Labels

Sunday, December 25, 2016

EDUCATION Loan

गाइडंस  (Guidance )

Image result for Education

भारत में शिक्षा खर्चीली है।  यह यथार्थ की बजाय एक दिमागी पहाड़ अधिक है।  जबकि शिक्षा एक ऐसी इन्वेस्टमेंट है जो बच्चे के लिए बरदान है।

A child without education is like a bird without wings.
एक 
अशिक्षित बच्चाबैसे है जैसे  बिना परों के पक्षी। 

Education i s a better guard of liberty than standing army.
सेना की बजाये शिक्षा बेहतर मानसिक आज़ादी प्रदान करती है। 

Educating a child today is preparing the child for tomorrow i.e. future.
 बच्चे को आज पढ़ाने का अर्थ है उसका भविष्य संबारना। 

It is education that enables a child to travel the entire world with least  spending  More world can be visited and understood through reading books.

शिक्षित इंसान कम खर्च से दुनिया की सैर कर सकता है।  अधिक दुनिया किताबें पढ़ कर समझी जा सकती है। 

अब एक केस स्टडी। 

5 -7 बर्ष पहले एक करियाना (grocer ) आया और कहने लगा :
आज के महंगाई के युग में 

परिवार पालना और बच्चों की पढ़ाई बहुत ही खर्चीला काम है। 

प्रोफेसर साहिब ने पूछा यह आप क्यों कह रहे हैं ?

ग्रोसर बोला :


 साहिब मेरी तीन बेटियां हैं।  बड़ी  12 बीं मे पढ़ रही है , उससे छोटी 10 बीं में और उससे छोटी 9 बीं क्लास में।  मैं बड़ी मुश्किल से 15000 रूपए महीना कमा पाता हूँ।  मैं हमेशा चिंतित रहता हूँ की इनकी शादी कैसे कर पायूँगा। 

यह सब उसने एक ही सांस मैं कह दिया।  जिससे पता चलता था कि बह कितना परेशान है। 

प्रोफेसर साहिब बोले : आप अपनी बड़ी बेटी को मेरे पास भेजना। 

ठीक साहिब , बह बोला। 

कुछ दिनों के बाद उसकी बड़ी बेटी और ग्रोसर आप आया। 

बेटी ने बताया कि बह  12 बीं क्लास Non -Medical में कर रही है और उसके बाद B.Sc करेगी। 

बिलकुल सही , आप B.Sc करने के बाद मेरे पास आना और आगे की पढ़ाई के लिए में आपको गाइड कर दूंगा।  परंतु B.Sc में कम से कम 50 % नंबर जरूर लेना। 

उसके 3 -4 साल बाद बह लड़की अपने पिता के साथ आई।  उसने B.Sc. 66 % नम्बरों से पास की थी। 
प्रोफेसर ने  दी।  

अब आगे की क्या प्लान है।  लड़की ने अभी बोलना ही था उससे पहले उसका पिता बोला : अच्छा सा लड़का देख इसकी शादी करेंगे।  

इस उत्तर से लड़की के चेहरे पर उदासी छा गई।  

प्रोफेसर ने लड़की से पूछा : बेटी आप क्या करना चाहती हो ?

"मैं आगे पड़ना चाहती हूँ "

पिता से पूछा : आप इसकी शादी पर कितने पैसे लगायोगे 

पिता बोला : 2 -3 लाख लगा ही दूंगा। 

"ठीक है आप केवल 50000 रूपए दें और यह MBA कर लेगी। MBA करने से इसको अच्छी नौकरी मिल जाएगी और यह साड़ी उम्र आपकी सहायता करेगी "

पिता हैरान था कि क्या ऐसा हो सकता है ?



प्रोफेसर ने लड़की को कहा , आप MAT की तैयारी करो।  MAT (Management Aptitude Test ) होता है जिससे MBA में एडमिशन मिलती है।  

प्रोफेसर ने अंग्रेजी बोलना लिखना सीखाया। 

लड़की MAT पास कर गयी।

उसके बाद उसने MBA के लिए क्वालीफाइंग टेस्ट जैसे GD , PT ,ST  आदि पास कर लिए। 

पिता ने जो 50000 रूपए दिए थे उनसे कालिज को फीस का एडवांस दे दिया। 

कालिज ने प्रोविजनल एडमिशन लैटर भेज दिया।  

यह लेटर लगा कर और कई डॉक्यूमेंट लगा कर बैंक से एजुकेशन लोन ले लिया।  बड़ी आसानी से लोन मिल गया। 

2 साल होस्टल में रह कर लड़की ने MBA कर ली और एक कंपनी ने कैंपस इंटरव्यू में उसे स्लैक्ट कर लिया। 
कुछ साल उस कंपनी मैं काम करने के बाद उस लड़की की ऑस्ट्रेलिया मैं काम करने बाले लड़के से शादी हो गई।  

कुछ साल बाद उसकी बहने भी ऑस्ट्रेलिया चली गई।  पिता और माता भारत में हैं और बहुत खुश हैं कि उनकी तीनों बेटियां खुश हैं।  प्रोफेसर का धन्यवाद करते है। 

बैंक लोन तो 7 साल में ख़त्म हो जायेगा परंतु MBA की डिग्री और उससे मिला मान सामान तो हमेशा  ही रहेगी। बिना लोन के पिता हो सकता उन बच्चों की पढ़ाई 12 बी में ही बंद कर देता।  बच्चों का भविष्य 99 % माता पिता द्वारा हौसला और आर्थिक सहायता देने से होता है।  कोई दूसरा इतना बच्चों का भविष्य इतना परभाभित नहीं कर पता जितना माता पिता का हौसला।

यदि आपकी  स्थिति अच्छी नहीं है तब भी बैंक एजुकेशन लोन लेकर बच्चे को काबिल बनायो।  बच्चा कमाई करके  लोन बापिस लोटा देगा।  उसका साथ केवल  माँ बाप  और अपनों ने ही देना है किसी और ने नहीं।  पढ़ाई से ज्ञान बढ़ता है।   

असली धन 

धन बह इकठा करो जो तुम्हारी रक्षा करे। 
न की बह जिसकी रक्षा तुम्हे करनी पड़े।

Pic Courtesy : www.vasantinfotech.com

  Disclaimer:
The blogger never violates anybody’s copy right. In case any body’s copyright is violated, the company, the individual or anyone else may communicate to the blogger to this effect. The matter will be immediately addressed and violation remove




Thursday, December 22, 2016

भारत में मकान कैसे बनायें ?


How to build a house in India?Image result for small houses 

भारत में मकान कैसे बनायें ? 
इस ब्लॉग को पड़ने के लिए धन्यबाद। 

किरायेदारों  के लिए खुशखबरी।

जैसे ही मकान की बात करें तो मन घबरा जाता है।  मन मैं बड़े भयानक डरावने विचार आने शुरू हो जाते हैं।  क्योंकि हमने ऐसे लोगों से मकान बनाने की नकारत्मक अनुभव सुने होते हैं।  यह अनुभव कैसे होते हैं :
1 . मकान बनाना बहुत ही कठिन काम है।
2 . मकान बनाने के लिए मजदूर सही नहीं मिलते हैं।
3 . मज़दूर तंग बहुत करते हैं।
4 . बनाने बाले मिस्री मकान बनाने से पहले लागत 1०००  रूपए बताएं तो असलियत में 5000 रूपए लगते हैं।
5 . जीवन भर की कमाई लग गई परंतु मकान अभी भी पूरा नहीं बना।

यह कुछ ऐसी बातें हैं जिनको सुन कर जिसके पास मकान नहीं है  उसका अपना घर बनाने का हौसला ही टूट जाता है।  इस लेख को पड़ने के बाद आप का मन अपना घर बनाने के लिए उत्साहित हो जायेगा और आप अपने छोटे से बजट में भी अपना छोटा सा मकान बना कर अपने मां बाप या अपने बीबी बच्चों के साथ हंसी ख़ुशी और सुख से मालिक की तरह जीवन जी सकेंगे।

मान लें आप की तनखाह या इनकम 10000 रूपए महीना है।  एक साल मैं आप ने 1.20 लाख रूपए कमाए।  और आप किराये पर रह कर कम से कम 2500 रूपए किराया दे रहे हैं।  यानि एक साल में 30000 रूपए किराया देते हैं।  तो क्या करें :

1 . आधार कार्ड दे कर अपना इनकम टैक्स डिपार्टमेंट मैं रजिस्ट्रेशन करवाएं और पैन (PAN) कार्ड बनबाये।
2 . घबराएं नहीं पैन (PAN) कार्ड कोई आप से इनकम टैक्स नहीं मांगता।  यह आधार कार्ड की तरह ही है।
3 . इस पैन (PAN) कार्ड के बाद इनकम टैक्स की रिटर्न भरें।  रिटर्न भरने का मतलब यह नहीं कि आप ने इनकम टैक्स भी भरना।  इनकम टैक्स तभी भरा जाता है जब आप की इनकम मिनिमम आय से अधिक हो।  2015 -16 साल के लिए यह सीमा 2. 70 लाख है।  रिटर्न भरने से पहले इस सीमा की दोबारा कन्फर्म करलें।
4 . अब एक छोटा सा 25 गज से 100 गज का जमीन का टुकड़ा खरीदें।  इसकी रजिस्ट्री करवाएं।
5 . अब इस रजिस्ट्री को बैंक में दे कर , मकान बनाने के लिए लोन लें।  यह लोन किश्तों में 10 , 15 ,20 या 30 साल में बापिस  किया जा सकता है।  लोन की किश्त 1000 रूपए प्रति 1 लाख के करीब है।  बाकि आप खुद बैंक से पूछ सकते हैं।

इस तरह से जो किराया आप दे रहे हैं बही किश्त दे कर आप अपने मकान के मालिक बन सकते हैं।

अपने मकान में रहने के फायदे :
1 . मकान मालिक का दखल बंद।
2 . आपकी मानसिक स्थिति अधिक स्थिर और खुशनुमा होगी। घर के माहौल में ख़ुशी बढ़ेगी।
3 . जैसे जैसे बच्चे बड़े होंगे आप उनकी जरूरत के लिए मकान में कमरों की बढ़ोती  कर सकते हैं।
4 . बच्चे अपना मन अपनी पढ़ाई पर लगा सकेंगे।
5 . जब तक आप की किश्तें ख़त्म होंगी तब तक आपके मकान की मार्किट वैल्यू कम से कम तीन गुना बाद जाएगी।

आप अपना मकान बनाएंगे और उसमे रहेंगे तो सुख से ब्लॉगर को याद रखेंगे।  यही ब्लॉगर की ख़ुशी है।  
भला = लाभ     आपका भला ब्लॉगर का लाभ है।  करें ! करने से जिंदगी बदलती है।      सोच बदलें संसार बदलेगा।       बहरी संसार तो हमेशा से एक ही रहा है , रहेगा  केवल आंतरिक संसार बदलता है।  आदतें सुधरने से जीवन सुधर जाता है।  सदगुण इंसान को अर्श पर पहुंच देते हैं।








Pic courtesy: www.countryliving.com 

Tuesday, December 20, 2016

Ocean Waves

Image result for Ocean        Disclaimer:
The blogger never violates anybody’s copy right. In case any body’s copyright is violated, the company, the individual or anyone else may communicate to the blogger to this effect. The matter will be immediately addressed and violation removed.

लघु कथा , बृहद शिक्षा 


समुद्र के किनारे खड़ा एक व्यक्ति  समुद्र से आने वाली लहरों को देख रहा था।

लहरों का पानी समुद्र के किनारे से बाहर आ जाता और यह व्यक्ति उसे अपनी मुठि में भर कर फिर समुन्दर में फेंक देता।

यह नज़ारा समुन्दर के किनारे सैर करने बाले हर रोज़ देखते। 

कुछ बड़बड़ाते : शायद यह दिमागी तौर पर ठीक नहीं है?

दूसरे कहते :  यह पागल लगता है , घर के सदस्य इसे घर पर बरदाश्त नहीं करते  इस लिए समुन्दर के किनारे पर आ कर लहरों को बापिस फेंकता रहता है। 

इसी तरह के अंदाज़े बहुत से सैर करने बाले युवक और युवतियां लगाती।  वहुत से बच्चे उस व्यक्ति को देखते और अपने  माता पिता से तरह तरह के सवाल पूछते।  माता पिता भी जो मन आता बह उत्तर दे देते। 

इसी तरह से कई दिन बीत गए और सैर करने बाले भी मनगढ़न्त कहानियां अपने बच्चों को सुनाते रहे। 

एक दिन एक उत्सुक युवक ने हौसला करके उस व्यक्ति से  पूछा :

आप समुन्दर की लहरों को बापिस समुन्दर में क्यों फेकतें हैं ?   बड़ा अज़ीब सा लगता है।  क्या आप इस का उत्तर देंगे?

समुद्र के किनारे खड़ा व्यक्ति मुस्कराया और बोला : 

आप और दूसरे सैर करने बाले व्यक्ति जो सोचते हैं वैसा कुछ भी नहीं है।  बास्तव में  मैं एक मुठी भरता हूँ और समुन्दर में फ़ेंक देंता हूँ।  उस मुठी में  चार पाँच  घोंगे भी दोबारा समुन्दर में चले जाते हैं।  इस तरह मैं इन घोंगों की जान बचा लेता हूँ।  जो घोंगे समुन्दर की लहरों के साथ बहार आ जाते हैं और किनारे पर पड़े रहते हैं वह अपना जीवन खो देते हैं। 

इस पर युवक ने कहा : इससे कोई अधिक अंतर तो नही पड़ता। 

समुन्दर किनारे खड़े व्यक्ति ने उत्तर दिया :       सभी ऐसा  ही सोचते हैं और जो कर सकते हैं बह भी यही सोच कर नहीं करते  ,

लेकिन यह जो संसार है एक समुन्दर की तरह है और हम सभी का जीवन उन इंसानों की दें है जो जब से संसार बना है ने  छोटी छोटी कोशिशों की।

 अधिकतर इंसान बड़ी बड़ी उप्लाब्दियों के इंतज़ार में जीवन विता देते हैं  जबकि जीवन का सार तो छोटी छोटी  उपलव्दी में होता है। 

युवक इस उत्तर से बहुत प्रभाभित हुआ और उसे नमस्कार करके चला गया। 

फिर कभी उसने उसे  "पागल" की संज्ञा नहीं दी।  जब भी गुजरता तो उसे मुस्कराहट दे कर गुजरता। 








pic courtesy : www .youtube.com  

Saturday, December 17, 2016

Optimist vs. Pessimist

आशाबादी बनें, लंबी उम्र जिएं। 

Image result for Positive life

pic courtesy : www.pinterest.com 


आशाबादी बेहतर और लंबा जीवन जीते हैं  यह हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी अमेरिका की एक स्टडी ने सिद्ध किया है।  यह स्टडी कम रिसर्च 2004 से 2012 तक 70000 महिलायों के अध्ययन से प्राप्त हुई।  आशाबादी इन्सान सोचता है कि जो कुछ होगा बह अच्छा ही होगा।  इसके बिपरीत निराशाबादी सोच के इंसान  मानसिक कल्पनायों के कारण अपने जीवन को सकुंचित कर लेते हैं और उनकी आयु भी काम होती है। 


Friday, December 16, 2016

Mistakes

गलतियाँ

गलतियां जीवन में सीख दे कर सुधार लाती हैं
लेकिन बार बार एक ही तरह की गलती करने से गलती करना दृढ़ हो जाती है
और यह मूर्खता का धोतक है।  

Thursday, December 15, 2016

Life

जीवन एक सफर है।  
इस सफर के शायद दो भाग हैं। 
इन दो भागों  के बीच एक पड़ाव है शायद।  

यह मेरे अनुभव हैं।  

पहला भाग बचपन से शादी और बच्चों को पढ़ाना लिखाना और शादी करना। 
दूसरा उसके बाद का दादा दादी का रोल निभाना। 

हाँ जीवन केवल दुखों का ही घर नहीं है। 
या केवल सुखों से भरा ही नहीं है। 

जीवन दुखो और सुखों का मेल जोल ही है।  
यह नहीं कि हमेशा ही जीवन दुखी रहेगा 
और दूसरी तरफ यह भी सही नहीं है कि जीवन सुखों का बाग़ है। 

जैसे हर गुलाब के फूल के साथ कांटे होते हैं बैसे ही  जीवन में सुख के साथ दुःख होते हैं। 

जिसे हम आज दुःख या बुरी घड़ी समझते है , बीत जाने के बाद बह एक याद बन कर रह जाता है। 

जीवन जितना सरल और सादा हो उतना ही अधिक सुखदाई रहता है। 

बुरी आदतें और पंचभूत (काम, क्रोध ,मोह, लोभ, अहंकार ) इंसान का पतन कर देती हैं।  इनसे हमेशा साबधान रहना चाहिए।  सतर्क रहना चाहिए।  

यह मेरा हिंदी में पहला ब्लॉग है।  पड़ने के लिए धन्यबाद।  मैं अंग्रेजी जानता हूँ अंग्रेजी लिखता हूँ।  हिंदी के लिए गूगल टूल का प्रयोग करता हूँ।  गलतियों के लिए क्षमा करें। 

THANK YOU FOR NOTICE - contd.


It appears that I could not understand "how Adsense works" and could not monetize for the past over 8 years since the time I have been blogging.

Please help to activate my " Adsense Account" which is already with GOOGLe.

Google may place any good advertisements on my blog. No pornography or indecent advertisement, please.

And on the other hand, fixed remuneration may be paid and I and my team will blog in Hindi hence forth.

With thanks to GOOGLE for giving this forum. 

Sunday, December 11, 2016

THANK YOU FOR NOTICE

Attention: Google

Thank you for your notice. I am 59 and don't know about computer as when I got education, there was no computers. Hence, I don't know about cookies. I use the computer at internet cafe or at other places or friends. I don't have my own computer. I have been blogging for the past over 8 years but not a single dime has been received.

Advertisement is not needed. My work is confined to Ludhiana city only. Why do I need advertisement throughout world? 

Yes I can blog in Hindi but fixed remuneration should be there. I wish to work as a Freelancer. No service or target.

One thing is more, the comment tab should be "disabled" so that no body may comment filthily and post unwanted pornography.

This is blog of a professor. For a professor, all the readers throughout world are students irrespective of caste, creed, color or nationality.  I don't allow any wrong element cross the street  but on the sites I write, hackers hack and post filthy pictures and this troubles. I don't know about computers. In my mobile phone, there were about 500 photographs, 450 were removed. I feel I am slave to mobiles and internet. I insert pamphlets and my phone is blocked and response is zero.

So, in nutshell,
1. I can blog in Hindi but on remuneration. or it should be FREE so that I may not expect anything.
2. Comment"be disabled".
3. I don't know what is cookies. I just open and type.