लेबल

रविवार, 20 जून 2021

मंजिल

 एसी कोई मंजिल नहीं ‌‌‌‌‌

है 

जिसे ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌तक पहुचने कोई 

रास्ता न हो।

2

सोचो, लिख कर सोचें

रास्ता जरुर ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌

मिलेगा।

3

जब मिल जाए तो चलो।

लोगों की परवाह न करो।

4

करो, न ‌‌‌‌‌करो, लोग अपनी ‌

आदतन कुछ न कुछ ‌‌‌‌‌‌‌‌तो‌ वोलेगे ही।

5

कैसे?

मैं और ‌‌‌‌ मेरा  दोस्त ‌‌‌‌‌‌‌‌कार‌ में जा रहे थे।

पीछे ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌से एक कार   आई और छूं करके ‌‌‌‌‌‌‌निकल गई।

हमारी कार के दरवाजे ‌‌‌‌‌वंद, शीशे वंद। 

दोस्त ‌    वो ला  : ओलंपिक में गोल्ड मेडल की तैयारी कर रहे हो क्या?

अव ‌‌‌‌‌‌‌‌‌आगे‌ एक ‌‌‌‌‌कार बहुत ही धीरे धीरे ‌च ला रहा था।

अव दोस्त ‌‌‌‌‌ फिर वोला: वाप का पार्क समझा ‌‌‌‌  है ‌‌‌‌‌रोड को ?

सीख: 

लोग ‌‌‌‌  विना सोचे समझे वोलते ही रहते हैं,

 कमैट ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌करते          रहते है ‌‌ह।््ते््््ते््ते््््त््ते््््ते््ते्््््ते््््ते््ते््््त््ते््््ते््ते््


आप अपने लक्ष्य पर फोकस ‌‌करे।

मंजिल जरूर मिलेगी।  

 







कोई टिप्पणी नहीं: