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मंगलवार, 9 फ़रवरी 2021

घर बैठे English बोलना/लिखना सींखे।

 पावरफुल टिप

☺️

दूसरे लोग आपके बारे में क्या सोचते, क्या समझते, यह महत्ब पूर्ण नहीँ है।

☺️☺️

आप अपने बारे में क्या सोचते हैं किसी भी सफलता के लिये बहुत जरूरी

इग्नोर what is wrong with others.

दुसरों का जो गलत लगे उसे मन मष्तिष्क से इग्नोर कर अपने लक्ष्य / मिशन/गोल पर एकाग्र ,(फोकस) करेँ।

*** 

आशा है आपने अँग्रेज़ी बोलने लिखने की हिंदी की किताब खरीद ली होगी। 80/100 रुपये की आती है। न मिले तो इन्ही नोट्स को पढ़ते जाना । 3 से 6 महीने में बहुत अँग्रेज़ी आ जायेगी । 


घर बैठे English बोलना/लिखना सीखें

 Winning Strategy

☺️☺️

Learn from mistakes

2

 Read age appropriate books.

Always have pencil in hand to underline what you have read.

4

 While reading, finish the chapter and then go back to what is difficult and needs clarification.

Read the questions on the back of the chapter first. 

Then go through/read the chapter.

You will understand 50 to 60% more.


Powerful Tip

☺️ My memory is sharp. I understand quickly.

Say this 10 to 20 times mentally and see that results are excellent.

☺️☺️ Manage your emotions.

☺️

बिजेता की तैयारी

अपनी गलतियों से सीखें।

तैयारी जरूरत से दो गुणा करेँ। पढें।

3

 विश्वास करेँ "मैं कर सकता हूँ" नकरात्मक बिचार बिफलता की ओर ले जाते हैं ।

 इनसे बचें।


चैप्टर को हाथ में पेंसिल ले कर पढें। 

जो पढ़ते हैं उसके नीचे अंडरलाइन करते जाएं।

बहुत बार पता ही नहीं चलता कि कौन सा चैप्टर पढ़ा है  और कौन सा नहीँ। 

कोई चैप्टर कई बार पढ़ा जाता है और दूसरा कोई एक बार भी नहीँ। 

**

पेंसिल टेकनीक इससे बचाती है।

😢 पढ़ने  की गलती सुधारें। 

आम तौर पर बिद्यार्थी पहले चैप्टर पड़ता है और पीछे दिए प्रशन तो देखता ही नहीँ। 

यह बैसे ही जैसे बिना नेम प्लेट या बोर्ड के रेल गाड़ी में बैठना और जब अगला स्टेशन आये तो पछताना कि मैं तो गलत गाड़ी में बैठ गया।

☺️

इसलिये पहले चैप्टर क़े पीछे दिये प्रशनों को पढ़ो,

 फिर चैप्टर को इससे चैप्टर की समझ 50 से 60 प्रतिशत अधिक आएगी।

*पावरफुल टिप्स*

😢 मेरी याददाश्त/मेमोरी बहुत अच्छी है। मैं बहुत बुद्धिमान हूँ। हर रोज़ 10 से 20।बार मन ही मन बोलें और महसूस करे।

आपके बिना किसी और को न सुने। 

अपने आप को दुसरों के अबलोकन पर निर्भर रहने दें। 

अपने दुश्मन स्वयं न बने। मन ही मन 'न, नहीँ' कहने से बौद्धिक बल कम होता है, शारीरिक बल क्षीण।

अपने दोस्त बनिये।

सफलता  सुलभ हो जाएगी।

☺️ अपनी उम्र के हिसाब से ही अच्छी पुस्तकें पढ़िए।

इमोशनल मैनेजमेंट रखें।

अति भावनायों में बहने बाला कभी भी सफल नहीँ होता।



यह स्व सुधार जीत को सुनिश्चित बनाते हैं, चाहे पेपर स्कूल/कॉलेज के हों या कंपीटिटिव एग्जाम के।


 



घर बैठे English बोलना/लिखना सींखे

 Brain  Heals

ब्रेन स्वथ्य दाता है।

जो हम लगातार

 पढ़ते हैं, 

सुनते हैं,

सोचते है

और

बोलते

है

2

खासतौर पर 

जो सोने से पहले

सोचते है

और सुबह

उठते ही

सोचते हैं

3

उसका 

हमारे 

मन

मष्तिष्क

औऱ

शरीर।

पर

बहुत

गहरा

प्रभाव

पड़ता

है।

4

बिधुर एक दास पुत्र थे।

 इस कारण हस्तिनापुर (कोरबों/पांडवों की राजधानी) क़े राजा न बन कर अपनी बुद्धिमता के कारण प्रधानमंत्री बने।

बिधुर नीति सफल जीवन के लिये सार्थक ज्ञान देती है।

☺️ बिदुर जी कहते हैं: जो हम लगातार मन मस्तिष्क में सोचते हैं, बह ब्रह्मांड से हमेँ मिल जाता है।

इस लिये हमेशा अच्छा चाहिये तो हमेशा अच्छा सोचिये।

* खुशी सोचिये।

** आज का दिन अच्छा है, कल बहुत अच्छा है ।

*** जो हुया अच्छा हुआ

      जो होगा बह भी अच्छा होगा।

**** विवेकशील हो कर पढें, सुने और सोचें।

जैसे घर की चीजें धूल से अपने आप ढक जाती हैं, पता नहीं चलता धूल कहाँ से आती है, परन्तु इस धूल को साफ करने में प्रयत्न करने पड़ते हैं।


इसी प्रकार हनिकारक बिचार , आदतें, बिना प्रयत्न आ जाते हैं। परन्तु लाभकारी बिचार कठिन परिश्रम से आते हैं।


बिचारों का अधिक भाग सुनने, पड़ने से आता है। 

बिवेक से बिचारों को अपने मन मस्तिष्क में ठहरने दें।

सफलता , स्वास्थ्य बिचारों पर आधारित है। स्वयं का मनन सुधारने से स्वयं के जीवन मे मनचाहा सुधार आ जाता है।

विवेकशील बने, सफलता चरितार्थ हो जाएगी।





Power of Daily Routine

 घर बैठे English बोलना/लिखना सीखें

जैसे एक एक बूंद इकठ्ठी करके घड़ा भर जाता है बैसे ही हम हर रोज़ हर पल जो हम करते हैं उससे हमारा भविष्य  के लक्ष्य की आधारशिला (नींब ) बनती है।

2

धीर्गकाली लक्ष्य की प्राप्ति करने के लिये  लक्ष्य प्राप्त के लिए प्रति दिन  किये गए प्रयासों का महत्व अतुलनीय और अमूल्य  है ।

3

एक 63 साल क़े प्रोफेसर ने जो अँग्रेज़ी बोलने में माहिर है, और अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड की कई मैगज़ीन में English में आर्टिकल (लेख) लिख चुका ने बताया कि वह पिछले 40 साल से अँग्रेज़ी अख़बार और मैगज़ीन पढ़ रहा और अँग्रेज़ी पढ़ा रहा।

अब इसकी डेली रूटीन क्या है?

हर रोज़ अँग्रेज़ी की अखबार पढ़ना। 

अब यह कालिज के  सेमिनार और यूनिवर्सिटी की conferences में key नोट स्पीकर है।

क्या यह प्रोफेसर एक दिन, एक महीना या एक साल में एक्सपर्ट बन पाता। कभी नहीं?

परन्तु एक घण्टा अपने लक्ष्य के लिये प्रतिदिन प्रयास करने से आज एक्सपर्ट है। 


यदि 4 दिन से भूखे हो तो क्या 3/4 किलो खाना खा कर दोबारा भूख नहीँ लगेगी। 

जरूर लगेगी।

हर रोज अच्छी सेहत और निरन्तर शारीरिक व मानसिक ऊर्जा के लिये 2/3 बार खाना चाहिये।

4

☺️ इसी प्रकार लक्ष्य प्राप्ति के लिये *लक्ष्य के प्रति संपरित रह कर लक्ष्य की दिशा में प्रयासरत रहना जरूरी है**

इसे ही Power of Daily Routine( पॉवर ऑफ डेली रूटीन) कहते हैं।

दुनिया की कोई ताकत या कोई धन समय का एक पल यानी सेकंड भी न खरीद सकता है न  पीछे को मोड़ सकता है।

अपने ब्यवहार में पावर ऑफ डेली रूटीन को लाइये और मन चाहा लक्ष्य पाईये।

धन्य बाद।

तमसो मा ज्योतिरगमय

O God! Lead me from darkness to light.

हे परमात्मा ! मुझे ज्ञान के अंधकार से ज्ञान की रोशनी की तरफ ले चलो।

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