Improvement Vs Perfection
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Continuous improvement is BETTER■
than
delayed
perfection.
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हम में से बहुत हमेशा परफेक्शन यानि हर काम में कोई न कमी निकाल कर सुधार नहीँ करते।
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कमीं कोई भी निकाल सकता है।
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परन्तु उस कमी को सही कैसे करना है नहीँ बता पाते।
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किसी की कमी निकालना,
अर्थ
उसे जो काम कर रहा है हतोअहित(discourage) करना है।
हौसला बढ़ाने की बजाय घटाना है।
हौसला बढ़ाने वाला तो जीवन में तरक्की के लिये एक ही काफी है।
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इसलिये हमेशा करते रहो, सुधारते रहो।
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आज दिमागी एक कदम चलो गे और यदि चलते रहोगे तो एक साल ज्ञान के 365 कदम सीख जायोगे।
👌
अपना मनोबल स्वयं बढ़ाते रहो।
दुसरे बड़ा दें ठीक,
नहीँ बढ़ाएं तो भी ठीक।
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हतोअहित कभी न हों।
यदि मूड खराब हो भी जाये तो सकारत्मक सोचो।
★★★
मन पसंद म्यूजिक सुनो।
मन पसंद चलचित्र देखो।
जो दोस्त मनोबल बढ़ाये, सोच से पॉजिटिव हो को फोन करेँ।
मूड ठीक हो जाएगा।