जीवन को गहराई से पड़ने पर एक बात समझ में आई है कि बहुत सारे डर केवल मन के डर ही होते हैं। जो जीवन में कभी घटित ही नहीं होते , परन्तु इंसान सारी सारी उम्र उन डरों के कारण मन ही मन घुटता रहता है।
जैसे अखबारें पड़ कर , टीवी पर नकारत्मक ख़बरें देख कर मन को बिचलित करते रहना। आज कल सोशल मीडिया का जमाना है। इस पर चलने बाली वीडियो और कमेंट इंसान को परेशान करे रखते है। कई लोग तो लाइक्स और सेल्फी के चाकर में अपना जीवन भी दाओ पर लगा देते हैं।
यदि किसी का एक्सीडेंट हो जाये तो उसे मेडिकल सहायता देने की बजाये बहुत से उसकी वीडियो बना रहे होते है और उतने में उस व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। वीडियो बनाने बाले के मन उस इंसान के प्रति कोई सम्बेदना नहीं। अपने वीडियो की ले में इतना असम्बेदंशील हो जाता है कि बाद मेँ पछताने के इलाबा कुछ नहीं रहता।
सोशल मीडिया का एक और पक्ष देखें। सोशल मीडिया पर मिस्टर x के 300 से जयादा दोस्त थे। शादी के अबसर पर इसने उन दोस्तों को बुलाया। अपने पिता से लड़ झगड़ कर जो दोस्त जानते थे रिश्ते नाते थे उनका नंबर कटबा दिया। परन्तु हुआ क्या ? केवल बधाई के कॉमेंट ही आये कोई भी बारात में नहीं आया। और कुछ मुठी भर लोगों को साथ लेकर शादी मानाने गया। बाद में बहुत दुखी रहा , सभी ने बड़ा मजाक उड़ाया। अब न तो रिश्तेदार , न दोस्त उनके दुःख सुख में आते हैं। यह है ओवर एनालिसिस और ओवर एक्सपेक्टेशंस बिना किसी सोच समझ के।
रात को जितने ज्यादा डरावने सीरियल टीवी पर देखोगे उतना डर लगेगा। इसी तरह सुबह सुबह अख़बार में नकारत्म खबरें - एक्सीडेंट , मर्डर , किडनेपिंग पड़ोगे उतना दिन ख़राब रहेगा। आहिस्ता आहिस्ता यह डर मन में बैठ जायेगा और हर सिचुएशन का आकलन डर से करोगे। नुक्सान किसका आपका। सोने से पहले शक्तिशाली विचार करें।
जो जीवन में चाहते हैं उसे अपने इष्ट और दुनिया में जो आपके बजुर्ग नहीं हैं उनको प्रणाम करके अपने सपने पुरे करने के लिए सहायता के लिए प्रार्थना करें। सुबह उठते ही अपने हाथ की हथेलियों को देखें। इनको धनयबाद दें कि यह आप के सपने साकार करने में सबसे सहायक है।
हथेलियां क्यों देखते हैं ?
शास्त्रों में लिखा है यदि जागने पर किसी नकारत्मक सोच बाले इंसान के दर्शन हो जाएँ तो दिन बुरा निकलता है। हथेलियाँ तो अपनी है। यह तो हमेशा ही सकारत्मक रहती है। उसके बाद कोसा पानी पियें। शरीर चुस्त फुरत रहेगा। एक्सरसाइज करें किसी भी प्रकार की। अपनी जीवन की जिम्मेबारी लें।
PREPAREDNESS + Opportunity = LUCK इसे दूसरी तरह भी लिखा जा सकता है
LUCK = Labour under correct knowledge
Moral = ओवर एनालिसिस इज मेन्टल पैरालिसिस।