बने हैं हम सभी एक ही खाक से
तो फिर कौन नजदीक और कौन दूर
सच की मिशाल जलाये रखना
झूठ आज नहीं तो कल जल ही जाता है
कलम एक शक्ति है, कलम एक भक्ति है
गुरु गोबिंद जी के शब्दों को हमेशा मन में रखना
सूरा सो पहचानिये जो लरे दीन के हेत
पुर्जा पुर्जा कट मरे कभी न छोड़े खेत
कलम की लाज क्या है ?
कभी मैं अपनी कलम गन्दी न करूँगा
न डरायूँगा न डरूंगा बाले को
मुंह बंद और दिमाग खुला रख अपने
कर्तव्य का पालन करूँगा।
यह कहती है कलम ,
कलम का प्रयोग करने
से पहले हज़ार बार सोचो
की यह देश , प्रदेश, समाज, इंसान
का भला करेगी
यदि बुरा करेगी तो इसे
रोक लो
सोच लो
कलम चल जाती है
परन्तु इससे जो दुःख होता है
उसका अनुमान कलम चलने बाले को हो
कलम और तीर में कोई फर्क नहीं
तीर श्री राम जी के पिता ने चलाया था
और उसका उत्तर उनको दुखों के रूप में आया था
कलम चलाने से पहले ऑंखें बंद कर सोचो
प्राथना करो , ध्यान करो ताकि आदमी से इंसान बन जायो
और काम, क्रोध , मोह, लोभ ,हंकार, इर्षा से ऊपर उठ कर
कलम का हथियार चलायो
तलबार का घाब मिट जाता है , परन्तु अपशब्दों के घाब
उम्र भर नहीं मिटते।
कलम देश भक्ति, समाज़ सेवा , इंसान के भले के लिए
चले तो उस कलम को सलाम होती है।
तो फिर कौन नजदीक और कौन दूर
सच की मिशाल जलाये रखना
झूठ आज नहीं तो कल जल ही जाता है
कलम एक शक्ति है, कलम एक भक्ति है
गुरु गोबिंद जी के शब्दों को हमेशा मन में रखना
सूरा सो पहचानिये जो लरे दीन के हेत
पुर्जा पुर्जा कट मरे कभी न छोड़े खेत
कलम की लाज क्या है ?
कभी मैं अपनी कलम गन्दी न करूँगा
न डरायूँगा न डरूंगा बाले को
मुंह बंद और दिमाग खुला रख अपने
कर्तव्य का पालन करूँगा।
यह कहती है कलम ,
कलम का प्रयोग करने
से पहले हज़ार बार सोचो
की यह देश , प्रदेश, समाज, इंसान
का भला करेगी
यदि बुरा करेगी तो इसे
रोक लो
सोच लो
कलम चल जाती है
परन्तु इससे जो दुःख होता है
उसका अनुमान कलम चलने बाले को हो
कलम और तीर में कोई फर्क नहीं
तीर श्री राम जी के पिता ने चलाया था
और उसका उत्तर उनको दुखों के रूप में आया था
कलम चलाने से पहले ऑंखें बंद कर सोचो
प्राथना करो , ध्यान करो ताकि आदमी से इंसान बन जायो
और काम, क्रोध , मोह, लोभ ,हंकार, इर्षा से ऊपर उठ कर
कलम का हथियार चलायो
तलबार का घाब मिट जाता है , परन्तु अपशब्दों के घाब
उम्र भर नहीं मिटते।
कलम देश भक्ति, समाज़ सेवा , इंसान के भले के लिए
चले तो उस कलम को सलाम होती है।