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शुक्रवार, 6 अगस्त 2021

THIS world .....

 

सुप्रभातम प्यारो।
“THE WORLD IS INCOMPLETE WITHOUT YOU” 
(A beautiful poem by Aru Barzak). 

आप के विना ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌ यह संसार अधूरा है।

2
“The God who made 

the stars, 
the seas, 
the mountains and its peaks,
 the universe and its galaxies felt this world would be incomplete without you and without me.


परमपिता परमात्मा 

जिसने
तारे,
समुद्र 
पहाड़‌और चोटीयां
ब्राहम्णड ‌‌‌‌और गैलेक्सी(सौर मंडल) वनाए

ने सोचा ‌‌‌‌‌‌‌‌कि यह सब आपके और मेरे ‌‌‌‌‌‌‌‌विना अधूरा है।   


3
Do you see
how you are a puzzle piece in the whole—
how without you here,
there would be a hole?

कभी सोचा है
कि आप कैसी पहेली हो?

4

Your body is not just a clay tent that you live in, 
it’s a piece of the universe you have been given.

आपकी ‌‌‌‌‌
वाडी ‌‌‌‌‌‌‌‌केवल 
मिट्टी का पुतला नहीं है।

यह ‌‌‌‌‌‌‌‌आप‌ को   समर्पित ब्राहाम्ड का हिस्सा है।

इसी को गुरु नानक जी कहते हैं
"जैसा पिंडे, तैसा ब्राहाम्डे"

5
  
You are not a small star, 
you are a reflection of the entire cosmos. 

आप एक सितारा नहीं हो वल्कि सारे ब्रह्माण्ड  की रौशनी हो।

6
Can you hear the big bang in your heart? 
अपने दिल में धड़कती दिव्य ध्वनि ‌‌‌‌‌
को सुना?
Eighty times a minute God knocks on the doors of your chest, 
to remind you that He has never left, 
and that 

7

He is closer to you than the jugular vein in your neck.
एक मिनट में परमपिता परमात्मा आपके दिल के दरवाजे पर 80 वार दस्तक देता है।््
आपको याद करवाता है "मैं ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌तुम्हारे साथ हूं  और तुम्हें कभी अकेला ‌‌
नहीं रहने दिया".

वह हमेशा आप के साथ है।

8
Every moment is divinely blessed, 
for this very moment God is blowing the breath of life through eight billion different human chests. 
हर पल परमपिता परमात्मा  की देन है।

गुरु जी कहते हैं:
सो क्यों ‌‌‌‌‌‌‌‌विसरे मेरी माए
जिन इह सब कुछ दिया।  

9

You are not just star dust and dirt,
 you are a reflection of God’s beauty on Earth.

आप चांद तारों  की  कोई धूल नहीं हो।
आप इस धरती पर परमपिता परमात्मा की परछाई हो।
जो उस की शक्तियां हैं, वह आपकी भी हैं।
इसीलिए वेदों ‌‌‌‌‌‌‌‌में वर्णन है:
"अह्म ब्रह्म अस्मि" अर्थात्
मैं ही ब्रह्म हूं।

10

You are not this mortal body that death will one day take. You are an everlasting spirit held in the mortal embrace of clay.

आप केवल स्थूल शरीर ‌‌‌‌‌नही है जिसे एक दिन  मृत्यु  ले जाए गी।
आप तो अमर,
 अज़र सुक्ष्म आत्मा हो,

 जो मानव  रुपी मकड़जाल में
 भवसागर को पार करने के लिए धरती पर जन्म लेती है।


11
You are not a human being meant to be spiritual, 
you are a spiritual being living this human being miracle.” 


           ARU Barzak


आप अध्यात्म मानव‌ वन ‌ कर                          क ्स््
 अध्यात्म ढूंढने नहीं आए,
आप तो स्वयं आध्यात्मिक मानव अचम्बा हो।







हिन्दी ‌‌अनुवाद व प्रस्तुति:

केषप 

Copied from my own email ☺️.

गुरुवार, 5 अगस्त 2021

Value of time

 समय अनमोल है।

एक गांव में एक आलसी व्यक्ति रहता था।


 2

सभी गांव के वुद्वीमान‌ व्यक्ति समय समय पर उसे

 काम धंधा करने के लिए कहते।

परन्तु उस आलस्य भरे व्यक्ति पर कोई प्रभाव नहीं होता।

3

उसकी पत्नी और मां यह देख बहुत दुखी थे।


4

एक दिन उस गांव में संन्यासी महात्मा आए।

गांव की वहु वेटीयां भी महात्मा जी के दर्शन करने गईं।

जब इन महिलाओं ‌‌को पता चला तो बात आलसी की मां और पत्नी तक पहुंची।

5

दोनों ने आपस ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌में विचार विमर्श ‌किया   और दुसरे दिन महात्मा से मिलने गईं।


6

महात्मा से इन सास बहु ने अपना दुख सुनाया । 

महात्मा जी ने सांतभावना दी

 "‌‌‌‌‌‌‌‌मैं‌ आपका दुःख समझ गया हूं।"


7

सास बहू ‌‌घर वापिस आ गईं। 

8

दुसरे दिन महात्मा जी उनके ‌‌‌‌घर आए।‌‌‌‌‌ 

सभी घर पर ही ‌‌‌‌‌‌‌थे।


महात्मा ‌‌‌‌‌‌‌जी के लिए ‌‌‌‌‌‌‌‌साफ़ सुथरा विछौना विछाया गया।


जब महात्मा  जी वैठ चुके,

 तो अपनी पोटली ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌में‌‌ से एक लिफाफा निकाला और ‌

आलसी‌ व्यक्ति को देते हुए कहा 

: यह बीज हैं। 

और ‌‌‌‌यह  अभिमंत्रित ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌खुरपी है। इससे जो भी वोयोगे वह आम खुरपी से 5 गुणा अधिक पैदावार ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌देगा। 

परन्तु मैं यह खुरपी आपके पास  15 दिन के लिए है।" 

9

आलसी व्यक्ति खुशी ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌से फूला नहीं समा रहा था।


10

दुसरे दिन सुबह आलसी की बीवी ने ‌‌ सोते हुए ‌‌‌‌‌आलसी को कहा: 

उठो और ‌‌‌‌‌‌‌‌ खेत में जाकर उस *जादूई खुरपी *से ‌‌‌‌‌बीज वो दो ताकि हमारी गरीबी दूर हो, खाने पीने  के लिए भरपेट खाना मिल सके।"

11

आलसी ने ‌‌‌‌‌‌‌करवट ली और सोते हुए वोला: 

तंग न करो,

 अभी बहुत दिन हैं, 

कल बीज दूंगा।"


इसी तरह से 15 दिन गुजर गए परन्तु आलसी ने कुछ नहीं वोया।

16

आज 16बें दिन महात्मा जी आ गए और अपनी "जादूई खुरपी" वापिस लोटाने

 को कहा।


अब आलसी व्यक्ति महात्मा जी के आगे गिड़गिड़ाने लगा कि "खुरपी"  कुछ और दिन के लिए दे  दी जाए।

परन्तु महात्मा ‌‌‌‌‌‌‌जी न  माने।


अब पछताने से क्या ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌लाभ । 


समय रहते कुछ किया नहीं।



महात्मा ‌‌‌‌‌‌‌‌जी  अपनी ‌"जादूई खुरपी " ले गए।

और

आलसी पछताता रहा।

 शिक्षा:

समय संसार की सबसे वहुमुल्य वस्तु है जिसे दुनिया की कोई धन दौलत खरीद नहीं सकती।

अवसर ‌केवल 

सतर्क, 

सजग, 

जागने वाले व्यक्तियों के लिए होते हैं  

न कि आलसी  नींद के लोभी के लिए।

 

हमारे पास भी वच्चे आते हैं।


 कालिज में अडमिशन  

या वैंक में नौकरी का 

पोर्टल एक महीना खुला रहता है, 


जैसे  ही 30 दिन पूरे होते हैं, 

 पोर्टल वंद,

 वच्चे ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌आएंगे और पूछें गे

 "सर क्या मैं  किसी तरह इस नौकरी  या कोर्स के लिए एप्लिकेशन दे सकता हूं?

हमारा जबाव :

 नहीं, 

 अब अगले साल।


वच्चे निराश हो वापिस चले जाते हैं।


इनसे पूछे कि पोर्टल के खुलते ही पहले 10-15 दिन में एप्लीकेशन क्यों ‌‌‌‌‌‌‌‌नही भरते ।

 एप्लीकेशन पोर्टल खुलते  ही 3-4 वार पढ कर , सभी डाकूमैटस लोड करके भरें। मन की शांति वनी रहेगी और पोर्टल को 3 -4 वार पढ़े, 


तब एप्लीकेशन भरें और दोवारा एप्लीकेशन  को ताकि कोई गलती हो तो उसे ठीक कर सकें।


इससे सफलता के चांस वडते है।


शिक्षा और नौकरी जीवन के ‌‌‌‌‌लिएअति आवश्यक है। 

नहीं तो आलसी व्यक्ति ‌‌‌‌‌‌‌‌की तरह आखरी तारीख का इंतजार करते रहते रहोगे।

वाकि आप जानो।


******

ऐसा न हो:

अब पछताए क्या ‌‌‌‌‌होत है

जब चिड़िया चुग गई खेत। 

  ‌‌्न‌‌्र‌‌्न‌‌्‌‌्न‌‌्र‌‌्न‌‌्‌‌्न‌‌्र‌‌्न‌‌्‌‌्न‌‌्र‌‌्न‌‌्


सोच समझ से सजग रह कर जीवन जिएं।











रविवार, 1 अगस्त 2021

Right 👍 Direction

 लक्ष्य भेदन 


Efforts and courage 😌 are NOT enough without purpose and direction.


- John F Kennedy Jr.


प्रयत्न, मेहनत, हौसला ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌किसी काम का नहीं, यदि‌ लक्ष्य का उद्देश्य और दिशा निश्चित न हो।  - जान‌‌ एफ कैनेडी जूनियर।