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गुरुवार, 22 अक्टूबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 Chracteristics of

 an Ideal Student

1          Respect:

Respect your parents;

Respect your teachers;

Respect elders.

2         LOVE

Love your country;

Love your culture  and

Love your ancestors.

3           SERVICE

Serve the poor;

Serve the illiterate (teach/empower him/her)

Serve the diseased.

4      SELF DISCIPLINE

Discipline your body.

Discipline your senses.

Discipline your mind.

5        SELF-CONTROL

Control your words

Control your thoughts

Control your actions.

6           FAITH

Have faith in yourself.

Have faith in others

Have faith in God.

7     TRUTHFULNESS

Be truthful in words

Be truthful in thoughts

Be truthful in actions.

8        HARD WORK

Work hard to acquire

 knowledge;

Work hard to acquire skills

Work hard to gain wisdom.

9          STRENGTH

Be strong:

- Physically

- Mentally

- Intellectually

- Morally and 

- Spiritually.

10        CONVICTION

Have conviction in the power of goodness;

Have conviction in the power of purity;

Have power in the power of honesty.


11        DEVOTION

Have devotion for duty;

Have devotion for scriptures;

Have devotion for holy people and God.

12    HABITS

Cultivate regular habit of prayer;

Cultivate regular habit of meditation;

Cultivate habit of regular reading of inspiring and strengthening literature.

हिन्दी

आदर्श बिद्यार्थी के गुण


1            सम्मान

*अपने माता पिता का सम्मान करें।

**अपने गुरूयों का सम्मान करें। शब्दों और ब्यवहार से।

****समाज के सभी बडों बजुर्गों का सम्मान करेँ।

2          प्रेम

*देश प्रेम सर्वोप्रिय है। अपने देश से प्रेम करेँ।

**अपनी संस्कृति से प्रेम करें।

***अपने बजुर्गों(जीवित या स्वर्गीय) को प्रेम करेँ।

3           सेवा भाव

सेवा परमो धर्म:

*गरीब की यथा योग्य सेवा व सहायता करें।

**अनपढ़ की सेवा व सहायता करें। यदि उसे शिक्षित कर सकें तो करेँ।शिक्षा उसे शक्ति शाली बनाएगी।

*** बीमार की सेवा करेँ। सहायता करें।

4          स्व-अनुशासन

* शारीरक अनुशासन की पालना करें। इसमें जुबान सबसे महत्बपूरन है।

** 5 इंदिरियों(senses) को अनुशाषित रखेँ

*** मन, बचन और कर्म को अनुशाषित करेँ।

5           स्व नियंत्रण (कंट्रोल)

* विचारों पर नियंत्रण रखेँ।

** बाणी पर नियंत्रण रखेँ।

*** कर्मो पर नियंत्रण रखेँ💐

6       श्रद्धा (बिश्वास/भरोसा)

* स्वयं पर भरोसा रखेँ।

** दुसरों पर बिश्वास करेँ।

*** बनाने बाले पर सम्पूर्ण आस्था  रखें

7          सत्यनिष्ठा

* सत बचन सात्विक भोजन सुचारु शरीर ब चरित्र बनाता है। सत्य का पालन करें।

** बिचारों को सत्यनिष्ठ रखें।

*** सदकर्म सत्यनिष्ठ रखेँ।

8        कठिन परिश्रम

कठिन परिश्रम की आदत डालें।

* कठिन परिश्रम से ज्ञान अर्जित करेँ।

** कठिन परिश्रम से क्षमताएं अर्जित करेँ।

*** कठिन परिश्रम से बुद्धिबल अर्जित करेँ।

9           बल

निम्नलिखित बल अर्जित करेँ:

* शारीरिक बल

** बुद्धि बल

*** बौद्धिक बल

****  नैतिक बल

***** आध्यात्मिक बल

10            निष्ठा (संकल्प शक्ति)

* हमेशा निष्ठा रखेँ की जीत अच्छाई की होती है।

** पवित्र जीवन में निष्ठा रखेँ ।

*** निष्ठा रखें कि ईमान दारी की जीत होती है।

11         भक्ति भाव

* कर्तव्य के प्रति भक्ति भाव रखेँ।

** शास्त्रों के प्रति भक्ति भाव रखेँ।

*** पवित्र लोगोँ और बनाने बाले के प्रति भक्ति भाव रखेँ।

12          आदतें

कहते हैं : इंसान आदतों का पुलंदा है। अच्छी आदतें अर्श पर पहुंचा देती हैं। और बुरी आदतें अर्श से फर्श पर गिरा देती हैं।

* अच्छी आदतों ( हर रोज प्रार्थना) को बढ़ावा दें।

** हर रोज़ ध्यान करने की आदत को बढ़ावा दें।

*** अच्छी पुस्तकें देव प्रतिमायों की तरह है। प्रेरणा देने और उत्साह बढ़ाने बाली पुस्तकों को पढ़ने की आदत डालें।