कुछ नहीं बदला , केवल मैं अपने से जो बोलता था
उसको बदला , और मेरी बाहर की साड़ी दुनिया बदल गयी
कल तक जो मुझे दुश्मन लगते थे , आज दोस्त हैं
केवल उनके बारे में मैंने अपनी राय बदली
बह तो बही हैं जो पहले थे
नफरत की सोच को , प्यार की सोच मे बदल दिया।
जिनके शब्दों से मुझे पीड़ा होती थी , उन शब्दों की परिभाषा अपने मन मे बदल दी
किसी ने पूछा क्या उसकी जली कटी सुन दिल दुखा ?
मैंने कहा नहीं : मेरी उससे आशा यें ही अधिक थी , गलती मेरी थी।
अधिक आशाएँ रखना भी तो दुखों का कारण है।
सुनने बाला स्तब्ध रह गया और मैं मुस्करा दिया। मन खुश हो गया।
उसको बदला , और मेरी बाहर की साड़ी दुनिया बदल गयी
कल तक जो मुझे दुश्मन लगते थे , आज दोस्त हैं
केवल उनके बारे में मैंने अपनी राय बदली
बह तो बही हैं जो पहले थे
नफरत की सोच को , प्यार की सोच मे बदल दिया।
जिनके शब्दों से मुझे पीड़ा होती थी , उन शब्दों की परिभाषा अपने मन मे बदल दी
किसी ने पूछा क्या उसकी जली कटी सुन दिल दुखा ?
मैंने कहा नहीं : मेरी उससे आशा यें ही अधिक थी , गलती मेरी थी।
अधिक आशाएँ रखना भी तो दुखों का कारण है।
सुनने बाला स्तब्ध रह गया और मैं मुस्करा दिया। मन खुश हो गया।