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शुक्रवार, 12 नवंबर 2021

New Day

 When the 🌞 sun shines,

Flowers 🌺 bloom, trees feel refreshed, all creation on planet energizes.

Hence, take new day in life as another call 

for working hard 🤠 for your dreams.


If something is difficult, it should not mean that it cannot be accomplished; 

it means its accomplish ment needs more dedication and hard work.


 *.            *.              *,.        *.                 *.

जब  सूर्य की पहली किरण धरती को चूमती है तो धरती पर जल, थल, नभ में एक अजीब सी उर्जा का संचार होता है।

फल, फ़ूल, पक्षी, मानव, वातावरण में नयापन और तरोताजा पन का एहसास होता है।


इसलिए हर नया दिन, नया सूरज का आगमन नये जीवन के समान है 


तो आज पिछ्ले कल की घटनाओं से सबक ले पूरी जानकारी और ऊर्जा से भरपूर हो जीवन यापन करें।


यदि कोई काम कठिन है तो अर्थ "छोड़ दो" नहीं है 

वल्कि उस काम को पूरी ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌  निष्ठा, इमानदारी, लगन से और अधिक ‌परिश्रम करें और ‌‌‌‌‌‌‌‌‌ सफलता आपकी होगी। 100%


यदि ‌‌‌‌‌‌‌पढाई कर रहे हो तो एक विषय की एक किताब को 5 से आठ वार पड़े।


लिख कर दे खे।

वह विषय जीवन भर नहीं भूलेगा।


सुस्वागतम






गुरुवार, 5 अगस्त 2021

Value of time

 समय अनमोल है।

एक गांव में एक आलसी व्यक्ति रहता था।


 2

सभी गांव के वुद्वीमान‌ व्यक्ति समय समय पर उसे

 काम धंधा करने के लिए कहते।

परन्तु उस आलस्य भरे व्यक्ति पर कोई प्रभाव नहीं होता।

3

उसकी पत्नी और मां यह देख बहुत दुखी थे।


4

एक दिन उस गांव में संन्यासी महात्मा आए।

गांव की वहु वेटीयां भी महात्मा जी के दर्शन करने गईं।

जब इन महिलाओं ‌‌को पता चला तो बात आलसी की मां और पत्नी तक पहुंची।

5

दोनों ने आपस ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌में विचार विमर्श ‌किया   और दुसरे दिन महात्मा से मिलने गईं।


6

महात्मा से इन सास बहु ने अपना दुख सुनाया । 

महात्मा जी ने सांतभावना दी

 "‌‌‌‌‌‌‌‌मैं‌ आपका दुःख समझ गया हूं।"


7

सास बहू ‌‌घर वापिस आ गईं। 

8

दुसरे दिन महात्मा जी उनके ‌‌‌‌घर आए।‌‌‌‌‌ 

सभी घर पर ही ‌‌‌‌‌‌‌थे।


महात्मा ‌‌‌‌‌‌‌जी के लिए ‌‌‌‌‌‌‌‌साफ़ सुथरा विछौना विछाया गया।


जब महात्मा  जी वैठ चुके,

 तो अपनी पोटली ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌में‌‌ से एक लिफाफा निकाला और ‌

आलसी‌ व्यक्ति को देते हुए कहा 

: यह बीज हैं। 

और ‌‌‌‌यह  अभिमंत्रित ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌खुरपी है। इससे जो भी वोयोगे वह आम खुरपी से 5 गुणा अधिक पैदावार ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌देगा। 

परन्तु मैं यह खुरपी आपके पास  15 दिन के लिए है।" 

9

आलसी व्यक्ति खुशी ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌से फूला नहीं समा रहा था।


10

दुसरे दिन सुबह आलसी की बीवी ने ‌‌ सोते हुए ‌‌‌‌‌आलसी को कहा: 

उठो और ‌‌‌‌‌‌‌‌ खेत में जाकर उस *जादूई खुरपी *से ‌‌‌‌‌बीज वो दो ताकि हमारी गरीबी दूर हो, खाने पीने  के लिए भरपेट खाना मिल सके।"

11

आलसी ने ‌‌‌‌‌‌‌करवट ली और सोते हुए वोला: 

तंग न करो,

 अभी बहुत दिन हैं, 

कल बीज दूंगा।"


इसी तरह से 15 दिन गुजर गए परन्तु आलसी ने कुछ नहीं वोया।

16

आज 16बें दिन महात्मा जी आ गए और अपनी "जादूई खुरपी" वापिस लोटाने

 को कहा।


अब आलसी व्यक्ति महात्मा जी के आगे गिड़गिड़ाने लगा कि "खुरपी"  कुछ और दिन के लिए दे  दी जाए।

परन्तु महात्मा ‌‌‌‌‌‌‌जी न  माने।


अब पछताने से क्या ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌लाभ । 


समय रहते कुछ किया नहीं।



महात्मा ‌‌‌‌‌‌‌‌जी  अपनी ‌"जादूई खुरपी " ले गए।

और

आलसी पछताता रहा।

 शिक्षा:

समय संसार की सबसे वहुमुल्य वस्तु है जिसे दुनिया की कोई धन दौलत खरीद नहीं सकती।

अवसर ‌केवल 

सतर्क, 

सजग, 

जागने वाले व्यक्तियों के लिए होते हैं  

न कि आलसी  नींद के लोभी के लिए।

 

हमारे पास भी वच्चे आते हैं।


 कालिज में अडमिशन  

या वैंक में नौकरी का 

पोर्टल एक महीना खुला रहता है, 


जैसे  ही 30 दिन पूरे होते हैं, 

 पोर्टल वंद,

 वच्चे ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌आएंगे और पूछें गे

 "सर क्या मैं  किसी तरह इस नौकरी  या कोर्स के लिए एप्लिकेशन दे सकता हूं?

हमारा जबाव :

 नहीं, 

 अब अगले साल।


वच्चे निराश हो वापिस चले जाते हैं।


इनसे पूछे कि पोर्टल के खुलते ही पहले 10-15 दिन में एप्लीकेशन क्यों ‌‌‌‌‌‌‌‌नही भरते ।

 एप्लीकेशन पोर्टल खुलते  ही 3-4 वार पढ कर , सभी डाकूमैटस लोड करके भरें। मन की शांति वनी रहेगी और पोर्टल को 3 -4 वार पढ़े, 


तब एप्लीकेशन भरें और दोवारा एप्लीकेशन  को ताकि कोई गलती हो तो उसे ठीक कर सकें।


इससे सफलता के चांस वडते है।


शिक्षा और नौकरी जीवन के ‌‌‌‌‌लिएअति आवश्यक है। 

नहीं तो आलसी व्यक्ति ‌‌‌‌‌‌‌‌की तरह आखरी तारीख का इंतजार करते रहते रहोगे।

वाकि आप जानो।


******

ऐसा न हो:

अब पछताए क्या ‌‌‌‌‌होत है

जब चिड़िया चुग गई खेत। 

  ‌‌्न‌‌्र‌‌्न‌‌्‌‌्न‌‌्र‌‌्न‌‌्‌‌्न‌‌्र‌‌्न‌‌्‌‌्न‌‌्र‌‌्न‌‌्


सोच समझ से सजग रह कर जीवन जिएं।











रविवार, 4 जुलाई 2021

Moment Management/पल पप्रवंधन

 जीवन संवारने के‌ लिए ‌‌‌‌‌‌‌‌‌जिंदगी

 ‌   पड़ी है


चलो ‌‌‌‌अब का पल 

संवारते ‌ हैं।


Entire life is there to manage life

Let's manage the moment first.

शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2021

घर बैठे English बोलना/सीखना सींखेँ


 How to leverage time?

All - old or young, rich or poor, male and females are given 86400 gems everyday without any prejudice.

(24 hrs x 60 mintues x 60 seconds = 86400 gems)

👍

Very few know

 "how to manage time and they achieve more, fret less and seldom lack time for thier life."


There are others:

" Who always complain* I don't have time.*

Here are the tips to leverage fixed and limited time:

Writtern "To Do List" with priority leverages time and makes utilization of time 'effective'.

Mark the tasks as "professional, personal, others". Color *red* for urgent, brown for next imortant, blue for next important.

3

Priority 1, 2, 3, 4,........ can be assigned for effective handling of several tasks with right schedule.

4

When a task is accomplished, tick it or mark with green color pen.💐

This is #1 way to manage time.

°Other rules:


A

Keep the 'To Do List" on your table or in front of you.

B

Transfer the balance tasks to next day, next week, next month or next year..

Benefits:

1

Tasks in head are transferred on paper.

2

Hence, this reduces mental stress.

3

Tasks are not forgotten.

4

Follow up is easy. Many tasks have no value without proper and timely 'follow up'.

5

Deadlines are not missed.

B 13*58

- समय प्रबंधन-

 सफलता की कुंजी।

 सुखी जीवन की कुंजी।


आप आम तौर पर दो तरह क़े इंसानों से मिलते होंगे।

1 जो यह कहते हैं कि "मेरे पास समय ही नहीं है" हमेशा परेशान, पशेमान, काम का बोझ लिये घूमते फिरते हैं। ऐसा नहीं कि इनके पास काम या जिमेदारी अधिक है बल्कि इन्हें या तो काम का पूर्ण ज्ञान  नहीँ है

या फिर

समय प्रवंधन की कला का ज्ञान  नहीँ है।

 केवल काम, काम का डर, परफेक्शनिस्ट बनने की चाहत, फेल होने का डर से इनकी पर्सनल प्रोडक्टिविटी स्तर हीन।होती।

यह अपनी कमियों के लिये दुसरों को, समाज को, इको सिस्टम को दोष देते रहते हैं।


2 यह समय प्रबंधन में माहिर होते हैं। यह जानते हैं कि समय को बढ़ाया नहीँ जा सकता परन्तु 24 घन्टे में काम का प्रबंधन कर , अपने रोल के मुताबिक काम पर फ़ोकस करके अपनी पर्सनल प्रोडूक्टविटी को बड़ा लेते हैं।

☺️

समय तो सभी (बच्चे-जवान/बूढ़े, गरीब-अमीर, रंक या राजा,  स्त्री या पुरुष ) के लिये फिक्स है यानी 24 घन्टे। 

हर दिन परम् आत्मा हर इंसान को 86400 हीरे दे देती है।

 यह आप पर है

आप इन हीरों का सदुपयोग करते हो या दुरुपयोग। 

सदुपयोग करने बाले उच्च और सुखी  जीवन जीते है जबकि दुरपयोग करने बाले शिकायतों से भरा दुःखी जीवन।

यह आप पर निर्भर करता है कि कैसा जीवन जीना है।


यह हीरे हैँ 24 घन्टे x 60 मिन्ट x 60 सेकंड= 86400.













मंगलवार, 26 जनवरी 2021

Dreams

 Dreams

, Social Media, 

Smart phone

सुपने

सोशल मीडिया

स्मार्ट फोन


समय किसी के लिये(राजा या , रंक, मेरे या आपके) न बढ़ता है, न रुकता है, न पीछे और न ही कोई भी मूल्य (धन दौलत) इसे खरीद सकता है।


इसका केवल प्रबंधन किया जा सकता है। इसका केवल अपने लक्ष्य के लिये सदुपयोग किया जा सकता।


समय की बर्बादी के लिये दो बढ़े कारण है:

1

 सोशल मीडिया, गैरजरूरी इन टर नेट सर्फिंग।

2

बेबजह फोन का प्रयोग।

यह फोकस घटाते हैँ। जिससे लक्ष्य प्राप्ति में कठिनता होती है।

अपनी इमोशनल स्ट्रेंथ बढ़ाएं। एक स्कूल प्रिंसीपल ने बताया : मैं सारे दिन स्कूल में फोन साइलेंट रखता हूँ और केवल 4 बजे ओपन करके ईमेल देखता हूँ। केवल 10 से 15 मिन्ट के लिये ताकि कोई अर्जेंट ईमेल का जवाब न देना हो। 

बैसे हर रोज़ मेरे फोन पर 50 से 60 ईमेल आती है। जो मेरे मतलब की नहीँ होती। उन्हें डिलीट कर देता हूँ।


यह स्व सुधार आप खुद ही कर सकते हैं और कोई नहीँ।



बुधवार, 23 दिसंबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की पढ़ाई करेँ

Quick Time 

Leveraging Secret

समय बचाने और बड़ाने का रहस्य


जब भी पढें तो हाथ में पेंसिल ले कर पढें।


पढ़ते जायें, इम्पोर्टेन्ट पॉइन्ट पेंसिल से अंडरलाइन करते जाएं।


इस तरह से अंडरलाइन किये हुए पॉइंट आप को बता देंगे कि यह चैप्टर या पेज पढ़ा हुआ है। और आप एक ही चैप्टर को बार बार नहीँ पढेंगे।


बहि समय दुसरे चैप्टर या पेज पढ़ने में बिताएंगे।


इस तरह समय बचता भी है और बढ़ता भी है।



 

रविवार, 8 नवंबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 पेपर में सफलता के लिए 

सबसे महत्व पूर्ण रणनीति


Most important strategy for passing any examination.


आम पेपर 3 घण्टे का होता है

जो बिद्यार्थी जितनी जल्दी यह तय कर पाता है कि


 * प्रश्नपत्र में दिये किस प्रश्न का उत्तर पहले देना है, 

# कितने प्रश्न करने है, 

$ प्रश्न को पूरा पढ़ कर जानना।कि प्रश्न है क्या?


@ किस प्रश्न को कितना समय देना है? प्रश्न हो 5 नंबर का और लिखते रहो 2 पेज, यह मन खुश के लिये सही है परंतु पेपर क़े लिए नहीँ।

5 नंबर के प्रश्न के लिये 30 मिन्ट का समय बर्बाद कर देना ठीक नहिं।

दूसरे प्रश्न छूट जायेंगे। एग्जाम हॉल में समय प्रबंधन कला(Time Management Skill) सफलता/असफलता सुनिश्चित करती है।

इस skill में महरियात करेँ।


सु संध्या

Deep Breathing करें। तरोताजा फील करेँ।



सोमवार, 5 अक्टूबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 Self Discipline

सर मेरा बहुत समय तो सोशल मीडिया, दोस्तोँ को फ़ोन, socialisation (एक दूसरे से मिलने में, बिबाह शादी) में निकल जाता था।

अब बंद किया है।

किसी ने बताया, सोशल मीडिया तो सूर्या की किरणों की तरह है जिसे रोका नहीँ जा सकता है, परन्तु आप तो रुक सकते हैं।

आप अपना देखो, किस से आपको पूरी उम्र फायदा मिलना है।

नहीं तो मैं कंप्यूटर गेम बहुत खेलता था। 

उसके बाद थक जाता था।

जो मेरे जीवन के लिए अच्छा है, उसकी तरफ ध्यान नहीँ। अब नहीँ खेलता।

TV को कोसने की बजाए, अपने आप को अनुशाषित किया।

किसी की छोटी सी बात पर भड़क पड़ता, और घण्टो समय बर्बाद। दोबारा घण्टो पढ़ने का मूड नहीं बनता था।

धूप आती है तो हम सूरज को थोड़े कोसते हैं।

बल्कि परदे खेंच देते हैं। धूप बन्द। इसी तरह मैंने किसी भी चीज या हालात को कोसना बन्द और हर समस्या का हल खुद ढूंढना शुरू कर दिया।


2

दुसरीं गलती।

पढ़ा लिखा होने से दूसरों की बेबजह नुकताचीनी करता था।

सीखता कम, सीखाता अधिक।

कोई सीखा है या नहीँ, पर बिरोधता जरूर बढ़ती गय

अब जब महसूस होता है कि जहां बहस हो सकती है, मैं उठ कर चला जाता हूँ।

मन करे, न करे पढ़ने बाली जगह बैठा रहता हूँ। 10/15 मिन्ट बाद मन पढ़ने के लिए बन जाता है।


बहुत समय होता है। 30 मिन्ट पड़ता हूँ, फिर 5 मिन्ट रेस्ट। आंखों पर पानी डालने से तरोताज़ा महसूस करता हूँ।

माइंड मैप तकनीक बहुत अच्छी है।

10 मिन्ट सुबह 10.मिन्ट शाम को पेंसिल/पेन लेकर आँखें बंद करके बैठता हूँ।

जो बिचार आते हैं, उन्हे उसी समय लिख लेता हूँ। बहुत काम के होते हैं यह बिचार।

TV, फोन, सोशल मीडिया और गेम बन्द करने से मन बहुत शांत रहता है।

2 महिने के बाद यानी 13 दिसम्बर के बाद भी यह सब जहां रहेगा।


शनिवार, 3 अक्टूबर 2020

घर बैठे बैंक एग्जाम की तैयारी

 Your Daily Routine

 is Key to your success.

पिछ्ली किसी पोस्ट में लिखा था कि बनाने बाला हर रोज़ सभी को 86400 हीरे देता है


इन हीरों का सदुपयोग करो या दुरपयोग।

इसी पर किसी mission/ goal की सफलता निर्भर करती है।

यह हीरे हैं समय के पल। यानी seconds.

24 घन्टे × 60 मिन्ट × 60 सेकंड= 86400 पल

सबसे बड़ी बात है कि कोई धन, दौलत या सोना एक भी पल नहीँ खरीद सकता।

यदि ऐसा होता तो सिकन्दर बादशाह जैसे उस पल को खरीद लेते जिस पल बह दुनिया में आखरी स्वास लिया।

और आज जीवित होते।


इस लिए समय का सदुपयोग करो।

Who does not value time, time does not value him/her.


Save time and focus on preparation.


Self safety:

1 Wear mask


2 sanitise or wash hands

3 2 ग़ज़ की दूरी रखें

4 रोग निरोधक क्षमता बढ़ाने के लिये आयुष मिनिस्ट्री द्वारा बताया काढ़ा पिये।

Google पर search करें।



गुरुवार, 1 अक्टूबर 2020

Bank Exam Guidance

 86400 diamonds या हीरे कौन हैं?


पिछ्ली पोस्ट देखेँ।


यह 24 घन्टे का समय है।

24 × 60×60=86400 seconds.

क्या सारी दुनिया की धन दौलत भी खर्च दें, एक।पल यानी सेकंड भी नहीँ खरीद सकते। 


यदि ऐसा होता तो दुनिया के राजा।महाराजा और धनाढ्य कभी यह दुनिया छोड़ कर न जाते।

और हम कितने हीरे।यानी समय के पल गैरजरूरी बर्बाद कर देते।

Who can manage time, can manage life well.



बुधवार, 11 जनवरी 2012

How to Be A Winner4


   Using Time Well and to a Purpose is a Continuous Battle
________________________________

                    When it comes to unkind criticism, put-downs, sabotage, and unfriendly competition the best strategy is to achieve, what others feel, that you cannot do. We all react, differently to criticism, sabotage and putdowns. Discover, as to how you are tackling the same and use the excellent technique, you can devise to deal with them. For working smarter, we need  to simplify, the way we operate and how we use our work style, to our best advantage.
             Apart from the To Do List, which most successful people use, you might specify the tasks you would prefer to do in the morning, in the afternoon and in the evening. Of course, you are free to change it, in case the need arises. For instances, there are certain fixed hours of Banks, if you need to go there, to sort out your personal matters. Shops do not open very early in the morning. So shopping necessarily has to be done in the later morning or evening hours.
             Instead of running errands for the whole day, you might consider attending to all matters, when going in one direction, if they are geographically suitable, and convenient. Last week, while going to my dentist, for an appointment, I combined with a visit to the Bank, meeting my sister, who was hospitalized and doing some shopping. This was apart from returning the phone calls, which had remained unattended and unanswered, as well as catching up on the reading, when the driver was driving me around. I find that I am at my best early in the morning and so I attend to my highest priority work, which includes writing early in the morning or late in the night, when there are no interruptions. It is to have some schedule, so that you can fit all the activities, in accordance with the importance you want to give them.
             During my prime time, I avoid meeting visitors as some of th wem linger on, long after the work, they came, is over. Most people would like to telephone or meet you, when it is appropriate and suitable for them.  I return their approach, by giving a time, which is most suitable to me. Evidently, it makes some people unhappy, that I do not receive them whenever they want to drop in.  But I have to stuck to my guns and if  some people want to meet me to discuss a few things, then they have to adjust to my timings.
            Another thing, which you should be doing, is to have at spick and span atmosphere, environment and your working place. It is clearly a constant battle as we have a tendency to leave the things, on the nearest open space available. For instance, at the time of writing this piece, I notice, my digital diary, remote control of the TV, speakers for my IPOD, my shirt, my To Do List Diary, lying on my bed and an empty cup of tea on the side table of my chair. I do not attend to all these items, in putting their proper and right places in one go. When I get up, I pick up a few things and put them in their respective home. Incidentally, before finishing this piece, I got up to go to the bathroom attached to my study. It took me less than a minute to put all things in their correct places. Everything must have a home and it had better be there, to make it easy to retrieve it , for future use.
           As a routine, I de-clutter at least four to five times a day, to prevent my study, my work place, my computer, from being a graveyard of miscellaneous items. If do not do the same, we get overwhelmed and inundated by them. A clean place is attractive to work. But it requires a lot of small effort to do so. However, I assure you, that it is worth it.




Source:
Turn Your Creative Spark into a Flame by Joginder Singh, Former
Director, Central  Bureau of Intelligence(CBI), Govt. of India. www.dpb.in
 

सोमवार, 22 दिसंबर 2008

HAPPINESS

Why destroy present happiness

by a distant misery

which may never come at all,

or you may never live to see it?

Every substantial grief

has

twenty shadows

and

most of the shadows

are

of your own making.

Time heals quietly, slowly

and

certainly.

मंगलवार, 25 नवंबर 2008

TIME MANAGEMENT



Have a time and place for everything

and do everything in its time and place

and you will not only accomplish more,

but have far more leisure

than those who are always hurrying,

as if vainly attempting to overtake time that had been lost.