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सोमवार, 5 जुलाई 2021

भला=लाभ

 बहुत अचम्बा होता है 

 जब जानने ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌वाले/घर ‌‌ ‌वाले पूछते हैं:

* क्यों ‌‌‌प्रोफेसर ‌‌‌‌‌‌‌‌‌साहिब इस व्लागिंग से ‌‌‌‌‌कुछमिलता भी है या टाईम पास है*

प्रोफेसर साहब ‌‌कहते हैं ‌: 

ज्ञान ‌‌‌‌‌‌‌‌दान सबसे ‌बडा दान ‌‌‌‌‌है ।

 जब ‌‌‌‌आज से 10/12 साल पहले ‌‌‌‌‌‌‌        व्लागिंग शुरू ‌‌‌‌‌‌की‌  थी तो गूगल ‌‌‌‌‌‌‌‌ने फोन करके ‌

कहा‌ था कि 55 करोड़ ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌भारत‌ वासी हिन्दी ‌पडते हैं। आप उनको ‌‌अपना ज्ञान शेयर करके *‌‌‌‌भला* करो।


भला करने से ‌‌‌‌*लाभ* मिलता है।

भला का ‌‌‌‌ उल्टा लाभ ही होता है।

आज ‌‌‌‌यह 1465 वलाग है अौर ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌।  प्रोफेसर ‌‌‌‌‌‌‌साहब की लिखने ‌‌‌‌‌‌‌‌की स्किल भी तो ‌‌‌‌‌वडी है ।

यह कितना ‌‌‌‌‌वडा परोक्ष लाभ है।

हर ‌‌‌‌‌काम*लाभकारी* होने ‌‌‌‌‌‌‌। के नहीं ‌‌करते, किसी का‌ *भला* करोगे ‌‌‌‌‌तो‌ *ब्राहमण्ड * आपको मनचाहा ‌‌‌‌फल देता है।


प्ररेक प्रसंग


वस ‌‌मे‌‌ एक भिखारी ने  हाथ ‌‌‌‌‌फ

फैलाया ‌‌‌‌और रुआंसी आवाज ‌‌‌‌‌‌‌मे‌ वोला :

साहब ‌‌‌‌‌उपर‌ वाले के नाम पर कुछ ‌‌‌‌‌‌‌‌दे‌ दो।

2

वस ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌मे‌‌ वैठे जैंटलमैन ने ‌‌कहा :

हमेशा ‌‌‌‌   मांगते  ही रहते ‌‌‌‌‌‌‌‌हो‌या कभी ‌‌‌‌‌‌‌‌  किसी को ‌‌‌‌‌‌‌कुछ देते भी हो।

"मैं भिखारी ‌‌‌‌‌भला किसी को क्या दे सकता ‌  हूं "

3

दे सकते ‌‌‌‌हो:

" मुस्कुराहट। मुस्करा कर ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌मांगो"

और ‌‌‌‌‌जैंटलमैन ने ‌‌‌‌‌उसे खुश हो कर भीख दे ‌‌‌‌‌दी।

4

अब ‌‌‌‌‌‌‌‌   भिखारी का‌ दिमाग ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌लेने ‌‌‌‌

(स्वार्थी सोच) की ‌‌‌‌‌‌‌वजाए,

देने (दानी सोच) पर सोचने लगा।

उस भिखारी ने ‌‌‌‌‌‌‌‌    देखा जहां बह भीख मांगता ‌‌‌‌‌है बहां ही     ‌नजदीक   बहुत सुंदर सुंदर फूल खिले हुए हैं।


6

उस भिखारी के ‌‌दिमाग में आइडिया आया ,: क्यों ‌‌न भीख मांगने ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌से‌ पहले, एक फूल दिया ‌‌‌‌‌जाए?

उस ‌ भिखारी ने ‌‌‌‌‌‌‌‌दुसरे ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌दिन 10/15 फूल ‌‌‌‌‌तोड़े ‌और ‌‌‌‌‌हाथ में ले कर वस ‌‌‌‌‌‌‌। वस ‌‌‌‌‌‌‌।  में चढ़ कर पहले ‌‌‌‌‌‌‌‌।   फूल ‌‌‌‌‌ देता ‌और तव ‌‌‌‌‌भीख मांगता।

अब ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌जैंटलमैन ‌‌‌‌‌के‌ पास ‌‌‌‌पहुंचा:

स्माइल दी,

 फूल दिया   

और

जैंटलमैन

ने ‌‌

आज

दुगनी

भीख

दी।


8

भिखारी ने ‌‌देखा  कि ‌"फूल•  देने से ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌भीख‌‌

 दोगनी, 

तिगुनी ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌हो ‌‌‌‌‌‌‌‌गई है   ।

दिन ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌वीतते ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌चले‌  गए ।

9

अब हुआ ‌‌‌‌‌‌‌‌यूं ‌ कि ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌    जैंटलमैन ‌वस ‌‌‌‌‌में ‌‌चढा ‌‌‌‌और वैठने के लिए ‌‌‌‌‌‌‌‌सीट ढूंढने ‌‌‌‌‌लगा ।

एक सीट खाली ‌मिली  । 

वहां एक ‌‌‌‌‌टाई सूट ‌‌‌‌‌वूट पहने विजनैस मैन ‌‌‌‌‌‌‌‌सा  लगने वाला जवान ‌‌‌‌‌वैठा‌ था।


जैन्टलमैन ने वडे अदव से ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌। पूछा: महाशय, क्या मैं ‌इस सीट पर ‌‌‌‌‌वैठ सकता हूं?

भिखारी से ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌वने‌ विजनैसमैन ने कहा"  क्यों ‌‌नही । जरूर।"

जैंटलमैन ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌वैठ‌ गया।

वह ‌‌‌‌‌वार वार ‌ 

 साथ ‌  वैठे जैंटलमैन को ‌‌देखे  जा ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌रहा‌‌ था।

*****

तभी ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌अक्समात‌‌   वोला;

लगता ‌‌‌‌‌‌‌‌ है ‌ मैंने ‌आपको कहीं ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌देखा है।


10

भिखारी ‌‌से  विजनैसमैन वने ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌       व्यक्ति मुस्करा कर ‌‌‌‌‌कहा:

जी हां हम पहले भी हम दो ‌‌‌‌‌वार मिल चुके हैं।‌‌

यह हमारी तीसरी ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌मुलाकात है। 

पहली वार:

    आप ‌‌‌‌‌ने‌ सलाह ‌‌‌‌‌दी कि‌ हमेशा‌ मांगा ‌  ही ‌‌‌‌‌न‌ करो व्लकि कुछ दिया भी करो।

दुसरी ‌‌‌‌‌वार:

जव मैंने ‌‌‌‌आप को भीख के बदले फूल ‌‌‌‌‌‌‌  दिया। भीख बढ़ती गई।

 अब ‌‌मै‌ पैसा ‌क्या करता?


मैंने ‌‌विजनैस कर लिया और अब विजनैसमैन ‌‌‌‌‌हूं

आपके ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌।    सुझाव के लिए ‌‌‌‌‌‌‌‌बहुत बहुत शुक्रिया जी।


जैंटलमैन तो ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌स्तब्ध रह गया ‌और उसने विजनैस ‌‌‌‌‌मैन से  बड़े गर्म जोशी  से ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌हाथ‌‌ मिलाया।


,This is the wonder of giving smile/charity/help or sharing knowledge or suggestions.

   







 

  






 

 



 



 थी  तो ‌‌‌‌‌ 

बुधवार, 12 मई 2021

Happiness Day

1 दुनिया में हँसी और ख़ुशी से बड़ी कोई भी दूसरी शक्ति नहीं है, ये शक्तियाँ इंसान को बड़े-बड़े ख़ौफ़ से बचा लेती हैं ... 2 प्रसन्न रहने का अधिकार सार्वभौमिक है। अर्थात इस संसार में खुश रहने का अधिकार सभी को है। 3 संसार में हंसने और खुश रहने से बढ़कर कोई भी ऐसी शक्ति नहीँ है जो इस संसार की डरावनी और भयावह घटनाओं(क्रोना) से बचा सके। सशक्त मनोबल से बड़ी से बड़ी समस्या से निबटा जा सकता है। 4 प्रसन्नता(खुशी) कभी भी दूसरे के हाथ में नहीँ होती। यह हमेशा आप के हाथ में हैं। आप के बारे में है। प्रसन्नता तो केवल यह सीखना है कि सांसारिक अवसादों क़े बाबजूद हम अपने आप को कैसे खुश रख सकते हैं । पसंद, नापसंद या डिलीट (Like, Dislike or Delete) को मेन्टल बटन बनायो, मन की ख़ुशी बढ़ायो। अच्छा लगे ,रख लो न लगे छोड़ दो और डिलीट मार आगे बढ़ो। Decision लो( हाँ या न) नहीँ तो बेकार लटके रहोगे। जो नेगेटिव या positive क्विक डिसीजन लेते हैं वह मानसिक तौर पर हल्के रहते हैं। मन चाही तरक्की करते हैं। जरूरी नही कि हर काम में सफलता मिले या हर ब्यक्ति का सुभायो हमारे जैसा हो। जिसका माइंड सेट मिले उसे रखते जायो, दुसरों से बचते जायो। यह अपने भी हो सकते हैं, पहचानो। खुशी बढ़ जाएगी। 5 प्रसन्नता का अर्थ अपने से दयालुता करना, अपनो से दयालुता का ब्यवहार करना, अपनी शक्तियों पर फोकस करना न कि कमियों पर अफसोस। लिखें अपनी पांच खूबियां (ब्लेंक भरें) 1 मैं____________________________ हूँ 2 मैं ____________________________ हूँ 3 मैं _____________________________ हूँ 4 मैं ______________________________हूँ 5 मैं ______________________________हूँ प्रसन्नता का अर्थ है अपने बजूद से स्नेह, गूढ़ स्नेह। सभी उप्लब्दिया इस स्वं स्नेह से मिलती हैं। कमियां नहीँ खूबियों पर फोकस करेँ। फिर चमत्कारी शक्तियां और उप्लब्दिया मिलेंगी। 6 प्रसन्नता का अर्थ अपने हृदय को ढूंढना, सुनना, और यह जैसा चाहता है करने देना। ।पर इसके गुलाम नहीँ बनना। 7 प्रसन्नता का अर्थ है सब कुछ बिरूद्ध होने - लोग, हालात- के बाबजूद अपने पर भरोसा करना। श्रीमद्भागवत में श्री कृष्णजी जी कहते हैं: तू कमजोर नहीं है , तेरा बक्त कमजोर है। जैसे ऊपर नीचे घूमने बाले झूले में बैठा इंसान हमेशा एक जगह नहीँ रहता, बैसे ही बक्त।का पहिया एक जगह नहीँ रहता। यदि आज बक्त कमजोर है , तो कल बलशाली बन जायेगा। घबरा न, मैं हूँ न। कृष्णजी 8 प्रसन्नता का अर्थ यह जानना है कि जीवन अपने आप को गहराई से जानने और पहचानने का एक नियोता है । प्रसन्नता इस मोहित दुनिया में अमोहित हो स्वतंत्र और शक्तिशाली होने का अहसास है। 9 प्रसन्नता निर्थक, बेबाक, कष्टदायक लोगों से जानकार हो उन्हें नफरत बिना हैंडल करने की स्किल डेवेलोप करना यानी टेक्ट फुल होना। और यह भूलना"यह मेरे साथ ही क्यों होता है।" इसमें अपनी अंदुरनी शक्ति से दूसरों से द्वेष की बजाय अपनी स्नेह शक्ति से जीतना है। यह स्वयं को मन की शांति देता है। 10 खुशी का अर्थ अच्छे लोंगो और अच्छे पलों को अपनी जिंदगी में उतारना। खुशी का अर्थ है यह बिश्वास करना कि जीवन में जैसे भी हो, जहाँ भी हो उसमें चमत्कार हो सकता है। पर बिश्वास रखना। खुशी का अर्थ है कि जब आप मंज़िल पाएँ तो मंजिल पाने के लिये जो किया उस पर आपको गर्ब हो । अर्थात गैर कानूनी, अनैतिक, झूठ का सहारा, बेईमानी, बिना मेहनत ले कर मंजिल नहीँ पाई है। खुशी का अर्थ है कि जीवन का हर पल आपके साथ है। 11 सकारत्मक आशा बादी माइंडसेट डेवेलोप करें। यदि सीखना ही चाहते हैं तो कुछ समय परिवार, दोस्तोँ, अच्छे हालात, सकारत्मक लोगोँ के लिये निकालें। 12 Volunteer: Volunteering is good for the soul. It has even greater benefits for physical and emotional health as you get older. समाज सेवा हफ्ते, महीने में कुछ समाज सेवा जैसे ""● धार्मिक स्थल पर जूते साफ करना, ●वोलंटरी कहीं दुसरों की जिन्हें आप जानते की सेवा करना, ●गरीब बचों को पढ़ाना या गाइड करना , ●बूढ़ों बजुर्गों की सहायता करना आदि खुशी देता है और असंभव को संभव बना देता है क्यूंकि कॉस्मिक पावर साथ देती है। 13 स्माइल इसका कोई मोल नहीँ है परंतु जो इसमें भी कंजूस होते हैं, रुग्ण रहते हैं। स्माइल करने से खुशी महसूस होगी। कुछ न हो तो शीशे के आगे खड़े हो स्माइल करो। इससे ही खुशी मिलेगी। रिसर्च बताती है कि स्माइल सकारात्मक अहसास बढ़ाती है। चेहरे का डिज़ाइन ब रौनक बड़ाती है। 14 Improve Mental Health: मानसिक सेहत सुधारें खुश रहना बहुत मुश्किल है जब आप डिप्रेशन, उतबलापन(एंग्जायटी) या और कोई मेन्टल समस्या से झूझ रहे होते हो। ऐसे में ठीक होने के लिये इनकी हेल्प लें ●अपने बिचारों को सबल करेँ, अच्छी किताबेँ पढें, अच्छा म्यूजिक सुने, गर्म पानी से नहाए मौसम देख कर। ● गाइडेंस लेँ, दें, दोस्तोँ को फोन करेँ, परिवार और बचों से खेलें, उनकी कहानियां सुने। और एक्सपर्ट से केअर भी लें। 15 जो किताबें या कपड़े एक्स्ट्रा हैं, पुराने हैं या सामान पुराना है दुसरों जरूरत मन्दो को दें। दुसरों की यथा योग्य सहायता करें। ★किसी के साथ समय बिताना और उसके मन की बात सहजता से सुनना सबसे बड़ी सहायता है।★ यह आपकी खुशी और सुरक्षा बढ़ाएगा। कई बार देना< इंसान को लेने से अधिक खुशी देता है। हैप्पीनेस डे पर जो न चाहिये हो परन्तु मूल्यवान हो किसी को दे दें । बहुत से लोग आपकी दी किताबें, कपडे, बस्तुएँ ले कर, प्रयोग कर खुश होंगे। असम्भव को सम्भव बनाने के लिये "दुआएँ" चाहिये । बह देने से मिलती हैं। इसी लिये सब धर्मों में "बंड छकना" यानी दान की प्रथा है। 16 किसी NGO दोस्तोँ को यदि बह माने या किसी आर्गेनाइजेशन को यह दे दे ताकि बह जरूरत मन्दो तक इन्हें पहुंचा दें। किसी जरूरत मंद की शिक्षा प्रबंधन या जरूरत मंद की बेटी की शादी में बिना बताए सहायता भी अंदुरनी खुशी देती है। दिखावा नहीँ। 1 जब एक्स्ट्रा कपड़े/चीजें दे दे देंगे और अलमारी हल्की लगेगी तब देख कर खुशी होगी। सब और सारी दुनिया को खुशी देने के लिये आप अपने गोल भी बना सकते हैं। 18 आप UNO के गोल्स को भी खुशी बढ़ाने के लिये प्रयोग में ला सकते हैं। UNO के कुछ खुशी बर्धक गोल हैं: ● No poverty, No hunger गरीबी हटाओ, भूख मिटायो। ● Good health and well being सशक्त स्वास्थ्य, स्वस्थ जीवन। ● Quality Education: गुणात्मक शिक्षा(, शिक्षा कामधेनु होती है) ● Gender Equality: इस्री पुरुष समानता ● Decent work and economic growth: कर्म अधिकार और आर्थिक बिकास। ● Peace, Justice etc: शांति और न्याय आदि। 👍 19 अंततः प्रसन्नता मिलती है ● अपने से स्नेह करना। सेल्फ क्रिटिकल न होना। ● इस दुनिया मे रह कर जिमेबरियों का निर्वाह करना। ● हर ब्यवहार चेतन पूर्ण, उद्देश्य हेतु और स्व इच्छा से करना। ● सकारात्मक और ऊर्जावान रहना। ● और बेझिझक बह छोटे छोटे काम करना जो प्रसन्नता देते हैं रैट रेस से बचना। 19.1 हमेशा यह मन ही मन रिपीट करेँ " मैं हमेशा और खुशी क्रिएट करूँगा/करूंगी और उदासी को अपने और अपने जगत पर हावी नहीँ होने दूंगी/दूँगा। 💐 खुशी के पल सोशल मीडिया पर भी शेयर करें अपनी सेफ्टी रख कर ताकि दूसरे भी खुश हों। धन्यवाद नोट : यह मैंने अपनी ईमेल से अँग्रेज़ी ट्रान्सलेशन कर के लिया और जहां कॉपी किया : Please note that this is the translation of Email sent to me by a friend.

शनिवार, 24 दिसंबर 2011

BEST USE OF RICHES



The best use to which riches could be put

to is for charitable purposes.

Otherwise, it is just dust and useless.



“Riches without charity are worth nothing,

they are blessing only to him who makes them

a blessing to others.”

CHARITY






No one gets bankrupt by giving in charity.

More the water is drawn from the well,

The more it gets cleaner and sweet.

CHARITY





He who earns, and gives some of it away,

O”Nanak, he has found the right way.

सोमवार, 22 दिसंबर 2008

CHARITY

He who earns,
and
gives some of it away,
O Nanak,
he has found the right way.