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मंगलवार, 14 मई 2024

Victory ✌️

 To make victory 100% sure 

Improve 

Your mindset - vibration, action and self 🧲 attraction.

Your body 

Your skills 

Your abilities 

शुक्रवार, 19 नवंबर 2021

Focusing

 What ever 

YOU

Focus 

Upon:


that 

Succeds

Florishes and 

Grows.


But ensure

It is

YOU.


जिस भी तरफ *तुम*

फोकस (ध्यान)

करोगे


उस में

सफलता मिलेगी

वढोतरी होगी

और 

वड़ते

जाओगे


*तुम* का ध्यान जरुरी है







बुधवार, 21 जुलाई 2021

फोकस विरोधी घटनाएं

   Every conflict has generally two sides 🙂


1 Outer=gives pain.

2 Inner =gives suffering

Example 1


On the road 🙂 a driver knocks a bike driver.

The driver is strong with visible muscels.


He gives a strong slap to the bike rider.


The bike rider starts the bike and goes silently but starts planning he will beat the driver of the car.

He joine a gym. Spends about Rs 6000 on getting gym training.

In 3 months, he is strong enough to fight with the 3 months old episode player I.e the car driver.


He went to the area where the condlict was arisen.

He enquired a lot and after 2 weeks intensive enquiries found the house 🏘️ of that car driver.

He enquired from his father about the driver but was sad to know that driver had joined a new job in a City 1000 miles away.

The bike driver was very sad 🤣 and upset.

He was thinking:

Rs 6000 wasted.

3 months of life wasted.

3 months mental suffering - day and night -was suffered unnecessarily.

Learning: 

External Pain of an event lasts for hours.

But Internal self generated suffering disturbs for days, months and years. 


Learn to leave and forget such small conflicts over petty issues that cause bitterness in relationship with papa, mummy, brother, sisters, neighbours and others that cause lot of internal suffering.

And live happily 😃.

Revive and repair your broken relationships.

झगड़े ‌‌‌‌‌‌‌‌का‌ 2 मिनट में हल। 

1

जीवन में ‌‌‌‌‌हम ‌  स्वयं ही दुःख ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌देते हैं।

कैसे?

एक दिन ‌‌‌‌‌एक‌ लड़का वाइक पर ‌‌‌‌‌‌‌‌जा रहा था।

 सामने से कार आई और वाइक से टकरा गई ‌  ।

कार में से एक तगड़ा सा ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌लड़का उतरा और वहस में कार ड्राइवर ने वाइक ड्राइवर को थप्पड़ ‌  जड़ दिया। 

2

अव थप्पड़ ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌की दर्द(पेन) तो आधे घंटे ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌में खत्म हो गई।

 परन्तु ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌उसने जो ‌इ सके वाद अपने ‌‌‌‌‌‌‌अंदर पकाना ‌‌‌‌‌शुरु किया उसकी ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌दरद( सफरिंग) कइ  महीने तक रहा।

कैसे?

उसने सोचना शुरू किया:

मुझे क्यों ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌मारा?

क्योंकि मैं ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌उससे कमजोर ‌‌‌‌था.

मैं ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌उससे जोरावर हो कर वदला लूंगा। 


3

उस वाइक ड्राइवर ने जिम ज्वाइन किया। 6000रु फीस दी। 

3 महीने ट्रेंनिग ली। 

काफी स्ट्रॉन्ग मसल वना लिए।

4

अब चला कार ड्राइवर ‌‌‌‌‌‌‌को ढूंढने। 

2 हफ्ते वाइक का पैट्रोल जलाया। 

तब जा कर घर मिला। 

5

दरवाजा ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌खटखटाया।

कार ड्राइवर ‌‌‌‌‌‌‌‌के पिता वाहर निकले।

पिताजी ‌ ने वताया कि

 कार ड्राइवर ‌‌ने एक महीना पहले 

किसी दूसरे शहर में ‌   नौकरी कर ली है

 जो जहां से 1000 मील दूर है।  


वड़ा दुख हुआ।

6

अव वाइक ड्राइवर सोच रहा था।

जो काम आधे घंटे ‌‌‌‌‌‌‌‌मे खत्म हो गया ‌‌‌‌‌था उसे मैंने मानसिक तौर ‌प र 3 महीने जिंदा रखा। और

6000 रू खर्च किया।

3 महीने शरीर को ‌‌‌‌‌‌‌‌वेवजह तसीहे दिए।

अंत मिला कुछ नहीं।


ऐसी ही मुर्खतापूर्ण व्यवहार करके हम दुखी रहते हैं और अपने तरक्की के रास्ते ‌‌‌‌‌वंद करते रहते हैं।

अपने ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌माता पिता, भाई भाभी, बच्चो , वहनो, पड़ोसियों, दोस्तों से छोटी छोटी ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌वे वजह की वातों से मन की शांति और सौहार्द्र बिगाड़ने में  जीवन यापन करते ‌‌रहते हैं  ।

समय वीत जाएगा,

 वापिस नहीं आएगा।

आओ विगडे रिश्ते संवारे।

 हिम्मत करके सारी कह कर खुशी वड़ाऐं।

पेन ‌‌‌‌‌कोवाहरी स्तर पर ही समाप्त कर दें।

अंदरुनी वनने ही न दें।  




  






रविवार, 20 जून 2021

मंजिल

 एसी कोई मंजिल नहीं ‌‌‌‌‌

है 

जिसे ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌तक पहुचने कोई 

रास्ता न हो।

2

सोचो, लिख कर सोचें

रास्ता जरुर ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌

मिलेगा।

3

जब मिल जाए तो चलो।

लोगों की परवाह न करो।

4

करो, न ‌‌‌‌‌करो, लोग अपनी ‌

आदतन कुछ न कुछ ‌‌‌‌‌‌‌‌तो‌ वोलेगे ही।

5

कैसे?

मैं और ‌‌‌‌ मेरा  दोस्त ‌‌‌‌‌‌‌‌कार‌ में जा रहे थे।

पीछे ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌से एक कार   आई और छूं करके ‌‌‌‌‌‌‌निकल गई।

हमारी कार के दरवाजे ‌‌‌‌‌वंद, शीशे वंद। 

दोस्त ‌    वो ला  : ओलंपिक में गोल्ड मेडल की तैयारी कर रहे हो क्या?

अव ‌‌‌‌‌‌‌‌‌आगे‌ एक ‌‌‌‌‌कार बहुत ही धीरे धीरे ‌च ला रहा था।

अव दोस्त ‌‌‌‌‌ फिर वोला: वाप का पार्क समझा ‌‌‌‌  है ‌‌‌‌‌रोड को ?

सीख: 

लोग ‌‌‌‌  विना सोचे समझे वोलते ही रहते हैं,

 कमैट ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌करते          रहते है ‌‌ह।््ते््््ते््ते््््त््ते््््ते््ते्््््ते््््ते््ते््््त््ते््््ते््ते््


आप अपने लक्ष्य पर फोकस ‌‌करे।

मंजिल जरूर मिलेगी।  

 







रविवार, 15 नवंबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 Focus


Focus fuels success.

Life is like camera.

Better the focus, happier the life.


Same is with an exam.

फोकस सफलता को पाने की शक्ति देता है।

कैमरे से फ़ोटो लेने के लिए लेंस का फोकस सही करना पड़ता है ।


यदि कैमरे का फोकस सही नही है तो फ़ोटो ठीक नहीँ आती।


फ़ोटो दोबारा लेनी पड़ती है।


इसी तरह से किसी भी एग्जाम या पेपर की तैयारी के लिए मन और बुद्धि को फोकस करना पड़ता है। तभी फोकस सही होता है।

किताब आँखों के आगे और मन कहीं और मन चाहे फल नहीँ देता।

फोकस करेँ, मनचाही सफलता पाएँ। आज 17/18 दिन रह गए हैं पहले पेपर के। 5 दिसम्बर को है।

पढ़ें, लिखें, पढें, लिखें। सिकंदर बनोगे। जीवन सुखमय रहेगा।

भाई दूज की शुभकामनाएं