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सोमवार, 22 फ़रवरी 2021

घर बैठे English बोलना/लिखना सींखेँ


Hard work gives

 self satisfaction 

not tiredness .


कड़ी मेहनत से थकावट की बजाय मनचाही सफलता व आत्म संतूष्टि मिलती है।

इस आत्म संतुष्टि से दोबारा कड़ी मेहनत करने की प्रेरणा मिलती है।

कड़ी मेहनत करें, मन चाही सफलता पाएँ।

गुरुवार, 19 नवंबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 मोटिवेशनल कथा


1
 एक राज्य के बहुत से गांब को एक ही रास्ता जाता था।

2
इस रास्ते को यदि बंद कर दिया जाए तो उन गाँवों को पहुंच मार्ग कोई नहीँ था।

3
रास्ते के इर्द गिर्द बड़ी बड़ी उँची पहाड़ियां थी। यदि रासता बन्द तो गांवों को केवल पहाड़ियों पर चढ़ कर जाना पड़ता था। जो कठिन काम था।

4
उस देश के राजा बहुत बुद्धिमान थे
 
5
माननीय राजा के  मन मे एक योजना आयी ताकि मेहनती और लगन से काम करने और आलसी लोगोँ क़े बारे में पता लगा सके ।

6
 उन्हों ने राज्य के सिपाहियों को आदेश दिया कि उन गाँवों को जाने का रास्ता बंद कर दिया।

7
सिपाहियों ने राजा के आदेश का पालन किया। और एक बहुत बड़े पत्थर से बन्द कर दिया।

8
अब  गांब के निवासी आते जाते राजा और प्रशासन को कोसते और पहाड़ पर चढ़ने लगे।

9
ऐसे कई दिन गुज़र गए और लोग राजा और प्रशासन को कोसते रहे।

10 
एक दिन एक मेहनती लग्न शील युवक उन में से एक गांब में अपने रिश्ते दार से मिलने आया। परन्तु जब गांब को जाने बाले रासते को बन्द पाया तो थोड़ी देर बुदबुदाहट में मग्न रहा।

11
उसके बाद उसने सोचना शुरू किया कि इस भारी भरकम पत्थर को कैसे उठाया जाए।

12
काफी कोशिश करने के बाद बह युवक उस भारी भरकम पत्थर को हटाने में सफल हो गया।
पसीना बहुत आया   , थकावट बहुत हो गई थी।

13*****
बह उसने सोचा , थोड़ा आराम करके आगे का सफर शुरू करता हूँ।
 जब बह एक पत्थर पर बैठा आराम था तभी उसकी निगाह एक लाल थैली पर नजर पड़ी । उत्सुकता और बड़ी।

14 
बह उठा और थैली खोली। देखा उसमें 1000 सोने की मोहरें थी। साथ में एक शाही फरमान था।
"जिसे यह 1000 सोने की मोहरें मिलें बह माननीय राजा को राज दरबार में मिले"

15
युवक बहुत खुश था। गांब बाले भी खुश थे कि गांब का रासता खुल गया।

16
दूसरे दिन युवक छाती फुला कर राजा के दरबार में पहुंचा।

17
जैसे ही दरबान को राज दरबार का फरमान दिखाया। दरबान ने आदर से उसे राज दरबार में जाने दिया।

18
राज दरबार में सआदर मंत्री को राजाजी का फ़रमान पत्र दिया। राजाजी को फरमान सुनाया गया।
राजाजी ने उस युवक को देश को उन 10/15 गांब का प्रधान बना दिया। वह प्रधान पद से प्रधानमंत्री बन गया।

19
यह है मेहनत, कोशिश औऱ लग्न का फल।
जो आम इंसान को कठिन और असंभब लगता है बह मेहनती लगनशील के लिए सहज होता है। यही फर्क है कोसने और करने बालों में।

20

आप भी पढ़ो उस युवक जैसा बनो। सारी उम्र सुख से जियो।