Dears,
Then here is remedy;
Act smart and
Devide the day 🤣 in 4 small parts:
1
Morning 🌻 of the day.
2 hrs from official or daily routine time.
2
Pre noon time of the day.
Next 2 hrs.
3
After noon part of the day 🙂.
Next 2 hrs
4
Evening part of the day.
Last 2 hrs of work.
In this way 🤠 just first 2 hrs will be wasted mentally and rest of the day will be the best 😘 for work.
Working in parts works mentally and boosts productivity.
Rest you know better about you.
Moods swing. This mental tact manages mood.
वाकि मर्ज़ी आपकी।
Positive Inspiration Guide
Prof Keshap
कई बार दिन की शुरुआत बुरी हो जाती है क्योंकि परिस्थिति या दुसरो का व्यवहार/वोलबानी असह हो जाती है।
बहुत से लोग शिकायत करते हैं कि आज के दिन की शुरुआत ही वुरी हुई थी।
इसके लिए अपने 8 घंटे के दिन को मैंटली चार भागों में बांट लो।
1
पहला भाग:
आफिस में या घर में पहले 2 घंटे का समय।
इसे पूरा दिन समझें।
दीमाग को समझाना ही तो है।
समझाने पर समझ जाता है।
2
दूसरा भाग:
आफिस या घर में अगले 2 घंटे।
3
तीसरा भाग:
आफिस या घर में अगले दो घंटे का समय।
4
चौथा भाग:
आफिस/घर पर आखरी दो घण्टे।
इस तरह से यदि कोई सुबह-सुबह अप शब्द वोल कर मूड खराब करता है तो आपके दो घंटे बाद मूड ठीक हो जाएगा।
क्योंकि दिमाग के लिए आपने डिफाईन कर दिया कि दिन दो घंटे का है और आप वाकी 6 घंटे आप फुल फॉर्म में काम करोगे। आपकी उत्पादन क्षमता का ह्रास नहीं होगा।
यह स्वयं
कर के देखें।
विधार्थियों के लिए वहुत लाभकारी रहता है क्योंकि उनके मूड वदलने के कई असाधारण कारण होते हैं।
वाकी मर्जी।
आप का आदर्श जीवन गाईड।
केषप
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