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रविवार, 28 फ़रवरी 2021

घर बैठे English बोलना/लिखना सींखेँ

 Personal 
Transformation
Tip

😢
Computer advises

💐
Press Control+ alt+delete and I am at total rest.

*Control* yourself.
*Alter*  your thinking.
*Delete * negativity

and you will be completely stress- free.

Anger
Anxiety and
 Worry

destroy
MEMORY.

With this formula of control+alt+delete anger, anxiety and worry will run away.

कंट्रोल+ऑल्ट+डिलीट दवाने से कंप्यूटर बन्द हो जाता है।
 इसी को अपने जीवन में अप्लाई करेँ तो जीवन सुधर जाता है
1 
अपने आप को अनुशाषित और कंट्रोल करो। बेलगाम आजादी नहीँ बल्कि जिमेबार बन कर मर्यादित आज़ादी का आनंद लें।
2
आल्टर: का अर्थ बदलना काट शांट कर। सोच बदले संसार बदल जायेगा।
3
डिलीट: खत्म करना। अपनी नकरत्मकता को खत्म करें। मन को शान्ति मिलेगी।
शांति शक्ति है। शांति प्रगति देती है, शांति जीवन ऊर्जा है।

सुसंध्या






घर बैठे English बोलना/लिखना सींखेँ

 पर्सनल ट्रांसफॉर्मेशन

आयो बदलें

*Value of Degree*

💐

1 

Boosts knowledge and brain. Response for solution increases.

2 Boosts ego.

Choice lies with you what to focus upon.


Acquiring a degree means recognition that degree holder has at least that level of knowledge.

डिग्री का अर्थ है कि डिग्री होल्डर 


लोक कल्याण भूल कर कई   डिग्री के ज्ञान का अहंकार बश दुरुपयोग करते हैं।

ऐसा करने से बचें।

पढ़ने लिखने और डिग्री के भी लेवल होते हैं।

😢

एक शोध (रिसर्च) से पता चलता है यदि आप

1 

ग्रेजुएट हैं तो दुनिया के 8% लोगों में हैँ। 

2

यदि आप पोस्ट ग्रेजुएट हैँ तो आप दुनिया के 1% लोगों में से हैँ "।

3

यदि आप Ph D हैं तो दुनिया के टॉप0.00001% ब्रेन में से हैँ।

अपने पर मान करेँ। स्वभिमान महसूस करें। 


अभिमान नहीँ।

कुछ लोग तो सारी उम्र डिग्रियों के अभिमान के बोझ तले ही दवे रहते हैं और दुनिया में रोल है उसको डिग्रियों से तुलना करते रहते हैं।लेकिन 


दूसरों से आशा न करें कि वह आपका मान सम्मान करेगा। कियूंकि आप ने पढाई की है और आपका सचाई के प्रति नया हुया है, दुसरों का नहीँ।

स्वभिमान से जियें।

😢 लेवल 2

अब डिग्री के बाद थ्योरी तो पता चल गई। 

परन्तु वास्तविकता किताबों में सम्पूर्णता नहीँ।

👍

काम बस्तविकता है।


ज्ञान का सदुपयोग तभी है जब *डिग्री *का अहँकार छोड़ , डिग्री को काम मे लगाएं।


जो काम पर डिग्री ज्ञान का प्रयोग करते हैं बह जीवन में सुखी और सफल हो जाते हैं


कोई रोक नही सकता।


काम के प्रति रबैया डिग्री ज्ञान को चार चांद लग जायेंगे।

पढें और जाने।

एक पिता ने अपने 3 बेटों को कॉमर्स में ग्रेजुएट करवाया और तीनों भाईयों को एक शिप कंपनी में नौकरी कर ली।


पिता ने दूसरे देश में रहना शुरू कर दिया।

4-5 साल में बह बापिस आया और  यह जान कर बहुत हैरान हुया कि

1 पहले बेटे की तनखाह 10 हज़ार।

2 दूसरे की 25 हज़ार।

3 तीसरे की 1 लाख।

अब पिता हैरान भी और परेशान भी।

उससे रहा नहीँ गया और बह कंपनी के मालिक से मिला।और पूछा कि जब इनकी क्वालिफिकेशन एक जैसी है तो तनखाह अलग अलग क्यों?



कम्पनी के मालिक ने कहा: 

सर आप एक दिन आ कर मेरे आफिस में बैठ जाईये।

 बिना अपने बेटों को बताए।


पिता ने बैसा ही किया।

मालिक ने पहले बेटे को बुलाया और कहा: 

जाऔ समुन्दर में जहाज़ आया है, 

देखो कुछ हमारे काम का है?


2 घन्टे बाद इसके केबिन से फोन आया: सर हमारे लिये उस जहाज में कुछ नही है। मैंने फ़ोन पर पता कर लिया।

अर्थ सुस्ती की अति। अपने केबिन से उठने की भी जहमत नहीँ की। 

काम के प्रति ऐसे रवैये बाले की तरक्की कभी नहीँ होती। यह हमेशा दुसरों को दोष देते रहते हैं। किस्मत, सरकार, माँ बाप, डिग्रियां। हमेशा बलेम करेंगे कि काम बहुत। अरे काम है तो तनख्वाह मिलती है। बिना काम तो पैसे कहाँ से आयेंगे।

यह दुसरों की तरक्की पर अंदर ही अंदर जलते भूनते रहते हैं और काम में रुचि कम और गलतियां अधिक।


नतीजा कमाई बढ़ने के घटती जाती है।।


"★★

अब दूसरे लड़के को बुलाया और मालिक ने बहि कहा:

डॉक पर शिप आया है। देखो कुछ हमारे काम का है?


यह अपने केबिन में गया औऱ चाबी ले अपनी बाइक से डॉक पर पहुंचा। सारा जहाज देखा बापिस आया और मालिक को बताया; सर मैं गया था।

 जहाज एजेंट ने चैक किया और बताया कि इस जहाज में आपके लिये कुछ नही है।


★★★

अब तीसरे बेटे को बुलाया और कहा: जायौ डॉक पर शिप लगा है। उसमें देखो कि हमारी कम्पनी के लिये कुछ है?


°इस बेटे ने जिसे 50 हज़ार मिलते हैं ने उत्तर दिया।: सर मुझे कल पता लग गया था और सुबह मैंने एक ट्रक माल उसमें से लाकर गोडाउन में रखवा दिया था।


मालिक ने आभार पूर्ण निगाहों से देखा और कहा बैठो: चाय पीते हैं। 


चाय के तीन कप आए।


लड़का हैरान कि तीसरा कप किसके लिये है?

तभी बहां लड़के के पिता मालिक के पर्सनल केबिन से उठ कर आये।


लड़का हैरान और पिताजी को प्रणाम किया।

जब तीनोँ चाय पी रहे थे तो मालिक ने पिता की तरफ देख बोला: सर

पिता ने हाथ से उसे चुप करवा दिया और बोले: मैं सब जान गया हूँ, आपको बताने की जरूरत नहीँ रही।

डिग्री का बखान नहीँ, डिग्री से काम और जहां काम करते हैं उसमें क्या बढ़ोतरी की उस पर फोकस आपको जीवन में तरक़्क़ी देगा।


तीसरे तरह के लड़के का रबैया रखने बाले को काम, तरक्की और नौकरी पीछे पीछे भागती है।

सोचिये:

जो जीवन लक्ष्य है, उसकि ओर आप कितना समय और ध्यान देते हैं।

काम से पैसा मिलता है। पैसे से जरूरत पूरी होती है। और सुख मिलता है। यही बस्तविकता है।


मेहनत से लक्ष्य प्राप्ति।

आपका लक्ष्य English बोलना/लिखना है।

अधिक से अधिक अँग्रेज़ी पढें, सींखे, लिखें, जाने ,

पर बगारें न।

यह आपका अपना गुण है आपका संसार में  मोल बढ़ाएगी।

धन्यबाद