Mind Twister
In a certain code" TERMINAL" is written as "NSFUMZBOJ" and "TOWERS" is written as "XPUTSF".
How is 'MATE' written in that code
(1) FUBN (2) UFNB
(3) BNFU (4) BNDS
(5) None of the above.
A personal development (self-improvement) resources blog. By regularly reading this blog, you will be more confident, courageous and bold. These traits are necessary for enjoying FREEDOM of thought, feelings and actions. आत्म विकास (आत्म सुधार ) के लिए इस ब्लॉग को पढ़ें। इस ब्लॉग को लगातार पड़ने से आप की सोच बदलेगी। जैसे ही सोच नकारात्मक से सकारत्मक हुई , आप के जीवन में दुःख और समस्याएं कम और सुख और खुशियां बढ़ती जाएँगी। इस ब्लॉग को पड़ने से आप की English में भी सुधार आएगा
Mind Twister
In a certain code" TERMINAL" is written as "NSFUMZBOJ" and "TOWERS" is written as "XPUTSF".
How is 'MATE' written in that code
(1) FUBN (2) UFNB
(3) BNFU (4) BNDS
(5) None of the above.
Power of
L I S T E N I N G
Listen
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LLL
Listening leverages learning.
श्रोता अधिक सफल होते हैं
स्व मार्ग दर्शन
What I have learnt sir?
कल एक बच्चे ने बताया:
1
मेरी तैयारी में मेरी सेहत मुझे बहुत तंग करती थी। मेरा पेट गड़बड़ रहता था।
मुझे किसी ज्ञानबान ने बताया खाना इतना महत्वपूर्ण नहीँ है जितना "पचाना"।
पचाने के लिए "त्रिफ़ला चूर्ण" लिया करो। पहले मैं त्रिफ़ला चूर्ण एक दो डिब्ब खा गया।
रात को एक दो चुटकी भिगो देता था। सुबह उस पानी को पी लेता।
पेट पूरी तरह साफ। मैने पढ़ा त्रिफ़ला के 114 फायदे हैं शरीर को।
अब मैंने त्रिफ़ला - हरड़, बहेड़ा, अंबला- साबुत लिया हुया है। उसे रात पानी मे भिगो देता हूँ।
एक हरड़,
एक बहेड़ा और
एक आंबला।
सुबह बही पानी पी लेता हूँ। और भिगोया हुया हरड़, बहेड़ा, आंबला चबा, चबा खा जाता हूँ।
थोड़ा कड़वा लगता है, परन्तु बजुर्गो की बात याद आ जाती है जो कड़वी दवा होती है, बह शरीर के लिए लाभदायक होती है।
क्या लाभ हुए:
1 कब्ज दूर हुई
2 सुस्ती दूर हुई
3 फ़िटनेस बढ़ी
4 चुस्ती बढ़ी
5 मुझे लगता है मेरी निगाह भी बढ़ी है।
6 पढ़ने का फोकस बढ़ा है।
7 पढ़ने का समय भी बड़ा है। पहले सोने को बहुत मन करता था।
फोकस घटाती है यह सोच
Self mental discipline
एक बच्चे ने बताया, सर आप ने बहुत से मेरे अन्दर की कमियों को खोजने।में सहायता की है। अब पढ़ना अच्छा और आसान लगता है।
मैं हमेशा अपने पिता की बिरोधता करता था, माताजी से उलझता रहता था।
क्योंकि मैं MA में पढ़ रहा हूँ।मेरा interest और concern केवल और केवल पढ़ाई होना चाहिए।
जब की मेरा ध्यान पढ़ने में कम और दूसरों को बताने और बहस मे अधिक।
1
पिता:
पिता जीवन दाता है। बिल्कुल ठीक मैंने 20 साल जब मैं छोटा होता तब से अहसास किया कि सभी रिश्तेदार, पड़ोसी, जानकार हँस हँस कर बाते करते हैं परन्तु फीस तो पिताजी ने दी।
खाना माता जी ने पकाया, कपड़े माता जी ने धोए और आज मैं इनकी बदौलत MA कर रहा हूँ और इनकी ही निंदा करता हूँ।
सब बन्द। ।।
पिता जी के माता जी के सुबह प्रणाम करता हूँ।
दिन पहले से शुरू करता हूँ।
2
बिल्कुल सही: प्राथना के 2 भाग हैं।
पहला:
है प्रभु या इष्ट देव जो मेरे बश में नहीँ, उसे मानने की शक्ति दो।
दूसरा:
हे प्रभु या इष्ट देब जो मेरे बश में है उसे करने में मेरी सहायता करो।
करना मैंने है।
इससे तो मेरा जीवन ही बदल गया है।
सोशल मीडिया बन्द। 4 बजे 5 मिन्ट ईमेल देखता हूँ। दोस्तों के फ़ोन बन्द।।बैंक पेपर के बाद दोस्त भी जहीं हैं।
परन्तु नौकरी तो सारी उम्र की है। दोस्त तो बदलते रहते हैं।
TV बन्द, क्या करना ख़बरें सुन कर या फिल्में देख कर।
इससे मेरा समय 10 गुणा बढ़ गया है। आत्म सुधार /आदतें ही इन्सान को आगे ले जाती हैं।
किताबें तो सभी के लिये एक ही हैं। जिसने जितनी तैयारी कर ली, उसकी ज़िन्दगी चमक जाएगी।
बाकी बहाने ढूंढते रहेंगें।
2 महीने
61 days
1464 घण्टे
87840 minutes
5270400 seconds (52 लाख 70 हज़ार 400 पल)
2000 पेज।
जो ज्यादा बार revise करेगा बहि सफलता का सिकंदर बनेगा।
Mind मैप या माइंड ट्री बना कर पढें। (Google पर ढूंढे.और बनाना सीखें)बार बार revise करना आसान हो जाता है। एक दिन में 5 से 10 बार revise कर लोगे।
Online पेपर की प्रैक्टिस करेँ। नहीं तो प्रश्न छूट जायेंगे।
आप देखेंगे कि आप को 80% syllabus तो आता है।
चुपचाप गहन स्टडी करें। 20% के लिए किताबें ढूंढे, दुसरों से सलाह लें ।
सलाहकार सकारत्मक हो
नकरत्मक्ता जिन्दगी और कैरियर खराब कर देती है।
खूब तैयारी करें
1
इस पेपर में की तैयारी आपको ताउम्र हर पेपर में काम आयेगी।
2 अपना पूरा ध्यान लगादें।
आप in telligent हैं। पढ़े लिखे हैं। अपने आप पर विश्वास रखेँ। खूब मेहनत करें। आप टैलेंटेड हैं।
जीत आपकी है।
भारत के पूर्ब राष्ट्र पति Dr Abdul Klaam साहिब कह्ते थे
END= Efforts Never Die
Never stop trying.
Strategic Learning
स्ट्रेटेजिक पढाई
पढ़ते सभी हैं,
तैयारी सभी करते हैं,
परन्तु जीतते बहि हैं जो पढ़ने की स्ट्रेटेजी बनाते हैं
और
उस स्ट्रेटेजी पर कायम रहते हैं।
जैसे आज अभी कल क्या पढ़ना है कि लिख कर प्लांनिंग कर लेना:
इसे TO DO LIST भी कहते हैं।
जैसे पहले कॉलम में sr no.
दूसरे में समय लिखें
तीसरे में activity (क्या करना है) लिखे।
चौथे में : doing/done
ऐसा करने से कम समय में अधिक पढ़ा जाएगा।
अपने टीचर ब चेकर खुद बनें।
2nd check
1. क्या मैंने माता पिता को प्रणाम किया?
2 क्या मैंने संसार बनाने बाले को अपनी जिंदगी देने के लिए धन्यबाद किया?
3 क्या स्ट्रेटचिंग और एक्सरसाइज की?
4 क्या मैंने अच्छा म्यूजिक सुना?
अब आप पढ़ने के लिए तैयार हैं।
Good Morning Student
Think right and valuable thoughts NOT
Trash
Focus on them
Work on them.
💐
YOU WILL WIN
श्रम करेँ
भृम नहीँ
Test- English
Language
Filler.
In the sentences (I) and (II) below, five words (1 to 5) are suggested.
Out of these, only one fits at both the places in the context of each sentence. Number of that word is the answer.
I. Boats take more time going against the ______________ of the river.
II She keeps herself abreast of ________ events.
(1) flow
(2) latest
(3) water
(4) all
(5) current
Self Discipline
सर मेरा बहुत समय तो सोशल मीडिया, दोस्तोँ को फ़ोन, socialisation (एक दूसरे से मिलने में, बिबाह शादी) में निकल जाता था।
अब बंद किया है।
किसी ने बताया, सोशल मीडिया तो सूर्या की किरणों की तरह है जिसे रोका नहीँ जा सकता है, परन्तु आप तो रुक सकते हैं।
आप अपना देखो, किस से आपको पूरी उम्र फायदा मिलना है।
नहीं तो मैं कंप्यूटर गेम बहुत खेलता था।
उसके बाद थक जाता था।
जो मेरे जीवन के लिए अच्छा है, उसकी तरफ ध्यान नहीँ। अब नहीँ खेलता।
TV को कोसने की बजाए, अपने आप को अनुशाषित किया।
किसी की छोटी सी बात पर भड़क पड़ता, और घण्टो समय बर्बाद। दोबारा घण्टो पढ़ने का मूड नहीं बनता था।
धूप आती है तो हम सूरज को थोड़े कोसते हैं।
बल्कि परदे खेंच देते हैं। धूप बन्द। इसी तरह मैंने किसी भी चीज या हालात को कोसना बन्द और हर समस्या का हल खुद ढूंढना शुरू कर दिया।
2
दुसरीं गलती।
पढ़ा लिखा होने से दूसरों की बेबजह नुकताचीनी करता था।
सीखता कम, सीखाता अधिक।
कोई सीखा है या नहीँ, पर बिरोधता जरूर बढ़ती गय
अब जब महसूस होता है कि जहां बहस हो सकती है, मैं उठ कर चला जाता हूँ।
मन करे, न करे पढ़ने बाली जगह बैठा रहता हूँ। 10/15 मिन्ट बाद मन पढ़ने के लिए बन जाता है।
बहुत समय होता है। 30 मिन्ट पड़ता हूँ, फिर 5 मिन्ट रेस्ट। आंखों पर पानी डालने से तरोताज़ा महसूस करता हूँ।
माइंड मैप तकनीक बहुत अच्छी है।
10 मिन्ट सुबह 10.मिन्ट शाम को पेंसिल/पेन लेकर आँखें बंद करके बैठता हूँ।
जो बिचार आते हैं, उन्हे उसी समय लिख लेता हूँ। बहुत काम के होते हैं यह बिचार।
TV, फोन, सोशल मीडिया और गेम बन्द करने से मन बहुत शांत रहता है।
2 महिने के बाद यानी 13 दिसम्बर के बाद भी यह सब जहां रहेगा।
स्व मार्ग दर्शन
Guidance for
December 2020 Bank
Clerical Exam
Your daily routine is key to sure success
1
उठो, जागो, तब तक संघर्ष करते रहो जब तक मंजिल न मिल जाये।
2
स्ट्रेटचिंग करो, हाथ उपर को खींचो, पैर नीचे की ओर।।
3
इष्ट देब को मन ही मन प्रणाम करो। यदि आस्तिक हो।
माता पिता, दादा दादी और बढ़े बजुर्गों को मन ही मन प्रणाम करो।
लोम विलोम, सूर्यप्रणाम थोड़ा सा योग करेँ ताकि शरीर से सुस्ती खत्म और चुस्ती शुरू।
4
हथेलियां रगड़ें, आँखों पर रखें 2/3 मिन्ट।
5
अब अपनी प्लांनिंग शीट देखेँ- क्या पढ़ लिया है, आज क्या पढ़ना है। पिछले कल या अगले कल की न सोचें, केवल अब की सोचें।
इसे Power of the moment कहते हैं।
Wish you the best.
Happy monday.
Biggest Mistake in Life
1
The fear that I may not commit a mistake
2.
Overcome this psychological fear and be victorious.
3
Commit mistakes. Correct the mistakes but be aware that one mistake is not repeated 3rd time.
सबसे बढ़ी गलती
1
गलती करने से डरना या इस सोच में रहना मुझ से गलती न हो जाये।
2
गलती करो, गलती सुधारो और सही सीख जायो। लिख कर। जीत आप की।
जो करता है, बही गलती करता है। जो करता ही नहीँ बह गलती क्या करेगा।
गलती करो और सुधारो।
डरो नहीँ।
आलोचक तो कभी खत्म ही नहीँ होते।
3
परन्तु इस बात का ध्यान रखें कि एक गलती 3rd टाइम न हो।
Your Daily Routine
is Key to your success.
पिछ्ली किसी पोस्ट में लिखा था कि बनाने बाला हर रोज़ सभी को 86400 हीरे देता है
इन हीरों का सदुपयोग करो या दुरपयोग।
इसी पर किसी mission/ goal की सफलता निर्भर करती है।
यह हीरे हैं समय के पल। यानी seconds.
24 घन्टे × 60 मिन्ट × 60 सेकंड= 86400 पल
सबसे बड़ी बात है कि कोई धन, दौलत या सोना एक भी पल नहीँ खरीद सकता।
यदि ऐसा होता तो सिकन्दर बादशाह जैसे उस पल को खरीद लेते जिस पल बह दुनिया में आखरी स्वास लिया।
और आज जीवित होते।
इस लिए समय का सदुपयोग करो।
Who does not value time, time does not value him/her.
Save time and focus on preparation.
Self safety:
1 Wear mask
2 sanitise or wash hands
3 2 ग़ज़ की दूरी रखें
4 रोग निरोधक क्षमता बढ़ाने के लिये आयुष मिनिस्ट्री द्वारा बताया काढ़ा पिये।
Google पर search करें।
English Grammar
इंग्लिश ग्रामर
इसमें क्या होता है?
केवल:
1 Parts of Speech (8)
2 Determiners
3 Voices (Active Voice & Passive Voice)
4 Narration (Direct Speech and Indirect Speech)
5 Tenses (Time - Past, Present & Future) इसे ऐसे याद करेँ। दादा जी का नाम Tense है, उसके तीन बेटे हैं। जिनका नाम Past, Present & Future है।
इन तीनों।बेटों के आगे 4-4 बेटे हैं। जिनका सभी का नाम एक ही है केवल पिता का नाम पहले लगता है जैसे:
Present Indefinite
Present Continuous
Present Perfect &
Present Perfect Continuous
अब बाकी आप बनायो।
Grammar के लिए कोई भी 10बी बोर्ड की ग्रामर ले ले और उसे thorougly पढ़ें।
यानी पहले पेज से शुरू करें और आख़री पेज की आखरी लाइन पढ़ें।
आपको सारी ग्रामर आ जायेगी।
याद रखें, अभी शुरू करेँ , मन लगा कर पढ़ें, पेपर को आज पूरे 2 महीने हैं। 5, 12, 13 दिसंबर को हैं पेपर।
पढाई कोई भूत नहीँ जो आप को डराए।
आप पढाई को पढ़ कर डराओ।
इंसान इस दुनिया में सबसे बड़ा है।
कंप्यूटर इन्सान ने।बनाया न कि computer ने इंसान।
हमेशा बचपन की कछुये और खरगोश की कहानी याद रखें। याद है न।
यदि भूल गई तो बताता हूँ।
1
एक जंगल में एक खरगोश रहता था।
2
खरगोश बहुत तेज भागता था।
3
परन्तु खरगोश घमण्डी था।
4
हफ्ते/2 हफ्ते छोटे जानवरों के सामने खड़ा हो चलेंजे देता" है किसी मे हिम्मत जो मेरे साथ दौड़ ला सके? यदि हाँ तो मेरे साथ दौड़ लगाए। जो जीत गया बह सभी छोटे जानबरों का राजा।" सभी जानबर चुप। परन्तु अपनी कायरता औऱ हीन भावना पर मन ही मन पश्चाताप करते।
5
छोटे जानबरों को यह सब बहुत बुरा लगता। परन्तु बह कर कुछ न पाते।
6
एक बार जब खरगोश ने यह चैलेंज दोहराया तो छोटे से कछुये ने चैलेंज स्वीकार कर लिया।
7
सभी जानबर हैरान कि इतना धीरे चलने वाला कछुआ कैसे इतना तेज भाग पायेगा।
हार तय है। सभी मन ही मन मान बैठे।
8
Race का दिन तय किया गया।
Race का रूट तय किया गया।
Race शुरू हुई। जानबरों ने तालियां बजायी।
9
कछुआ एक फुट चलता तो खरगोश 10 ग़ज़ आगे निकल भागता । काफी दूर जाने पर खरगोश ने पीछे मुड़ कर देखा कि देखूं तो सही कछुआ कहाँ है?
10
परन्तु कछुआ तो दूर दूर तक नज़र नहीँ आ रहा था। खरगोश ने सोचा क्यूँ न थोड़ी सी झपकी (नींद) ले ली जाए।
कछुआ तो बहुत देर बाद पहुंचेगा।
11
खरगोश ने देखा नजदीक ही छाया दार बृक्ष है। बह उस बृक्ष के नीचे सो गया। नींद गहरी हो गई। खरगोश खर्राटे लेने लगा।
12
कुछ समय के बाद कछुआ पहुंचा। उसने देखा खरगोश गहरी नींद सो रहा।
कछुआ चुपके से खरगोश को सोते छोड़ आगे बढ़ गया और winning पॉइंट पर पहुंच गया।
सभी जानबरों ने कछुये का स्वागत किया और उसे राजा घोषित कर दिया।
13
थोड़ी देर के बाद खरगोश की नींद टूटी। उसने जैसे ही सोचा मैं तो रेस में था। बह भागा।
परन्तु जब winning पॉइंट पर पहुंचा तो कछुए को बहां देख उसके होश उड़ गए।
परन्तु
अब पछताए क्या होत है
जब चिड़िया चुग गई खेत।
शिक्षा
1
घमण्ड का सिर हमेशा नीचे होता है। घमण्ड करने से बचो। गर्व करो।
2
जो जागत है, बह पावत है
जो सोवत है, बह रोबत है।
माता पिता परिवार को अपील
अपने बचों पर बिश्वास करें।
1
अपने बच्चों का हौसला बढ़ाये।
2
उनकी नुक्ताचीनी या पढ़ने के लिए ही न कहते रहें।
3
बचों का हौसला कोई पैसे से ही नहीँ बढ़ता। पिता इतना कह दे
बेटा मुझे तुझ पर पूरा भरोसा है तो बच्चे का पढ़ने लिखने के लिए हौसला 10 गुणा बढ़ जाता है।
4
मेरा 20 साल से ऊपर का तजुर्बा कहता है(जो बच्चे बताते हैं)
माता पिता सभी पड़ोसियों, रिश्तेदारों, बच्चे के जानकारों और मित्रोँ पर बोल।बोल कर भरोसा करेंगे
परन्तु बच्चे को घूरेंगे डांटे गे सभी के सामने।
इससे बच्चे में हीन भावना बढ़ती है।
5
बच्चे की प्रशंशा या शाबासी तो पिता और माता के सुपने में नहीँ।
यदि बच्चा गलती करे तो उसे बता दें कि दूसरे के सांमने डांटना हमारी मजबूरी है क्योंकि सम्बन्ध भी जरूरी है। परंतु हमेँ पता है कसूर तुम्हारा नहीँ। तुम "सॉरी" कह देना।
इससे बच्चे का मन कम दुखता है।
कई माँ बाप तो बात बात पर ईज़्ज़त बेइज्जती बनाते रहते हैं और अपने बच्चे से रिश्ते बिगाड़ते हैं।
6 एक बात याद रखें, दुख सुख , बुढ़ापे में बच्चे ने ही काम आना है, किसी पड़ोसी, रिश्तेदार या मित्र ने नहीँ।
अपने बच्चों को प्यार से पेश आयो और उनका हौसला बढ़ायो। उनका मार्गदर्शन करो और दिशा निर्देश दो।
बचों की पड़ाई पर लगाया 1 रुपया जिन्दगी में हजारों बन कर आएगा।
पढाई के लिए ख़ुश हो कर बच्चे की सहायता करो। नुक़तचिनियाँ न निकालो।
बच्चे को दुख देती हैं।
Exam Pattern for
Preliminary Bank Exam
1
*Name of Test:
English Language
**No of Questions: 30 (objective MCQ)
****Max Marks: 30
****Time Allotted: 20 minutes
2
* Name of Paper:
Quantative Aptitude
** No of Question: 35(objective type MCQ)
*** Max Marks: 35
**** Time Allotted: 20 minutes
3
* Name of Paper: Reasoning Ability
** No of questions: 35(objective type MCQ)
*** Max Marks: 35
**** Time Allotted: 20 minutes.
कुल प्रश्न 30+35+35=100
कुल मार्क्स: 30+35+35=100
कुल समय 20×3"=60 मिनिट्स यानी 1 घण्टा।
हर रोज़ ऑनलाइन टेस्ट की प्रैक्टिस करेँ। क्योंकि टेस्ट ऑनलाइन है। नहीँ तो पेपर में समय बर्बाद होगा।
Thinking Process
थिंकिंग प्रोसेस
सोचने की प्रक्रिया
1. Thought Assimilation
बिचार प्रक्रिया:
रिसर्च बताती हैं एक दिन में एक विकसित इंसानी दिमाग में 60000 से 66000 तक बिचार आगमन करते हैं। सभी इंसान अबैज्ञानिक या बैज्ञानिक तरीके से इनसे झुझते हैं ।
2.Accept/Reject
अंततः इन बिचारों को या तो एक्सेप्ट करते है या रिजेक्ट करके समस्यायों के समाधान की तरफ अग्रसर होते हैं।
जो अपने डिसिशन हाँ या न में लेते हैं जीवन में अत्याधिक प्रगतिशील रहते हैं। सोशल मीडिया पर दो ही टैब होते हैं- Accept/Ignore, एक्सेप्ट/इग्नोर
Accept/Delete एक्सेप्ट/डिलीट
परन्तु एक तीसरी सोच रखते हैं। यह डिसिशन हां/न में न ले कर 'देखेँगे, करेंगें, देख लेते हैं" मेन्टल मोड में रहते हैं।
अर्थात मेद खराब, नीँद खराब। याददाश्त उखड़ी उखड़ी, आलस्य और प्रौरस्तीनशन
(काम टालने की सोच का बढ़ना)
Lack of clarity of decision का बढ़ना जो सफलता को अधिक कठिन और असंभब बनाता है।
एक स्टूडेंट ने बताया: हमें टीचर ने एक एक आलू दिया और कहा कि यह अपने बस्ते (satchel) में रख लें। तब तक रखें जब तक मैं आपको इसे बाहर निकाल कर फेंकने के लिए न कहूँ।
दिन बीतते गए और आलू में से बस्ते में दुर्गंध बढ़ती गई।
परन्तु मास्टर के डर के कारण कोई भी न कहे। क्योंकि मास्टरजी ने कहा था जिसने आलू फेंका उसके नम्बर काट दूँगा।
हफ्ते के बाद जब बच्चे स्कूल आये, मास्टर जी ने देखा सभी आलू की दुर्गंध के कारण नासिका दवाये बैठे हैं।
तभी मास्टर जी ने फरमाया: क्या सीखा आलू से?
बच्चे चुप, कोई उत्तर नहीँ ।
फिर मास्टरजी बोले: यदि आप आलू की दुर्गंध 7 दिन सहन नहीं कर पाए, तो सोचिए जो अपने बुद्धि घर में अस्वीकार्य बिचारों, क्रोध, घृणित सोच और जहरीले ज्वलनशील विचार कई कई साल रखे रखते हैं और अंत मानसिक बीमारियों के शिकार बन जाते हैं।
सोच बैज्ञानिक रखेँ। अंध बिश्वासी नहीँ, तभी जीवन में प्रगति कर पायेंगे।
सोच के 2 टैब ही रखें।
Accept और
Ignore