Discipline is greater
than motivation for SUCCESS.
सफलता के लिए
अनुशासन अभिप्रेरणा (मैडिटेशन)
से अधिक महत्वपूर्ण है।
अनुशाशित मनुष्य जीवन में जीत को पा लेता है।
अनुशासन अपनाएं।
A personal development (self-improvement) resources blog. By regularly reading this blog, you will be more confident, courageous and bold. These traits are necessary for enjoying FREEDOM of thought, feelings and actions. आत्म विकास (आत्म सुधार ) के लिए इस ब्लॉग को पढ़ें। इस ब्लॉग को लगातार पड़ने से आप की सोच बदलेगी। जैसे ही सोच नकारात्मक से सकारत्मक हुई , आप के जीवन में दुःख और समस्याएं कम और सुख और खुशियां बढ़ती जाएँगी। इस ब्लॉग को पड़ने से आप की English में भी सुधार आएगा
Discipline is greater
than motivation for SUCCESS.
सफलता के लिए
अनुशासन अभिप्रेरणा (मैडिटेशन)
से अधिक महत्वपूर्ण है।
अनुशाशित मनुष्य जीवन में जीत को पा लेता है।
अनुशासन अपनाएं।
B 1316
बड़ा मुश्किल है
उसे गिराना
जिसे
ठोकरों ने
चलना सिखाया है।
पढ़ने के लिए जब जाएं या आएँ
तो यह सोच कर न जाएं
कि क्लास लगानी है
बल्कि यह सोच कर
आएं कि☺️
आज
कुछ
नया
सीखना
है।
अपनी नोट बुक में डेट डाल कर लिखें
"आज मैंने क्या सीखा है?"
'What have I learnt today?"
सोने से पहले :
दर्पण में देखेँ और यह तीन प्रश्न पूछें।
1
क्या आज मैंने कम से कम तीन अनजान लोगों को थैंक यू कहा।
2
क्या आज मैंने किसी का दिल तो नहीँ दुखाया। मन, बचन और कर्म से।
3 आज मैंने नया क्या सीखा है?
इसे डेट डाल कर अपनी नोट बुक पर लिखें। 1 महीने एक साल में आप दूसरों से स्व सुधार में बहुत अग्रिम हो जायोगे ।
4
और शांति से सो जाईये।
Self
Motivation/Guidance
एक मिन्ट में की गयी तैयारी या काम बैसे ही है जैसे किसी बड़ी ऊँची बहु मंजिली इमारत के लिए लगाई गई एक ईंट।
एक एक ईंट से बहु मंजिली इमारत बनती है। एक एक पल में की पढ़ाई/तैयारी कठिन से कठिन पेपर में भी सफलता दिलवा देती है।
लाखों ईंटें लगा कर एक बड़ी इमारत बनती है। इसी तरह लाखों। मिन्ट।की तैयारी से कोई
पेपर पास होता है, ओलिंपिक में गोल्ड मैडल मिलता है।
जब कोई तैयारी कर रहा होता है, अलोचक शब्दोँ और तंज कस कर निरुत्साहित करते हैं
परन्तु जब परिश्रमी परिश्रम नहीँ छोड़ता है और सफल हो जाता है तो यही निरित्साहित करने बाले तालियां मारते हैं सभी से कहते हुए बहुत फूलते हैं "यह मेरा दोस्त/ जानकार है"
रविबार की सुप्रभात
नोट: "मेरा" शब्द लड़कियों और लड़कों दोनों के लिए माना और पढ़ा जाए। बार बार मेरा/मेरी लिखना संदर्भ में उचित नहीं रहता।