लिए ट्रैक।
ट्रैक साफ, सुथर हो तो ट्रेन की दिशा व दशा ठीक रहती है। वर्ना डिरेल होने का डर बना रहता है।
लिखना भी बैसा ही है। अपने भाब लिखें, अपने लक्ष्य लिखें, लक्ष्य प्राप्ति के लिए किए गए यत्न लिखें।
मंजिल कब तक पाई जानी है, लिखें।
लिखना जीवन को दिशाहीन नहीं होने देगा।
14
अपनी शक्ति बढायें।
हर रोज़ कम से कम अपनी पसंदीदा 20 पन्ने ज़रुर लिखें।
तीन महीने 20 पन्ने रोज़ लिखने से आप कोई भी इग्जेम या प्रतियोगिता पास करने में सफल हो जायेंगे।
हां, यह ध्यान रखें कि किताब एक ही बार बार पढ़ो।
जब सभी फार्मुले या कंसपैट कलीर हो जायें तभी दूसरी किताब पढ़ें।
थे
सब्जैक्ट का स्लैब्स एक ही होता है। अधिक किताबें पढ़ने से कंफ्यूजन हो जाता है।
एक किताब कम से कम पांच वार पढ़ लें। मास्टर वन जाओगे उस सब्जैक्ट के ्
15
अंततः मनन करने का अभ्यास करें।
आंखें बंद।
सोचें क्या कर रहा हूं, क्या करना है, कैसे करना है।
नोटबुक साथ रखे
पैन पैंसिल साथ रखें।
जो मनन करके बिचार आएं।
उन्हें लिखें यानी हार्ड कर लें।
परमानैंट हो जायेंगे।
यह सब कर लोगे, कभी फेल नहीं होंगे।
धन्यवाद।