Discipline is greater
than motivation for SUCCESS.
सफलता के लिए
अनुशासन अभिप्रेरणा (मैडिटेशन)
से अधिक महत्वपूर्ण है।
अनुशाशित मनुष्य जीवन में जीत को पा लेता है।
अनुशासन अपनाएं।
A personal development (self-improvement) resources blog. By regularly reading this blog, you will be more confident, courageous and bold. These traits are necessary for enjoying FREEDOM of thought, feelings and actions. आत्म विकास (आत्म सुधार ) के लिए इस ब्लॉग को पढ़ें। इस ब्लॉग को लगातार पड़ने से आप की सोच बदलेगी। जैसे ही सोच नकारात्मक से सकारत्मक हुई , आप के जीवन में दुःख और समस्याएं कम और सुख और खुशियां बढ़ती जाएँगी। इस ब्लॉग को पड़ने से आप की English में भी सुधार आएगा
Discipline is greater
than motivation for SUCCESS.
सफलता के लिए
अनुशासन अभिप्रेरणा (मैडिटेशन)
से अधिक महत्वपूर्ण है।
अनुशाशित मनुष्य जीवन में जीत को पा लेता है।
अनुशासन अपनाएं।
Motivation
वड़ी दिवारों से ही
वड़े किले का और दरवाजा निकलता है।
जितना संघर्ष वड़ा और
कठिन होगा
जीत का सुख भी उतना वड़ा होगा।
मंजिल उतनी सुहावनी होगी।
संघर्षों से केवल स्व अनुशासन, स्व सुधार से ही जीता जा सकता है।
Regular self improvement 🤣 😜
is foundation of FREE Will that brings success and freedom to the doer.
B 1428
Thought of power.
शक्ति शाली विचार
No matter whether somebody believes you or does not believe you
BUT
Be the Self Belivers
Self Believers are the winners in this world.
2
Do not prove to others.
3
Keep working in right direction to your goal silently, slowly and regularly.
4
Never quit but bounce back and re-start with new zeal after every setback.
5
Your achievements will prove what you are to the world.
कोई आप पर बिश्वास करता है या नहीँ,
इससे कोई फर्क नहीँ पड़ता।
आप का अपने पर विश्वास आपकी जिंदगी बना देगा, सफलता दिलवा देगा।
अपने पर विश्वास करो।
2
दुसरों को प्रूव या दिखाने के लिये परिश्र्म न करो।
3
केवल बिश्वास करके परिश्रम करते रहो , सफलता आपकी है।
4
हताश हो कभी अपना गोल न छोड़ें।
बल्कि जब ठोकरें लगें या सेटबैक्स लगें तो गलतियों से सीख नई शक्ति, नए मनोबल से दोबारा कोशिश करेँ।
गिर गिर कर ही कुशल घुड़ सवार बनते हैं।
कायर क्या खाक जिया करते हैं।
5
आपकी चुपचाप प्राप्त की उपलब्धियां दुनिया को बता देगी आप क्या हैँ। समय लगता है। प्रोफेसर को 62 साल लगे।
परन्तु जो चाहा मिल गया।
अपने पर बिश्वास करो, अपने ज्ञान पर बिश्वास करो, अपनी मेहनत पर बिश्वास करो। खूब मेहनत करो और गहरी नींद सोयो।। मंजिल आपकी है मिल जाएगी।
अभिप्रेरणा
Self Motivation
☺️
English(इंग्लिश) बोलना/लिखना उतना ही आसान है जितना एक Cycle(साईकल) चलाना।
***
साईकल कैसे चलता है?
● स्टेज 1:
छोटा बच्चे को माता पिता, मामा मामी, चाचा चाची या कोई रिश्तेदार छोटा साईकल ले कर गिफ्ट दे देते हैं।
बच्चा बहुत खुश होता है, उसके आँखों मे खुशी की चमक देखने लाइक होती है।
क्या इंग्लिश लिखने या बोलने के लिये आप में बह ललक या खुशी है😢सोचें और ललक पैदा करेँ।
😊
जनून (ललक) में ही सफलता का सकून है।
● स्टेज 2:
अब बच्चा अपने साईकल को लेकर टेड़ी मेड़ी जगहों पर चलाता है।
★★
गिरता है, रगडें और चोटें लगती। कोई नुक्ता चीनी निकालता है। कोई डाँटता है।
°
घर के बड़े साईकल चलाने के लिये मना करते हैं।
👏
परन्तु बच्चा पूरी लगन और जोश से साईकल चलाता रहता है।
●
रात सोय हुए भी साईकल के सपने लेता है।
अन्त सफल हो जाता है।
■
बड़े कहते हैं कि जब बड़े हो जायोगे साईकल चला लेना।
परन्तु बच्चा बडों से चोरी चोरी साईकल घर से निकाल कर चलाना शुरू कर देता है।
●●
गिरता है संभलता है औऱ अंत गिर गिर कर साईकल चलाना सीख जाता है।
🎁
मान लें बच्चा 3 साल की उम्र में साईकल चलाना सीखता है। छोटे साईकल से बड़े पर आ जाता है।
फिर सारी उम्र स्कूटर/कार आदि चलाता है।
?
परन्तु कभी 80 साल की उम्र में उसे साईकल चलाना पड़ जाता है।
क्या बह चला सकता है?
जी हाँ। जरूर चला सकता है।
★★
कोई भी सीखी हुई कला कभी न कभी काम आ जाती है।
कभी भूलती नहीँ।
थोड़ी कोशिश से याद आ जाती है।
☺️
इंग्लिश भी ऐसे ही है। जो आज कठिन लग रही है, कल आसान लगे गी।
●●●●●
प्रोफेसर साहिब ने 40 साल पहले इंग्लिश सीखने के लिये जनून से अँग्रेज़ी पड़ना शुरू किया।
★
उस समय 24 घण्टे अँग्रेज़ी ही अंग्रेज़ी दिमाग में घूमती थी।
★
सारा समय शब्दोँ के अर्थ डिक्शनरियों में ढूंढने में लग जाता था।
★★★★
परन्तु आज अखबार आती है। 5 मिन्ट लगते हैं । हेड लाइन और न्यूज़ स्कैन करके सब पता लग जाता है।
लगन से पढ़ो।
★★
जानें।
साईकल तब तक चलता है जब तक पैडल मारते रहो।
इसी तरह अँग्रेज़ी प्रैक्टिस चाहती है।
Motivation
Discouragement discourages.😊
But don't let it discourage you and allow it to turn into FRUSTRATION and STRESS.
😢
पतझड़ में उत्साहित रहने बाले ही बसंत के नजारों का आनंद लेते हैं।
💐
मोटिवेशनल/अभिप्रेरणा
😢
सपनों को साकार करने की इच्छा कभी मरने न दो, बल्कि उन्हें पूरा करने की कोशिश करते रहो।
जिंदा सपने कभी न कभी पूरा हो ही जाते हैं।
☺️
जब बच्चा छोटा होता है तो सबसे पहले मां के बाद डॉक्टर या नर्स के संपर्क में आता है।
☺️
मिस्टर जॉन (काल्पनिक नाम) जब छोटा बच्चा था उसके मन में डॉक्टर बनने की इच्छा उत्तपन्न हुई।
😢
मिस्टर जॉन सात भाई बहनों में सबसे बड़े थे।
पिता के साथ खेत में हाथ बंटाते थे ।
😢
तभी सभी भाई बहनों का पेट भर खाने के लिये आनाज पैदा कर पाते।
😢
ग़रीबी के कारण जॉन को पढाई 10 साल बाद छोड़नी पड़ी और वह गांब से शहर आ गया।
■■
एक होटल में वेटर की नौकरी कर ली।
● शादी हो गई।
◆◆
पति पत्नी शहर में रहने लगे। पत्नी घर संभालती और पति होटल में काम करता।
★
बच्चे हुये, पढ़े लिखे, शादी हुई अलग अलग अपने परिवार शुरू कर लिये।
★★
अब मिस्टर जॉन की आयु 54 बर्ष की हो गई थी।
👍
एक दिन मिस्टर जॉन की पत्नी ने कहा:
मिस्टर जॉन आपका डॉक्टर बनने का सपना था।
मिस्टर जॉन ने सिर उठा कर पत्नी को देखा।
आँखे नम थी।
आंखों में आसूं गिरने बाले ही थे।
मायूस हो मिस्टर जॉन बोले: अब कहाँ, अब तो मैं बूढ़ा हो गया हूँ।
😢
पत्नी ने ढांढस बंधाते हुए कहा: नहीँ मैं आपकी जगह होटल में बेटर का काम करूंगी और आप कॉलिज जायोगे।
👍
3 साल बाद मिस्टर जॉन 57 साल की उम्र में डॉक्टर की पढ़ाई करने के लिये कालिज गए और 63 साल की उम्र में डॉक्टर बन गए।
👌
बचपन का सपना जो जिमेबारिओं और मजबूरियों ने दफन कर दिया था 63 साल की उम्र में पूरा हुया।
💐
Never, never give up your dream.
B 1319
Motivation
अभिप्रेरणा
Motivation is of two types
अभिप्रेरणा के दो प्रकार।
1
Temporary Motivation-
अल्पकालिक, अस्थाई अभिप्रेरणा (3 अ)
*See a movie and get inspired temporarily.
चलचित्र देखेँ और अल्पकालिक प्रेरणा प्राप्त करें।
**Read a motivational book and get temporarily inspired.
मनोबल पर कोई पुस्तक पढें और अल्प काल के लिये प्रेरणा पाईये।
***Hear a positive story on TV or from a person and get temporarily motivated.
TV पर कोई सकारत्मक उपलब्धि की कहानी सुनकर अस्थाई प्रेरणा प्राप्ति करेँ।
**** More may be added.
और भी जोड़े जा सकते हैं।
Motivation Permanent
अभिप्रेरणा -दीर्घकालिक/स्थाई
Set a High Goal/aim/target and work hard and smart to achieve that goal/aim/mission.
जीवन के लिये
बढ़े गोल/लक्ष्य/टारगेट बनाये
और इस गोल/लक्ष्य/टारगेट/मिशन
को प्राप्त करने के लिये जी जान से जुटकर प्राप्त करें।
स्थाई अभिप्रेरणा में आदर्श बाक्यों का बड़ा महत्ब है।
कुछ आदर्श वाक्य के उधाहरण
* पढ़ने के लिये आएँ,
सेवा के लिये जाएं- स्कूलों के बाहर लिखा होता है।
** उचित शक्ति समर्थता देती है।
*** चरित्र चमन(जीवन) को चरितार्थ करता है।
**** कदम कदम बढ़ाए जा
खुशी के गीत गाए जा।
***** संकल्प से शक्ति
अपने जीवन मे किसी भी आदर्श वाक्य को अपनी प्रेरणा और अभिप्रेरणा बनाये और लक्ष्य प्राप्ति करेँ।
B 1316
बड़ा मुश्किल है
उसे गिराना
जिसे
ठोकरों ने
चलना सिखाया है।
पढ़ने के लिए जब जाएं या आएँ
तो यह सोच कर न जाएं
कि क्लास लगानी है
बल्कि यह सोच कर
आएं कि☺️
आज
कुछ
नया
सीखना
है।
अपनी नोट बुक में डेट डाल कर लिखें
"आज मैंने क्या सीखा है?"
'What have I learnt today?"
सोने से पहले :
दर्पण में देखेँ और यह तीन प्रश्न पूछें।
1
क्या आज मैंने कम से कम तीन अनजान लोगों को थैंक यू कहा।
2
क्या आज मैंने किसी का दिल तो नहीँ दुखाया। मन, बचन और कर्म से।
3 आज मैंने नया क्या सीखा है?
इसे डेट डाल कर अपनी नोट बुक पर लिखें। 1 महीने एक साल में आप दूसरों से स्व सुधार में बहुत अग्रिम हो जायोगे ।
4
और शांति से सो जाईये।
Motivation-
Sharpen and hammer
Your
Untrained &
Unorganized stranded thoughts &
Memory skills
To focus more thoughtfully
On your goal/aim/target.
दो पत्थरों की कहानी,
पत्थरों की जुबानी
1
चिलचिलाती धूप थी।
2
पूजा स्थल के बाहर
श्रद्धालुयों का तांता लगा हुआ था।
3
बहुत से श्रद्धालु पंक्ति में खड़े थे और उनके पैरों के तले पत्थर थे।
4
जवान पत्थर ने बजुर्ग पत्थर से पूछा:
महानुभाव एक तो चिलचिलाती धूप और दूसरे यह भारी भरकम श्रद्धालु हम पर पैर रखे खड़े हैँ।
5
है तो अंदर भी पत्थर जिसके यह दर्शन के अभिलाषी हैं।
हम में और उस पत्थर में क्या अंतर है?
कृपया बताएँ।
6
बजुर्ग पत्थर ने लंबी गहरी सांस ली और बताने लगा:
सुनो बेटे :
आज से करीब 20 साल की बात है मैं और बह अंदर रखा पत्थर दोस्त थे।
हंसते थे,
गाते थे,
मस्ती करते थे।
दिन हंसी खुशी गुजर रहे थे।
कभी सोचा भी न था कि कभी बुढ़ापा भी आयेगा और यह दिन देखने पड़ेंगे कि मैं यहाँ चिलचिलाती धूप में और बह अंदर शहनशाही भव्य पूजा स्थल में।
7
हताश युबा पत्थर ने पुछा:
परन्तु हुया क्या?
कृपया बताएंगे।
8
एक दिन एक शिल्पकार आया औऱ उसने मुझे उठाया और अपनी प्रयोगशाला में ले गया और हथौड़े और छैनी से छीलने लगा।
9
शिल्पकार जैसे ही छैनी से छीलता मैं चिल्लाने लगता।।मेरी आँखों में आँसू आ गए। मैं बार बार चिल्लाता:
यह सहना मेरे बस से बाहर है।
मेरी चीखों को सुन कर शिल्पकार क्रोदित हो गया और उसे मुझ पर तरस आ गया।
10
बह शिल्पकार मुझे अपनी प्रयोगशाला से उठा कर जहाँ छोड़ गया और दूसरे पत्थर जिसके दर्शन के लिए यह सब खड़े हैं को उठा ले गया।
11
जब शिल्पकार ने हथौड़ा और छैनी चलाई तो यह सहन करता गया और अंत में बह मूर्ति बन गया ।
और मूर्तिकार ने बह मूर्ती इस पूजा स्थल पर रख दी।
12
आज करीब 20 साल से मैं बाहर चिलचिलाती धूप में हूँ और बह मेरा दोस्त अंदर श्रद्धालुओं की श्रद्धा का पात्र है।
क्योंकि उसने हथौड़े और छेन्नी की मार को सहन किया।
बच्चो
1 बिद्यार्थी पत्थर समान है।
2 मुर्तिकार या शिल्पकार आपका ट्रेनर/टीचर है।
कठिन परिश्रम है।
3 पढ़ना या कोई हुनर सीखने के लिए कठिन परिश्रम की आवश्यकता है।
4 प्रयोगशाला=स्कूल/कालिज/ट्रैनिंग सेन्टर/उस्ताद
यानी हथौड़े और छैनी की मार है।
4
जो हथौड़ी औऱ छैनी की मार खुशी खुशी सहन कर लेता है, बह मूर्ति बनकर पूजा के काबिल बन जाता है।
नहीँ तो चिलचिलाती धूप में चिल्लाता रहता है।
चॉइस आपकी अपनी है।
कौन सा अपनाना है।
Be mentally, emotionally and in tellectually strong to ACHIEVE what appears Impossible.
Impossible= I am possible
(if you disect me. Dare.)
GOOD MORNING
Planning & Strategy
प्लांनिंग & स्ट्रेटेजी
योजना और रणनीति
(उत्साह बर्धक मार्गदर्शन )
Motivation
आशा है दीपावली की रौशनी से आप भी नई उमंग से दिन की शुरू आत कर रहे होंगे।
1
मंज़िल पाना परिश्रम का
ध्येय होता है।
2
केवल परिश्रम करने से मन्ज़िल नहीँ मिलती।
3
सही परिश्रम करने से सफलता मिलता।
अब
- पढाई 30 मिन्ट।
क्योंकि 30 मिन्ट के बाद मेमोरी पढ़ा लिखा रिसीव करना कम कर देती है।
- इसलिए 30 मिन्ट पढ़ने के बाद जहाँ बैठे हो बहां से उठो आंखों पर पानी छिड़के और टहलें। ब्रेन फ्रेश हो जोयेगा। अधिक स्पीड से पढ़ाई करेगा।
- आंखे बंद करके सोचें क्या पढ़ा है।
Revision हो जाएगी।
- अब लिखें क्या सीखा है लिखें।
यह स्टेप बहुत जरूरी है।
यदि यह स्टेप नहीँ करोगे तो पहले 2 स्टेप्स का बहुत लाभ नहीँ होगा।
- पढ़ना भी जरूरी है।
और सेहत भी जरूरी है।
* इस लिए खाने पीने का अनुशासन ,
* बार बार पानी पीना और एक्सरसाइज , सैर जरुर करेँ।
* मन को डीप बरीथिंग करके तरोताजा रखें।
*गहरे सांस प्राण शक्ति है।
बार बार लें।
मानसिक ऊर्जा बढ़ेगी।
उदाहरण:
विद्यार्थी और किसान
@ किसान फसल बीजने के लिये क्या करता है?
# प्लान करता है कि बिजाई कब, कैसे की जाये। यह किसी काम के लिए बहुत जरूरी है।
#
4 बजे उठ कर अपना खेत जोतने जाता है। जो किसान नहीँ जाता है, आलस कर जाता है उसकी फसल दुसरों से कम निकलती है।
अच्छे बिद्यार्थी 4 बजे उठ कर पढाई करता है।
##
किसान जब फसल उगने लगती है तो देख देख खुश होता है। इसी तरह बिद्यार्थी भी जैसे जैसे सिलेबस पूरा होता है।खुशी होती है, कॉन्फिडेंस लेवल बढ़ता है।
लिखते जाए नहीँ तो कंफ्यूजन हो जाता है कि कौन सा चैप्टर पढ़ा है और कौन सा नहीँ।
कई बार एक ही चैप्टर बार बार पढ़ा जाता है और दूसरे इम्पोर्टेन्ट चैप्टर पढ़े ही नहीँ जाते।
इस तरह से पूरा सिलेबस नहीँ पढ़ा जाता।
इस का ध्यान रखेँ।
@ किसान की फसल जब तैयार हो जाती है और काट ली जाती है तो किसान यदि ध्यान न दे और फसल को काट कर बहिं खेत में छोड़ दे और रात को बर्षा आ जाये तो 6 महीने की मेहनत बर्बाद हो जाती है।
इसी तरह यदि बिद्यार्थी खूब तैयारी करे परन्तु खान पान और सेहत का ध्यान न रखे और पेपर से पहले बीमार हो जाये तो सारी की हुई मेहनत बेकार चली जाती।
इस लिए पढाई के साथ साथ सेहत का भी ध्यान रखें। दोनो को बैलेंस करेँ।
पढाई भी जरुरी है।
सेहत भी जरूरी है।
कम से कम 6 घन्टे नींद जरूर लें
पेपर से पहले कुछ हैवी न खाएं । केवल लिक्विड ले जैसे juice, लेमन जूस, हल्का नाश्ता, दलिया आदि। इससे पेपर अच्छा होता है।
पेपर सेन्टर 1 दिन पहले देख कर आएं।।
पेपर बाले दिन 1 घण्टा पहले सेन्टर मे पहुंचे। सीट पर बैठ गहरे सांस ले । मार्क्स अधिक आएंगे।
Know your power
अपने आप से 10 बार कहें"मैं शक्तिशाली इंसान हूँ।
1. I am a powerful being..
2 I am very intelligent being.
मैं बहुत बुद्धिमान इंसान हूँ।
3.My memory is very sharp.
मेरी मेमोरी।(याददाश्त) बहुत अच्छी है।
इन 3 बाक्यों को जब आँखे बंद कर 10 बार बोलेंगे मन ही मन तो आपके पढ़ने की शक्ति 5-6 गुणा बड़ जाएगी।
और यदि यही क्रिया 21 दिन कर ली तो आत्मबल इतना बड़ जाएगा कि जो पहले पढ़ने पर कई कई दिनों में समझ आता था बह घण्टो में समझ आना शुरू हो जायेगा। पढ़ना जरूरी है।।किताब लेँ, पढें, समझे और लिखें। डेट डाल कर। लिखना जरूरी है।
अब शक्तिशाली कैसे हैं?
आप ने ग्रेजुएशन तक 15 साल पढ़ा अर्थात ज्ञान प्राप्त किया।
15 साल x 300 दिन x 24 घन्टे = 108000 एक लाख 8 हज़ार घण्टे का ज्ञान आपके पास है। केवल अपने पर विश्वास करके उसे जब जरूरत पड़े, जहाँ जरूरत पड़े, उसका प्रयोग करना है।
यह बैसे ही है जैसे घर मे बहुत सामान पड़ा है परंतु हम ढूंढने की बजाय बाजार में नया खरीदने भागते हैं।
Preparing for an exam with Self awareness and self confindence gives grand success.
किसी भी पेपर की तैयारी आत्म ज्ञान और आत्म विश्वास से की जाए तो सफलता निश्चित है
अपने को दूसरों के अंदाज़ों और मूल्यांकन से हीन न बनने दें। दुसरों को आपके बारे में क्या पता। अपने दोस्त बनो। फिर देखो क्या अचम्बा कर पाते हैं आप।
जब भी अपने आप से बात करें तो बहुत प्यार से, सलीके से, ईज़्ज़त से करेँ। अपनी इज़्ज़त आप खुद नहीँ करोगे तो और कौन करेगा।
अपनी इज़्ज़त करोगे तो दूसरे आपकी इज़्ज़त करेंगे।
Be nice to your self.
You are unique. You are diamond. Shine in this world. Love yourself, value yourself.
Success will become easy.
जहां हो, जैसे हो बहां से आगे बढ़ो।
Track your thoughts.
अपने विचारों पर ध्यान दो कहीं यह आपके बिरुद्ध तो नहीँ हैं।
अपने विचारों को अपने लक्ष्य से align करके रखेँ। सुनो सभी की, लिखो, पढ़ो और जानो कि रायचंद और राय बहादुरों की राय आप के काम की है या आप को discourage अर्थात निरुत्साहित कर रही है। निरुत्साहित करने बाली सलाहें कैरियर बर्बाद कर देती हैं
मेरा एक स्टूडेंट महीने में एक बार सलाह लेने के लिए 400 किलोमीटर जाता है क्योंकि उसे पता है कि उसका सलाहकार ज्ञानबान है। उसका हर शब्द बहु मूल्य है। फीस भी देता है।
फ्री की सलाह कई बार बड़ा नुकसान कर देती है। ध्यान रखें।
Let ideas come from all sides.
सुप्रभातम।
Motivation
If you wish to have comfortable life....
Then
Reduce your luggage of expectations.
हिन्दी में
स्व सुधार
1
यदि जीवन सुखमय रखना चाहते हो
तो
2
दूसरों से आपेक्ष्यों की गठड़ी जीवन में हल्की रखेँ।
स्व सुधार प्रेरक सत्य घटना
रबैया (Attitude)
अकल औऱ आदतें सिखाई नहीँ जा सकती, स्वयं सीखनी पड़ती हैं।
Part 1
यह घटना बहुत ही कठिन (जो हमेँ उस समय लगती थी, अब नहीँ) English भाषा में छप्पी थी। मैं आपकी सहूलियत के लिए हिंदी में लिख रहा हूँ ताकि इससे सीख ली जाए।
जब हम 1978-79 में BA में पढ़ने के बाद Company Secretaryship जॉइन किया तो हमें एक मैगज़ीन आती थी "Student Company Secretaryship"
भारत में तीन ही सबसे बड़ी वित्त की instituteस है जो देश को चलाने के लिए सहायक है:
1 Institute of Chartered Accountants of India
(ICAI)
2 Institute of Company Secretaries of India (ICSI)
3 Institute of Costs &Works Accounts of India (ICWA)
अब शायद इसका नाम बदल कर Institute of Cost Accountants हो गया है।
यह तीनोँ institutes भारतीय वितीय ढाँचे के लिए जिमेबार हैं।
हाँ तो अब प्रेरक घटना।
Student Company Secretaryship मैगज़ीन में एक बढ़ा दिलचस्प केस आया।
1
एक गांब में 2 बच्चे हम उनका नाम Mr A और Mr B रख लेते हैँ पैदा हुए। बढ़े हुये।
2
दोनों बच्चे स्कूल में दाखिल करबाए गए। दोनो हस्ते, खेलते शरारते करते और गांब के बढ़े बजुर्गों के आशीर्वाद लेते। क्योंकि बचपन ही बेफिक्र जीवन है, बाकी तो जदोजहद और यादें है।
3 11 तक गांब के स्कूल से पास की। उस समय 11 के बाद BA होती थी। +2 बाद में आई है। अब तो 5+3+3+4 system आ गया है। NEP 2020 में।
4 अब बारी कॉलेज की आई।
बढ़े बजुर्गो के बीच बहुत दिनों तक सलाह मशवरे चले, पड़ोस के गांब के पढ़े लिखों से भी मशबरा किया गया।
तब फाइनल हुया की इन बचों को शहर में पढ़ाई के लिए भेजा जाय।
5 BA part 1 में admission हो गई। क्योंकि बच्चों के 11th में नंबर ही बढ़े अच्छे थे।
6
सुबह तैयार हो कालिज जाना एक बड़ा चैलेंज होता था पूरे परिवार के लिए। जब तक बच्चे कालिज नहीँ जाते घर के सभी सदस्य उन्हें कालिज के लिए तैयार करने में ब्यस्त रहते।
जब बच्चे कालिज चले जाते, तो घर के बड़े ब्रेकफास्ट करते।
7
दूसरा चैलेंज गांब से शहर में कालिज जाना होता था।
√ पहले तो किसी साईकल बाले से लिफ्ट लेकर शहर पहुंचना।
A को लिफ्ट मिल जाती तो बह B को हाथ हिला कर चिड़ा देता।
B मायूस हो जाता। परन्तु जब B के cycle बाला A के साईकल बाले से आगे निकल जाता तो B, A को चिढ़ा देता।
√ कालिज खत्म होने के बाद गांब बापिस आना तो और भी मनोरंजक हो जाता ।
√ पैदल आना। रास्ते में खेतों और बागों से खूब फल सब्जियां, गन्ने निकाल कर खाना।
√ सभी गाँवों के किसानों को पता था कि यह बच्चे कालिज में पढ़ते हैं । खूब खातिर होती।
सभी मिल कर खुश होते। जिस गांब से निकलते उस गांब क़े बच्चे बजुर्ग खड़े हो कर देखते कि कालिज पढ़ने बाले बच्चे कैसे होते हैं । 1962 में तो हमारे शहर में भी ब 1 या 2 कालिज थे । जो कालिज जाता था, उसके लिए लोग बस में उठ कर सीट दे देते थे।
8. इसी तरह A और B BA पास कर गए।
बाकी Part II में पढें। कल पोस्ट करूँगा।
Motivation
धन बह इकठ्ठा करो, जो तुम्हारी रक्षा करे;
न की बह जिसकी रक्षा तुम्हे करनी पड़े।
शिक्षा ही बह धन।है। जो दुनिया के हर देश में रक्षा करता है। कोई इसे चुरा नहीँ सकता, छीन नहीँ सकता, लूट नहीँ सकता।