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गुरुवार, 25 फ़रवरी 2021

घर बैठे English लिखना/बोलना सींखेँ

 ध्यान से पढें और समझें




I have to share this extraordinary message I received from a friend... So Meaningful...

    यह ईमेल प्रोफेसर भोला नाथ जी जो बर्ल्ड एजुकेशन समिट और एम टी सी ग्लोबल के चेयरमैन है ने भेजी है।

स्टूडेंट्स के लिये प्रेरक है।

                                                                           A student studying in  a foreign country says:

      एक बिद्यार्थी विदेश में पढ़ता है 

```The highest score for most of the exams in country is 5... If a student does not answer any question and returns back the exam paper blank, with NO question answered, student gets 2 out of 5...
    उस देश में किसी भी बिषय के अधिकतम मार्क्स 5 हैं। यदि कोई बिद्यार्थी पेपर में कोई भी उत्तर न लिखे और पेपर ब्लेंक दे दे तो भी उसे 5 में से 2 मार्क्स दिए जाते हैं।

 

 

In my first days at the University of Moscow, I did not know about this system and I was surprised...

    यूनिवर्सिटी के शुरुआती दिनों में मुझे (बिद्यार्थी को,) बहुत हैरानी हुई कि यह क्या सिस्टम है।


I asked Dr. Theodor Medraev: "Is this fair that even when a student does not answer any question, you give 2 marks out of 5??? Why not give Zero??? Isn't that the right way???"

     मैंने अपने प्रोफेसर डॉ थेओडर मेड्रीव से पूछा: क्या यह उचित है कि आप ब्लेंक पेपर जिस में कोई उत्तर नहीँ लिखा फिर भी 5 में से 2 नंबर देते हैं। क्यों? जीरो क्यों नहीं? 

        जीरो देना क्यूँ उचित नहीँ?

He answered: "How can we give Human Being a Zero???

    प्रोफेसर ने उत्तर दिया: हम एक इंसान को जीरो कैसे दे सकते हैं?

How can we give Zero to someone who was getting up at 7 am to attend all the lectures???

    किसी को हम जीरो कैसे दे सकते हैं जो 7 बजे उठ कर लेक्चर अटेंड करने आता है।

How can we give Zero since they got up in this cold weather and used public transport and reached to do the exam in time and tried to solve the questions???

हम उस बिद्यार्थी को जीरो कैसे दे सकते हैं जो कड़ी ठंड में, पब्लिक ट्रांसपोर्ट लेकर समय पर इम्तिहान देने आता है और पेपर में दिये प्रश्न हल करने की कोशिश करता है।

How can we give Zero for the nights they used to study and spent their money on pens and notebooks and bought a computer for studying???

     हम उसे जीरो कैसे दे सकते हैं जो रात रात जाग कर पड़ता है। अपनी पॉकेट मनी  अपनी किताबें, कापियां और कंप्यूटर पर खर्च कर देता है। कितनी इच्छाओं का त्याग करता है।

How can we give Zero when they left all other life styles and pursued their studies???

हम उसे कैसे जीरो दे सकते हैं जो अपने जीवन की सुविधाएं छोड़ पड़ता लिखता है। बह समाज का धन है।

राष्ट्र धन है। वह संसार का धन है।

 बह(पढ़ने बाला) भीड़ नहीँ अनोखा इंसान है। 

My son, we do not give Zero to students just because they did not know the answer...

    मेरे प्यारे बच्चे , हम विधार्थियों को जीरो इसलिये नहीँ देते कि  उसने पेपर में कुछ नहीँ लिखा।

We at least try to respect the fact that they are Human Beings having brain and atleast they tried...

      हम कम से कम उनकी जागरूक इंसान होने के बजूद की पहचान करेँ। उनका ब्रेन है औऱ उन्हों ने कोशिश की। 

 

This result which we give, is not just for the questions in the exam paper, it is also about showing appreciation and respect to the fact that this is a Human Being and deserves to have a score..."

 यह रिजल्ट एग्जाम में उत्तर देने के लिये नहीँ दिया जाता बल्कि एक इंसान के जागरूक मन की मान्यता कि बह इंसान है औऱ इस स्कोर का जागरूक इंसान के नाते हकदार है।


Truly I did not know how to respond... There I knew my value as a Human Being...

सच में मुझे समझ नहीँ आ रहा था कि मैं क्या कहूँ? आज मेरे लिये नया पल, नया दिन था क्योंकि आज मुझे अपने इंसान और बिद्यार्थी और विद्या(पढ़ने/लिखने) की महत्ता और मूल्य का पता चल गया।



Zeros can actually decrease motivation on students and can quickly destroy them and make them stop caring about their studies altogether...

    पेपर में जीरो मिलने से बिद्यार्थी उत्साह हीन हो जाता है और बिद्यार्थी एक दम से गम से पढ़ना लिखना छोड़ देता है और जीवन मे बर्बादी की तरफ मुड़ जाता है।

 

 
Once a Zero score has been put in the grade book, they need no longer care about that subject and they may assume that, there’s nothing they can do about it...```    
     

    बिद्यार्थी की ग्रेड बुक में एक बार जीरो लग गया, तो बिद्यार्थी का उस विषय में इन्ट्रेस्ट घटता घटता घट जाता है। और पढ़ने पढ़ाने का यह उद्देश्य नहीँ है। बल्कि बच्चे के उत्साह को पढ़ाई में लगाना है।

हिन्दी ट्रांसलेशन : प्रोफ केशप

Prof. Bholanath Dutta
Founder & President: MTC Global

   


MTC Global is a Global Think Tank in Higher Education. 

सोमवार, 25 जनवरी 2021

मोटिवेशन

 

B 1319

Motivation

 अभिप्रेरणा

Motivation is of two types

अभिप्रेरणा के दो प्रकार।


1

 Temporary Motivation-

  अल्पकालिक, अस्थाई अभिप्रेरणा (3 अ)

*See a movie and  get inspired temporarily.

चलचित्र देखेँ और अल्पकालिक प्रेरणा प्राप्त करें।


**Read a motivational book and get temporarily inspired.

मनोबल पर कोई पुस्तक पढें और अल्प काल के लिये प्रेरणा पाईये।


***Hear a positive story on TV or from a person and get temporarily motivated.

TV पर कोई सकारत्मक उपलब्धि की कहानी सुनकर अस्थाई प्रेरणा प्राप्ति करेँ।

**** More may be added.

और भी जोड़े जा सकते हैं।


Motivation Permanent

अभिप्रेरणा -दीर्घकालिक/स्थाई

Set a High Goal/aim/target and work hard and smart  to achieve that goal/aim/mission.

जीवन के लिये 

बढ़े गोल/लक्ष्य/टारगेट बनाये 

और इस गोल/लक्ष्य/टारगेट/मिशन 

को प्राप्त करने के लिये जी जान से जुटकर प्राप्त करें।


स्थाई अभिप्रेरणा में आदर्श बाक्यों का बड़ा महत्ब है।

कुछ आदर्श वाक्य के उधाहरण

* पढ़ने के लिये आएँ, 

सेवा के लिये जाएं-               स्कूलों के बाहर लिखा होता है।


**   उचित शक्ति समर्थता देती है।

***  चरित्र चमन(जीवन) को चरितार्थ करता है।

**** कदम कदम बढ़ाए जा

         खुशी के गीत गाए जा।

***** संकल्प से शक्ति


अपने जीवन मे किसी भी आदर्श वाक्य को अपनी प्रेरणा और अभिप्रेरणा बनाये और लक्ष्य प्राप्ति करेँ।







रविवार, 24 जनवरी 2021

Motivation

 B 1316

बड़ा मुश्किल है 

उसे गिराना


जिसे 

ठोकरों ने 

चलना सिखाया है।



पढ़ने के लिए जब जाएं या आएँ

तो यह सोच कर न जाएं

कि क्लास लगानी है


बल्कि यह सोच कर 

आएं कि☺️

 आज

कुछ

नया 

सीखना 

है।


अपनी नोट बुक में डेट डाल कर लिखें

"आज मैंने क्या सीखा है?"

'What have I learnt today?"



सोने से पहले :

 दर्पण में देखेँ और यह तीन प्रश्न पूछें।

1

 क्या आज मैंने कम से कम तीन अनजान लोगों को थैंक यू कहा।

क्या आज मैंने किसी का दिल तो नहीँ दुखाया। मन, बचन और कर्म से।

3 आज मैंने नया क्या सीखा है?

इसे डेट डाल कर अपनी नोट बुक पर लिखें। 1 महीने एक साल में आप दूसरों से स्व सुधार में बहुत अग्रिम हो जायोगे ।

4

और शांति से सो जाईये।


शुक्रवार, 15 जनवरी 2021

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करेँ

सफलता का सबसे पहला चरण

  अपने दोस्त आप  बने।

1

कोई जितनी मर्जी आलोचना करे।

2

आप उसे इग्नोर करके अपनी आलोचना कभी न करें।

3

गलती हो भी जाये तो जल्दी से जल्दी भूल सुधारें।

4

दूसरी बार गलती न करें।

  जो कोशिश करता है बहि गलती करता है।

5

जो बार बार बात बात पर बीती हुई गलतियों को दोहराये ,

उन्हें जिन्दगी से इग्नोर कर के सफलता पर बड़े।

Yes, constructive criticism is good for growth and development.

6

कुछ लोग पैसे से बड़े, डिग्री से बड़े परन्तु बौद्धिक क्षमता में पहले चरण से ऊपर नहीँ जाते। 7

ऐसी सोच बाले कभी आपको भी आगे बड़ता देख मन से खुश नहीँ होते।

8

इनसे अपनी सफ़लतायों या सपनो को छुपा कर रखें अधिक तेजी से उन्नति की राह पर बड़ोगे।

9

 नहीँ तो सफलता बहुत कठिन हो जाएगी। 

मनोबैज्ञानिक बिरोधता आगे नहीँ बड़ने देती।

10

अपने जीवन के मालिक आप बने । 

अपने जीवन की जिमेबारी स्वयं लेँ।


ज्ञान से ही सच्ची आज़ादी है। बर्ना डर बना रहता है।

बाहर कोई डर नहीँ है। सब डर सोच के है।


डर का सामना करेँ। साँच को आँच नहीँ होती।