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शनिवार, 13 मार्च 2021

घर बैठे English बोलना/लिखना सींखेँ

 मोटिवेशनल/अभिप्रेरणा

😢

सपनों को साकार करने की इच्छा कभी मरने न दो, बल्कि उन्हें पूरा करने की कोशिश करते रहो। 

जिंदा सपने कभी न कभी पूरा हो ही जाते हैं।

☺️

जब बच्चा छोटा होता है तो सबसे पहले मां के बाद डॉक्टर या नर्स के संपर्क में आता है।

☺️

मिस्टर जॉन (काल्पनिक नाम) जब छोटा बच्चा था उसके मन में डॉक्टर बनने की इच्छा  उत्तपन्न हुई।

😢

मिस्टर जॉन सात भाई बहनों में सबसे बड़े थे।

पिता के साथ खेत में हाथ बंटाते थे ।

😢

 तभी सभी  भाई बहनों का पेट भर खाने के लिये आनाज पैदा कर पाते।

😢

ग़रीबी के कारण जॉन को पढाई 10 साल बाद छोड़नी पड़ी और वह गांब से शहर आ गया। 

■■

एक होटल में वेटर की नौकरी कर ली।

● शादी हो गई।

◆◆

पति पत्नी शहर में रहने लगे। पत्नी घर संभालती और पति होटल में काम करता। 

★

बच्चे हुये, पढ़े लिखे, शादी हुई अलग अलग अपने परिवार शुरू कर लिये।


★★

अब मिस्टर जॉन की आयु 54 बर्ष की हो गई थी।

👍

एक दिन मिस्टर जॉन की पत्नी ने कहा:

मिस्टर जॉन आपका डॉक्टर बनने का सपना था। 

मिस्टर जॉन ने सिर उठा कर पत्नी को देखा। 

आँखे नम थी।

आंखों में आसूं गिरने बाले ही थे।

मायूस हो मिस्टर जॉन बोले: अब कहाँ, अब तो मैं बूढ़ा हो गया हूँ।

😢

पत्नी ने ढांढस बंधाते हुए कहा: नहीँ मैं आपकी जगह होटल में बेटर का काम करूंगी और आप कॉलिज जायोगे।

👍

3 साल बाद मिस्टर जॉन 57 साल की उम्र में डॉक्टर की पढ़ाई करने के लिये कालिज गए और 63 साल की उम्र में डॉक्टर बन गए।

👌

बचपन का सपना जो जिमेबारिओं और मजबूरियों ने दफन कर दिया था 63 साल की उम्र में पूरा हुया।

💐

Never, never give up your dream.





घर बैठे English बोलना/लिखना सींखेँ

 मोटिवेशनल/

Motivational

अभिप्रेरणा

Power of Education

1

Never Give up Your

 Dreams.

2

In an African country a little boy's father was working hard with his shovel  on dry land hoping the rain will irrigate his land.


3 😢

And just then his little son aged about 10 came and with the battery of an old radio set the fan giving air to his father who was working in the field and sweating profusely.

4

When the fan was giving cool air, the child told father that  he wanted to join school.

☺️DREAM SHARED☺️

 "I will make wind operated motor that will draw water even when there is no rain and we will have water for our fields and crops will grow throughout the year."


5

Hearing this,

 the poor illiterate father became frustrated and gave a slap. 


The child ran to his mother.


6

When father came in the evening, mother convinced him to send the child to school. 


Despite father's half hearted "yes", 

mother sent the child to school.


7

DREAM FULFILLED

💐

After about 15 years study, 

the child built a system that ran with wind and drew water from the deep dug well.


8 

Father hugged the child when first drop fell on their dry land.


Water ran into a small  stream that irrigated, their and other villagers' fields.


Poor villagers were very happy and hugged the child turned engineer.


 That year their barren land gave good crop and they shared water with the neighbouring villagers too.

9

Word spread about this invention and its benefits to the farmers.

Everybody appreciated the child and his father.


So, never give up your dreams. 

Rather work hard to make them real.

◆■■■◆


मंगलवार, 9 मार्च 2021

घर बैठे English बोलना/लिखना सींखेँ

 चरित्र😢 

चरित्र इंसान के लिए बैसे है जैसे लड़ाई में योद्धा के लिये कवच।


कवच और चरित्र सुरक्षा प्रदान करते हैं।

कवच कमजोर, योद्धा की सुरक्षा कमजोर।

चरित्र बिहीन ब्यक्ति व कवच बिहीन योद्धा हमेशा डर में जीता है।

घर बैठे English बोलना/लिखना सींखेँ

 Praise Vs Criticism


The trouble with most of us is that we would be 


😢 ruined by praise

than

👍 saved by criticism.


- Norman Vincent Peale

Author of world renowned book"Power of Positive Thinking".

अधिक प्रशंसा उन्नति की रोधक है जबकि सही आलोचना उन्नति की पोशक।



रविवार, 7 मार्च 2021

घर बैठे English बोलना/लिखना सींखेँ

 Friendship is most powerful weapon.


1

 One person has energy but two like minded persons have SYNERGY.

2

Friendship exists among  two like minded persons.

Their power is not of 2 people but of 1+1=11 people.

इसी लिये कहा जाता है एक और एक ग्यारह होते हैं।

3

One person is 



शनिवार, 6 मार्च 2021

घर बैठे English बोलना/लिखना सींखेँ

 

Fixed Mindset

स्थिर सोच


पीछे देखोगे

या

पीछे सोचोगे


तो 

आगे

कैसे

बड़ोगे?

मंगलवार, 2 मार्च 2021

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 स्व सुधार पार्ट 2

1  Good morning student

2 अच्छी आदतें आदमी को फर्श से अर्श पर बैठा देती हैं और बुरी आदतें अर्श से फर्श पर गिरा देती हैं।

3 

तो दोनों दोस्त A और  B ने ग्रेजुएशन इकठे किया। इक्कठे Bank PO में exam दिया और पास करके बैंक जॉइन कर लिया। 

4

अब जोईनिंग के बाद ट्रैनिंग का दौर शुरू हुआ।

दोनों को इकठ्ठे ट्रेनिंग पर भेजा जाता। कभी 3 दिन कभी 7 दिन की ट्रेनिंग होती।

5

 ट्रेनिंग शहर में नामी ग्रामी होटल में होती।

ट्रेनिंग सुबह 9.30 am या 10 बजे शुरू होती।

5 बजे खत्म होती।

Lunch, tea, heavy tea training में ही दिया जाता।

ब्रेकफास्ट और डिनर होटल में खाते।

6

ट्रेनिंग से बापिस आने के बाद Mr B पानी से मुँह धोता और फ्रेश हो कर टेबल पर बैठ कर लिखने लगता जो सारे दिन ट्रैनिंग से सीखा है।

परन्तु Mr A उसी समय लाइट बन्द कर देता और बेड पर लेट कहता, "सारा दिन थक गया हूँ। सो जायो और सोने दो।

यानी Mr A का जीवन के प्रति रवैया आलसी और काम टालने का है। वह सीखना चाहता है परन्तु शेयर नहीँ करना चाहता।

गुरूकुल Gurukul

Holistic

 Education 

is

 the philosophy of Gurukul.


 चौमुखी शिक्षा 

और सर्व 

पखी ब्यक्तितय विकास

 ही गुरुकुल परम्परा का उद्देश्य है।

रविवार, 28 फ़रवरी 2021

घर बैठे ENGLISH बोलना/लिखना सींखेँ

 इंग्लिश ग्रामर

पार्ट्स ऑफ स्पीच


नेमिंग वर्ड्स

(संज्ञा)

1 किसी भी आदमी, स्थल , पशु/पक्षी का नाम नेमिंग बर्ड या नाउन कहलाता है जैसे: ●टीचर, नर्स, डॉक्टर आदि आदमी यानी पर्सन हैं।

● स्टेशन(Railway station), हॉस्पिटल(Hospital), बस स्टैंड (Bus Stand) डाकखाना(Post Office)आदि स्थल (places) हैं।

● पशु/पक्षी जैसे गाय (cow), कुत्ता(dog), तोता(Parrot), कौआ (crow) 

● थिंग्स(Things) चीजें। चीजें दो प्रकार की होती हैं एक जिनको छुआ या देखा जा सकता है इनको टचएबल कहते हैं। जैसे कुर्सी(chair), मेज(table), कलम (pen) पेंसिल(pencil)। इन सभी को छुआ जा सकता है, देखा जा सकता।

दूसरी आम  आसान भाषा में बिचारों को चीजें कहा जा सकता है। इन्हें देखा नहीँ जा सकता परन्तु महसूस किया जा सकता है जैसे ईमानदारी(honesty)

गुस्सा (anger)

खुशी (happiness)

खट्टा (Sour)

मीठा(Sweet)

 आदि

😢

अब आप खुद प्रैक्टिस करने के लिये 25-25 हर प्रकार के नाउन(Noun) लिखें। 


कैसे ?

अपनी कापी पर 4 कॉलम बनाये।

1 

पर्सन के नाम(Name of persons) और इसमें 25 पर्सन के नाम लिखें। ध्यान रहे किसी का नाम जैसे राम, शाम, रमेश पर्सन नहीँ है। टीचर, नर्स आदि है। सोचे , समझे और लिखें।

2 

दूसरे कॉलम में 25 जगहों यानी स्थल का नाम लिखें।

3

तीसरे में 25 पशु/पक्षी के नाम लिखें।

4 

चौथे में चीजें लिखें -टचएबल और नॉन टचएबल

इस एक चौथे कॉलम के दो और नीचे कॉलम बना कर टच एबल और नॉनट्चबले कॉलम में 25-25 चीजेँ लिखें।

◆◆

लिखने के बाद टीचर, दोस्त या किसी पढ़े लिखे से चेक करवा लें। डरें नहीँ।

गलत होगा तो आप का सुधार हो जाएगा।


आशा है आप 3 types ऑफ पर्सन्स को अच्छी तरह समझ लिया होगा।

★★★


एक नोट बुक लगा कर * अँग्रेज़ी ग्रामर* और मोटिवेशन स्टोरीज़ लिखते जाइये।

प्रोफेसर साहिब ऐसा ही करते हैं।

जब चाहें लिखे का प्रयोग कर लेते हैं। ढूंढ़ना नहीँ पड़ता। परेशानी नहीँ होती°






दूसरी 





घर बैठे English बोलना/लिखना सींखेँ

 Personal 
Transformation
Tip

😢
Computer advises

💐
Press Control+ alt+delete and I am at total rest.

*Control* yourself.
*Alter*  your thinking.
*Delete * negativity

and you will be completely stress- free.

Anger
Anxiety and
 Worry

destroy
MEMORY.

With this formula of control+alt+delete anger, anxiety and worry will run away.

कंट्रोल+ऑल्ट+डिलीट दवाने से कंप्यूटर बन्द हो जाता है।
 इसी को अपने जीवन में अप्लाई करेँ तो जीवन सुधर जाता है
1 
अपने आप को अनुशाषित और कंट्रोल करो। बेलगाम आजादी नहीँ बल्कि जिमेबार बन कर मर्यादित आज़ादी का आनंद लें।
2
आल्टर: का अर्थ बदलना काट शांट कर। सोच बदले संसार बदल जायेगा।
3
डिलीट: खत्म करना। अपनी नकरत्मकता को खत्म करें। मन को शान्ति मिलेगी।
शांति शक्ति है। शांति प्रगति देती है, शांति जीवन ऊर्जा है।

सुसंध्या






घर बैठे English बोलना/लिखना सींखेँ

 पर्सनल ट्रांसफॉर्मेशन

आयो बदलें

*Value of Degree*

💐

1 

Boosts knowledge and brain. Response for solution increases.

2 Boosts ego.

Choice lies with you what to focus upon.


Acquiring a degree means recognition that degree holder has at least that level of knowledge.

डिग्री का अर्थ है कि डिग्री होल्डर 


लोक कल्याण भूल कर कई   डिग्री के ज्ञान का अहंकार बश दुरुपयोग करते हैं।

ऐसा करने से बचें।

पढ़ने लिखने और डिग्री के भी लेवल होते हैं।

😢

एक शोध (रिसर्च) से पता चलता है यदि आप

1 

ग्रेजुएट हैं तो दुनिया के 8% लोगों में हैँ। 

2

यदि आप पोस्ट ग्रेजुएट हैँ तो आप दुनिया के 1% लोगों में से हैँ "।

3

यदि आप Ph D हैं तो दुनिया के टॉप0.00001% ब्रेन में से हैँ।

अपने पर मान करेँ। स्वभिमान महसूस करें। 


अभिमान नहीँ।

कुछ लोग तो सारी उम्र डिग्रियों के अभिमान के बोझ तले ही दवे रहते हैं और दुनिया में रोल है उसको डिग्रियों से तुलना करते रहते हैं।लेकिन 


दूसरों से आशा न करें कि वह आपका मान सम्मान करेगा। कियूंकि आप ने पढाई की है और आपका सचाई के प्रति नया हुया है, दुसरों का नहीँ।

स्वभिमान से जियें।

😢 लेवल 2

अब डिग्री के बाद थ्योरी तो पता चल गई। 

परन्तु वास्तविकता किताबों में सम्पूर्णता नहीँ।

👍

काम बस्तविकता है।


ज्ञान का सदुपयोग तभी है जब *डिग्री *का अहँकार छोड़ , डिग्री को काम मे लगाएं।


जो काम पर डिग्री ज्ञान का प्रयोग करते हैं बह जीवन में सुखी और सफल हो जाते हैं


कोई रोक नही सकता।


काम के प्रति रबैया डिग्री ज्ञान को चार चांद लग जायेंगे।

पढें और जाने।

एक पिता ने अपने 3 बेटों को कॉमर्स में ग्रेजुएट करवाया और तीनों भाईयों को एक शिप कंपनी में नौकरी कर ली।


पिता ने दूसरे देश में रहना शुरू कर दिया।

4-5 साल में बह बापिस आया और  यह जान कर बहुत हैरान हुया कि

1 पहले बेटे की तनखाह 10 हज़ार।

2 दूसरे की 25 हज़ार।

3 तीसरे की 1 लाख।

अब पिता हैरान भी और परेशान भी।

उससे रहा नहीँ गया और बह कंपनी के मालिक से मिला।और पूछा कि जब इनकी क्वालिफिकेशन एक जैसी है तो तनखाह अलग अलग क्यों?



कम्पनी के मालिक ने कहा: 

सर आप एक दिन आ कर मेरे आफिस में बैठ जाईये।

 बिना अपने बेटों को बताए।


पिता ने बैसा ही किया।

मालिक ने पहले बेटे को बुलाया और कहा: 

जाऔ समुन्दर में जहाज़ आया है, 

देखो कुछ हमारे काम का है?


2 घन्टे बाद इसके केबिन से फोन आया: सर हमारे लिये उस जहाज में कुछ नही है। मैंने फ़ोन पर पता कर लिया।

अर्थ सुस्ती की अति। अपने केबिन से उठने की भी जहमत नहीँ की। 

काम के प्रति ऐसे रवैये बाले की तरक्की कभी नहीँ होती। यह हमेशा दुसरों को दोष देते रहते हैं। किस्मत, सरकार, माँ बाप, डिग्रियां। हमेशा बलेम करेंगे कि काम बहुत। अरे काम है तो तनख्वाह मिलती है। बिना काम तो पैसे कहाँ से आयेंगे।

यह दुसरों की तरक्की पर अंदर ही अंदर जलते भूनते रहते हैं और काम में रुचि कम और गलतियां अधिक।


नतीजा कमाई बढ़ने के घटती जाती है।।


"★★

अब दूसरे लड़के को बुलाया और मालिक ने बहि कहा:

डॉक पर शिप आया है। देखो कुछ हमारे काम का है?


यह अपने केबिन में गया औऱ चाबी ले अपनी बाइक से डॉक पर पहुंचा। सारा जहाज देखा बापिस आया और मालिक को बताया; सर मैं गया था।

 जहाज एजेंट ने चैक किया और बताया कि इस जहाज में आपके लिये कुछ नही है।


★★★

अब तीसरे बेटे को बुलाया और कहा: जायौ डॉक पर शिप लगा है। उसमें देखो कि हमारी कम्पनी के लिये कुछ है?


°इस बेटे ने जिसे 50 हज़ार मिलते हैं ने उत्तर दिया।: सर मुझे कल पता लग गया था और सुबह मैंने एक ट्रक माल उसमें से लाकर गोडाउन में रखवा दिया था।


मालिक ने आभार पूर्ण निगाहों से देखा और कहा बैठो: चाय पीते हैं। 


चाय के तीन कप आए।


लड़का हैरान कि तीसरा कप किसके लिये है?

तभी बहां लड़के के पिता मालिक के पर्सनल केबिन से उठ कर आये।


लड़का हैरान और पिताजी को प्रणाम किया।

जब तीनोँ चाय पी रहे थे तो मालिक ने पिता की तरफ देख बोला: सर

पिता ने हाथ से उसे चुप करवा दिया और बोले: मैं सब जान गया हूँ, आपको बताने की जरूरत नहीँ रही।

डिग्री का बखान नहीँ, डिग्री से काम और जहां काम करते हैं उसमें क्या बढ़ोतरी की उस पर फोकस आपको जीवन में तरक़्क़ी देगा।


तीसरे तरह के लड़के का रबैया रखने बाले को काम, तरक्की और नौकरी पीछे पीछे भागती है।

सोचिये:

जो जीवन लक्ष्य है, उसकि ओर आप कितना समय और ध्यान देते हैं।

काम से पैसा मिलता है। पैसे से जरूरत पूरी होती है। और सुख मिलता है। यही बस्तविकता है।


मेहनत से लक्ष्य प्राप्ति।

आपका लक्ष्य English बोलना/लिखना है।

अधिक से अधिक अँग्रेज़ी पढें, सींखे, लिखें, जाने ,

पर बगारें न।

यह आपका अपना गुण है आपका संसार में  मोल बढ़ाएगी।

धन्यबाद




















शनिवार, 27 फ़रवरी 2021

पढ़ना

 पढाई एक नशा है।


1 ♂

कोई किसी को ★पढ़ा नहीँ सकता★ जब तक पढ़ने बाले का पढ़ाई में ♀स्वयं रुचि न हो।

2

रुचि के लिये पढ़ाई समझ आना जरूरी है।

3

पढ़ाई न समझ आये तो एक बहुत ही आसान तरीका है - बार बार पढ़ते जायो। 

जैसे जिस गाने में रुचि हो बार बार सुनने से कण्ठ(याद) हो जाता है, उसी तरह पढ़ाई है।


उधाहरण:

कभी स्वेटर को उधड़ने या उलझे धागे को साधा है? यदि हाँ तो याद करिए

👌

स्वेटर तब तक नहीँ उधड़ता जब तक इसका एक सिरा न ढूंढ़ पाएँ। 

एक बार सिरा मिल गया, तो 5 मिन्ट में ही अनजान  सारा स्वेटर उधड़ देता है।

👌

इसी तरह उलझी पतंग की डोर या उलझा धागा साधा जा सकता है।

💐

पढ़ाई भी ऐसे ही है।

एक बार समझ आने लग गई तो आपको पढ़ने में रुचि बढ़ जाएगी। आपके अपने रोकेंगे तब भी आप रुकोगे नहीँ।

😢

रुचि कैसे पैदा करेँ?

आप देखेंगे कि पढ़ने लिखने बाले उम्र बढ़ने के बाबजूद तरोताजा सोच रखते हैं।

■■

केवल पढ़ाई ही जिसका कोई अंत नहीँ।

पहले क्लास पढ़ने के लिये पढ़ते हैं।

फिर कंपीटिटिव एग्जाम के लिये यानी काम काज के लिये।

फिर खाली समय में मन, बुद्धि को कुशाग्र करने के लिये पढ़ते हैं।

किताबेँ,

अखबारें, 

मैगज़ीन, 

वीडियोस, 

सोशल प्लेटफार्म


◆◆◆◆

 ज्ञान 

विज्ञान या 

अज्ञान

 का असीमित स्रोत है।

बुद्धि से सदुपयोग करेँ।


दुरुपयोग आपको बर्बाद कर सकता है।



गुरुकुल Gurukul

 Discipline

and 

Knowledge

is 

Gurukul.

Knowledge: IQ, SQ, EQ


IQ: 

Intelligence quotient   

SQ:

 Social Quotient

EQ: Emotional Quotient

😢

गुरुकुल में ब्यक्तितय का सर्बपक्षीय विकास होता है।

जैसे 

* बौद्धिक बल शिक्षा

* नैतिकता की शिक्षा

* समाज और राष्ट्र प्रेम शिक्षा।

* शारीरिक(योगा ज्ञान) और मानसिक स्वास्थ्य (मेडिटेशन)

शिक्षा।

ताकि बिद्यार्थी सर्व कला भरपूर बनने की क्षमता रखे और प्रेम, करूणा, सहनशीलता, शौर्य , दिरदृष्टि जैसे  सदगुण प्रफुल्लित हो सकें।

■      ■        ■        ■




घर बैठे English बोलना/लिखना सींखेँ

 Tough (Difficult) Times

कठिन समय(बुरा वक़्त)

Tough times
- tease
- tear and
- trouble.

But
Tough time is like physical exercise.

 You  may not like to do exercise today but it will make you stronger tomorrow.

Today's hard and smart work on learning a skill, clearing an exam or competition will "empower you".

कठिन समय, कड़ी मेहनत, लग्न से किये प्रयत्न बुरे लगते हैं। परन्तु सफलता मिलने पर या नहीँ भी मिलने हम महसूस करते हैं कि हम में बहुत शक्ति समर्था और ज्ञान।की बृद्धि हो चुकी है।

जो कल तक हम दूसरों से पूछ पूछ कर जीवन चलाते बहां हम स्वयं अपने आप जीवन चला रहे हैं।

💐
कैसे ?
40-45 साल पहले प्रोफेसर साहिब ने अँग्रेज़ी अखबार पढ़ना शुरू किया। 

परन्तु डिक्शनरी ले कर शब्दोँ के अर्थ ढूंढते ही 4-5 घन्टे में केवल एक पेज पढ़ सकते थे।

परन्तु आज 40-45 साल बाद 24 पेज का अखबार 10 मिन्ट में समझ आ जाता है। 

औऱ उसके बाद अपना रिसर्च work करने लगते हैं।

😢
कल,(27th February, 2021) ऑनलाइन इनटरनैशनल कांफ्रेंस थी।

👍
USA(अमेरिका)
Bangladesh(बांग्लादेश)
UAE(बहरीन)
India(भारत) 
आदि देशों के प्रोफ़ेसर ने अपने
अपने बिचार विमर्श किया।

बिचार विमर्श दुनिया की शिक्षा  पद्ति पर आधारित थे।

इस लिये आज की मेहनत कल आपके लिये सशक्तिकरण का स्रोत बनेगी को ध्यान रख कड़ी मेहनत करेँ।

सुप्रभातम



 


शुक्रवार, 26 फ़रवरी 2021

घर बैठे English सींखेँ

 What have I learned TODAY?


आज मैंने क्या सीखा?

😢ज्ञान सभी के पास है।😢

केवल ध्यान से सुनने और सीखने की जरूरत है ।


 सुनना कठिन होता है क्योंकि कोई भी बात करो सामने बाला जो उसे पता है बता देता है। इस लिये साथ में नोट बुक रखें और उसी बक्त थोड़ा बहुत नोट कर लेँ। 

बाद में जब समय मिले उन्ही"■अनमोल बचनो◆ को कलमबद्ध कर लें। बेहतर है डेट डाल कर।


जीवन में यह ज्ञान काम आएगा। आप आत्मनिर्भर बनते जायोगे। 

बह सही है या नहीँ इसका कोई अर्थ नहीँ और सुना सुनाया ज्ञान बिना प्रयोग किये हम रिजेक्ट कर देते हैं।


कुछ दिन पहले एक प्रकति चिकित्सा की पुस्तक पढ़ी।

1 

उसमें रात को सोने से पहले गर्म पानी में 10 मिन्ट  पैर रख कर भांप लेने के बहुत लाभ बताये हुये थे।

प्रोफेसर साहिब ने स्वयं 10 मिन्ट( सोने से पहले ) गर्म पानी बर्तन में डाल कर पांब डाल दिये। 

क्या महसूस किया?

A      थकान दूर हो गई।

B      सिर/दिमाग हल्का हो गया।

C    नींद खूब गहरी आई।

D    सुबह शरीर तरोताजा था।

E । । मन खिला खिला था।

F   खून का दौरा तेज था। शरीर की झनझनाहट दूर हो गई थी।

Caution: 

ध्यान दें

 इस इलाके में अब सर्दी है।

 गर्म पानी अच्छा प्रभाव करता है। 


आप अपने एरिया का तापमान और मौसम देख कर प्रयोग करें।


हम अधिकतर ज्ञान और लाभदायक चीजों या आयामो को केवल सुनते हैं छोड़ देते हैं। परंतु साइंटिस्ट इसी ज्ञान को लिखते हैं , उस पर शोध करते और उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार हासिल होते हैं।

आओ जाने और लाभ पाएँ।

2

यह प्रयोग एक स्टूडेंट ने बताया जो प्रोफेसर साहिब ने किया।


सुबह आंखों पर खीरे के काट कर 2 छोटे छोटे टुकड़े रखे।

केवल एक मिन्ट के लिये 2 बार।

 यानी खीरे(cucumber) के 4 टुकड़े , 2  बार रखे। 


तो क्या हुआ?

A 

👍खीरे के टुकड़े ठंडे थे। आंखों को ठंडक दी। 

1 मिन्ट के बाद टुकड़े गर्म हो गए। 

मतलब कितनी गर्मी आँखों से खीरे के टुकड़े में ट्रांसफर हो गई


B आँखें तरोताजा हो गई। ठंडी हो गई।

C

 जलन समाप्त हो गई।

D

 दिमाग में भी सुइयां सी चुभ रही थी ठीक हो गई।

E 

नाक में मिर्ची सी लग रही थी दूर हो गई।

मन खुश हुआ। 

सुबह से दूसरों को हँस कर बात कर रहे हैं। 

पढ़ने को मन कर रहा है।

पढ़ने का फ़ोकस बड़ा महसूस हो रहा है।

शरीर शुद्ध, सुखी , उर्जाबान तो सब अच्छा अच्छा लगता है।


आप भी करेँ।

यदि एक दिन में इतने लाभ हैं तो एक हफ्ते

 या एक महीने 

या एक साल में कितने होंगे।


खीरा और पानी तो घर में होता ही है। 

बिना खर्च स्व स्वास्थ्य।

 करेँ और लाभ पाएँ।

शुभ कामनाएं।






गुरुवार, 25 फ़रवरी 2021

घर बैठे English लिखना/बोलना सींखेँ

 ध्यान से पढें और समझें




I have to share this extraordinary message I received from a friend... So Meaningful...

    यह ईमेल प्रोफेसर भोला नाथ जी जो बर्ल्ड एजुकेशन समिट और एम टी सी ग्लोबल के चेयरमैन है ने भेजी है।

स्टूडेंट्स के लिये प्रेरक है।

                                                                           A student studying in  a foreign country says:

      एक बिद्यार्थी विदेश में पढ़ता है 

```The highest score for most of the exams in country is 5... If a student does not answer any question and returns back the exam paper blank, with NO question answered, student gets 2 out of 5...
    उस देश में किसी भी बिषय के अधिकतम मार्क्स 5 हैं। यदि कोई बिद्यार्थी पेपर में कोई भी उत्तर न लिखे और पेपर ब्लेंक दे दे तो भी उसे 5 में से 2 मार्क्स दिए जाते हैं।

 

 

In my first days at the University of Moscow, I did not know about this system and I was surprised...

    यूनिवर्सिटी के शुरुआती दिनों में मुझे (बिद्यार्थी को,) बहुत हैरानी हुई कि यह क्या सिस्टम है।


I asked Dr. Theodor Medraev: "Is this fair that even when a student does not answer any question, you give 2 marks out of 5??? Why not give Zero??? Isn't that the right way???"

     मैंने अपने प्रोफेसर डॉ थेओडर मेड्रीव से पूछा: क्या यह उचित है कि आप ब्लेंक पेपर जिस में कोई उत्तर नहीँ लिखा फिर भी 5 में से 2 नंबर देते हैं। क्यों? जीरो क्यों नहीं? 

        जीरो देना क्यूँ उचित नहीँ?

He answered: "How can we give Human Being a Zero???

    प्रोफेसर ने उत्तर दिया: हम एक इंसान को जीरो कैसे दे सकते हैं?

How can we give Zero to someone who was getting up at 7 am to attend all the lectures???

    किसी को हम जीरो कैसे दे सकते हैं जो 7 बजे उठ कर लेक्चर अटेंड करने आता है।

How can we give Zero since they got up in this cold weather and used public transport and reached to do the exam in time and tried to solve the questions???

हम उस बिद्यार्थी को जीरो कैसे दे सकते हैं जो कड़ी ठंड में, पब्लिक ट्रांसपोर्ट लेकर समय पर इम्तिहान देने आता है और पेपर में दिये प्रश्न हल करने की कोशिश करता है।

How can we give Zero for the nights they used to study and spent their money on pens and notebooks and bought a computer for studying???

     हम उसे जीरो कैसे दे सकते हैं जो रात रात जाग कर पड़ता है। अपनी पॉकेट मनी  अपनी किताबें, कापियां और कंप्यूटर पर खर्च कर देता है। कितनी इच्छाओं का त्याग करता है।

How can we give Zero when they left all other life styles and pursued their studies???

हम उसे कैसे जीरो दे सकते हैं जो अपने जीवन की सुविधाएं छोड़ पड़ता लिखता है। बह समाज का धन है।

राष्ट्र धन है। वह संसार का धन है।

 बह(पढ़ने बाला) भीड़ नहीँ अनोखा इंसान है। 

My son, we do not give Zero to students just because they did not know the answer...

    मेरे प्यारे बच्चे , हम विधार्थियों को जीरो इसलिये नहीँ देते कि  उसने पेपर में कुछ नहीँ लिखा।

We at least try to respect the fact that they are Human Beings having brain and atleast they tried...

      हम कम से कम उनकी जागरूक इंसान होने के बजूद की पहचान करेँ। उनका ब्रेन है औऱ उन्हों ने कोशिश की। 

 

This result which we give, is not just for the questions in the exam paper, it is also about showing appreciation and respect to the fact that this is a Human Being and deserves to have a score..."

 यह रिजल्ट एग्जाम में उत्तर देने के लिये नहीँ दिया जाता बल्कि एक इंसान के जागरूक मन की मान्यता कि बह इंसान है औऱ इस स्कोर का जागरूक इंसान के नाते हकदार है।


Truly I did not know how to respond... There I knew my value as a Human Being...

सच में मुझे समझ नहीँ आ रहा था कि मैं क्या कहूँ? आज मेरे लिये नया पल, नया दिन था क्योंकि आज मुझे अपने इंसान और बिद्यार्थी और विद्या(पढ़ने/लिखने) की महत्ता और मूल्य का पता चल गया।



Zeros can actually decrease motivation on students and can quickly destroy them and make them stop caring about their studies altogether...

    पेपर में जीरो मिलने से बिद्यार्थी उत्साह हीन हो जाता है और बिद्यार्थी एक दम से गम से पढ़ना लिखना छोड़ देता है और जीवन मे बर्बादी की तरफ मुड़ जाता है।

 

 
Once a Zero score has been put in the grade book, they need no longer care about that subject and they may assume that, there’s nothing they can do about it...```    
     

    बिद्यार्थी की ग्रेड बुक में एक बार जीरो लग गया, तो बिद्यार्थी का उस विषय में इन्ट्रेस्ट घटता घटता घट जाता है। और पढ़ने पढ़ाने का यह उद्देश्य नहीँ है। बल्कि बच्चे के उत्साह को पढ़ाई में लगाना है।

हिन्दी ट्रांसलेशन : प्रोफ केशप

Prof. Bholanath Dutta
Founder & President: MTC Global

   


MTC Global is a Global Think Tank in Higher Education. 

मंगलवार, 23 फ़रवरी 2021

घर बैठे इंग्लिश बोलना लिखना सींखेँ

 Definite Article

डेफिनिट 

आर्टीकल क्या है?

1

A lion was rinning and roaring in a jungle.

2

The lion was having long whisks and the jungle was dense.


अब इन दो बाक्यो को ध्यान से पढें और समझें।

1 पहले सेंटेंस में 2 नाउन है।

जब लायन शब्द आया है आपके दिमाग में किसी  शेर का चित्र उभर आया होगा। इसी तरह जंगल शब्द से दिमाग में जंगल का भाव आ गया होगा। परन्तु यह दोनों अनजान शब्द हैं। 

कौन सा शेर, कौन सा जंगल?

इसलिये इन दोनोँ नाउन के लिये "a"यानी इंडेफिनिट आर्टिकल का प्रयोग किया है।

2

अब जब भी शेर औऱ जंगल के बारे में आगे सोचेंगे तो यह डेफिनिट बन गए हैं। 

क्योंकि दिमाग को इनका पता पहले चल चुका है और यदि शेर और जंगल के बारे में पढ़ोगे या लिखोगे तो दिमाग पहचान लेगा कि यह पहले बाक्यो में लिखे शेर और जंगल है। 

इसलिये यह दोनों शब्द डेफिनिट बन गए हैं। इसलिये पूरे पैरे या एस्से में जब भी शेर और जंगल आये तो आर्टीकल 'the" लगाएं।

A, An - इंडेफिनिट आर्टिकल है।

The - डेफिनिट आर्टिकल है।


अब 

An MP

An MLA

An SDO 

क्यूँ है।


MP , MLA, SDO के  पहले अक्षर को एक्सपैंड करेँ।

Emm= M

Emm=M

Ess = S

सभी वॉवेल e से शुरू होते हैं इस लिये an लगता है।

साइलेंट h - An honest person. एन ऑनेस्ट पर्सन। h साइलेंट है।

परन्तु A historical building.

 जहां h ह की आवाज दे रहा है

इसलिये a लगा है।


आप प्रैक्टिस करेँ। कम से कम 5- 5 सेंटेंस लिखें जिसमें a, an, the और साइलेंट h का प्रयोग हो।

कुल 20 सेंटेंस लिखें।



सोमवार, 22 फ़रवरी 2021

घर बैठेEnglish बोलना/लिखना सींखेँ

 

The BIGGEST prison

 in the world.

Mental prison.




मेन्टल प्रिजन है।

फ़िक्शन- जो पढ़ते, सुनते या देखते हैं उससे सोच पर असर पड़ता है।


यह सच हो भी सकता है और   नही भी हो सकता परन्तु हमारी नींद और मन की शांति भंग कर देता है।


इसलिये हमेशा "in terest and concern" पर फोकस रखें।

कभी देखा है: 

दो आदमी बात कर रहे हों हम बेबजह बिना तालुक खड़े हो कर सुनते है और उसी आधी अधूरी सुनी सुनाई बातों से मन की शांति खराब करते हैं।

अखबार में लिखे बहुत से क्राइम पढ़ पढ़ कर मन दुःखी करते हैं।


TV देखो । 

हमारे काम की कोई बात हो न हो परन्तु लगा कर सुनते हैं। सारी दुनिया के लड़ाई, झगड़े सुनते हैं। मन अशान्त।

सीरियल देखते हैं और जो सीरियल में साजिशें होती है, बहि घर के सदस्यों में देखने लगते हैं, ब्यवहार बदल जाता है।


एक दोस्त ने बताया: मैने TV देखना बंद किया, अखबार पढ़नी बन्द की, मेरे घर मे शांति ही शांति हो गई। 

कियूंकि सारा फोकस घरबालों, घर और घर की समस्यों को हल करने लगना शुरू हो गया। और सभी खुश।


कई सालोँ से धार्मिक गुरुयों, बाबेयों से खुशियिओं के लिये भटक रहे थे।

आप भी करो।


दुनिया का सबसे बड़ा काराबास(जेल)

यह बिचार" लोग क्या सोचेंगे"

2

यदि किसी कोशिश में कामयाब न हो तो इतना मनोबल फेल होने पर कम नहीँ होता जितना इस सोच से कि दुनिया क्या कहेगी? 

3

आपके बारे में सोचने के लिये किसके पास समय है?

भूल जायो और दोबारा कोशिश करो।

4

एक दोस्त ने एक अपने रिश्तेदार का कैरियर कैसे बनाया? जानें।

रिश्तेदार का बेटा इनके घर फौज में भर्ती होने के लिये आया।

बह दौड़ में असफल रहा और फ़ौज़ से रिजेक्ट हो गया।

5

यह लड़का बहुत अफसोस से लेटा था।

6

जब दोस्त आफिस से आया तो इशारा करके पूछा कि रिजल्ट कैसा रहा? 

रिश्तेदार के बेटे ने सिर हिला कर "न" कर दी।

7

दोस्त ने लड़के को छत पर बुलाया और कहा: अपनी आंटी को न बताना। घर पर भी मां बाप, भाई बहन, पड़ोसियों को न बताना परन्तु खुद दोबारा कोशिश करते रहना।


8 

लड़का बोला: घर बाले पूछे तो क्या कहूँ?

" कह देना कि रिजल्ट अखबार में आएगा" 

तीन चार दिन के बाद किसे याद रहना है।


9 

लड़के का मनोबल बड़ गया और उसने MBA किया और आज कल मार्केटिंग का काम कर रहा है।

जरूरी है सब कुछ सभी को बताएं?

यदि यह लड़का अपनी रिजेक्शन के बारे में बताता तो घर के और इर्द गिर्द के लोगों ने तंज/ताने दे दे कर मनोबल तोड़ देना था और हो सकता है हीन भावना से जीवन में आगे बड़ ही नहीं पाता।


इसलिये दुसरों को बताए बिना कोशिश करते रहो। सफलता मिल जाएगी।

सफलता

इमोशनल इनटेलीजेंस 75% है और आई क्यु 25%

अपने लक्ष्य से मन से जुड़ो।

कैसे?

फ़ुटबॉल का मैच चल रहा है। 

 टीम का खिलाड़ी प्लेयर से भिड़ जाता है।

प्लेयर गिर जाता है।  दूसरा खिलाड़ी मैच के रिजल्ट की परवाह किये बिना उस खिलाड़ी को उठाता है।  और फिर खेलने लगता है ।

यह है इमोशनल इनटेलीजेंस।

गिरना और फिर उठ कर खेलना बिना परवाह किये कि मैच का हश्र क्या होगा।

मन लगा कर खेलते जायो। सफलता खिलाड़ी को ही मिलेगी।खेलना जरूरी है। मैदान छोड़ने बाले कभी जीतते नहीँ।







घर बैठे इंग्लिश बोलना/लिखना सींखेँ

 बिचार लिखें

दिशा पाएँ


सुनने से ज्ञान प्राप्त होता है।

देखने से ज्ञान प्राप्त होता है।

पढ़ने से ज्ञान प्राप्त होता है।

2

अब यह ज्ञान मष्तिष्क में जमा  हो कर भय, बोझ बनता जाता है और कई कई साल तंग करता है।

3

जिसको सुनाते हैं वह सुनता नहीँ।

 बह कहता औऱ सोचता है मैं क्यों बेबजह सिर दर्द करूँ।


4 

कल एक बस में बैठा सुना रहा था। लिखना मन को शांत करना है।

प्रोफेसर साहिब के एक दम कान खड़े हो गए और ध्यान से सुनने लगे।

5

उस ब्यक्ति ने बताया

2012 में मैं स्टेशन पर बैठा था। 

मेरे साथ एक दम्पति बैठी थी।

पत्नी ने पति से पूछा :      जी क्या आप बचपन से ही इतने शांत स्वभाब के है?


"नहीँ" पति बोला।

पत्नी ने कहा: 

फिर आपको गुस्सा/क्रोध क्यों नहीं आता है?

😢

"बहुत आता है। परन्तु मैं बोल कर नहीँ लिख कर गुस्सा निकाल लेता हूँ और लिखे हुये कागज़ को फाड़ देता हूँ, या जला देता हूँ।"

इस तरह गुस्सा भी शांत और दुसरों के मन को ठेस भी नहीँ।

तभी से प्रोफेसर साहिब किताबें लिखते हैं। 

6

आप भी जो।मन आए लिखो। मन की घुटन आपकी ऊर्जा बन जाएगी।

अधिक पढ़ा जाएगा।

जो काम का है रख लो, जो नहीँ है उसे फाड़ दो, जला दो या फ्लश कर दो। मन शांत नींद गहरी।



चेताबनी:

किसी का नाम न लिख कोड लिखें ताकि बबाल से बच सकें।



 



2



घर बैठे English बोलना/लिखना सींखे

 Grammar- 

The Article

1

Indefinite article= a , an

अँग्रेज़ी में 5 वॉवेल होते हैं। a, e, i, o, u और एक साइलेंट 'h'

2

इन सभी के साथ an का प्रयोग होता है।

जैसे:

1 an apple. एन एप्पल

2 an elephant: एन एलीफैंट

3 an inkpot: एन इंकपोट

4 an opera : एन ओपेरा

An open window: एन ओपन विंडो

5 an unmbrella:एन अम्ब्रेला


3

कन्फ्यूजन क्लियर करो

3.1 an MLA

3.2 an SDO

3.3 an MP

जहां कंसोंनेंट है वॉवेल नहीँ। फिर भी an क्यों लगाया?

4

सोचो।

5

इसका उत्तर कल के ब्लॉग में दिया जाएगा। 


साइलेंट h के बारे में भी कल का ब्लॉग पढ़ना।

6

इन 5 वोवेल्स को छोड़ कर बाकि सब कंसोनान्ट्स होते हैं जिनके साथ a लगता है। 

साइलेंट h को भी छोड़ दें।

जैसे: 

A dog

A rat.

A cat.

A bat.

A boy.

A cow.

A girl.

आदि।

7

शब्दोँ का बाक्यो में प्रयोग किये बिना शब्द भूल जाते हैं।

8

इसलिये 15 से 20 शब्द के बाक्यो को बनाये और उनमें a और an आर्टिकल का प्रयोग करें।

9

"The" डेफिनिटे आर्टिकल है। इसका प्रयोग भी कल ब्लॉग में।


शुभ संध्या।








घर बैठे English बोलना/लिखना सींखेँ


Hard work gives

 self satisfaction 

not tiredness .


कड़ी मेहनत से थकावट की बजाय मनचाही सफलता व आत्म संतूष्टि मिलती है।

इस आत्म संतुष्टि से दोबारा कड़ी मेहनत करने की प्रेरणा मिलती है।

कड़ी मेहनत करें, मन चाही सफलता पाएँ।

शनिवार, 20 फ़रवरी 2021

घर बैठे English बोलना/लिखना सीखे।

 

1 
शिष्य ने
 गुरु जी की 
घास फूस से बनी 
कुटिया में ज्यूँ 
ही प्रवेश किया

2 
गुरु जी ने 
भांप लिया 
कि इसके मन में
कुछ उथल पुथल चल
रही है।

3 
गुरु जी ने पूछा :
वत्स,
 बतायो मन में क्या चल रहा है, इतने बिचलित क्यूं हो?

4
बस पूछने की देर थी
जैसे जल का  बांध  टूट गया होता है

बैसे ही वत्स ने बोलना शुरू किया।

4.1 
मैं अपने लक्ष्य से चूक गया।
4.2
 मेरे टीचर ठीक पढ़ाते नहीँ।
4.3
 घर पर काम बहुत है।
 माता पिता समझते नहीँ कि 
मैं पढ़ता हूँ। 
हमेशा अपनी मर्जी थोपते

4.4 
सभी मुझे ही आवाजें लगाते हैं।

4.5
  😊पढ़ने के लिये समय नहीँ मिलता।

4.6 
कुछ किस्मत भी खराब चल रही है।

5
गुरु जी सुने जा रहे थे। 

वत्स से बोले: 

मैं समझ गया आप 3 दिन बाद आना।

आपकी सारी समस्यायों का समाधान दूँगा।
6

3 दिन बाद बह लड़का गुरु जी के पास आया और आशा भरी निगाहों से गुरुजी की तरफ देखा।

गुरु जी ने दूसरे शिष्यों को जाने के लिये इशारा किया।

सभी ने प्रणाम किया और प्रस्थान कर गए।


केवल वत्स और गुरुजी रह गए।

7
आपके पास किताबें हैँ?
●     जी हाँ|

किताबें स्कूल/कालिज कौन ले कर जाता है?
 ●     मैं गुरुजी।
(वत्स सोच रहा था कैसा बेतुका प्रशन है?)

बहां किताबों को खोलता कौन है?
●       मैं गुरु जी।

किताब को पढ़ने के बाद बन्द कौन करता है?

●       मैं गुरु जी।
(वत्स बहुत हैरान था कि कैसे कैसे प्रशन गुरुजी पूछ रहे थे)

कभी किसी किताब ने यह कहा कि बस अब मुझे बन्द करदो?
● नहीँ कभी नहीं गुरु जी।

तो सुनो :
■ <जब तक आप अपने जीवन में सफलता व बिफलता की जिमेबारी स्वयं पर नहीँ लेते, तब तक सफलता संभव नहीँ है। 

3 दिन पहले आप ने सभी को अपनी असफलता का दोषी बना दिया, 

परन्तु अपनी जिमेबारी के बारे में नहीँ बताया।
■
बदलाव तो आपको अपनी सोच में करना है,
 परिश्रम कर समर्थ बधाना आप की अपनी जिमेबारी है।

■
किताबें हैं, 
पढ़ना आप शुरू करते हो, 
आप ही पढ़ना बन्द करते हो

 तो दुसरों का क्या दोष।

■ समय नहीँ है?

 क्या जो सफल होते हैं उनको 26 घन्टे रोज़ मिलते हैं?

■ एक घण्टा रात पढ़ो, नींद का त्याग करो।

     एक घण्टा सुबह पहले उठो, और पढ़ो।

     सफलता चाहिये तो संघर्ष तो करना ही पड़ेगा।

 संघर्ष का दर्द तो सहना पड़ेगा।
इसके लिये अपने आप को तैयार करो। चैलेंज एक्सेप्ट करो।।फिर देखो, जो चाहोगे बह मिलेगा।
😢
वत्स सब समझ चुका था। 

उसे समझ आ गईं  थी कि सफलता की कुंजी मेरे अपने पास है। 

गुरु जी को नमस्कार किया और प्रस्थान कर गया।
😢😢
यह हम सभी की दशा है।

 हम अपनी असफ़लतायों के लिये बहाने ढूंढते हैं,
 दुसरों को दोषी मानते हैं,

 जबकि बदलाव तो अपनी सोच और जीवन शैली में करना है।

उसके लिये मन से तैयारी और संघर्ष करना हमारी अपनी जिमेबारी है।
किस्मत और दूसरों की नहीँ।


रविबारिय शुभ प्रभातम।




घर बैठे English बोलना/लिखना सींखेँ

 गुरु की सीख- अपने जीवन की जिमेबारी लो।

सफलता भागती हुई मिलेगी💐

1 
शिष्य ने
 गुरु जी की 
घास फूस से बनी 
कुटिया में ज्यूँ 
ही प्रवेश किया

2 
गुरु जी ने 
भांप लिया 
कि इसके मन में
उथल पुथल चल
रही है।

3 
गुरु जी ने पूछा :
वत्स, बतायो क्या चल रहा है।

4
बस पूछने की देर थी
जैसे जल का  बांध  टूट गया होता है
बैसे ही वत्स ने बोलना शुरू किया।

4.1 
मैं अपने लक्ष्य से चूक गया।
4.2
 मेरे टीचर ठीक पढ़ाते नहीँ।
4.3
 घर पर काम बहुत है।
 माता पिता समझते नहीँ कि 
मैं पढ़ता हूँ। 
4.4 
सभी मुझे ही आवाजें लगाते हैं।
4.5
  😊पढ़ने के लिये समय नहीँ मिलता।
4.6 
कुछ किस्मत भी खराब चल रही है।

5
गुरु जी सुने जा रहे थे। 

वत्स से बोले: 

मैं समझ गया आप 3 दिन बाद आना।
आपकी सारी समस्यायों का समाधान दूँगा।
6

3 दिन बाद बह लड़का गुरु जी के पास आया और आशा भरी निगाहों से गुरुजी की तरफ देखा।

गुरु जी ने दूसरे शिष्यों को जाने के लिये इशारा किया।
सभी ने प्रणाम किया और प्रस्थान कर गए।

केवल वत्स और गुरुजी रह गए।
7
आपके पास किताबें हैँ?
●     जी हाँ|
स्कूल/कालिज कौन ले कर जाता है?
 ●     मैं गुरुजी।
(वत्स सोच रहा था कैसा बेतुका प्रशन है?)
बहां किताबों को खोलता कौन है?
●       मैं गुरु जी।
किताब को पढ़ने के बाद बन्द कौन करता है?
●       मैं गुरु जी।
(वत्स बहुत हैरान था कि कैसे कैसे प्रशन गुरुजी पूछ रहे थे)

कभी किसी किताब ने यह कहा कि बस अब मुझे बन्द करदो?
● नहीँ कभी नहीं गुरु जी।

तो सुनो :
■ <जब तक आप अपने जीवन में सफलता व बिफलता की जिमेबारी स्वयं पर नहीँ लेते, तब तक सफलता संभव नहीँ है। 3 दिन पहले आप ने सभी को अपनी असफलता का दोषी बना दिया, परन्तु अपनी जिमेबारी के बारे में नहीँ बताया।
■
बदलाव तो आपको अपनी सोच में करना है, परिश्रम कर समर्था बधाना आप की अपनी जिमेबारी है।
■
किताबें हैं, पढ़ना आप शुरू करते हो, आप ही पढ़ना बन्द करते हो तो दुसरों का क्या दोष।

■ समय नहीँ है?
 क्या जो सफल होते हैं उनको 26 घन्टे रोज़ मिलते हैं?

■ एक घण्टा रात पढ़ो, नींद का त्याग करो।
     एक घण्टा सुबह पहले उठो, और पढ़ो।
     सफलता चाहिये तो संघर्ष तो करना ही पड़ेगा।
😢
वत्स सब समझ चुका था। 

उसे समझ आ गयी थी कि सफलता की कुंजी मेरे अपने पास है। 

गुरु जी को नमस्कार किया और प्रस्थान कर गया।
😢😢
यह हम सभी की दशा है।

 हम अपनी असफ़लतायों के लिये बहाने ढूंढते हैं, दुसरों को दोषी मानते हैं,

 जबकि बदलाव तो अपनी सोच और जीवन शैली में करना है।




घर बैठे अँग्रेज़ी बोलना/लिखना सींखेँ

 

मोटिवेशन


सफलता के लिये

मेहनत का दर्द तो

सहना पड़ेगा।


घबराएँ नहीँ। मेहनत करें।


घर बैठे English बोलना/लिखना सींखेँ

DREAM


1 Dedication            डेडिकेशन        D

2 Responsibility      रिस्पांसिबिलिटी R

3 Education।           एजुकेशन।         E

4 Attitude                अटटीटूड           A

5 Motivation           मोटिवेशन          M


सुपने बह नहीँ होते जो सोते हुये लिये जाते हैं, सुपने बह होते हैं जिनके लिये जागते हुये पूरा करने के प्रयत्न किये जाते हैं।


इसके लिये डेडिकेशन(लग्न), रिस्पांसिबिलिटी(स्व जिमेबारी), एजुकेशन(ज्ञान, बिद्या, सक्षमता), अटटीटूडे(सकारात्मक समाधान समझ बाली सोच) और मोटिवेशन(स्व अभिप्रेरणा)


स्व अभिप्रेरणा सफलता के लिये अति आवश्यक है। काम काज की व्यस्तता के बाबजूद भी अपने मन्त्रणा को अपने लक्ष्य प्रति सम्परित रहना ब उत्साह पूर्ण प्रयत्न करना ही स्व अभिप्रेरणा कहलाती है।

।

इन 5 सेल्फ गाइडिंग स्व सिद्ध सिद्धांतो से सपनों में सार्थकता आती है। 


अपनाएं।