WHY DO WE LEARN/WORK?
4 ways to achieve anything in life.
1An international education psychologist gave the following 4 reason for excelling in an exam/mission/dream :
Reason Rate of Success
1 Interest 100%
2 Affection। 60%
3 Greed/Compulsion 40%
4 Fear/Threat 10%Check where do you fall?2एक अंतरराष्ट्रीय शिक्षा मनोबैज्ञानी ने 4 कारण बताए जो इंसान को किसी शिक्षा क्ष्रेत्र, जीवन ध्येय या सुपने को पूरा करने क़े लिए मानवीय मानसिकता को प्रेरित करते हैं:3किसी भी मंजिल में सफलता पाने के 4 तरीक़ेतरीका /कारण सफलता दर1 रुचि या शौक 100%
2 लाड़ प्यार 60%3 मजबूरी/लालच। 40%
4 डर/डंडा। 10%4
सबसे ऊपर शौक/रूचि है।
जब मंज़िल की महत्ता स्वयं को पता लग जाती है तो दिन रात 24 घन्टे अपनी मंजिल की दिशा में दिल लगा कर मेहनत करने से भी थकावट नहीँ होती।5मन, बचन, कर्म इसी मंजिल को पाने के लिए तत्पर रहते हैं।
इसमें सफलता दर 100% है।
दुनिया के सभी लीडर (Mahatma Gandhi, Martin King Luther Jr, Bal Gagadhar Tilak, Ballabh Bhai Patel,
खोजी (discoverers) Vasco Da Gama।
बड़े scientist Dr APJ Kalam या
सफल बिज़नेस मैन Tata, Birla आदि इसी केटेगरी में आते हैं।6इस केटेगरी के इंसानों की सोच होती है जितना अधिक मेहनत करेंगे, उनका मन उतना और मेहनत करने को करता है और वह करते हैं।
इसी कारण बह जीवन में आगे रहते और लीडर होते है।
इतिहास उन्हें मानवता का लीडर मानता है।
उनकी भूख, प्यास, सुख सुविधा सब त्याग कर मंज़िल पर दृष्टि रहती है।7इसको जनून भी कहते हैं।इसे अपने मे पैदा किया जा सकता है।Practice, Practice and Practiceकरत करत अभियास के, जड़मति होत सुजान;रसरी आवत, जावत से सिल पर परे निसान।8दुसरा है लाड़ प्यार।जो बच्चे को बचपन में माँ बाप या जानकर दे कर पढ़ाई लिखाई या अच्छी आदतें डालने के लिए प्रयोग करते हैं। यह हमेशा नहीँ रहता। बड़े होने पर अपने आप को बिना लाड़ प्यार स्वयं को खुद पढ़ने, लिखने, काम करने की आदत छोड़नी पड़ती हैं।
नहीँ तो आलस्य आ जाता है।
मानसिक और शारिरिक आलस्य असफलता का कारण बनता है।
जो जीवन भर दुख देता है।
आलस्य के कारण स्वयं जानकर सुधारने पड़ते हैं।
दुसरों की टिप्पणियों(comments) को अपने में सुधार का साधन माने।
सब सुधर जाएगा,
तो आप बिजेता बन जायोगे।
दूसरे केवल टिप्पणी करते रह जायेंगे।
9
बड़े होने पर यह लाड़ प्यार अपनी जगह और कैरियर, काम, पढ़ाई लिखाई की जिमेबारी जो लेता है बहि सफल हो पाता है।इसे मनोबैज्ञानी 60% सफल मानता है।
क्योंकि जैसे ही नौकरी आदि से फाइनेंसियल सिक्योरिटी मिली कोशिशे, सुपने लेना बंद।10तीसरा है लालच/मजबूरी।
जीवन यापन के लिये धन अति ज़रूरी है।धन उपार्जन के लिए किसी न किसी नौकरी धंदे की जरुरत है।जैसे ही नौकरी धंदा मिल गया, कोशिशें बंद।
सकून की जिन्दगी शुरू।यह मजबूरी और लालच के कारण भी होता है।
इसकी मनोबैज्ञानी के अनुसार सफलता दर शौक के मुकाबले 40% रखता है।11डर डंडा।यह सबसे अंत में है।
डंडे या डर से खींच खींच कर किसी को कितना चलाया जा सकता है, जरा खुद सोचें।
इसे 10 नंबर दिए हैंमनोबैज्ञानी ने।12अब आप खुद को ढूंढो किस लेवल पर हो।13लेबल मेहनत करके, आदतें बदल कर बदला भी जा सकता है।14आशावादी सब कुछ कर सकते हैं।15ब्रह्मण्ड सभी को हर रोज 86400 हीरे देता है।
चाहे कोई अमीर है या गरीब।
जवान है या बूढ़ा।महिला है या पुरुष।16यह हीरे हैं
" समय के पल "24 घण्टे x 60 मिन्ट x 60 सेकंड= 86400 पल।17अब इन हीरों का सदुपयोग करो या दुरुपयोग।यह आप पर निर्भर है।
अज्ञानी हीरों का प्रयोग पत्थर के समान करता है
ज्ञानबान पत्थर का प्रयोग भी हीरे की तरह करता है।
18सदुपयोग करने बाले जीवन में अर्श पर पहुंच जाते हैं और दुरपयोग करने बाले अपने जीवन को नरक बना लेते हैं।19समय का सदुपयोग करेँ।20हमेशा सफलता पाएं।किताब खोलनी भी आप ने है बंद भी आप ने करनी है।मर्जी आपकी है कितनी देर पढ़ना है।किताब तो बोलती नहीँ।परन्तु पढ़ने से ज्ञानबान आपने बनना है मKnowledge is power.Applied knowledge is super power.
आज IBPS का साइट खोल कर Mains का सिलेबस अपनी नोट बुक पर लिखें ताकि पता चले टॉपिक कौन से हैं।
Important Dates नोट कर लें। पेपर की स्कीम नोट कर लें।