लेबल

शनिवार, 26 दिसंबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 Health- the key component for SUCCESS in any field of life- be it a competitive exam or sport/game.


World Health Organization(WHO) aspires to have 'health for ALL' living on planet Earth and acts as watch dog and chief regulator for framing "health policies" to be implemented by all the Governments for ensuring physical and mental health of each and every individual.

My health is my responsibility. 
None else can make me healthy.

Simple principles for gaining good health.

Body has two dimensions:
Concrete: Physocal touchable body.
Abstract:. Mind /Thoughts.

Nourish your body and soul to EXCEL.


1 
Make your food medicine or medicine will become food.

2
 Health comes from kitchen. 
Eat home cooked light food .

3
Food feeds body and mind.
 Be always aware : what you eat and drink.

4
Drink about 15 to 20 glasses of water. It will smoothen digestion.

5
Eating is  important but  digestion is more important. 

Mind well what you eat.

6
Exercise daily.  
Walking/cycling/running are good for health. They make you more strong and prudent.



7
Sound Sleep charges body.
 Sleep soundly for 6 to 7 hours.

8
Track your thoughts.Thoughts are things.

 Focussed thoughts will become realty. 

Hence, be wise to think right thought when manifested becomes the realty as wished or desired by you.
9

Good thinking ,
 good health-

 mental and physical.-

good exercise makes muscles (body)  and mind strong .

 It also boosts stamina and capacity to work harder, smarter and for  long hours.

10

Apply these health principales your daily habits and reap the benefits to EXCEL in achieving your goal/aim/mission.

शारीरिक और मानसिक फिटनैस जीवन में  किसी भी लक्ष्य प्राप्ति के लिये आवश्यक है।

लक्ष्य चाहे कोई
 एग्जाम हो, 
कॉम्पटीशन हो 
या 
खेल  प्रतियोगिता।

                WHO का मिशन
संसार के सभी प्राणियों की हेल्थ की जिमेबारी WHO की है।

 इस आर्गेनाइजेशन का  हेड आफिस Geneva, Switzerland में है।


वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन(WHO) का मिशन है:


संसार के सभी प्राणियों को 
ऐसी सुविधाएं उपलब्ध करवाना 

जिससे उसकी हेल्थ 
-शारिरिक व मानसिक - 
       फिट रहे।

यह आर्गेनाइजेशन दुनिया के सभी प्राणिनियों के लिए सेहत हेतु नीतियां बनाता है और संसार के  हर देश का HDI(Human Development Index) भी तैयार करता है।


**मेरी सेहत, मेरी जिमेबारी**

स्वास्थ्य के सरल सिद्धान्त।

1 अपने भोजन को अपनी दवाई बनायें
बर्ना
दवाईयां आपका भोजन बन जाएंगी।

सेहत घाती आदतों से दूर रहें
जैसे नशे, धूम्रपान, शराब आदि

2
सेहत घर के किचन में तैयार होती है।
हल्का घर का पका भोजन खाएँ।

3
भोजन और भजन शरीर, मन औऱ आत्मा को उच्च रखता है।


हमेशा सचेत रहें कि आप क्या खा रहे हैं, क्यों खा रहे हैं और इसका शरीर के पश्चात मन और बुद्धि पर लघु काल और दीर्घ कालीन प्रभाब क्या हो सकते हैं।

जैसे शास्त्र के कथनानुसार अधिक मांसाहार दीर्घकाल में बुद्धि और स्मृति  का ह्रास कर देता है, गंभीर रोगों को जन्म देता है।

 इसका सेवन सचेत रह कर करना चाहिए।

4
भोजन खाने से अधिक भोजन पचाना महत्ब पूर्ण है। तभी भोजन ऊर्जा में परिवर्तत होता है। 

5
भारतीय परिपेक्ष में कोसा (luke warm) पानी भोजन करने से 45 से 60 मिन्ट बाद पियें। ताकि भोजन पच कर ऊर्जा में परिवर्त हो चुका हो। 

दिन में 15 से 20 गिलास पानी पीने से पाचन शक्ति सुचारू रहती है। 

पानी ठंडा न पीएं।
 केवल मजबूरी में ही पीएं।

6
हर रोज व्यायाम करना सेहत और स्टैमिना बढाता है।
सैर करेँ
साइकिलिंग करेँ
योगा करेँ
दौड़ लगाएं।

सभी  आंतरिक शक्ति बढ़ाते हैं।
 रोग दूर भगाते है।
आपको हृष्ट पुष्ट बनाते हैं।

Swami Vivekanandji कहते हैं:

Weakness is death
Strength is life.

क्षणीता मृग शैया समान है
स्व शक्ति जीवन है।

7
गहरी स्वपन रहित नींद शरीर को सुचारू करती है।
कम से कम 6 से 8 घन्टे अच्छी गहरी नींद लें।

उधाहरण:
 यदि कंप्यूटर या स्मार्ट फ़ोन का ब्यवहार असाध्य महसूस करें तो ज्ञानबान इन्हें बंद करके पावर ऑफ कर देते हैं और आप सो जाते हैं।।

सुबह यह ठीक ठाक चलना शुरू कर देते हैं।

इसी तरह गहरी नींद शरीर को रिचार्ज कर देती है।

8
बिचार बस्तुएँ हैं।
 बस्तुएँ बेतरतीब हों तो ढूंढने में मन परेशान हो जाता है। 

ढूंढ़ने में समय अधिक लगता है।
 इस लिए हम बस्तुयों को ढंग से तरतीब में रखते हैं।

Thoughts

बिचार कैसे आ रहे है 
क्यों आ रहे हैं।

लाभकारी बिचार है
या
हानिकारक है।

मानवीय हैँ 
या 
अमानवीय।

इसकी ट्रैकिंग स्वयं इंसान कर सकता है, कोई नही।

लिख कर देखें। 
आप स्वयं हैरान रह जाएंगे यह देख कर कि मैं ऐसा/ऐसी हूँ।
सच का सामना करना कठिन हो जाएगा।

उस लिखे को जला दें या फ्लश कर दें। ताकि किसी के हाथ न लग जाये।
9
शुद्ध, सूचज्जी सोच शरीर औऱ मन को शशक्त करती है।

इससे काम करने की शक्ति, प्राणशक्ति और कई घन्टे बिना ब्रेक काम करने की शक्ति बढ़ती है।

10
अपने जीवन लक्ष्य में सफलता के लिए इन सरल सिद्धांतो को रोजाना जीवन की रूटीन बना लें।

 लाभ होगा।









Disclaimer

इस ब्लॉग में दी गई कोई भी सूचना या सूचनाएं केवल पढ़ने बाले के ज्ञान बृद्धि के लिए।

 इन सभी सूचनायों के सत्यता और  तथ्यों को प्रयोग करने से पहले स्वयं वेरीफाई जरूर कर लें।




















कोई टिप्पणी नहीं: