Nervousness
नर्वसनेस
घबराहट
1
जिस विद्यार्थी में यह नर्वसनेस्स होती है उसमें आत्म विश्वास की कमी रहती है।
2
जिसमें आत्म।बिश्वास की कमी होती है उसे तैयारी अच्छी होने क़े बाबजूद भी अपने पर शक्क रहता कि ," मैं यह कर।पायउँगा या नहीँ" Self doubt is like locust that destroys the best preparation.
आत्म शक्क उस टिड्डी दल की तरह है जो हरी भरी फसल को नष्ट कर देती है।
3
इसलिए स्वयं का आत्म मन्थन करेँ कहीं आपका आलोचक आपके अपने अंदर तो नहीँ। First of all kill your own "inner critic.'
अंदर से एक आवाज या नकारत्मक बिचार आते हैं:
मैं नहीँ कर पायउँगा, मुझसे नहीँ होगा, बाहर से दूसरों के शब्द: तुमसे नहीँ होगा, तुम नहीँ कर पायोगे। यह कुछ लोग खुद नहीँ कर सकते या जीवन।में नहीँ कर पाए होते तो ऐसा कहते हैं।
उसी समय मन में बुदबुदाए : खुद से हुया नहीँ , मुझे कह रहा/रही है। और भूल जायें, इग्नोर कर दें। सकारत्मक ऊर्जा बढ़ेगी।
4
यदि inner critic है तो अपने आप को auto suggestion दें : .
Yes, I can do.
I am educated.
I am hard working.
My memory is sharp.
I am intelligent.
I am daughter/son of ..............पिता का नाम लिखें या पिता का काम जैसे soldier etc
इसे बार बार बोले, 100 बार 7 से 10 दिन। inner critic शान्त हो जाएगा। सकारत्मक ऊर्जा बढ़ जाएगी। पढ़ाई पर फ़ोकस बढ़ जाएगा।
5
घबराहट यानी nervousness को दूर करने के लिए
1
योग करेँ - लोम विलोम
2
पानी खूब पीयें
3
सफल/असफल की चिंता छोड़ केवल और केवल पढ़ायी करेँ।।
4
30 मिन्ट पढें 5 मिन्ट की ब्रेक लें। फिर दोबारा पढें।
5
Deep Breathing करेँ। ध्यान करेँ।
6
Walking?exercise करेँ।
घबराहट खत्म।
Regret/अफसोस
जो कर दिया, बह अच्छा होगा या बुरा।
अच्छा हुया, आप खुश
बुरा हुया, तो अनुभव
दोबारा आसान हो जाएगा। समस्या कहाँ है।
याद रखें, हमारे इर्द गिर्द लोग केवल बोलते हैं: करो, करो, कब होगा, तुम कर भी पायोगे या नहीँ। लेकिन इन्हें इग्नोर करके करते जायो।
सफल होने पर यही तालियां मारेंगे।