Self
Motivation/Guidance
एक मिन्ट में की गयी तैयारी या काम बैसे ही है जैसे किसी बड़ी ऊँची बहु मंजिली इमारत के लिए लगाई गई एक ईंट।
एक एक ईंट से बहु मंजिली इमारत बनती है। एक एक पल में की पढ़ाई/तैयारी कठिन से कठिन पेपर में भी सफलता दिलवा देती है।
लाखों ईंटें लगा कर एक बड़ी इमारत बनती है। इसी तरह लाखों। मिन्ट।की तैयारी से कोई
पेपर पास होता है, ओलिंपिक में गोल्ड मैडल मिलता है।
जब कोई तैयारी कर रहा होता है, अलोचक शब्दोँ और तंज कस कर निरुत्साहित करते हैं
परन्तु जब परिश्रमी परिश्रम नहीँ छोड़ता है और सफल हो जाता है तो यही निरित्साहित करने बाले तालियां मारते हैं सभी से कहते हुए बहुत फूलते हैं "यह मेरा दोस्त/ जानकार है"
रविबार की सुप्रभात
नोट: "मेरा" शब्द लड़कियों और लड़कों दोनों के लिए माना और पढ़ा जाए। बार बार मेरा/मेरी लिखना संदर्भ में उचित नहीं रहता।
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