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रविवार, 25 जुलाई 2021

मोटिवेशन

 Motivation 


वड़ी दिवारों से ही 

वड़े किले का और ‌‌‌दरवाजा ‌‌‌‌‌‌‌‌‌निकलता है।


जितना ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌संघर्ष‌  वड़ा और ‌

कठिन होगा ‌‌‌‌‌

जीत का सुख भी ‌‌‌‌‌‌उतना वड़ा होगा।


मंजिल उतनी ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌सुहावनी   होगी।


संघर्षों से केवल स्व अनुशासन, स्व ‌‌सुधार से  ही जीता ‌‌‌‌‌‌‌‌जा सकता है।


Regular self improvement 🤣 😜 

is foundation of FREE Will that brings success and freedom to the doer.


सोमवार, 5 अप्रैल 2021

घर बैठे इंग्लिश बोलना/लिखना सींखेँ

 अभिप्रेरणा

Self Motivation

☺️

English(इंग्लिश) बोलना/लिखना उतना ही आसान है जितना एक Cycle(साईकल) चलाना।


***

साईकल कैसे चलता है?


 ●  स्टेज 1: 

छोटा बच्चे को माता पिता, मामा मामी, चाचा चाची या कोई रिश्तेदार छोटा साईकल ले कर गिफ्ट दे देते हैं।

बच्चा बहुत खुश होता है, उसके आँखों मे खुशी की चमक देखने लाइक होती है।


क्या इंग्लिश लिखने या बोलने के लिये आप में बह ललक या खुशी है😢सोचें और ललक पैदा करेँ।

😊

जनून (ललक) में ही सफलता का सकून है।


● स्टेज 2:

अब बच्चा अपने साईकल को लेकर टेड़ी मेड़ी जगहों पर चलाता है।

★★

 गिरता है, रगडें और चोटें लगती। कोई नुक्ता चीनी निकालता है। कोई डाँटता है।

°

घर के बड़े साईकल चलाने के लिये मना करते हैं।

👏

परन्तु बच्चा पूरी लगन और जोश से साईकल चलाता रहता है।

रात सोय हुए भी साईकल के सपने लेता है। 

अन्त सफल हो जाता है।

बड़े कहते हैं कि जब बड़े हो जायोगे साईकल चला लेना।


परन्तु बच्चा बडों से चोरी चोरी साईकल घर से निकाल कर चलाना शुरू कर देता है। 

●●

गिरता है  संभलता है औऱ अंत गिर गिर कर साईकल चलाना सीख जाता है।

🎁

मान लें बच्चा 3 साल की उम्र में साईकल चलाना सीखता है। छोटे साईकल से बड़े पर आ जाता है।


फिर सारी उम्र स्कूटर/कार आदि चलाता है। 

?

परन्तु कभी 80 साल की उम्र में उसे साईकल चलाना पड़ जाता है। 


क्या बह चला सकता है? 

जी हाँ। जरूर चला सकता है।

★★

कोई भी सीखी हुई कला कभी न कभी काम आ जाती है। 

कभी भूलती नहीँ। 

थोड़ी कोशिश से याद आ जाती है।

☺️

इंग्लिश भी ऐसे ही है। जो आज कठिन लग रही है, कल आसान लगे गी।

●●●●●

प्रोफेसर साहिब ने 40 साल पहले इंग्लिश सीखने के लिये जनून से अँग्रेज़ी पड़ना शुरू किया।

उस समय 24 घण्टे अँग्रेज़ी ही अंग्रेज़ी दिमाग में घूमती थी।

सारा समय शब्दोँ के अर्थ डिक्शनरियों में ढूंढने में लग जाता था।

★★★★

परन्तु आज अखबार आती है। 5 मिन्ट लगते हैं । हेड लाइन और न्यूज़ स्कैन करके सब पता लग जाता है।


लगन से पढ़ो।

★★

जानें।

साईकल तब तक चलता है जब तक पैडल मारते रहो।

इसी तरह अँग्रेज़ी प्रैक्टिस चाहती है।




रविवार, 21 मार्च 2021

घर बैठे English बोलना/लिखना सींखेँ

 Motivation


Discouragement discourages.😊


But don't let it discourage you and allow it to turn into FRUSTRATION and STRESS.

😢

पतझड़ में उत्साहित रहने बाले ही बसंत के नजारों का आनंद लेते हैं।

💐




शनिवार, 13 मार्च 2021

घर बैठे English बोलना/लिखना सींखेँ

 मोटिवेशनल/अभिप्रेरणा

😢

सपनों को साकार करने की इच्छा कभी मरने न दो, बल्कि उन्हें पूरा करने की कोशिश करते रहो। 

जिंदा सपने कभी न कभी पूरा हो ही जाते हैं।

☺️

जब बच्चा छोटा होता है तो सबसे पहले मां के बाद डॉक्टर या नर्स के संपर्क में आता है।

☺️

मिस्टर जॉन (काल्पनिक नाम) जब छोटा बच्चा था उसके मन में डॉक्टर बनने की इच्छा  उत्तपन्न हुई।

😢

मिस्टर जॉन सात भाई बहनों में सबसे बड़े थे।

पिता के साथ खेत में हाथ बंटाते थे ।

😢

 तभी सभी  भाई बहनों का पेट भर खाने के लिये आनाज पैदा कर पाते।

😢

ग़रीबी के कारण जॉन को पढाई 10 साल बाद छोड़नी पड़ी और वह गांब से शहर आ गया। 

■■

एक होटल में वेटर की नौकरी कर ली।

● शादी हो गई।

◆◆

पति पत्नी शहर में रहने लगे। पत्नी घर संभालती और पति होटल में काम करता। 

बच्चे हुये, पढ़े लिखे, शादी हुई अलग अलग अपने परिवार शुरू कर लिये।


★★

अब मिस्टर जॉन की आयु 54 बर्ष की हो गई थी।

👍

एक दिन मिस्टर जॉन की पत्नी ने कहा:

मिस्टर जॉन आपका डॉक्टर बनने का सपना था। 

मिस्टर जॉन ने सिर उठा कर पत्नी को देखा। 

आँखे नम थी।

आंखों में आसूं गिरने बाले ही थे।

मायूस हो मिस्टर जॉन बोले: अब कहाँ, अब तो मैं बूढ़ा हो गया हूँ।

😢

पत्नी ने ढांढस बंधाते हुए कहा: नहीँ मैं आपकी जगह होटल में बेटर का काम करूंगी और आप कॉलिज जायोगे।

👍

3 साल बाद मिस्टर जॉन 57 साल की उम्र में डॉक्टर की पढ़ाई करने के लिये कालिज गए और 63 साल की उम्र में डॉक्टर बन गए।

👌

बचपन का सपना जो जिमेबारिओं और मजबूरियों ने दफन कर दिया था 63 साल की उम्र में पूरा हुया।

💐

Never, never give up your dream.





शनिवार, 20 फ़रवरी 2021

घर बैठे English बोलना/लिखना सीखे।

 

शिष्य ने
 गुरु जी की 
घास फूस से बनी 
कुटिया में ज्यूँ 
ही प्रवेश किया

गुरु जी ने 
भांप लिया 
कि इसके मन में
कुछ उथल पुथल चल
रही है।

गुरु जी ने पूछा :
वत्स,
 बतायो मन में क्या चल रहा है, इतने बिचलित क्यूं हो?

4
बस पूछने की देर थी
जैसे जल का  बांध  टूट गया होता है

बैसे ही वत्स ने बोलना शुरू किया।

4.1 
मैं अपने लक्ष्य से चूक गया।
4.2
 मेरे टीचर ठीक पढ़ाते नहीँ।
4.3
 घर पर काम बहुत है।
 माता पिता समझते नहीँ कि 
मैं पढ़ता हूँ। 
हमेशा अपनी मर्जी थोपते

4.4 
सभी मुझे ही आवाजें लगाते हैं।

4.5
  😊पढ़ने के लिये समय नहीँ मिलता।

4.6 
कुछ किस्मत भी खराब चल रही है।

5
गुरु जी सुने जा रहे थे। 

वत्स से बोले: 

मैं समझ गया आप 3 दिन बाद आना।

आपकी सारी समस्यायों का समाधान दूँगा।
6

3 दिन बाद बह लड़का गुरु जी के पास आया और आशा भरी निगाहों से गुरुजी की तरफ देखा।

गुरु जी ने दूसरे शिष्यों को जाने के लिये इशारा किया।

सभी ने प्रणाम किया और प्रस्थान कर गए।


केवल वत्स और गुरुजी रह गए।

7
आपके पास किताबें हैँ?
●     जी हाँ|

किताबें स्कूल/कालिज कौन ले कर जाता है?
 ●     मैं गुरुजी।
(वत्स सोच रहा था कैसा बेतुका प्रशन है?)

बहां किताबों को खोलता कौन है?
●       मैं गुरु जी।

किताब को पढ़ने के बाद बन्द कौन करता है?

●       मैं गुरु जी।
(वत्स बहुत हैरान था कि कैसे कैसे प्रशन गुरुजी पूछ रहे थे)

कभी किसी किताब ने यह कहा कि बस अब मुझे बन्द करदो?
● नहीँ कभी नहीं गुरु जी।

तो सुनो :
■ <जब तक आप अपने जीवन में सफलता व बिफलता की जिमेबारी स्वयं पर नहीँ लेते, तब तक सफलता संभव नहीँ है। 

3 दिन पहले आप ने सभी को अपनी असफलता का दोषी बना दिया, 

परन्तु अपनी जिमेबारी के बारे में नहीँ बताया।
बदलाव तो आपको अपनी सोच में करना है,
 परिश्रम कर समर्थ बधाना आप की अपनी जिमेबारी है।

किताबें हैं, 
पढ़ना आप शुरू करते हो, 
आप ही पढ़ना बन्द करते हो

 तो दुसरों का क्या दोष।

■ समय नहीँ है?

 क्या जो सफल होते हैं उनको 26 घन्टे रोज़ मिलते हैं?

■ एक घण्टा रात पढ़ो, नींद का त्याग करो।

     एक घण्टा सुबह पहले उठो, और पढ़ो।

     सफलता चाहिये तो संघर्ष तो करना ही पड़ेगा।

 संघर्ष का दर्द तो सहना पड़ेगा।
इसके लिये अपने आप को तैयार करो। चैलेंज एक्सेप्ट करो।।फिर देखो, जो चाहोगे बह मिलेगा।
😢
वत्स सब समझ चुका था। 

उसे समझ आ गईं  थी कि सफलता की कुंजी मेरे अपने पास है। 

गुरु जी को नमस्कार किया और प्रस्थान कर गया।
😢😢
यह हम सभी की दशा है।

 हम अपनी असफ़लतायों के लिये बहाने ढूंढते हैं,
 दुसरों को दोषी मानते हैं,

 जबकि बदलाव तो अपनी सोच और जीवन शैली में करना है।

उसके लिये मन से तैयारी और संघर्ष करना हमारी अपनी जिमेबारी है।
किस्मत और दूसरों की नहीँ।


रविबारिय शुभ प्रभातम।




घर बैठे अँग्रेज़ी बोलना/लिखना सींखेँ

 

मोटिवेशन


सफलता के लिये

मेहनत का दर्द तो

सहना पड़ेगा।


घबराएँ नहीँ। मेहनत करें।


सोमवार, 25 जनवरी 2021

मोटिवेशन

 

B 1319

Motivation

 अभिप्रेरणा

Motivation is of two types

अभिप्रेरणा के दो प्रकार।


1

 Temporary Motivation-

  अल्पकालिक, अस्थाई अभिप्रेरणा (3 अ)

*See a movie and  get inspired temporarily.

चलचित्र देखेँ और अल्पकालिक प्रेरणा प्राप्त करें।


**Read a motivational book and get temporarily inspired.

मनोबल पर कोई पुस्तक पढें और अल्प काल के लिये प्रेरणा पाईये।


***Hear a positive story on TV or from a person and get temporarily motivated.

TV पर कोई सकारत्मक उपलब्धि की कहानी सुनकर अस्थाई प्रेरणा प्राप्ति करेँ।

**** More may be added.

और भी जोड़े जा सकते हैं।


Motivation Permanent

अभिप्रेरणा -दीर्घकालिक/स्थाई

Set a High Goal/aim/target and work hard and smart  to achieve that goal/aim/mission.

जीवन के लिये 

बढ़े गोल/लक्ष्य/टारगेट बनाये 

और इस गोल/लक्ष्य/टारगेट/मिशन 

को प्राप्त करने के लिये जी जान से जुटकर प्राप्त करें।


स्थाई अभिप्रेरणा में आदर्श बाक्यों का बड़ा महत्ब है।

कुछ आदर्श वाक्य के उधाहरण

* पढ़ने के लिये आएँ, 

सेवा के लिये जाएं-               स्कूलों के बाहर लिखा होता है।


**   उचित शक्ति समर्थता देती है।

***  चरित्र चमन(जीवन) को चरितार्थ करता है।

**** कदम कदम बढ़ाए जा

         खुशी के गीत गाए जा।

***** संकल्प से शक्ति


अपने जीवन मे किसी भी आदर्श वाक्य को अपनी प्रेरणा और अभिप्रेरणा बनाये और लक्ष्य प्राप्ति करेँ।







गुरुवार, 21 जनवरी 2021

घर बैठे Bank Paper की तैयारी करें।


Motivational

घबराएँ नहीँ
2
आप ने बहुत औऱ अच्छी तैयारी की है ।
3
आप लाखोँ करोड़ों दुसरों से बेहतर हो। ज्ञान बान बन गए हो, ज्ञान बोध अधिक हुआ है।
4
जरा सोचिए दो भाई हैं । एक को पढ़ने की आदत है, शौक है।हर रोज़ एक पन्ना पढ़ता है एक साल में बह 365 पन्ने पढ़ लेता है। 

दूसरा पढ़ने की बजाए बातें करने, लड़ने झगड़ने में  ब्यर्थ गंबाता है 
उम्र दोनो की एक साल बढ़ गई परन्तु अक्ल और ज्ञान पहले का बड़ा  ।
 दूसरे का नहीँ।
इसी तरह आप हैँ। बैंक पेपर की तैयारी से पहले का ज्ञान स्तर और अब का ज्ञान स्तर ब बोध बड़ा है।
5
इसलिये अपने पर मान करेँ। गर्ब करेँ। बिश्वास करेँ। जीत आपकी है।

शुक्रवार, 15 जनवरी 2021

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करेँ

सफलता का सबसे पहला चरण

  अपने दोस्त आप  बने।

1

कोई जितनी मर्जी आलोचना करे।

2

आप उसे इग्नोर करके अपनी आलोचना कभी न करें।

3

गलती हो भी जाये तो जल्दी से जल्दी भूल सुधारें।

4

दूसरी बार गलती न करें।

  जो कोशिश करता है बहि गलती करता है।

5

जो बार बार बात बात पर बीती हुई गलतियों को दोहराये ,

उन्हें जिन्दगी से इग्नोर कर के सफलता पर बड़े।

Yes, constructive criticism is good for growth and development.

6

कुछ लोग पैसे से बड़े, डिग्री से बड़े परन्तु बौद्धिक क्षमता में पहले चरण से ऊपर नहीँ जाते। 7

ऐसी सोच बाले कभी आपको भी आगे बड़ता देख मन से खुश नहीँ होते।

8

इनसे अपनी सफ़लतायों या सपनो को छुपा कर रखें अधिक तेजी से उन्नति की राह पर बड़ोगे।

9

 नहीँ तो सफलता बहुत कठिन हो जाएगी। 

मनोबैज्ञानिक बिरोधता आगे नहीँ बड़ने देती।

10

अपने जीवन के मालिक आप बने । 

अपने जीवन की जिमेबारी स्वयं लेँ।


ज्ञान से ही सच्ची आज़ादी है। बर्ना डर बना रहता है।

बाहर कोई डर नहीँ है। सब डर सोच के है।


डर का सामना करेँ। साँच को आँच नहीँ होती।





गुरुवार, 19 नवंबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 मोटिवेशनल कथा


1
 एक राज्य के बहुत से गांब को एक ही रास्ता जाता था।

2
इस रास्ते को यदि बंद कर दिया जाए तो उन गाँवों को पहुंच मार्ग कोई नहीँ था।

3
रास्ते के इर्द गिर्द बड़ी बड़ी उँची पहाड़ियां थी। यदि रासता बन्द तो गांवों को केवल पहाड़ियों पर चढ़ कर जाना पड़ता था। जो कठिन काम था।

4
उस देश के राजा बहुत बुद्धिमान थे
 
5
माननीय राजा के  मन मे एक योजना आयी ताकि मेहनती और लगन से काम करने और आलसी लोगोँ क़े बारे में पता लगा सके ।

6
 उन्हों ने राज्य के सिपाहियों को आदेश दिया कि उन गाँवों को जाने का रास्ता बंद कर दिया।

7
सिपाहियों ने राजा के आदेश का पालन किया। और एक बहुत बड़े पत्थर से बन्द कर दिया।

8
अब  गांब के निवासी आते जाते राजा और प्रशासन को कोसते और पहाड़ पर चढ़ने लगे।

9
ऐसे कई दिन गुज़र गए और लोग राजा और प्रशासन को कोसते रहे।

10 
एक दिन एक मेहनती लग्न शील युवक उन में से एक गांब में अपने रिश्ते दार से मिलने आया। परन्तु जब गांब को जाने बाले रासते को बन्द पाया तो थोड़ी देर बुदबुदाहट में मग्न रहा।

11
उसके बाद उसने सोचना शुरू किया कि इस भारी भरकम पत्थर को कैसे उठाया जाए।

12
काफी कोशिश करने के बाद बह युवक उस भारी भरकम पत्थर को हटाने में सफल हो गया।
पसीना बहुत आया   , थकावट बहुत हो गई थी।

13*****
बह उसने सोचा , थोड़ा आराम करके आगे का सफर शुरू करता हूँ।
 जब बह एक पत्थर पर बैठा आराम था तभी उसकी निगाह एक लाल थैली पर नजर पड़ी । उत्सुकता और बड़ी।

14 
बह उठा और थैली खोली। देखा उसमें 1000 सोने की मोहरें थी। साथ में एक शाही फरमान था।
"जिसे यह 1000 सोने की मोहरें मिलें बह माननीय राजा को राज दरबार में मिले"

15
युवक बहुत खुश था। गांब बाले भी खुश थे कि गांब का रासता खुल गया।

16
दूसरे दिन युवक छाती फुला कर राजा के दरबार में पहुंचा।

17
जैसे ही दरबान को राज दरबार का फरमान दिखाया। दरबान ने आदर से उसे राज दरबार में जाने दिया।

18
राज दरबार में सआदर मंत्री को राजाजी का फ़रमान पत्र दिया। राजाजी को फरमान सुनाया गया।
राजाजी ने उस युवक को देश को उन 10/15 गांब का प्रधान बना दिया। वह प्रधान पद से प्रधानमंत्री बन गया।

19
यह है मेहनत, कोशिश औऱ लग्न का फल।
जो आम इंसान को कठिन और असंभब लगता है बह मेहनती लगनशील के लिए सहज होता है। यही फर्क है कोसने और करने बालों में।

20

आप भी पढ़ो उस युवक जैसा बनो। सारी उम्र सुख से जियो।