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रविवार, 6 फ़रवरी 2022

💟🙂 Happiness

 Feeling HAPPY 🤗

is my responsibility.

खूश रहना मेरी ज़िम्मेदारी है।



📌

No nourishment like Happiness

खुशी से वड़ी कोई खुराक नहीं है।
1
There is no nourishment like happiness. Let me not have a trace of worry. 

खुशी से वड़ी कोई खुराक नहीं है।
"मैं चिंता नहीं करुंगा" अपने विचारों और भावनाओं को आहत होने से पहले यह मैसेज मन को दो। 

खुशी वड़ेगी।

2
Worry is a type of disease, whereas happiness is nourishment.

चिंता एक बिमारी है और कई विमिरियों का कारण भी।
जबकि "मानसिक खुशी" एक बौद्धिक विकास, अध्यात्म, सुचारू शरीर की कुंजी।

3
 Forget that which is not necessary.
 Simply remember that which is good. 
Keep giving happiness to everyone. 

अतीत से जो नहीं चाहिए, उसे छोड़ दो। 

जो वुरा लगे भूल जाओ।
 याद वही रखें जो शुभ हो , 
जो यथार्थ हो, 
जो खुशी दे,
जो अच्छा महसूस करवाये।

4
Keep giving peace to everyone. 
Peace and happiness are what everyone in the world is searching for. 

बचन ऐसे बोलें जो सुनने वाले को शीतल करें न कि भडकाएं।

शांति और खुशी इस संसार में सभी चाहते हैं 
परन्तु कोशिश स्वयं से शुरू होती है।

मेरा मंत्र
"108 वार हर रोज आंखें वंद कर यह वोलें:

**मैं खुश हू**।  
  केवल 10 से 15 मिन्ट लगें गें
 परन्तु 21 दिन में सब कुछ वदल जायेगा। 

मन खुश, 
मस्तिष्क व तन चुस्त दुरुस्त।

5
No one has the type of happiness that we have.

कोई पशु पक्षी इतना खुश नहीं हो सकता जितना हम।

6
 We should donate the vibrations of peace and happiness to the world.

हमें दूसरों को शांति और खुशी की तरंगें दान करनी अपनी वोलबानी व शब्दों से।  

कर्म तो वाद में आते हैं।



सुप्रभातम सुस्वागतम दोस्तो

Sir




🍐 Pearls of Wisdom

  1

Compete and conquer.

2

Participants win prizes.

3

Proactive preparation produces better results.

Be proactive in preparation.


Be always prepared for achieving your goals like Army.


1

जीतते बही हैं जो कम्पीट करते।

 यदि लाटरी का टिकट ही नहीं खरीदना,

 तो लाटरी जीतें गे कैसे।


2

हर रोज़ अपने ड्रीम को पूरा करने की छोटी-छोटी, थोड़ी थोड़ी तैयारी करते रहो।

जब मौक़ा मिले, 

चौका लगा दो। 

@*@

आप दूसरों 

जो मौका मिलने पर तैयारी करना शुरू करते हैं,

वालों से बहुत आगे हो जायेंगे।

आर्मी (फ़ौज) जंग लगने पर

 तैयारी करना शुरू नहीं करती।


जो अपने पर विश्वास करके के तैयारी करते हैं,

 भाग लेते हैं वही ही पारितोषिक पाते हैं।


कैवल सोचने ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌वाले नहीं। करने से होता है।।