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गुरुवार, 29 अक्टूबर 2020

क्या स्वर्ग नरक है?

Heaven and Hell

स्वर्ग और नर्क कोई जगह नहीँ है।


1
 यह हमारे ज्ञान का स्तर निर्धारित करता है कि किसी परिस्थिति को हम किस नजीरिये से देखते हैं। किसी।को माहं बादी औऱ किसी को माहं स्वादि।

2
यह पढें और जाने स्वर्ग और नर्क कोई जगह नहीँ है।

 यह हमारे ज्ञान का स्तर निर्धारित करता है कि किसी परिस्थिति को हम किस नजीरिये से देखते हैं।

3
जब हम पूर्ब ग्रह से ग्रसित ज्ञान से 

(mindfull mindset) से रियेक्ट करते हैं तो यह नरक समान है। 

4
इसके बिपरीत जब सुन कर, परिस्थिति को समझ कर रियेक्ट करते हैं(mindful mindset 'l' एक है) तो स्वर्ग समान स्थिति है।


यह पढें और जानें


A soldier named Nobushige came to Hakuin, and asked: “Is there really a paradise and a hell?”


  5
   एक जवान जिसका नाम नोबिशिगे हाकुइन जो जापानी zen बुद्धिज़्म के1 विद्वान माने जाते थे क़े पास आया और पूछा: 

         'क्या स्वर्ग और नर्क है?"

“Who are you?” inquired Hakuin. “I am a samurai,” the warrior replied.

"आप कौन हो?"
 हाइकून ने पूछा।

 "मैँ एक सामुराई हूँ।" (समुराई जापान के फौज़ी जवान को कहते हैँ)

"तुम और फौज़ी जवान?"

“You, a soldier!” exclaimed Hakuin. “What kind of ruler would have you as his guard? Your face looks like that of a beggar.” Nobushige became so angry that he began to draw his sword, but Hakuin continued: “So you have a sword! Your weapon is probably much too dull to cut off my head.”

"तुम और फौज़ी जवान!" हाइकन बोले। 

और तंज कसा ": क्या तुम जैसे फौज़ी को  कोई राजा अपना बॉडी गार्ड रखेगा? 
तुम्हारा चेहरा तो भिखारी जैसा लगता है।"

नोबिशिगे को बहुत गुस्सा आया और बह अपनी तलबार निकालने लगा। 

परन्तु हाकुइन ने कहा: 

तो तुम्हारे पास तलबार भी है। इतनी खुंडि तलबार तो मेरा सिर भी नहीं काट सकती।

As Nobushige drew his sword Hakuin remarked: “Here open the gates of hell!” At these words the samurai, perceiving the master’s discipline, sheathed his sword and bowed.

6
जैसे ही नोबिशीगे  तलबार निकालने लगा, हाकुइन बोला: 

नरक का द्वार खुल रहा है।

7
इस पर फौज़ी जवान ने फौज़ी अनुशासन महसूस किया और अपनी तलबार  तलवार कबच में रख ली और गुरु को प्रणाम हेतु शीश झुका दिया।

8

“Here open the gates of paradise,” said Hakuin.

तभी हाकुइन बोले:

" अब स्वर्ग के द्वार खुल गए हैँ।"

लेसन: 
अनुशासन ही स्वर्ग है, 
अनुशाशन हीनता नरक।

मर्यादाएं की पालना करना स्वर्ग है,
 अमर्यादित जीवन नरक।

Wonderful Quote by Hakuin Ekaku:

If you will forget yourself, you will be universe.

शब्दोँ की शक्ति:

एक लड़के की अपने सीनियर से हमेशा फ़ोन पर झगड़ा होता रहता था बहस होती रहती थी। 

नौकरी कॉन्ट्रैक्ट पर थी। 

अब कॉन्ट्रैक्ट ख़त्म होने जा रहा था और यह लड़का बहुत घबरा रहा था। 

अपने दोस्तोँ और जानकारों से मिलता परन्तु अंदर से नौकरी छूटने का डर खाए जा रहा था।

अब एक मचुरेड अफसर से मिला। 

उसने कहा कि एक ईमेल लिखो जिसमे अपने अफसर की तारीफ लिखो।

 शुरुआत मीठी respectful भाषा से करो।

परन्तु लड़के की ईगो इतनी कि जी कहना ही बुरा लगता।

 परन्तु नौकरी का सवाल था। 

दो तीन दिन लगे। अपने आप को समझाने में।

Email लिखी

Honourable Sir,

Respectfully, I state that I am lucky to have a visionary senior who guides me, instructs me, scolds me when I go wrong.

I wish to serve such a wonderful person ever.

Yours sincerely,
XYZ

Can you imagine the value of this small email? It is 11 lakhs.

Because his one year contract was renewed and it was Rs 11 lakh.

So, if you speak 1 word of respect, other will respect you 10 times more.एक शब्द दूसरे के सम्मान में बोलोगे बह 10 शब्द बोलेगा और दिल से 10 कदम आपके नजदीक आ जायेगा।


Choose good respectful words when talking or writing. Tone matters a lot, next is body language. This one skill will make you victorious in life.

ऊपर की अँग्रेज़ी भाषा एक दोस्त की ईमेल है।