Patience is key
for success of yourself 😘
कभी कभी
सव्र (इंतजार) से
शिक्षा और नई ऊर्जा मिलती है
जो जीवन और जीवनशैली को नई दिशा
दे देती है।
अपने आप को
सब्र करना सिखाये।
यह जीवन में अचंभित
कर देने वाली शक्ति है।
A personal development (self-improvement) resources blog. By regularly reading this blog, you will be more confident, courageous and bold. These traits are necessary for enjoying FREEDOM of thought, feelings and actions. आत्म विकास (आत्म सुधार ) के लिए इस ब्लॉग को पढ़ें। इस ब्लॉग को लगातार पड़ने से आप की सोच बदलेगी। जैसे ही सोच नकारात्मक से सकारत्मक हुई , आप के जीवन में दुःख और समस्याएं कम और सुख और खुशियां बढ़ती जाएँगी। इस ब्लॉग को पड़ने से आप की English में भी सुधार आएगा
Patience is key
for success of yourself 😘
कभी कभी
सव्र (इंतजार) से
शिक्षा और नई ऊर्जा मिलती है
जो जीवन और जीवनशैली को नई दिशा
दे देती है।
अपने आप को
सब्र करना सिखाये।
यह जीवन में अचंभित
कर देने वाली शक्ति है।
Dears,
You don't lose finally
If you don't quit or break fatally.
दोस्त तब तक हार नहीं होती
जब तक हार मान कर कोशिश करना नहीं छोड़ देते।
जूझना सीखो,
टूटना नहीं।
1
एक घुड़सवार ने अपने घोड़े को एक व्यापारी को वेचने की सोची।
2
जैसे ही वेचने का विचार उसके मन में आया तो उसे एक दुकानदार की याद आई जिससे वह गंभीर समय में अपनी जरूरतों को पूरा करने में सहायता लेता था।
3
दूसरे दिन वह घुड़सवार उस दुकानदार के पास गया और घोड़े को वेचने की वात की।।
4
घुड़सवार ने घोड़े का मोल 1000 रूपया मांगा। दुकानदार ने भाव 300 रूपया लगाया।।
वहुत देर तोल मोल होता रहा और अंततः 500 रूपया में वात तय हो गई।
और दुकान दार ने 500 रूपये निकाल घुड़सवार को दे दिए। और अगले दिन घोड़े की डिलीवरी लेने को कहा। अब घोड़ी दुकानदार का था।
5
घुड़सवार खुश था कि घोड़ा मंडी लेजाने से वच गया क्योंकि कसवे में ही विक गया था।
6
वह घर पहुंचा तो देखा कि घोड़ा मरा हुआ है। वह घवरा गया और घर से एक महीने के लिए चला गया।
7
एक महीने वाद वापिस आया और डरता डरता दुकानदार के पास पहुंचा।
8
जब दुकानदार से मिला तो दुकानदार ने उसका हंसते-हंसते गले लगा लिया।
दुकानदार से घुड़सवार बोला
"आप ने घोड़े की डिलीवरी ले ली थी न?
मुझे किसी काम से गांव के बाहर जाना पड़ गया था।
अब लौटा हूं। "
दुकानदार वोला :
हां हां।
उससे तो मुझे 9999 रुपए की कमाई भी हुई है।
घुड़सवार वोला: घोड़ा तो मरा हुआ था फिर कमाई कैसे।
दुकानदार ने भाव पूर्ण लहजे में कहा:
जनाव मैं आपके घर घोड़े की डिलीवरी लेने गया।
देखा कि घोड़ा मरा हुआ है।।।
मैंने अखवार में विज्ञापन जारी किया:
एक रुपए की लापरी में एक घोड़ा जीतें।
10000 लोगों ने लाटरी डाली।
एक की निकली। मैंने उसे कहा कि वह घोड़े की डिलीवरी आप के घर से ले ले।
जब लाटरी जितने वाला आपके घर घोड़े की डिलीवरी लेने गया उसने देखा घोड़ा मरा हुआ है ।
वह दोड़ता हुआ मेरे पास आया और झगड़ा करने लगा कि आप ने धोखा किया है विज्ञापन में लिखा नहीं कि घोड़ा मरा हुआ है।
मैंने उससे पूछा तूने लाटरी कितने की खरीदी थी?
वह वोला: एक रुपए की।
मैंने झट से एक रूपया उसकी हथेली पर थमाया और उसे कहा कि तितर हो जा।
इस तरह से आपका मरा घोड़ा मुझे 9999 रूपये का लाभ दे गया।
घुड़सवार यह सुनकर चकित रह गया।
शिक्षा:
जीवन में कठिनाइयां , सफलता, असफलता
आती जाती रहती हैं।
उनसे जूझना सीखो,
टूटना नहीं।
्
Fish 🐠 & Monkey 🐒
Formula to live better 😉.
The best story for self discipline for success and self happiness.
Love what you are.
Don't copy others.
Be original.
And
YOU will win
Don't feel dejected ever.
1
A fish was swimming in the water 💧 and enjoying swimming.
It was full of joy and loved its swimming.
2
A monkey 🐒🐵 watched all the moves sitting from the top of a tree 🌲.
Monkey felt jealous.
An idea popped into the mind 😍 of the monkey.
3
"Why not flirt with fish 🐟,
he thought."
And asked the fish:
How is water 💧?
Fish replied:
it is warm."
"So you are enjoy swimming."
"Yes. "
Replied the fish.
"Oh!
Could you climb the tree 🌲!
Alas!
You cannot climb but the world looks different and beautiful from the top of tree."
Fish felt a bit bad and thought could I climb a tree🌲.
But I can't."
That day, fish was not as happy as it used to in other days.
4
When sea horse 🐎,
the friend of the fish 🐠 reached and saw that fish 🐟 was in bad mood,
the horse 🐎 asked for the reason
5
Fish regrettably said in low tone:
" I cannot climb a tree 🌲 and cannot enjoy seeing the world from the top of the three."
6
The 🐎 asked:
"How did YOU come to know that you cannot climb a tree?"
The fish quipped:
"A monkey 🐒 sitting on the top of the tree 🌲 told me."
7
"Oh! That's why you are sad and regretting ." retorted the sea horse 🐎
8
"Tomorrow,
go to swim at the same place and ask that monkey:
World down in water is really beautiful and charming.
Climb down from the top of the tree 🌲 and we will enjoy the world of water.
9
Fish did the same.
But monkey 🐒 said:
Alas!
I cannot swim deep down in water. Please excuse me.
10
Fish felt very happy and its lost self esteem and self confidence was regained.
Moral:
1
Believe in yourself and your ABILITIES.
2
Love what you do and NEVER let you feel down if you are not expert in others' field
3
People abound this World who let you feel down by bragging their strengths.
Better to ignore this and focus on your strengths.
Just listen and leave.
4
You will be more happy,
better expert and successful in your own field of work.
Trust it.
5
Ask yourself:
What I have learnt today.
Better to make it hard i.e. write in your note book 📚 with date.
It will become unstoppable source of daily energy and self discipline , self--talk and self guidance
P.K Keshap
Former Associate Professor.
*वंदर और मछली*
H1
एक मछली पानी में तैर रही थी।
एक वंदर वृक्ष के ऊपर वैठा यह देख रहा था।
H2
मछली फ्री स्टाइल में पानी में टहलते देख वंदर मन ही मन जल भुन गया
H 3
अगले ही पल उसके दिमाग में एक
खुराफात सूजी।
उसने मछली पर तंज कसा :
क्या पानी गर्म है?
H4
मछली ने भी स्वाभाविक उत्तर दिया:
हां, तैरने का मज़ा आ रहा है।
यह उत्तर सुनकर वंदर अंदर ही अंदर आग ववूला हो गया और वोला :
तुम्हें वृक्ष पर चढ़ना आता है क्या?
मछली वोली:
"नहीं"
H 5
"काश!
तुम्हें वृक्ष पर चढ़ना आता होता!
वृक्ष के टाप से दुनिया वड़ी खूबसूरत नज़र आ रही है।"
मछली मायूस हो गई और सोचने लगी कि पता नहीं वृक्ष के टाप से दुनिया कितनी अच्छी दिखती है?
H 6
संध्या को मछली का दोस्त दरियाई घोड़ा आया और उसने महसूस किया कि मछली पहले जैसी खुश नहीं है और उसके व्यवहार में भी परिवर्तन है।
उत्सुकता वश दरियाई घोड़े ने पूछा:
"दोस्त क्या कारण है आप आज कुछ उदास हो?"
मछली वुझे मन से वोली:
"मुझे वृक्ष पर चढ़ना नहीं आता है।"
दरियाई घोड़ा सकपकाया और पूछा
" यह आपको कैसे पता चला?"
मछली ने झट से वताया:
"एक वंदर वृक्ष के टाप पर वैठा था।
उसने मुझसे कहा।"
H7
सी होरस (दरियाई घोड़े) की समझ में सब आ गया।
उसने कहा:
*दोस्त आप कल उसी जगह पर तैरने जाना और वंदर को कहना:
पानी की दुनिया वहुत ही सुन्दर है।
आप आओ ।
हम दोनों मिलकर जलचरों की दुनिया के नज़ारे लेंगे।*
दूसरे दिन मछली तैरती हुई उसी जगह पर गई और जैसे ही वंदर पर नज़र पड़ी उसने कहा:
"वंदर भाई
हम जलचरों की दुनिया भी बहुत खूबसूरत है।
आप आमन्त्रित हैं।
आओ जल में भ्रमण करें।
नज़ारे आयेंगे।"
H8
वंदर मायूस हो गया और वोला:
"
नहीं वहन मुझे गहरे पानी में तैरना नहीं आता है।
मैं डूब जाऊं गा।"
ऐसा सुनते ही मछली को एहसास हुआ कि *तैरने की कला * केवल मुझे ही आती है।
वंदर को नहीं।
"मुझे अपने पर मान है।"
उसने महसूस किया
इस तरह उसका आत्म वल
और
आत्मविश्वास लौट आया।
और यह वात उसने अपने दोस्त दरियाई घोड़े को बताई।
उसके बाद वंदर कभी वृक्ष पर वैठा नज़र नहीं आया।
शिक्षा:
1
दुसरों की कमजोरियां वताने में कुछ लोगों को मज़ा
आता है। इन्हें दूसरों की जिंदगी में दखल अंदाजी करने में भी रूचि रहती है और सभी को सुधारने में लगे रहते हैं परन्तु सुधार केवल इंसान अपने आप को सकता है किसी को नहीं।
With love, we can win the world not with force.
Appreciate others and you will be appreciated 🙂.
जब उनकी कमी उन्हें पता चलती है,
तो बह सहन नहीं कर सकते।
2
अपने हुनर पर मान करें।
जो आप कर सकते हैं
सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में कोई नहीं कर सकता।
क्योंकि सारे ब्रह्माण्ड में कोई आप जैसा है ही नहीं है।
3
अपनी शक्तियों पर फोकस करें।
* न *
कि कमजोरीयों पर ।
इससे आप को
खुशी,
सुख,
सृमद्ध
अथाह सफलता
मिलेगी।
4
जो कमजोरी वताये उसे इग्नोर करो।
हां ज्ञानवान सही आलोचक से न भागो।
वह विना फीस दिये,
मनोचिकित्सक
आप के इर्द-गिर्द है।
आपकी कमीयां वतायेगा और
आप अपने में सुधार लाओगे।
मानसिक ऊर्जा वड़ेगी।
अपने योग्यता पर भरोसा करो और
वाकि भूल जाओ।
हां
योग्यता सुधार जरूर करो।
*
श्रद्धा शिक्षा देती है
शिक्षा मान देती है।
योग्यता स्थान देती है।
जहां तीनों (श्रद्धा, शिक्षा और योग्यता) का समावेश होता है वहां ताउम्र सम्मान होता है।*
Develop your skills and build inner strength of knowledge.
It pays to be prepared for future.
प्रो केषप
Life’s ECHO
A son and his father were walking on the mountains.
2
Suddenly, his son falls, hurts himself and screams: “AAAhhhhhh!!!”
3
To his surprise, he hears the voice repeating, somewhere in the mountain:”AAAhhhhhh!!!”
4
Curious, he yells: “Who are you?”
He receives the answer: “Who are you?”
Angered at the response, he screams: “Coward!
“He receives the answer: “Coward!”
He looks to his father and asks:
“What’s going on?”
5
The father smiles and says: “My son, pay attention.”
And then he screams to the mountain:
“I admire you!”
The voice answers:
“I admire you!”
Again the man screams:
“You are a champion!”
The voice answers:
“You are a champion!”
The boy is surprised, but does not understand.
Then the father explains:
“People call this ECHO, but really this is LIFE.It gives you back everything you say or do.
6
Our life is simply a reflection of our actions.
If you want more love in the world, create more love in your heart.
If you want more competence in your team, improve your competence.
This relationship applies to everything, in all aspects of life;
Life will give you back everything you have given to it.”
YOUR LIFE IS NOT A COINCIDENCE.
IT’S A REFLECTION OF YOU!
--
Warm Regards,
Educate, Empower, Elevate
Shared by
Prof. Bholanath Dutta
Chairman MTC Global
हिन्दी अनुवादक
प्रो केषप
जीवन एक प्रतिध्वनि (गूंज) है।
एक पिता जी और उसका वेटा पर्वतों (पहाड़ों) पर टहल रहे थे।
H 1
अचानक उसका वेटा टहलता हुआ गिर गया और उसे चोट लगी और वह वेटा वोला :
"आह "
पहाड़ से आवाज आई:
आह
दोवारा वेटे ने आवाज निकाली:
आह
फिर पहाड़ से आवाज आई:
आह
उत्सुकता वश
झट से वेटे ने पूछा "
यह क्या है, पापा।"
वेटे इसे प्रतिध्वनि (गूंज) यानी इको कहते हैं।
जो वोलोगे वही आबाज आयेगी।
H 2
वेटा वोला:
तुम कौन हो?
पहाड़ से आवाज आई:
तुम कौन हो?
H 3
वेटे को गुस्सा आया और वह वोला:
"कमीना कायर"
पहाड़ से आवाज आई:
"कमीना कायर"
वेटा वाप की तरफ देखने लगा:
H 4
वाप वोला:
अब वेटे ध्यान दो जो आप वोलते हो वही आवाज वापिस आती है।
H 5
अब वोलो:
"आप कमाल के हो"
आवाज वापिस आई:
" आप कमाल के हो"
H 6
अब वोलो:
आप चैम्पियन हो।
आवाज आई
"आप चैम्पियन हो"
H 7
इसे वेटे लोग प्रतिध्वनि (गूंज) यानी इको कहते हैं।
परन्तु यह जीवन है।
Life is giving and receiving.
What you give will come back.
H 8
इज्जत करोगे,
इज्जत मिलेगी।
जैसा व्यवहार करोगे
वैसा समाज आप से करेगा।
इमानदारी सच्चाई और नैतिकता वापिस भी ईमानदारी, सच्चाई और नैतिकता आयेगी।
जैसे कर्म करोगे वापिस भी वही मिलेगा।
जैसी वोलवानी होगी, जीवन में इको भी वैसी होगी।
H 9
अब सोचना और करना आप पर निर्भर है।
H 1 0
आप का जीवन कोई अचानक घटना नहीं
वल्कि आप के कर्मों का प्रतिबिंब है।
दुसरो को स्नेह और प्रेम से पेश आयोगे तो दुसरे भी स्नेह और प्रेम से पेश आयेंगे।
स्नेह और प्यार चाहिए तो भाषा और व्यवहार में स्नेह और प्रेम अपने विचारों और दिल में पैदा ।
नहीं तो जीवन की फर्स्ट इनिंग (1 से 50/60 साल) का प्रयोग दसरी इनिंग में वुरा लगेगा!
शब्द दिल का आईना है।
संभल और संभाल कर रखिएगा।
अज्ञानता और अनजाने में वोले शब्द गले का
जंजाल बन सकते हैं।
शब्द और उन्हें वोलने का तरीका
आप के चरित्र,
नैतिकता और व्यक्तिगत जीवन व
संस्कार, शिक्षा शक्ति को दर्शाता है।
2
शिक्षा से सेवा तक का सफर तय करने के लिए शब्दों के समुद्र को लांघ कर ही सफलता व सुख मिलता है।
वहुत से लोग वोले शब्दों की जिम्मेदारी नहीं लेते और अपनी कावलियत को छोटा कर लेते हैं।
वोलने वाला केवल एक, दो या कुछ हजार को कुछ समय के लिए अच्छा या वुरा कह कर प्रभावित कर सकत है।
जबकि शब्दों को लिखने वाले कवि के शब्द सालों तक पढ़ने वाले को प्रेरित करते हैं जैसे यह व्लाग कई सौ वर्षों तक कहीं न कहीं किसी न किसी के पास रहेगा।
एक एक्सप्रेस ने वताया कि एक वलाग 700 करोड़ लोगों के लिए उपलब्ध है । यानि सारी दुनिया के लोगों के लिए।
यह अलग वात है वह पढ़ या न पढें।
3
अच्छे वड़ाई वाले, प्रशंसा वाले सकरतमा और उत्साह भरे शब्द किसी को मृत शय्या से उठाकर जीवन दे सकते हैं।
जबकि वुरे शब्द किसी को इतना दुखी कर सकते हैं कि सुनने वाले को तनाव, डिप्रैशन या देहांत हो सकता है।
इसलिए शब्द वहुत ही संभल कर वोलने चाहिए।
शब्द तलवार के घाव से भी अधिक घातक होते हैं।
तलवार के घाव तो कुछ दिनों के इलाज से ठीक हो जाता है परन्तु शब्द नहीं भूलते।
जब इंसान रात को सोता है तो सुने हुए शब्द मन और मस्तिष्क में गूंजते हैं। और उससे घृणा भड़कानेवाला विचारों का संचार होता है।
इन्हीं विचारों से प्रभावित होकर एैसे कर्म हो जाते हैं जिनकी सज़ा सालों भुगतनी पड़ती है।
इसलिए जुवान का अनुशासन जरूरी है। जुवान का अनुशासन खान पान, रहन सहन, पारिवारिक संस्कार जैसे घटकों पर निर्भर है।
एक सच्चा केस
एक बच्चा अपने मां बाप के साथ वड़ी हंसी ख़ुशी से रहता था।
बच्चा होने के कारण उसे वुरा भला तो पता न था ।
एक दिन उस वच्चे के घर के नजदीक रहने वाले पड़ोसी से उसके पिता की किसी वात पर वहस हो गई। पड़ोसी ने वहुत अपशब्द वोले जो उसका पिता सहन न कर पाया और थोड़े दिनों के बाद उसका पिता स्वर्ग सिधार गया।
20 साल वीत गये और लड़का पढ लिख कर वकील वन गया। 20 साल पहले हुई वहस और पिता के निधन को लेकर पड़ोसी को आजीवन कारावास करवा दिया
इसलिए जीवन को सफल बनाने के लिए "वोल चाल की कला सीखें । वोलते समय आवाज इतनी उंची हो कि तीसरे को न सुने।"
Silence 😅 is best friend.
कहते हैं एक चुप सौ सुख।
3
एक कैरियर काउंसलिंग करने वाले ने वताया कि हम किसी से 30 सैकंड में वात करके पता लगा लेते हैं कि इसकी शिक्षा कितनी है, परिवार कैसा है, संस्कार कैसे हैं और यह किस काम के लिए फिट है
दिमागी कसरत,
अपने आप को आप कितना
जानते हो?
तीन शब्दों मे वताएं कि आप कौन हो?
Skill check.
Describe yourself in 3 words.
पर्सनल ट्रांसफॉर्मेशन
आयो बदलें
*Value of Degree*
💐
1
Boosts knowledge and brain. Response for solution increases.
2 Boosts ego.
Choice lies with you what to focus upon.
Acquiring a degree means recognition that degree holder has at least that level of knowledge.
डिग्री का अर्थ है कि डिग्री होल्डर
लोक कल्याण भूल कर कई डिग्री के ज्ञान का अहंकार बश दुरुपयोग करते हैं।
ऐसा करने से बचें।
पढ़ने लिखने और डिग्री के भी लेवल होते हैं।
😢
एक शोध (रिसर्च) से पता चलता है यदि आप
1
ग्रेजुएट हैं तो दुनिया के 8% लोगों में हैँ।
2
यदि आप पोस्ट ग्रेजुएट हैँ तो आप दुनिया के 1% लोगों में से हैँ "।
3
यदि आप Ph D हैं तो दुनिया के टॉप0.00001% ब्रेन में से हैँ।
अपने पर मान करेँ। स्वभिमान महसूस करें।
अभिमान नहीँ।
कुछ लोग तो सारी उम्र डिग्रियों के अभिमान के बोझ तले ही दवे रहते हैं और दुनिया में रोल है उसको डिग्रियों से तुलना करते रहते हैं।लेकिन
दूसरों से आशा न करें कि वह आपका मान सम्मान करेगा। कियूंकि आप ने पढाई की है और आपका सचाई के प्रति नया हुया है, दुसरों का नहीँ।
स्वभिमान से जियें।
😢 लेवल 2
अब डिग्री के बाद थ्योरी तो पता चल गई।
परन्तु वास्तविकता किताबों में सम्पूर्णता नहीँ।
👍
काम बस्तविकता है।
ज्ञान का सदुपयोग तभी है जब *डिग्री *का अहँकार छोड़ , डिग्री को काम मे लगाएं।
जो काम पर डिग्री ज्ञान का प्रयोग करते हैं बह जीवन में सुखी और सफल हो जाते हैं
कोई रोक नही सकता।
काम के प्रति रबैया डिग्री ज्ञान को चार चांद लग जायेंगे।
पढें और जाने।
एक पिता ने अपने 3 बेटों को कॉमर्स में ग्रेजुएट करवाया और तीनों भाईयों को एक शिप कंपनी में नौकरी कर ली।
पिता ने दूसरे देश में रहना शुरू कर दिया।
4-5 साल में बह बापिस आया और यह जान कर बहुत हैरान हुया कि
1 पहले बेटे की तनखाह 10 हज़ार।
2 दूसरे की 25 हज़ार।
3 तीसरे की 1 लाख।
अब पिता हैरान भी और परेशान भी।
उससे रहा नहीँ गया और बह कंपनी के मालिक से मिला।और पूछा कि जब इनकी क्वालिफिकेशन एक जैसी है तो तनखाह अलग अलग क्यों?
कम्पनी के मालिक ने कहा:
सर आप एक दिन आ कर मेरे आफिस में बैठ जाईये।
बिना अपने बेटों को बताए।
पिता ने बैसा ही किया।
मालिक ने पहले बेटे को बुलाया और कहा:
जाऔ समुन्दर में जहाज़ आया है,
देखो कुछ हमारे काम का है?
2 घन्टे बाद इसके केबिन से फोन आया: सर हमारे लिये उस जहाज में कुछ नही है। मैंने फ़ोन पर पता कर लिया।
अर्थ सुस्ती की अति। अपने केबिन से उठने की भी जहमत नहीँ की।
काम के प्रति ऐसे रवैये बाले की तरक्की कभी नहीँ होती। यह हमेशा दुसरों को दोष देते रहते हैं। किस्मत, सरकार, माँ बाप, डिग्रियां। हमेशा बलेम करेंगे कि काम बहुत। अरे काम है तो तनख्वाह मिलती है। बिना काम तो पैसे कहाँ से आयेंगे।
यह दुसरों की तरक्की पर अंदर ही अंदर जलते भूनते रहते हैं और काम में रुचि कम और गलतियां अधिक।
नतीजा कमाई बढ़ने के घटती जाती है।।
"★★
अब दूसरे लड़के को बुलाया और मालिक ने बहि कहा:
डॉक पर शिप आया है। देखो कुछ हमारे काम का है?
यह अपने केबिन में गया औऱ चाबी ले अपनी बाइक से डॉक पर पहुंचा। सारा जहाज देखा बापिस आया और मालिक को बताया; सर मैं गया था।
जहाज एजेंट ने चैक किया और बताया कि इस जहाज में आपके लिये कुछ नही है।
★★★
अब तीसरे बेटे को बुलाया और कहा: जायौ डॉक पर शिप लगा है। उसमें देखो कि हमारी कम्पनी के लिये कुछ है?
°इस बेटे ने जिसे 50 हज़ार मिलते हैं ने उत्तर दिया।: सर मुझे कल पता लग गया था और सुबह मैंने एक ट्रक माल उसमें से लाकर गोडाउन में रखवा दिया था।
मालिक ने आभार पूर्ण निगाहों से देखा और कहा बैठो: चाय पीते हैं।
चाय के तीन कप आए।
लड़का हैरान कि तीसरा कप किसके लिये है?
तभी बहां लड़के के पिता मालिक के पर्सनल केबिन से उठ कर आये।
लड़का हैरान और पिताजी को प्रणाम किया।
जब तीनोँ चाय पी रहे थे तो मालिक ने पिता की तरफ देख बोला: सर
पिता ने हाथ से उसे चुप करवा दिया और बोले: मैं सब जान गया हूँ, आपको बताने की जरूरत नहीँ रही।
डिग्री का बखान नहीँ, डिग्री से काम और जहां काम करते हैं उसमें क्या बढ़ोतरी की उस पर फोकस आपको जीवन में तरक़्क़ी देगा।
तीसरे तरह के लड़के का रबैया रखने बाले को काम, तरक्की और नौकरी पीछे पीछे भागती है।
सोचिये:
जो जीवन लक्ष्य है, उसकि ओर आप कितना समय और ध्यान देते हैं।
काम से पैसा मिलता है। पैसे से जरूरत पूरी होती है। और सुख मिलता है। यही बस्तविकता है।
मेहनत से लक्ष्य प्राप्ति।
आपका लक्ष्य English बोलना/लिखना है।
अधिक से अधिक अँग्रेज़ी पढें, सींखे, लिखें, जाने ,
पर बगारें न।
यह आपका अपना गुण है आपका संसार में मोल बढ़ाएगी।
धन्यबाद
Three pillars
of
great personality.
1 Affection/Love All Serve All spirit.
2 Prayer for universal welfare and well being.
3 Knowledge & self power.
पर्सनलिटी के तीन स्तंभ
1 प्रेम (वासुदेव कुटुम्बकम)
2 प्रार्थना
3 शस्त्र और शास्त्र ज्ञान।
