दूरदर्शिता की शक्ति
1
स्वपना वचपन में बहुत ही चुलवली व हंस मुख लड़की थी।
2
अपने पिता के साथ खेत में हाथ वंटाती थी ।
पिताजी ने खेत वटाई पर लिया हुआ था।
3
वड़ी हुई तो स्कूल जाने लगी ।
4
स्वपना का स्कूल में बहुत मन लगता था क्योंकि साथी वच्चे खेलते और बहुत हंसाते थे।
5
एक दिन 7 साल की उम्र में स्कूल से आने के बाद स्वपना अपने पिता को खेतों में खाना लेकर गई।
6
उसने देखा कि उसके पिता कई दूसरे किसानों के साथ एक वृक्ष के नीचे वैठै हैं और एक साहिब उन्हें कुछ समझा रहे हैं।
साथ एक कार खड़ी है।
7
साहिब के साथ एक महिला आफिसर और 3 और सहायक आफिसर थे।
8
जब स्वप्ना वहां पहुंची तो पिता ने अंगुली के इशारे से स्वप्ना को शांत रहने के लिए कहा।
9
स्वपना ्ना््ना्ना््न्ना््ना्ना्
ने वैसा ही किया।
9
महिला आफिसर ने स्वपना से पूछा कि वड़े होकर क्या वनोगी वेटी?
पता नहीं आंटी जी।
10
आप वड़े हो कर मेरे से भी वड़ी आफिसर वनना।
11
स्वपना ने सिर हिला कर "हां" आंटी जी कह दिया।
12
स्वपना बहुत खुश थी।
13
पापा से वोली :
पापा मैं आंटी से वड़ी आफिसर वनूंगी।
पापा ने वुझे मन से वच्चे का मन रखने के लिए कहा :
जरूर वेटी।
परंतु मन ही मन सोच रहा था,
हम इतने गरीब ्,दो जून रोटी बड़ी कठिनाई से जुटा पाता
हूं,
आफिसर कैसे वना पाउंगा?
14
स्वपना घर वापिस आई और मां
से लिपट कर वोली:
मां मैं आंटी से भी वड़ी आफिसर वनूंगी।
15
मां को कुछ समझ न आया: कौन सी आंटी,
कौनसा आफिसर।
परन्तु उसने वच्चे
से जान छुड़ाने के लिए कहा:
"हां वन जाना"।
To be continued...
अभी वाकी है......
जो स्वयं लीडर, वह किसी के कहे विना दिमाग से, शरीर से काम करते हैं।
वह स फलता। और विफलता की जिम्मेदारी स्वयं लेते हैं।
केवल करते हैं।