"Death - Be Not Proud" poem में writer ✍️ John Donne मौत पर तंज कसते हुए कहते हैं
" Death -
YOU are slave to accident
YOU are slave to natural calanities
Why should I fear thee."
मौत तुम तो गुलाम हो:
एक्सीडेंट की
आत्म हत्या की
प्राकृतिक आपदा की
तो मैं तुमसे क्यों डरुं।
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इसी तरह से ठंड और कोहरे से कांपते लोगों को देख मेरा मन किया कि ठंड को तंज़ करुं।
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सो तंज है।
ऐ ठंड
तू न कर घमंड
जनवरी में आई है।
ऐ ठंड
न कर तू घमंड
तू करती है ठिठोली और
करती हे ग़रीब को तंग।
ठिठुरन से ठिठुरते हैं बह
लाचार और गरीब का सुख होति है भंग
ऐ ठंड
तू न कर घमंड
दम है
तो जून जुलाई में आ के दिखा।
और अपना दम दिखा।
ऐ ठंड न कर तू घमंड।
गर्मी में तू आती
सर्दी हमें डराती नहीं
ऐ ठंड न कर तू घमंड।
गर्मी जब सदा ठहरती नहीं
तू भी फरवरी मार्च में चली जाएगी
हम सब तब भी होंगे पर तू न होगी।
ऐ ठंड तू न कर घमंड।
Keshap