Learning(लर्निंग- पढ़ाई)
किसी भी पेपर की तैयारी 2 तरह से होती है।
1
Active Learning(एक्टिव लर्निंग)
यह टारगेटेड पढ़ाई होती है।
जैसे आप ने बैंक पेपर के फॉर्म भरे,
फिर बैंक पेपर की किताब ली,
किताब पढ़ी, मॉक टेस्ट दिये
फिर रियल टेस्ट दिए और पास हो गए।
बहुत पढ़ाई करनी पड़ी।
एक एक सवाल या पजल को समझने में बहुत कठिनाई हुई।
2
Passive Learning
(पैसिव लर्निंग)
3
जिसे किताबें,
मैगज़ीन,
न्यूज़पेपर पढ़ने की आदत पड़ गई
उसके ज्ञान का भंडार बढ़ता जाता है।
4
ऐसा इन्सान पेपर हों न हों आदतन पड़ता रहता है
और जब कोई टेस्ट या पेपर आता है तो बहुत आसानी से
दे देता है।
5
पैसिव preparation ,(प्रिपरेशन/तैयारी) बैसे जैसे फौज़ी हर रोज़ ट्रैनिंग लेता है औऱ कभी भी किसी समय जंग के लिए "तैयार बर तैयार "रहता है।
6
कभी घबराता नहीँ क्योंकि फौज़ी को अपने पर विश्वास होता है कि मैंने तैयारी की हुई है।
7
डर किसका और हमेशा किसी भी चैलेंज को YES SIR कहता है।
आप भी हर रोज़ तैयारी की आदत डालिये।
8
पेपर हो न हों तब भी मैगज़ीन पढें, किताबें पढें, न्यूज़पेपर पढें। करोड़पति भी बन सकते हो कोई IQ बेस्ड इनाम जीत कर। ज्ञान भंडार बढ़ता रहेगा।
9
अब तो टारगेट ओरिएंटेड स्टडी करेँ। पेपर आ रहे हैं। अपना फोकस न बदलें।
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