B 1429
ऊपर बालों को देखातो दुःखी हो गयायह सोच कर किमेरे पास नहीँ है कुछ खास2अपने से नीचे बालों को देखातो लगा मेरे पास तो बहुत कुछ हैऔर मैं हूँ कुछ खास।3पूछा जब मैंने बनाने बाले सेबह मुस्करायाऔर उसने बतायाघबरायो नहीँ,सारी दुनिया में तुम एक हो
तुम जैसा न कोई बनाया
और तुम हो मेरे खास।4
मैं खुश हुआ,उदासी आशा में बदलीबड़ती गई मेरी हर पल जीने की आस।आंख बंद कर जब निहारातो पाया मैं हूँ खासक्यों घबरायूं मैं,जब दुनिया बनाने बाले का हैमेरे सर पर हाथ।शुभ रात्रि।** जहां अपना नाम बोलेंआत्मिक मनोबल बड़ जाएगा।Note:
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