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मंगलवार, 14 मई 2024

Discipline

 Discipline is greater 

than motivation for SUCCESS.


सफलता के लिए 

अनुशासन अभिप्रेरणा (मैडिटेशन)

से अधिक महत्वपूर्ण है।


अनुशाशित मनुष्य जीवन में जीत को पा लेता है।

 अनुशासन अपनाएं।

रविवार, 25 जुलाई 2021

मोटिवेशन

 Motivation 


वड़ी दिवारों से ही 

वड़े किले का और ‌‌‌दरवाजा ‌‌‌‌‌‌‌‌‌निकलता है।


जितना ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌संघर्ष‌  वड़ा और ‌

कठिन होगा ‌‌‌‌‌

जीत का सुख भी ‌‌‌‌‌‌उतना वड़ा होगा।


मंजिल उतनी ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌सुहावनी   होगी।


संघर्षों से केवल स्व अनुशासन, स्व ‌‌सुधार से  ही जीता ‌‌‌‌‌‌‌‌जा सकता है।


Regular self improvement 🤣 😜 

is foundation of FREE Will that brings success and freedom to the doer.


शुक्रवार, 7 मई 2021

घर बैठे English बोलना सींखेँ

 B 1428


Thought of power.

शक्ति शाली विचार


No matter whether somebody believes you or does not believe you


BUT


Be the Self Belivers


Self Believers are the winners in this world.

2

Do not prove to others.

3

Keep working in right direction to your goal silently, slowly and regularly.

4

Never quit but bounce back and re-start with new zeal after every setback.

5

Your achievements will prove what you are to the world.

कोई आप पर बिश्वास करता है या नहीँ, 

इससे कोई फर्क नहीँ पड़ता।


आप का अपने पर विश्वास आपकी जिंदगी बना देगा, सफलता दिलवा देगा।


अपने पर विश्वास करो।

2

दुसरों को प्रूव या दिखाने के लिये परिश्र्म न करो।

3

केवल बिश्वास करके परिश्रम करते रहो , सफलता आपकी है।

4

हताश हो कभी अपना गोल न छोड़ें।  

बल्कि जब ठोकरें लगें या सेटबैक्स लगें तो गलतियों से सीख नई शक्ति, नए मनोबल से दोबारा कोशिश करेँ।


गिर गिर कर ही कुशल घुड़ सवार बनते हैं।

कायर क्या खाक जिया करते हैं।

5

आपकी चुपचाप प्राप्त की उपलब्धियां दुनिया को बता देगी आप क्या हैँ। समय लगता है। प्रोफेसर को 62 साल लगे।

परन्तु जो चाहा मिल गया।


अपने पर बिश्वास करो, अपने ज्ञान पर बिश्वास करो, अपनी मेहनत पर बिश्वास करो। खूब मेहनत करो और गहरी नींद सोयो।। मंजिल आपकी है मिल जाएगी।




सोमवार, 5 अप्रैल 2021

घर बैठे इंग्लिश बोलना/लिखना सींखेँ

 अभिप्रेरणा

Self Motivation

☺️

English(इंग्लिश) बोलना/लिखना उतना ही आसान है जितना एक Cycle(साईकल) चलाना।


***

साईकल कैसे चलता है?


 ●  स्टेज 1: 

छोटा बच्चे को माता पिता, मामा मामी, चाचा चाची या कोई रिश्तेदार छोटा साईकल ले कर गिफ्ट दे देते हैं।

बच्चा बहुत खुश होता है, उसके आँखों मे खुशी की चमक देखने लाइक होती है।


क्या इंग्लिश लिखने या बोलने के लिये आप में बह ललक या खुशी है😢सोचें और ललक पैदा करेँ।

😊

जनून (ललक) में ही सफलता का सकून है।


● स्टेज 2:

अब बच्चा अपने साईकल को लेकर टेड़ी मेड़ी जगहों पर चलाता है।

★★

 गिरता है, रगडें और चोटें लगती। कोई नुक्ता चीनी निकालता है। कोई डाँटता है।

°

घर के बड़े साईकल चलाने के लिये मना करते हैं।

👏

परन्तु बच्चा पूरी लगन और जोश से साईकल चलाता रहता है।

●

रात सोय हुए भी साईकल के सपने लेता है। 

अन्त सफल हो जाता है।

■

बड़े कहते हैं कि जब बड़े हो जायोगे साईकल चला लेना।


परन्तु बच्चा बडों से चोरी चोरी साईकल घर से निकाल कर चलाना शुरू कर देता है। 

●●

गिरता है  संभलता है औऱ अंत गिर गिर कर साईकल चलाना सीख जाता है।

🎁

मान लें बच्चा 3 साल की उम्र में साईकल चलाना सीखता है। छोटे साईकल से बड़े पर आ जाता है।


फिर सारी उम्र स्कूटर/कार आदि चलाता है। 

?

परन्तु कभी 80 साल की उम्र में उसे साईकल चलाना पड़ जाता है। 


क्या बह चला सकता है? 

जी हाँ। जरूर चला सकता है।

★★

कोई भी सीखी हुई कला कभी न कभी काम आ जाती है। 

कभी भूलती नहीँ। 

थोड़ी कोशिश से याद आ जाती है।

☺️

इंग्लिश भी ऐसे ही है। जो आज कठिन लग रही है, कल आसान लगे गी।

●●●●●

प्रोफेसर साहिब ने 40 साल पहले इंग्लिश सीखने के लिये जनून से अँग्रेज़ी पड़ना शुरू किया।

★

उस समय 24 घण्टे अँग्रेज़ी ही अंग्रेज़ी दिमाग में घूमती थी।

★

सारा समय शब्दोँ के अर्थ डिक्शनरियों में ढूंढने में लग जाता था।

★★★★

परन्तु आज अखबार आती है। 5 मिन्ट लगते हैं । हेड लाइन और न्यूज़ स्कैन करके सब पता लग जाता है।


लगन से पढ़ो।

★★

जानें।

साईकल तब तक चलता है जब तक पैडल मारते रहो।

इसी तरह अँग्रेज़ी प्रैक्टिस चाहती है।




रविवार, 21 मार्च 2021

घर बैठे English बोलना/लिखना सींखेँ

 Motivation


Discouragement discourages.😊


But don't let it discourage you and allow it to turn into FRUSTRATION and STRESS.

😢

पतझड़ में उत्साहित रहने बाले ही बसंत के नजारों का आनंद लेते हैं।

💐




शनिवार, 13 मार्च 2021

घर बैठे English बोलना/लिखना सींखेँ

 मोटिवेशनल/अभिप्रेरणा

😢

सपनों को साकार करने की इच्छा कभी मरने न दो, बल्कि उन्हें पूरा करने की कोशिश करते रहो। 

जिंदा सपने कभी न कभी पूरा हो ही जाते हैं।

☺️

जब बच्चा छोटा होता है तो सबसे पहले मां के बाद डॉक्टर या नर्स के संपर्क में आता है।

☺️

मिस्टर जॉन (काल्पनिक नाम) जब छोटा बच्चा था उसके मन में डॉक्टर बनने की इच्छा  उत्तपन्न हुई।

😢

मिस्टर जॉन सात भाई बहनों में सबसे बड़े थे।

पिता के साथ खेत में हाथ बंटाते थे ।

😢

 तभी सभी  भाई बहनों का पेट भर खाने के लिये आनाज पैदा कर पाते।

😢

ग़रीबी के कारण जॉन को पढाई 10 साल बाद छोड़नी पड़ी और वह गांब से शहर आ गया। 

■■

एक होटल में वेटर की नौकरी कर ली।

● शादी हो गई।

◆◆

पति पत्नी शहर में रहने लगे। पत्नी घर संभालती और पति होटल में काम करता। 

★

बच्चे हुये, पढ़े लिखे, शादी हुई अलग अलग अपने परिवार शुरू कर लिये।


★★

अब मिस्टर जॉन की आयु 54 बर्ष की हो गई थी।

👍

एक दिन मिस्टर जॉन की पत्नी ने कहा:

मिस्टर जॉन आपका डॉक्टर बनने का सपना था। 

मिस्टर जॉन ने सिर उठा कर पत्नी को देखा। 

आँखे नम थी।

आंखों में आसूं गिरने बाले ही थे।

मायूस हो मिस्टर जॉन बोले: अब कहाँ, अब तो मैं बूढ़ा हो गया हूँ।

😢

पत्नी ने ढांढस बंधाते हुए कहा: नहीँ मैं आपकी जगह होटल में बेटर का काम करूंगी और आप कॉलिज जायोगे।

👍

3 साल बाद मिस्टर जॉन 57 साल की उम्र में डॉक्टर की पढ़ाई करने के लिये कालिज गए और 63 साल की उम्र में डॉक्टर बन गए।

👌

बचपन का सपना जो जिमेबारिओं और मजबूरियों ने दफन कर दिया था 63 साल की उम्र में पूरा हुया।

💐

Never, never give up your dream.





सोमवार, 25 जनवरी 2021

मोटिवेशन

 

B 1319

Motivation

 अभिप्रेरणा

Motivation is of two types

अभिप्रेरणा के दो प्रकार।


1

 Temporary Motivation-

  अल्पकालिक, अस्थाई अभिप्रेरणा (3 अ)

*See a movie and  get inspired temporarily.

चलचित्र देखेँ और अल्पकालिक प्रेरणा प्राप्त करें।


**Read a motivational book and get temporarily inspired.

मनोबल पर कोई पुस्तक पढें और अल्प काल के लिये प्रेरणा पाईये।


***Hear a positive story on TV or from a person and get temporarily motivated.

TV पर कोई सकारत्मक उपलब्धि की कहानी सुनकर अस्थाई प्रेरणा प्राप्ति करेँ।

**** More may be added.

और भी जोड़े जा सकते हैं।


Motivation Permanent

अभिप्रेरणा -दीर्घकालिक/स्थाई

Set a High Goal/aim/target and work hard and smart  to achieve that goal/aim/mission.

जीवन के लिये 

बढ़े गोल/लक्ष्य/टारगेट बनाये 

और इस गोल/लक्ष्य/टारगेट/मिशन 

को प्राप्त करने के लिये जी जान से जुटकर प्राप्त करें।


स्थाई अभिप्रेरणा में आदर्श बाक्यों का बड़ा महत्ब है।

कुछ आदर्श वाक्य के उधाहरण

* पढ़ने के लिये आएँ, 

सेवा के लिये जाएं-               स्कूलों के बाहर लिखा होता है।


**   उचित शक्ति समर्थता देती है।

***  चरित्र चमन(जीवन) को चरितार्थ करता है।

**** कदम कदम बढ़ाए जा

         खुशी के गीत गाए जा।

***** संकल्प से शक्ति


अपने जीवन मे किसी भी आदर्श वाक्य को अपनी प्रेरणा और अभिप्रेरणा बनाये और लक्ष्य प्राप्ति करेँ।







रविवार, 24 जनवरी 2021

Motivation

 B 1316

बड़ा मुश्किल है 

उसे गिराना


जिसे 

ठोकरों ने 

चलना सिखाया है।



पढ़ने के लिए जब जाएं या आएँ

तो यह सोच कर न जाएं

कि क्लास लगानी है


बल्कि यह सोच कर 

आएं कि☺️

 आज

कुछ

नया 

सीखना 

है।


अपनी नोट बुक में डेट डाल कर लिखें

"आज मैंने क्या सीखा है?"

'What have I learnt today?"



सोने से पहले :

 दर्पण में देखेँ और यह तीन प्रश्न पूछें।

1

 क्या आज मैंने कम से कम तीन अनजान लोगों को थैंक यू कहा।

2 

क्या आज मैंने किसी का दिल तो नहीँ दुखाया। मन, बचन और कर्म से।

3 आज मैंने नया क्या सीखा है?

इसे डेट डाल कर अपनी नोट बुक पर लिखें। 1 महीने एक साल में आप दूसरों से स्व सुधार में बहुत अग्रिम हो जायोगे ।

4

और शांति से सो जाईये।


गुरुवार, 21 जनवरी 2021

घर बैठे Bank Paper की तैयारी करें।


Motivational

घबराएँ नहीँ
2
आप ने बहुत औऱ अच्छी तैयारी की है ।
3
आप लाखोँ करोड़ों दुसरों से बेहतर हो। ज्ञान बान बन गए हो, ज्ञान बोध अधिक हुआ है।
4
जरा सोचिए दो भाई हैं । एक को पढ़ने की आदत है, शौक है।हर रोज़ एक पन्ना पढ़ता है एक साल में बह 365 पन्ने पढ़ लेता है। 

दूसरा पढ़ने की बजाए बातें करने, लड़ने झगड़ने में  ब्यर्थ गंबाता है 
उम्र दोनो की एक साल बढ़ गई परन्तु अक्ल और ज्ञान पहले का बड़ा  ।
 दूसरे का नहीँ।
इसी तरह आप हैँ। बैंक पेपर की तैयारी से पहले का ज्ञान स्तर और अब का ज्ञान स्तर ब बोध बड़ा है।
5
इसलिये अपने पर मान करेँ। गर्ब करेँ। बिश्वास करेँ। जीत आपकी है।

बुधवार, 23 दिसंबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 Motivation-

Attitude Determines Altitude

प्रेरणा स्त्रोत

सोच ,
लक्ष्य 
और 
 सफलता 


1
लक्ष्य प्रारप्ति में सफलता
और सोच 
का  रोल बहुत ही महत्व पूर्ण है।

सकारत्मक सही दिशा की सोच सफलता देती है।

 नकारत्मक सोच दुःखों और मानसिक बीमारियों की जड़ है।

सकारत्मक सुखों का संसार।


2
यथार्थ जैसा है सभी के लिए  बैसा ही है। कुछ इसी यथार्थ का सद्पयोग करके सफल और सुखी बन जाते हैं। और दूसरे संघर्ष शील जीवन जीते रहते हैं।

अपने आप का विश्लेष्ण कर सोच बदली जा सकती है।

3

 रबैया बदलने से सफलता उसी यथार्थ से मिल जाती है।

4
कैसे?

एक धर्म स्थल के निर्माण में 3 मजदूर लगे हैं।

तीनों को एक ही पगार/मजदूरी मिलती है।

5
एक यूनिवर्सिटी के सोशल रिसर्चर ने 

5.1
पहले मजदूर से पूछा: 
काम कैसा लगता है?

मजदूर ने उत्तर दिया:

 मेडम जी मजबूरी है।
 काम नही करूँगा तो बचों को खाना कहाँ से ख़िलायउँगा?

रिसर्चर ने अपनी नोट बुक में लिख लिया।

5.2 
दूसरे मजदूर से पूछा:
काम कैसा लगता है?

मजदूर ने उत्तर दिया।

बहुत अच्छा।

 कम से कम मेरे पास काम है।
बहुत से लोग तो बिना काम के हैं।

मैं पूरा दिन परिश्रम करता हूँ।
स्वभिमान बढ़ता है कि मैं भिखारी नहीँ हूँ।

इस उत्तर को भी रिसर्चर ने नोट बुक में लिख लिया।

जो आप बोलते हैं, ब्रह्ण्ड बहि देता है।
 अंतर्मन सुनता होता है। 

इसलिए सकारत्मक उर्जाशील ही बोलें।

दुख,  कमियां ,मजबूरियां गिनयोगे तो यथार्थ में यही मिलेंगे।

5.3
अब रिसर्चर तीसरे मजदूर के पास पहुंची।

यह मिस्री (mason) था। 


बह हर इंट को अपने गमछे से साफ करता, 
आँखें बंद कर कुछ बुदबुदाता और ईट
को मंदिर निर्माण में लगा देता।

रिसर्चर यह सब देख रही थी और फिर बहि प्रश्न पूछा जो पहले दो मजदूरों को पूछ चुकी थी।

आपको काम कैसा लगता है?

मैडम जी यह काम नहीं मेरी पूजा है, मेरी श्रद्धा है।

मेरा सौभाग्य   है कि मूझे धर्म स्थल बनाने के लिए धर्म स्थल बनाने बाले ने चुना।

रिसर्चर सुन कर धंग रह गई।
 यह उत्तर भी उसने अपनी नोट बुक में लिख लिया ।

सारे उत्तर रिसर्चर ने यूनिवर्सिटी को दे दिए और यूनिवर्सिटी ने अपने* डेटा बैंक* में डेट डाल कर रिकॉर्ड कर लिए।

6
अब 11** बर्ष बाद यूनिवर्सिटी ने अपने रिसर्चर को यही डाटा दे कर उन तीनों मजदूरों से मिलने भेजा ताकि बह जान सके कि सोच का जीवन में क्या अंतर(effect इफ़ेक्ट) पड़ता() है।

7
रिसर्चर पहले मजदूर के घर पहुंची।

 मजदूर बीमार था।
 काठ पर लेटा था।
 खांस रहा था।।

पत्नी ने बताया 
" महीने में 20 दिन ही काम पर जा पाते हैं।

उम्र बढ़ने के कारण काम भी कम मिलता है क्योंकि जवान लोगों को काम मिलता है। 

जो कमाते हैं वह बीमारी पर लग जाता है।

खाने के हमेशा लाले पढ़े रहते हैं।"

रिसर्चर ने सब कुछ नोट कर लिया।

8
अब रिसर्चर दूसरे मजदूर के घर पहुँची।
 बह अपने घर नहीँ था 

घर बालों ने बताया आफिस में है।
रिसर्चर आफिस पहुंची।

रिसेप्शनिस्ट ने कहा: 
इंतजार करेँ।

रिसर्चर सांमने लगे सोफे पर बैठ गईं।

कुछ समय के बाद रिसेप्शनिस्ट ने रिसर्चर को अंदर जाने के लिए इशारा किया।

अन्दर का नजारा देख रिसर्चर खुश भी हुई 
और हैरान भी।

9
बहुत ही भव्य आफिस।

बड़ा टेबल। 
शाही कुर्सी।
और उस पर टाई कोट लगाए 
एक जेंटलमैन बैठा 
कुछ वर्कर को गाइड 
कर रहा था।

10
उस जेंटलमैन ने सभी बर्कर को गाइड करके भेज दिया और रिसर्चर को फ्रंट सीट पर आ कर बैठने को कहा।

रिसर्चर को परिचय देने को कहा।
परिचय जानने के बाद रिसर्चर का स्वागत किया।

11
रिसर्चर ने 11 बर्ष की जीवन यात्रा के बारे में पूछा।

"जब मैं 11 बर्ष पहले आप से मिली थी तब तो  आप के सिर पर ईंटे रखी थी। 
और आप पूजा स्थल पर भवन निर्माण  को ले जा रहे थे।

इतना बदलाब कैसे?"

यह दूसरा साबका मजदूर हँसा और बोला:
"
*बह और मैं *            जब काम करते हैं तो सफ़लता मिलती ही मिलती है।"

"बह कौन?"
 रिसर्चर ने पूछा।

"जिसने मुझे बनाया है और जिसमें मेरी पूरी आस्था है।
सुबह उसको याद कर परिश्रम- 

शारीरिक ब मानसिक -
 करना शुरू कर देता हूँ। 

*बह *हमेशा मेरे साथ रहता है।
और मैं सफलता की सीढ़ियां चड़ता जाता हूँ। 
सभी मुझे सफलता का श्रेय देते हैं। 

परन्तु मैं अपनी सफलता का श्रेय 
"उसको" 
मानता हूँ।

उसको न मानने से मेरे में नम्रता कम होती जाती है अहँकार और मन के बंधन बड़ते जाते हैं।

 "बह" की भावना  मुझे - sense of possession and frugal pride- से बचाती है।

* मैं,
 मेरा,,
 तेरा 
की बजाए
 हम, हमारा" 

की भावना को बढ़ावा मिलता है।

हां तो 11 बर्ष की जीवन यात्रा।

A 
जब आप मिली थी मैं मजदूरी करता था। 
10बी पढ़ा था। 

मजदूरी से कुछ पैसे इकठ्ठे किये और ईवनिंग कालिज जॉइन कर लिया। 

सारा दिन काम और शाम को कालिज में पढ़ना।
पहले मजदूर होने की शर्म आती थी।

परन्तु सभी बातें करते हैं।

 फीस कोई नहीँ देता।
इसलिए मैंने अपने काम यानी मजदूरी से प्यार करना शुरू किया।

पैसे मिलते थे। 
मैं BA कर गया।
फिर MA कर लिया।

गरीबी पढाई में रूकावट थी।

झूठी शान- 
मेरी ईज़्ज़त, 
मेरी बेइज्जत, 
लोग क्या कहेंगे की भावनायों पर काबू बड़ी कठिनाई से किया। 

और सफलता आसान हो गई । 

मैं अपने पर और अपने काम पर फोकस करता हूँ।

 दूसरे क्या सोचते हैं, 
कैसे सोचते हैं 
मैं सोचता ही नहीँ हूँ।

मैंने देखा पहले मैं लोगों को बताता हूँ फिर लोग बेबजह उसमें नुकताचीनी करते हैं और मैं हताश और दुखी हो जाता हूँ

अब मैं बोलता नहीँ, 
बताता नहीँ, 
केवल करता हूँ। 

और सफल हो रहा हूँ। 
केवल करने और चुप रहने से बहुत तरक्की होती है।


B

क्योंकि मुझे मजदूरी करते भवन निर्माण का अनुभव था एक ^रियल एस्टेट^  कंपनी में नौकरीमिल गई। 

पढाई और नौकरी दोनों साथ साथ।

C

कुछ बर्षों बाद मैंने अपना काम शुरू कर लिया और ^रियल एस्टेट मैनेजमेंट^  में कॉरेस्पोंडेंस कोर्स(पत्राचार) के द्वारा डिप्लोमा किया।

अब अपना काम अपना आफिस है।

तब तक चाय आ चुकी थी। 

रिसर्चर ने चाय पी और धन्यबाद किया।

यह सब रिसर्चर ने अपनी नोट बुक पर लिख लिया।

खुश थी रिसर्चर कि एक मजदूरी करने बाले ने अपनी सोच के *बल* पर कितना बड़ा एम्पायर खड़ा कर लिया है।

 11 साल पहले ही सोच सकारत्मक थी।।
यह उसी का नतीजा है।

11
अब रिसर्चर ने इस दूसरे मजदूर से पूछ कर तीसरे बर्कर के घर का रुख किया।

उसके घर पहुंची तो देखा बहुत सुंदर घर है। 

बेटी बाहर निकली और बड़े सलीके से रिसर्चर को घर के मेहमान- घर मे बिठाया। 

बड़े अदब से ट्रे में रख कर शुद्ध जल परोसा।

बेटी ने बड़े अदब से अपनी मम्मी को बुलाया।
जब मम्मी आई, 
उसने बताया: 

साहिब तो अपनी इंस्टीट्यूट में बच्चों को पढ़ाने गए हैं।

बेटी तब तक चाय लेकर आ चुकी थी। 
उसकी मम्मी औऱ रिसर्चर ने चाय की चुस्कियां ली।

रिसर्चर ने धन्यवाद किया और इंस्टिट्यूट में तीसरे वर्कर से मिलने चल पड़ी।

12
जब इंस्टिट्यूट पर पहुंची तो गेट पर अपनी पहचान दी।
 पहचान रजिस्टर में आने का समय नोट किया।

देख कर धंग रह गई
 यह एक बहुत बड़ी इमारत थी ।

खुले खुले
 खेल के मैदान । 
यह कालिज नुमा थी।

रिसर्चर ने सोचा कि 11 बर्ष पहले बाला बर्कर जहाँ नौकरी कर रहा होगा।

13
पूछते, पूछते यह एक भव्य आफिस के बाहर थी। जिसके बाहर एक पियोन बैठा था।

रिसर्चर ने अपना विजिटिंग कार्ड पियोन को दिया। पियोन ने यह कार्ड अपने साहिब को दिया।

साहिब ने तुरंत रिसर्चर को आफिस में बुला लिया।
आफिस देख रिसर्चर अचंबित थी।

14
कुर्सी पर बैठे आदमी ने रिसर्चर से पूछा: 
क्या पियेंगी।

रिसर्चर बोली:
 नींबू पानी।

तभी कुर्सी पर बैठे ऑफिसर ने पियोन को दो गिलास नींबू पानी लाने को कहा।

पियोन ले आया।

दोनो नींबू पानी सिप कर रहे थे और जीवन यात्रा पर अपने अनुभव शेयर कर रहे थे।

15

"जरा 11 बर्ष की जीवन यात्रा पर रोशनी डालें"
रिसर्चर ने कहा।

"जरूर जी"

जब आप पहले मिली थी। 
तब मैंने इंजीनियरिंग (B.E/B.Tech) की डिग्री की हुई थी।

पर *सरकारी नौकरी* मिल नहीँ रही थी। मैंने सोचा सरकारी नौकरी का इं त जार करने की बजाए क्यों न अपना काम करूँ।

आज आफिस है और मैं आत्मनिर्भर हूँ। 
नौकरी लेने के सुपने की बजाए नौकरी देता हूँ।

कमाई करता हूँ।
 नेशन पर बोझ नहीँ। 
कमाई करके टैक्स देता हूँ।

 हमारे एक प्रोफेसर कहा करते थे: 
।
परिवार औऱ देश पर बोझ न बनना।

स्वरोजगार करो। 
दुसरों को रोजगार दो।

काम काम होता है।
।काम को प्यार करोगे जीवन हमेशा सुखी रहेगा।

 आज छोटा करोगे। 
अनुभव होगा। 

उस अनुभव से आगे बड़ जायोगे। 
नहीँ तो डिग्रियां गिनते ही दुःखी रहोगे।

डिग्रियां केवल जहाँ जरूरत है बहां बतायो और दिखायो।

 डिग्रियां का बखान करके बेबजह अहंकार को या दूसरों को रौब दिखाने के लिए प्रयोग न करो।

इनसे प्राप्त ज्ञान अपने काम मे लगायो, 
दूसरे केवल बातें करने बाले, लिफाफे बाजों से बहुत आगे निकल जायोगे

काम कोई छोटा
 या बड़ा नहीँ होता। 

हमेशा छत पर जाने बाली सीढ़ियों के बारे में सोचो।

पहली , दुसरीं ..........
सीड़ी से चढ़ कर ही छत पर पहुंचा जा सकता है।
 एक दम छलांग लगा कर नहीँ।

केवल यही बड़ी  सोच
 आज मुझे जहाँ पर "चेयरमैन " की कुर्सी पर बैठाए है।

मैंने पार्ट टाइम M Tech किया PGDBM किया आज चेयरमैन हूँ  ।

अपने आप पर फ़ोकस करो।

Listen to everyone but never deviate to do what you are doing.

Nobody knows everything;
But everybody knows something.

Listen well to gain from that something.
Never compare with others. Neither copy.

Be original.

रिसर्चर देख रही थी कि 11 साल पहला मेसन जो आज  *चेयर मैन * है जब यह बता रहा था
।
 तो उसकी आँखों में 
खुशी,
 संतुष्टि और बिजेता
 होने की चमक झलक रही थी।

16

इन 11 सालों में की स्टडी का विश्लेषण रिसर्चर ने यूँ किया।
16.1

 जो परिश्रम और जीवन को नकारत्मक नजीरिये से देखते हैं वह असफलता और दुःखी जीवन को आमंत्रित करते हैं। (उदाहरण पहला मजदूर)

16.2
जो परिश्रम और जीवन को सकारत्मक व उज्जवल नजीरिये से देखते हैं बह मन चाहा जीवन जीते हैं।
(उदाहरण दूसरा मजदूर)

16.3
जो परिश्रम लग्न और मगन कर नम्रता से करते हैं, जीवन में उन्नति ही उन्नति करते हैं। 
(उदाहरण तीसरे मजदूर की सोच, लग्न और दिखाबे रहित मेहनत)
*
Work in silence
Let the results speak aloud.
@
Your World will know and appreciate it.

#
Surround yourself with positive, vibrant winning thinkers and achieve victories.

$
Never boast of victories. But do celebrate victories.

%
Verbal etiquettes bring laurels in life.

सोच संसार बनाती है,
 इसे बड़ा बनाएंगे
तो बड़ा पाएंगे।

बड़ा बनाने के लिए उच्च जीवन का साहित्य पढें।

Attitude determines altitude.

तुम्हारी सोच तुम्हारे जीवन की ऊँचाई बताती है।

Setbacks when emcourage to re-attempt and succeed, legends are born.

कोशिश करने पर ठोकरें और झटके तो सम्भब हैं, अवश्यम्भावी है। जो इन कठिनाईयों और झटकों को ठेंगा दिखा गया बह जीवन में सफलता और सुख पा गया।

Strong minded, strong willed never QUIT.


जो सोचो गे, बहि पयोगे।

अपने आप से बड़ी बाते करेँ।
 अपने गुणों पर फोकस करे।

सोने से पहले आईने में देखें।
 सोचें आज क्या सीखा।

थैंक यू गॉड,
थैंक यू गॉड
थैंक यू गॉड

दिन भर क्या अच्छा किया क्या गलत किया सोचें।
कह कर आगे गलत न करें की शपथ लें।
जिसने आपके साथ गलत किया है उसे माफ कर दें। आपकी स्वयं की जीवन ऊर्जा बड़ जाएगी।

नींद अच्छी आएगी। सुबह तरोताजा होंगे।

धन्यबाद।

Never Never Give Up

प्रयत्न बिलम्ब कर दें परन्तु क़भी न छोड़ें।























 







रविवार, 20 दिसंबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 Sharpen and hammer 

Your

Untrained &

Unorganized stranded thoughts &

Memory skills

To focus more thoughtfully 

On your goal/aim/target.


दो पत्थरों की कहानी, 

पत्थरों की जुबानी

1

चिलचिलाती धूप थी।

2

पूजा स्थल के बाहर 

श्रद्धालुयों का तांता लगा हुआ था।

3

बहुत से श्रद्धालु पंक्ति में खड़े थे और उनके पैरों के तले पत्थर थे।

4

जवान पत्थर ने बजुर्ग पत्थर से पूछा: 

महानुभाव एक तो चिलचिलाती धूप और दूसरे यह भारी भरकम श्रद्धालु हम पर पैर रखे खड़े हैँ।

5

है तो अंदर भी पत्थर जिसके यह दर्शन के अभिलाषी हैं।

हम में और उस पत्थर में क्या अंतर है? 

कृपया बताएँ।

6

बजुर्ग पत्थर ने लंबी गहरी सांस ली और बताने लगा:

सुनो बेटे :

आज से करीब 20 साल की बात है मैं और बह अंदर रखा पत्थर दोस्त थे।


हंसते थे, 

गाते थे, 

मस्ती करते थे।


दिन हंसी खुशी  गुजर रहे थे।

 कभी सोचा भी न था कि कभी बुढ़ापा भी आयेगा और यह दिन देखने पड़ेंगे कि मैं यहाँ चिलचिलाती  धूप में और बह अंदर शहनशाही भव्य पूजा स्थल में।

7

हताश युबा पत्थर ने पुछा: 

परन्तु हुया क्या? 

कृपया बताएंगे।

8

एक दिन एक शिल्पकार आया औऱ उसने मुझे उठाया और अपनी प्रयोगशाला में ले गया और हथौड़े और छैनी से छीलने लगा।

9

शिल्पकार जैसे ही छैनी से छीलता मैं चिल्लाने लगता।।मेरी आँखों में आँसू आ गए। मैं बार बार चिल्लाता:

 यह सहना  मेरे बस से बाहर है।

मेरी चीखों को सुन कर शिल्पकार क्रोदित हो गया और उसे मुझ पर तरस आ गया।

10

बह शिल्पकार मुझे अपनी प्रयोगशाला से उठा कर जहाँ छोड़ गया और दूसरे पत्थर जिसके दर्शन के लिए यह सब खड़े हैं को उठा ले गया।

11

जब शिल्पकार ने हथौड़ा और छैनी चलाई तो यह सहन करता गया और अंत में बह मूर्ति बन गया ।

और मूर्तिकार ने बह मूर्ती इस पूजा स्थल पर रख दी।

12

आज करीब 20 साल से मैं बाहर चिलचिलाती धूप में हूँ और बह मेरा दोस्त अंदर श्रद्धालुओं की श्रद्धा का पात्र है।

क्योंकि उसने हथौड़े और छेन्नी की मार को सहन किया।

बच्चो  

1 बिद्यार्थी पत्थर समान है।

2 मुर्तिकार या शिल्पकार आपका ट्रेनर/टीचर है। 

कठिन परिश्रम है।

3 पढ़ना या कोई हुनर सीखने के लिए कठिन परिश्रम की आवश्यकता है।

4 प्रयोगशाला=स्कूल/कालिज/ट्रैनिंग सेन्टर/उस्ताद

 यानी हथौड़े और छैनी की मार है।

4

जो हथौड़ी औऱ छैनी की मार खुशी खुशी सहन कर लेता है, बह मूर्ति बनकर पूजा के काबिल बन जाता है।

नहीँ तो चिलचिलाती धूप में चिल्लाता रहता है।

चॉइस आपकी अपनी है।

 कौन सा अपनाना है।


Be mentally, emotionally and in tellectually strong to ACHIEVE what appears Impossible.


Impossible= I am possible

(if you disect me. Dare.)







बुधवार, 2 दिसंबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 GOOD MORNING


1 आप का पेपर परसों 5 December को है।
2 पूरी हार्ड तैयारी हो गई है।
3 अब केवल स्कैन कर लेना।

4 अपना एक मॉक टेस्ट करो जो बिल्कुल बैसा हो जैसा पेपर होगा। प्रश्न उतने हो जितने पेपर में होंगे। समय काउंट करो। उतना लगे जितना पेपर में हो।

5 अब इस कि चेकिंग कर लें।  50 से अधिक मार्क्स हैं तो बहुत ही अच्छा है।

6 इस stage पर नया पढ़ना उसी तरह जैसे Throwing the spanner in to the wheel..

7
जितना हो सके किताब बंद रख। घूम फिर के जो आज तक पढ़ा है उसे डीप breathing करके याद करो। उसे लिखो । आज केवल औऱ केवल revision करो।।यानी दोहराओ।

8
घबराओ न। आपने बहुत अच्छी तैयारी की है।

9
खूब नींद लेना। देर रात तक न पढ़ना। आज और कल जल्दी सोने से आपकी पेपर की performance दोगुना हो जाएगी।

10 
हर प्रश्न कम से कम 2 से 4 बार पढ़ना। समझने से उत्तर सही टिक होगा।

11
ID में जो instruction लिखीं है उनको पढ़ कर पूर्ति करके आज ही तैयारी कर लो।

12 पेपर क़े सेन्टर पर  1 घण्टा पहले पहुंचना। टहलना, घूमना और जब हॉल में एंट्री हो, रिलैक्स मूड में जाना, सीट पर बैठ एक ही मन कहना All is well.
मेरी तैयारी best है।

13
माता पिता,  इष्ट, बड़ों का आशिर्वाद ले कर जायें।
14
खाना आज से हल्का फुल्का लेँ। पेपर के दिन तो बिल्कुल हल्का नाश्ता लेँ। क्योंकि जब पेट खाना पचाने में लग जाता है, दिमाग की सोचने की प्रक्रिया आहिस्ता हो जाती है। पानी अधिक पीयें।

पेपर के बाद जो मर्जी खायें।
15

जब भी घबराहट हो या कुछ याद न आये तो 1 मिन्ट यानी  आठ दस लंबे गहरे सांस लें। सब याद आ जायेगा। जल्दबाजी न करें। बहुत समय है पेपर का।

Wish you the best.

शनिवार, 14 नवंबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 Planning & Strategy

प्लांनिंग & स्ट्रेटेजी

योजना और रणनीति

(उत्साह बर्धक मार्गदर्शन )

Motivation

आशा है दीपावली की रौशनी से आप भी नई उमंग से दिन की शुरू आत कर रहे होंगे।

1 

मंज़िल पाना परिश्रम का 

ध्येय होता है।

2

केवल परिश्रम करने से मन्ज़िल नहीँ मिलती।

3

सही परिश्रम करने से सफलता मिलता।


अब

- पढाई 30 मिन्ट।

 क्योंकि 30 मिन्ट के बाद मेमोरी पढ़ा लिखा रिसीव करना कम कर देती है।

- इसलिए 30 मिन्ट पढ़ने के बाद जहाँ बैठे हो बहां से उठो आंखों पर पानी छिड़के और टहलें। ब्रेन फ्रेश हो जोयेगा। अधिक स्पीड से पढ़ाई करेगा।

- आंखे बंद करके सोचें क्या पढ़ा है।

 Revision हो जाएगी।

- अब लिखें क्या सीखा है लिखें। 

यह स्टेप बहुत जरूरी है।

यदि यह स्टेप नहीँ करोगे तो पहले 2 स्टेप्स का बहुत लाभ नहीँ होगा।

- पढ़ना भी जरूरी है।

 और सेहत भी जरूरी है।

 * इस लिए खाने पीने का अनुशासन , 

* बार बार पानी पीना और एक्सरसाइज , सैर जरुर करेँ।

* मन को डीप बरीथिंग करके तरोताजा रखें।

*गहरे सांस प्राण शक्ति है। 

बार बार लें।

 मानसिक ऊर्जा बढ़ेगी। 


उदाहरण:

विद्यार्थी और किसान

@ किसान फसल बीजने के लिये क्या करता है?

# प्लान करता है कि बिजाई कब, कैसे की जाये। यह किसी काम के लिए बहुत जरूरी है।

#

 4 बजे उठ कर अपना खेत जोतने जाता है। जो किसान नहीँ जाता है, आलस कर जाता है उसकी फसल दुसरों से कम निकलती है।


अच्छे बिद्यार्थी 4 बजे उठ कर पढाई करता है।

## 

किसान जब फसल उगने लगती है तो देख देख खुश होता है। इसी तरह बिद्यार्थी भी जैसे जैसे सिलेबस पूरा होता है।खुशी होती है, कॉन्फिडेंस लेवल बढ़ता है। 

लिखते जाए नहीँ तो कंफ्यूजन हो जाता है कि कौन सा चैप्टर पढ़ा है और कौन सा नहीँ।

कई बार एक ही चैप्टर बार बार पढ़ा जाता है और दूसरे इम्पोर्टेन्ट चैप्टर पढ़े ही नहीँ जाते। 

इस तरह से पूरा सिलेबस नहीँ पढ़ा जाता। 

इस का ध्यान रखेँ।

@ किसान की फसल जब तैयार हो जाती है और काट ली जाती है तो किसान यदि ध्यान न दे और फसल को काट कर बहिं खेत में छोड़ दे और रात को बर्षा आ जाये तो 6 महीने की मेहनत बर्बाद हो जाती है।


इसी तरह यदि बिद्यार्थी खूब तैयारी करे परन्तु खान पान और सेहत का ध्यान न रखे और पेपर से पहले बीमार हो जाये तो सारी की हुई मेहनत बेकार चली जाती।


इस लिए पढाई के साथ साथ सेहत का भी ध्यान रखें। दोनो को बैलेंस करेँ। 

पढाई भी जरुरी है।

सेहत भी जरूरी है।

कम से कम 6 घन्टे नींद जरूर लें

पेपर से पहले कुछ हैवी न खाएं । केवल लिक्विड ले जैसे juice, लेमन जूस, हल्का नाश्ता, दलिया आदि। इससे पेपर अच्छा होता है।

पेपर सेन्टर 1 दिन पहले देख कर आएं।।


पेपर बाले दिन 1 घण्टा पहले सेन्टर मे पहुंचे। सीट पर बैठ गहरे सांस ले । मार्क्स अधिक आएंगे।





 


 




 



सोमवार, 26 अक्टूबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 Know your power

अपने आप से 10 बार कहें"मैं शक्तिशाली इंसान हूँ।

1. I am a powerful being..

2 I am very intelligent being.

मैं बहुत बुद्धिमान इंसान हूँ। 

3.My memory is very sharp.

 मेरी मेमोरी।(याददाश्त) बहुत अच्छी है।

इन 3 बाक्यों को जब आँखे बंद कर 10 बार बोलेंगे मन ही मन तो आपके पढ़ने की शक्ति 5-6 गुणा बड़ जाएगी।

और यदि यही क्रिया 21 दिन कर ली तो आत्मबल इतना बड़ जाएगा कि जो पहले पढ़ने पर कई कई दिनों में समझ आता था बह घण्टो में समझ आना शुरू हो जायेगा। पढ़ना जरूरी है।।किताब लेँ, पढें, समझे और लिखें। डेट डाल कर। लिखना जरूरी है।


अब शक्तिशाली कैसे हैं?

आप ने ग्रेजुएशन तक 15 साल पढ़ा अर्थात ज्ञान प्राप्त किया।

15 साल x 300 दिन x 24 घन्टे = 108000 एक लाख 8 हज़ार घण्टे का ज्ञान आपके पास है। केवल अपने पर विश्वास करके उसे जब जरूरत पड़े, जहाँ जरूरत पड़े, उसका प्रयोग करना है।

यह बैसे ही है जैसे घर मे बहुत सामान पड़ा है परंतु हम ढूंढने की बजाय बाजार में नया खरीदने भागते हैं।

Preparing for an exam with Self awareness and self confindence gives grand success.

किसी भी पेपर की तैयारी आत्म ज्ञान और आत्म विश्वास से की जाए तो सफलता निश्चित है


अपने को दूसरों के अंदाज़ों और मूल्यांकन से हीन न बनने दें।  दुसरों को आपके बारे में क्या पता। अपने दोस्त बनो। फिर देखो क्या अचम्बा कर पाते हैं आप।


जब भी अपने आप से बात करें तो बहुत प्यार से, सलीके से, ईज़्ज़त से करेँ। अपनी इज़्ज़त आप खुद नहीँ करोगे तो और कौन करेगा।

अपनी इज़्ज़त करोगे तो दूसरे आपकी इज़्ज़त करेंगे।

Be nice to your self.


You are unique. You are diamond. Shine in this world. Love yourself, value yourself. 

Success will become easy.

जहां हो, जैसे हो बहां से आगे बढ़ो।

Track your thoughts.

अपने विचारों पर ध्यान दो कहीं यह आपके बिरुद्ध तो नहीँ हैं।

अपने विचारों को अपने लक्ष्य से align करके रखेँ। सुनो सभी की, लिखो, पढ़ो और जानो कि रायचंद और राय बहादुरों की राय आप के काम की है या आप को discourage अर्थात निरुत्साहित कर रही है। निरुत्साहित करने बाली सलाहें कैरियर बर्बाद कर देती हैं

मेरा एक स्टूडेंट महीने में एक  बार सलाह लेने के लिए 400 किलोमीटर जाता  है क्योंकि उसे पता है कि उसका सलाहकार ज्ञानबान है। उसका हर शब्द बहु मूल्य है। फीस  भी देता है। 

फ्री की सलाह कई बार बड़ा नुकसान कर देती है। ध्यान रखें।

Let ideas come from all sides.

 

सुप्रभातम।







गुरुवार, 22 अक्टूबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 Motivation

If you wish to have comfortable life....

Then

Reduce your luggage of expectations.


हिन्दी में

स्व सुधार

1 

यदि जीवन सुखमय रखना चाहते हो 

तो 

2

दूसरों से आपेक्ष्यों की गठड़ी जीवन में हल्की रखेँ।


शनिवार, 10 अक्टूबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 स्व सुधार प्रेरक सत्य घटना

रबैया (Attitude)

अकल औऱ आदतें सिखाई नहीँ जा सकती, स्वयं सीखनी पड़ती हैं।

Part 1

यह घटना बहुत ही कठिन (जो हमेँ उस समय लगती थी, अब नहीँ) English भाषा में छप्पी थी। मैं आपकी सहूलियत के लिए हिंदी में लिख रहा हूँ ताकि इससे सीख ली जाए।

जब हम 1978-79 में BA में पढ़ने के बाद Company Secretaryship जॉइन किया तो हमें एक मैगज़ीन आती थी "Student Company Secretaryship" 

भारत में तीन ही सबसे बड़ी वित्त की instituteस है जो देश को चलाने के लिए सहायक है:

1 Institute of Chartered Accountants of India

(ICAI)

2 Institute of Company Secretaries of India (ICSI)

3 Institute of Costs &Works Accounts of India (ICWA)

अब शायद इसका नाम बदल कर Institute of Cost Accountants हो गया है।

यह तीनोँ institutes भारतीय वितीय ढाँचे के लिए जिमेबार हैं।

हाँ तो अब प्रेरक घटना।

Student Company Secretaryship मैगज़ीन में एक बढ़ा दिलचस्प केस आया।

1 

एक गांब में 2 बच्चे हम उनका नाम Mr A और Mr B रख लेते हैँ पैदा हुए। बढ़े हुये।

2

दोनों बच्चे स्कूल में दाखिल करबाए गए। दोनो हस्ते, खेलते शरारते करते और गांब के बढ़े बजुर्गों के आशीर्वाद लेते। क्योंकि बचपन ही बेफिक्र जीवन है, बाकी तो जदोजहद और यादें है।

3  11 तक गांब के स्कूल से पास की। उस समय 11 के बाद BA होती थी। +2 बाद में आई है। अब तो 5+3+3+4 system आ गया है। NEP 2020 में।

4 अब बारी कॉलेज की आई।

बढ़े बजुर्गो के बीच बहुत दिनों तक सलाह मशवरे चले, पड़ोस के गांब के पढ़े लिखों से भी मशबरा किया गया। 

तब फाइनल हुया की इन बचों को शहर में पढ़ाई के लिए भेजा जाय।

5 BA part 1 में admission हो गई। क्योंकि बच्चों के 11th में नंबर ही बढ़े अच्छे थे।

6

सुबह तैयार हो  कालिज जाना एक बड़ा चैलेंज होता था पूरे परिवार के लिए। जब तक बच्चे कालिज नहीँ जाते घर के सभी सदस्य उन्हें कालिज के लिए तैयार करने में ब्यस्त रहते।

जब बच्चे कालिज चले जाते, तो घर के बड़े ब्रेकफास्ट करते।

7

दूसरा चैलेंज गांब से शहर में कालिज जाना होता था।

√ पहले तो किसी साईकल बाले से लिफ्ट लेकर शहर पहुंचना।

A को लिफ्ट मिल जाती तो बह B को हाथ हिला कर चिड़ा देता।

B मायूस हो जाता। परन्तु जब B के cycle बाला A के साईकल बाले से आगे निकल जाता तो B, A को चिढ़ा देता।

√ कालिज  खत्म होने के बाद गांब बापिस आना तो और भी मनोरंजक हो जाता ।

√ पैदल आना। रास्ते में खेतों और बागों से खूब फल सब्जियां, गन्ने निकाल कर खाना। 

√ सभी गाँवों के किसानों को पता था कि यह बच्चे कालिज में पढ़ते हैं । खूब खातिर होती।

सभी मिल कर खुश होते। जिस गांब से निकलते उस गांब क़े बच्चे बजुर्ग खड़े हो कर देखते कि कालिज पढ़ने बाले बच्चे कैसे होते हैं । 1962 में तो हमारे शहर में भी ब 1 या 2 कालिज थे । जो कालिज जाता था, उसके लिए लोग बस में उठ कर सीट दे देते थे।

8. इसी तरह A और B BA पास कर गए।

बाकी Part II में पढें। कल पोस्ट करूँगा।



गुरुवार, 1 अक्टूबर 2020

Bank Exam Guidance

  Motivation

धन बह इकठ्ठा करो, जो तुम्हारी रक्षा करे;

न की बह जिसकी रक्षा तुम्हे करनी पड़े।


शिक्षा ही बह धन।है। जो दुनिया के हर देश में रक्षा करता है। कोई इसे चुरा नहीँ सकता, छीन नहीँ सकता, लूट नहीँ सकता।



मंगलवार, 16 दिसंबर 2014

RIGHT LIFE DIRECTION


Life direction

 

(to 4 kids of slum dwellers).

 

I remember the day about 2 years back on which 3 little boys of the age of 6-7 years came to my home and knocked the door asking for alms.

 

I made them sit inside my office housed in my house.

 

They were very happy to sit on chairs.

 

 

Then I started lecturing them.

 

“Begging is a bad thing in this world. You are young children, gift of God. Why don’t you do something and go to schools?”

 

“Our parents are poor labor and they do not send us to school. Rather they ask us to beg and bring money. Father drinks a lot and mother quarrels a lot.” The youngest one told.

 

“Go and tell your parents we want to attend school.”

 

“Uncle on the name of school, papa starts beating, mother starts weeping.” Another one replied.

 

“Ok then don’t beg but do business.”

 

“Business!” All were looking towards one another in awe struck surprise.

 

“Yes, business.”

 

“But how can we do that. We don’t have money?” One of them said.

 

“Ok I will give you money.”

 

Next day I found the small kids sitting outside my door.

I came out and asked them to come inside. They did as directed.

 

They told me :

You were telling about business.

 Yes! Business.

 

I made 2 of them sit on my scooter and one stood in the front.
We went to the market, bought sugar canes from the market.
20 for Rs. 100/- . The vendor gave them 22 .
I told them : Now sit and sell for Rs. 10 each.
They sat whole of the day. They were smiling and laughing.
It was a new experience of useful life.

 And  by the evening all pcs of sugar canes were sold.

All the kids were very happy. Directly, the came to my home and reported like disciplined soldiers that they have sold all the sugarcanes. They were dancing and smiling. 

They had Rs. 220/- in total.
They earned profit of Rs. 120/-
Returned my Rs. 100/- and kept another Rs. 100/- with me for future business.
Rs. 20/ - they took for their own spending and enjoying.

 

They were very happy because today they had experienced new life of self-pride.
No abuses. No slaps from the people they begged from.

 

Whenever they met me  during these 2 years,  I encouraged them to go to school.

 

After 2 years:

 
They met me today at about 6.30 pm.

They met me and asked for note books and pencils.
I hugged them tightly and kissed them on the head saying :
"I am very happy you have joined school."

 

They told me further:
They were offered drugs by someone but they refused. "Very good", was my reply.
Now they go to temple too daily.

 

My eyes went up          to thank God.
I felt that small souls are now on the right track of life.
They will become responsible citizens.
Now no power on Earth can make them bad or criminals.
Their right consciousness is their guard. They need none to guide them now.
They now know what is "wrong" and what is "right" for them.

Drugs are the worst. Going to temple and living in the company of the good people itself is step towards "righteousness" and "spirituality".

The light of the consciousness has lighted in their minds.

 

They bought note books, pencils and erasers.

It all cost Rs. 170/- for 4 sets for 4 tiny tots.

 

They further told me that they are now asking all other children in their “Behra” ( the small houses or place where migratory poor labor lives) to go to school. School is a good place for children.

 

I was feeling happy:

I have got 4 messengers for spreading the message of goodness and education among tiny tots.

They have a long life to spread this message. Thank God – the merciful protector of ALL.

 

 

सोमवार, 4 जून 2012

Good Work


Sir Gd. Evening. 

Though we have never met but you have transformed my life.

 Showed me the direction lead to successful life.

 I am thankful to God for you as true blessings in life. 

बुधवार, 21 मार्च 2012

SUCCESS


LAW OF SUCCESS
          BY Vasudha Gupta
Saurabh Garg, 25, a young lawyer practicing in the Supreme Court, was invited to the Bar of England and Wales in October 2011.

Saurabh was invited to the society of the Inner Temple, which has notable alumni, including MK Gandhi and Jawahar Lal Nehru, to its credit.

This young lad, who has his own law firm, has studied Intellectual Property Law in the London School of Economics. In his endeavour to understand the legal system, Saurabh coordinated the ULIS Law and Technology Seminar as chief
 coordinator and represented the university at Criminal Law Forum, Bhopal.

Motivational factor.

I have always aimed to do something for my nation. I wanted to come back to India to open an organization that works on issues like illiteracy, poverty and population. I want to improve myself everyday. For me, learning something new everyday is the key.

Feathers in the cap

I received the Best Student Advocate award an International Moot Court competition in 2008. I have written several research papers that have been published in prestigious journals. I was the only India to study at the Bar in England and secure an internship with the International Bar Association, London.

In my pursuit to specialize in mediation, I underwent training to be an accredited mediator.

Strengths and weaknesses

I am focused, optimistic and a confident person.  I think my weakness is that I get aggressive and impatient when it is comes to getting work done.

Flipside of being an achiever

It can lead to have fewer friends. If a person during an interaction with his friends tries not to make the other person insecure, then he can keep the friendship going. The problem only comes when the other person feels that he is being looked down upon.

People tend to be become envious, judgmental and start expecting a lot from you.

Words of Wisdom

My sincere advice is to follow you heart in whatever you want to do in life. One may face opposition from the people around but they’ll be fine once they see you happy. Having said that, I believe that it’s not aptitude but attitude that determines the altitude.

 Source: The Tribune 22nd March, 2012.