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बुधवार, 27 दिसंबर 2017

Wisdom

सच को समझो

राम जब साथ थे तो सीता ने सोने का हिरन माँगा
परन्तु अपहरण के बाद , सोने की लंका में हाय हाय राम करती रही


चिड़िया आकाश मैं उड़ती है
पर जान ले दाना धरती पर है


चलते सब है पर पहुँचते बहुत कम है
पैसा साधन है , साध्य नहीं

पहले सभी के पास घडी नहीं होती थी
पर समय होता था

आज घडी सभी के पास है
परन्तु समय किसी के पास नहीं है।

तकनीक यानि मोबाइल से भौगोलिक दुरी कम हुई है
परन्तु इंसान की इंसानियत से दूरी  बढ़  गई है।




Attitude of Gratitude


Despite best efforts if you do not get the desired results, don't hold yourself responsible but start finding options to turn failure into success. Success will definitely. Yes in how many attempts or in what time - short or long.

You do your best, study hard and attempt best and leave the result to the cosmic power.

You will remain happy throughout life.

In short, be happy with what you have and keep achieving what you wish to achieve

What is intelligence?

1) Cognitive intelligence- what you learn from school and colleges.

2) Emotional intelligence - how to present yourself to others so that you are not repelled. Your thoughts are listened and they convince the listener. Present them in such a way. Or you are not having emotional intelligence.

3) Social intelligence- Modifying your aspiration in such a way that the society benefits from your actions and contribution.

With money or wealth, you cannot top the ladder of reverence in the society.

It is knowledge and sacrifice.

Greed - i.e, corruption cannot make you on the top of reverence among the constituent of society.

Attitude of Gratitude in brief:

1 जो हुआ अच्छा हुआ
2 जो हो रहा है अच्छा हो रहा है
3 जो होगा बह भी अच्छा होगा

ऐसा सोचने से इंसान हमेशा खुश रहता है।  नहीं तो स्ट्रेस और चिंता से समय से पहले ही हार्ट स्ट्रोक और और कितनी बिमारियों का घर बन जाता है। 


मंगलवार, 26 दिसंबर 2017

बुद्धिमता 

अपने विचारों पर नज़र रखिये , क्यूंकि बे शब्द बन जाते हैं 
अपने शब्दों पर नज़र रखिये क्यूँकि बे कर्म बन जाते हैं 
अपने कर्मों पर नज़र रखिये क्यूंकि बे आदतें बन जाते हैं 
अपनी आदतों पर नज़र रखिये  क्यूंकि बे चरित्र बन जाती हैं 

चरित्र अच्छा या बुरा होता है 
आपका चरित्र ही आपकी पहचान है 


गुरुवार, 21 दिसंबर 2017

Social Service - a boon for self-happiness.

समाज सेवा - ख़ुशी का साधन 
Image result for Social service


Pic courtesy: entertales.com


1 ) एक बड़े नेता के लेख ने मेरे आत्म चक्षु खोल दिए।  उन्हों लिखा : जब मैंने यह समाज सेवा के लिए संस्था की स्थापना की तो मेरे पास कुल अपनी बचत ५२००० रूपए थी।  

2 ) मैंने अपने साथियों से केवल १० रूपए का योगदान देने के लिए अनुरोध किया  ताकि संस्था को चलाया जा सके।  एक साथी ने १० रूपए दे दिए।  

3 ) मैंने अपने ५२००० रूपए की बचत और साथी के १० रूपए मिला कर साथियों को बताया कि मेरे पास ५२०१० रूपए संस्था चलाने के लिए है।  

4 )जिस साथी ने १० रूपए दिए उसने सोचा कि १० रूपए के योगदान से ५२०१० रूपए इक्कठे हो गए।  उसे यह तो पता ही नहीं था कि ५२००० रूपए मेरी अपनी बचत है।  


5 )   उस रात मैं सोच सोच कर सो न पाया। 

 मैं सोच रहा था कि यदि मैं हिसाब बनाता रहा तो समाजसेवा कब करूँगा ?

6 )  दूसरे दिन जब मैं ऑफिस आया तो आते ही अपने साथियों से एक सत्य शेयर किया : मैं अपनी निजी कोई प्रॉपर्टी नहीं बनायूंगा।  मेरे परिवार कोई है ही नहीं।  मेरी सारी प्रॉपर्टी अब संस्था की प्रॉपर्टी है।  इस पर मेरा कोई अधिकार नहीं। 

7 ) आज तक मेरे पास ये है : यह कह कर मैंने उनेह एक लिखा हुआ कागज दिया जिस पर मेरी पास उस दिन तक जो भी था - बचत बैंक मे , घर और गाँब में माता पिता की दी हुयी जमीन और पुराना घर।  और कहा इससे जयादा मैं कभी और कोई सम्पति निजी तौर पर नहीं बनायूंगा और समाज के गरीब बर्ग की तन , मन और धन से सेवा करूँगा।

8)  यदि आप उन लोगों के  बारे में अधिक सोचते हो जो आपकी कमियां ही ढूंढते  है या आपसे ईर्षा करते हैं -  अपने या और -  तो आप उम्र भर दुखी रहने के लिए तैयार रहें।

9 )  हर रोज़ 2  घंटे अकेले रह  कर अपने लक्ष्य और दिशा पर सोचें।  दूसरे शब्दों में अपना आत्म अबलोकन करें। यह जीवन के लिए बहुत ही लाभदायक है।  महत्ब्पूर्ण ऊर्जा को संचित करता है।  अपनी ऊर्जा बेकार की सोच और गॉसिप में नष्ट न करें। 

10 )  मैंने एक कुतीआ  पाल रखी है।  जब  मैं बाहर से थका हारा आता हूँ सभी मेरे से "कहाँ था , क्यों  था , कैसे "  आदि बेबजह के प्रश्न पूछते हैं।  केवल एक यह कुतीआ ही है जो चुपचाप आ कर अपनी पूंछ हिलाती और इसके चेहरे से पता चलता है कि मेरे आने से इसे ख़ुशी हुई है। यह कोई प्रश्न नहीं पूछती है।  बहुत ही सुख का एहसास होता है।

11 )   मैं क्या करता हूँ : केवल इसे जब घर पर होता हूँ दो समय का खाना देता हूँ।  थोड़ा प्यार करता हूँ।  इसे देखते ही सारी थकान उतर जाती है।  शायद कोई पिछले जन्म का  सम्बंद है।  जब मैं इसे हाथ से पीठ पर प्यार करता हूँ बह एहसास शब्दों में ब्यान नहीं किया  जा सकता।  यह एक  सच्चे  प्यार का एहसास है।  इसमें कोई स्वार्थ नहीं कोई शर्त नहीं।  अद्भुत !

ऐसे समाजसेवी नेताओं को मेरा सलाम।



शनिवार, 2 दिसंबर 2017

Expectations produce pain.

कुछ नहीं बदला , केवल मैं अपने से जो बोलता था
उसको बदला , और मेरी बाहर की साड़ी दुनिया बदल गयी

कल तक जो मुझे दुश्मन लगते थे , आज दोस्त हैं
केवल उनके बारे में मैंने अपनी राय बदली
बह तो बही हैं जो पहले थे

नफरत की सोच को , प्यार की सोच मे बदल दिया।
जिनके शब्दों से मुझे पीड़ा होती थी , उन शब्दों की परिभाषा अपने मन मे बदल दी

किसी ने पूछा क्या उसकी जली कटी सुन दिल दुखा ?
मैंने कहा नहीं : मेरी उससे आशा यें ही अधिक थी , गलती मेरी थी। 
अधिक आशाएँ रखना भी तो दुखों का कारण है। 

सुनने बाला स्तब्ध रह गया और मैं मुस्करा दिया।  मन खुश हो गया।