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शुक्रवार, 30 जुलाई 2021

अवसर/मौक़े

 'O'  

stands for 

 Opportunity.



In yesterday, 

there is no 'O'  means no opportunity because it is gone.


TODAY


In today, 

there is one 'O'

 which means prepare well for tomorrow's opportunities.


In TOMORROW, 

there are 3 O's that means there are plenty of opportunities in future if you prepare well for them TODAY.


अवसर ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌या मौका 

का अंग्रेजी शब्द ‌‌‌‌‌‌‌‌‌।्आपरचुनीटी (OPPORTUNITY) होता है। और इसे  'O' शब्द ‌‌‌‌‌‌‌‌से प्रस्तुत    किया गया है। 

1

वीता कल (Yesterday )

इसमें कोई ‌‌‌‌‌‌‌'O'  नहीं ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌है।


अर्थात् ‌‌‌‌‌वीते ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌ ‌‌‌‌‌हुए "कल" से केवल अनुभव ‌व सीख ली जा सकती है ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌ ‌ कोई ‌  लाभकारी या हितकारी ‌ काम ‌न हीं किया जा सकता। 


2

आज ‌(TODAY)

इसमें ‌‌‌‌‌‌‌केवल एक ही ‌"O" है। यानी ‌‌‌‌‌ आज का दिन भविष्य‌ मे‌ छिपे मौकों ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌की‌‌ तैयारी के लिए ‌‌ है ।

ओलंपिक ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌में‌‌  मैडल जीतने की उम्मीद करने ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌वाले एक दिन तैयारी करके मैडल नहीं जीत सकते।

वह ‌प्र ति ‌‌‌‌‌‌‌‌दिन ‌‌प्रैक्टिस  करते हैं।



आप ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌भी करो,‌ 

तभी‌ सफलता का मैडल ‌‌मिलेगा।


3

आने ‌‌वाला कल (TOMORROW)

अर्थ ‌‌आने वाले ‌‌‌‌‌कल में ‌3 O हैं यानी ‌‌‌‌भविष्य ‌‌‌‌‌‌‌‌मे‌‌ अनंत ‌मौके ‌‌

 हैं।

इनमें ‌‌‌‌‌‌‌‌सफल‌‌ता‌ के लिए तैयारी ‌"आज"  ही ‌‌‌‌‌करे ।


हर रोज़ ‌‌‌‌‌करे।


सफलता ‌‌‌‌‌‌‌आ‌प की।

  




Power of vision II

 दूरदर्शिता की शक्ति -2

1
समय ‌‌‌‌‌‌बीतता गया ।
2
स्वप्ना ‌‌‌सभी‌ जानने ‌‌‌‌‌वालो 
और मां ,
पापा ,
बहन ,
भाई से वार वार 
वार्तालाप में कहती 

"मैं आंटी की तरह अफ़सर वनूंगी।"

3
सभी ‌‌‌‌‌‌‌
जब एक ही शब्द वार 
वार सुनते ‌‌‌‌‌‌‌‌तो 
वातों ही वातों में सवपना का उपहास उड़ाते।

परन्तु ‌‌‌‌‌‌‌‌जब सवपना   उम्र ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌ में छोटी थी  

तब तो उसे   कोई पता ही नहीं चलता कि 

 सामने ‌वाला उसका उपहास उड़ाते हैं।

4
10बीं में पढ़ने लगी 

तब उसे एहसास हुआ कि मेरे सपने /लक्ष्य का मेरे जानकर उपहास उड़ाते हैं।

 5
तब उसने अपने सपने का खुल्लम खुल्ला व्याख्यान करना ‌‌‌‌‌वंद कर   दिया।

और मन ही मन संकल्प किया कि

 "मैं तो आंटी की तरह ही आफिसर वनूंगी, 
चाहे कुछ ‌‌‌‌‌हो जाए।"

उसने अपनी ‌‌‌‌‌‌‌‌टीचर से अपना सपना शेयर किया ‌‌‌‌‌‌‌‌यानि   वताया।

टीचर सुन कर बहुत ‌‌‌‌‌‌‌‌खुश हुई

 और स्वप्ना से कहा : 

आप अपनी ‌पढाई के साथ साथ  सिविल ‌‌‌‌‌‌‌‌र्सवीसज की तैयारी ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌करते‌ जाओ।

केवल ‌‌‌‌एक घंटा रोज़ ‌‌‌‌और  5 साल यानी ‌‌2साल +1, +2 और 3 साल ग्रेजुएशन के और आप IAS, IPS, IFS, IRS etc की 25 से अधिक ‌‌‌‌‌र्सविसज के लिए तैयार ‌‌‌‌‌हो जाओगी ।

6
सवपना सुनो एक और बात, टीचर ‌‌‌‌‌ने कहा:

 भारत के महान वैज्ञानिक ‌और पूर्व ‌‌‌‌‌‌‌‌ राष्ट्रपति डॉ ए ‌‌‌‌‌‌‌‌‌पी‌ जे ‌‌‌‌‌‌‌कलाम   कहते ‌‌‌‌‌‌‌‌थे- 


सपने ‌वह‌ नहीं होते हैं ‌‌‌‌‌‌‌‌ जो रात सोते हुए ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌ वंद आंखों ‌‌‌‌‌‌‌‌से लिए जाते हैं,

 व्लकि सपने वह होते हैं ‌‌‌‌जो खुली आंखों से लिए‌ जाते हैं।

आपका सपना खुली आंखों का सपना है। 

आप अवश्य इसमें सफल होंगी।

7
एक बात ‌‌‌‌और:

जब भी कोई ‌‌‌‌‌‌‌‌काम करो तो सफलता 3  स्तर के बाद मिलती है:

जब अपना लक्ष्य दुसरो को वताओगे, तो सभी  इसका मज़ाक उड़ाते हैं। 

डरो न। 

कोशिशें जारी रखो।

2
 ठिठोली, खिलि उड़ना असफलता 

सफलता की पहली सीढ़ी है। 

असफलता जब सकारत्मक सोच से समझी जाए तो यह ही वुद्वि को प्रखर वनाती है।

असफलताओं से आगे बढ़ो।

3
असफलता परिश्रम और प्रयत्नों से जब सफलता ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌में वदल‌ दोगे तो ‌‌‌‌‌‌‌‌जो आप पर

 हंसते थे,
 खील्लि उड़ाते थे, 

 बही ताली बजाकर स्वागत करेंगे,

 प्रशंसा करेंगे।

8
इसलिए प्रत्येक रुकावट ‌‌‌‌‌‌‌‌ के पत्थर ‌‌‌‌‌‌‌‌या व्यवहार को सफलता के ब्रिज वनाने के लिए ‌प्रयोग करना।   

9
 आज सवपना मन ही मन बहुत खुश थी ‌‌कि उसे अपना‌ लक्ष्य प्राप्ति ‌ के लिए
"  एक गुरु, 
एक‌ मैंटर मिल ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌गई‌ थी"

एक ‌  पढ़ा लिखा, 
अनुभवी, 
दूरदर्शिता से भरा गुरु,
 मैंटर
 सफलता को 10‌गुणा सरल वना देता/देती ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌है ।

आप भी ढूंढे और रखें।

10
स्वपना सुबह सुबह उठती ,

 दिनचर्या से निविरित हो,

 आत्मविश्वास और आत्म वल के लिए अपने इष्ट को प्रार्थना करती।

उसके बाद 
योग आसन और मैडिटेशन (ध्यान ) करती, 
एक्सरसाइज करती,

नाश्ता करती, 
माता-पिता को सादर अभिवादन करके ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌   पढ़ने के लिए स्कूल चली जाती।

11
4 बजे स्कूल से वापिस आती।

स्कूल में खूब हंसती,
 मुस्कुराती और खेलती।

खेलने से शरीर 
स्फूर्ति दायक रहता है, 
निरोगता वढती है, 
वुदद्वि वल वढता है, 
याददाश्त तरोताजा रहती है। 

Body fit, 
mind hit.

12
5   बर्ष वीत गए।
 सवपना ग्रैजुएशन कर  गई।


सवपना ने सिविल सर्विस के पेपर दिए। 

परन्तु उत्तीर्ण न हो पाई।

सवपना वहुत उदास और निराश ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌मन से अपनी गुरु गाईड के पास     गई ।

गाईड वोली: 

 यह तो  सीखने ‌‌‌‌‌‌‌‌ के लिए ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌इम्तिहान ‌‌‌‌‌‌‌‌था। 

अगली ‌‌‌‌‌वार आप 100% सिविल सर्विस कलीयर कर जाओगे।

सवपना के मन को ढांढस आई।


*****
मैंटर ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌ ने और कहा: 

जितना 
अफसोस ‌क रना है,
 उदास होना है,‌‌‌‌‌‌‌‌ 
निराश ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌होना है,‌‌‌‌‌‌‌।
 केवल 24 घंटे,


उसके बाद ‌अ गली पढ़ाई शुरू।
कोई ‌समय अफसोस में वरवाद न करें।
निराशा ‌‌‌‌‌‌‌‌को अपने पर हाबी ‌‌‌‌‌‌‌होने दें।
 जो ‌‌‌‌‌‌‌‌‌। बीत गया उसकी ‌ क्या सोचना, व्यर्थ ‌‌ मानसिक    उर्जा और समय की बरबादी ््

समय दुनिया ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌ की सबसे महत्वपूर्ण वस्तु है 

जिसे कोई ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌राज़ा महाराज ‌‌‌‌‌‌‌ भी नहीं ‌‌‌‌‌‌‌‌खरीद सकता ।

जो समय का दुरपयोग ‌करता है उसे ‌‌‌‌‌समय बरवाद कर देता है।

13
सवपना ने अपने ‌‌‌‌‌‌‌‌मैटर की बात मान कर चंचल मन पर काबू ‌‌‌‌‌‌‌‌पाया और अगले ‌‌‌‌बर्ष होने ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌        वाली परिक्षा की तैयारी ‌‌‌‌‌‌‌‌शुरू कर दी।

14

 एक ‌‌‌‌‌‌‌‌‌बर्ष वाद स्वप्ना सिविल सर्विस ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌की परिक्षा पास कर गई।

सबसे पहले सफलता का समाचार देने अपनी  मार्गदर्शन करने ‌‌‌‌‌‌‌‌वाली "मैटर"  के  पास गई।

मैंटर ने आलिंगन  किया, मुंह मीठा कराया ‌और आशिर्वाद दिया। 

घर में मां पापा बहन ‌‌‌‌ भाई ने ्खुशियों से सफलता का परचम लहराया


15
एक साल वाद ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌ईंटर  विउ और पर्सनलटी टैस्ट पास कर सवपना फुल फलैजड आंटी जैसी आफिसर वन चुकी थी।

अब सवपना की उम्र 25 बर्ष थी। 

अर्थात् सवपना ने ‌‌18 बर्ष  अपनी आंखों ‌‌‌‌‌‌‌‌को खुला रख कर    अपना लक्ष्य पूरा ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌किया।

16
वरसातों के दिन थे।

 पिताजी खेतों में काम ‌‌कर रहे थे।

तभी वहां  दो कारें ‌आ
कर   खडी हुई।

पहली कार ‌‌‌‌‌‌‌‌में से एक महिला आफिसर  उतरी।

दुसरी कार ‌‌‌‌‌‌‌‌ में से कुछ पुरूष उतरे।

खेतों ‌‌‌‌‌‌खलिहानों ‌  मैं काम करने वालों ने ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌सोचा कि एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी  से आफिसर आए हैं।

परन्तु यह क्या ‌‌‌‌‌? 

यह   तो सवपना उनकी अपनी वेटी थी और  उसके सुरक्षाकर्मी थे।

तभी एक किसान भाग कर गया और ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌सवपना के पिता जी को बुला कर ‌‌लाया। 

जब पापा आए तो सवपना ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌  को आफिसर के रूप में देखा तो आंखों में से खुशी के आंसू टपक ‌    पडे।  

पापा को 18 बर्ष  पहले का दृश्य याद आ गया जव‌ 7‌ बर्ष की सवपना ने कहा ‌‌‌‌‌ था 

" पापा मैं भी आंटी की तरह आफिसर वनूंगी" 

आज सच कर दिखाया।

सपने  खुली आंखों से ‌ लो।
सपने ‌‌‌‌‌‌‌‌‌अच्छे लो, 
जो आपको, आपके परिवार को, आपके समाज, देश , संसार को लाभकारी हो।

विध्वंसकारी
 ‌सपनो से न‌  प्रभावित हों 
और परहेज करें।


सपने लिख कर लो। 
गाइड रखो। 
प्रेयर ‌  करो। 

प्रयोग करो,
 प्रयत्न करो, 

डरो नहीं, 
घवराओ नहीं। 

अंततः 
सफलता आपकी है।

शुभकामनाएं ‌।