दूसरों की निगाह में
अच्छे बनना
Sir आज तक मेरा दिमाग इसी पर सोचता रहता था कि मैं दुसरों की निगाह में अच्छा हूँ। मुझे दोस्त, पड़ोसी, भाई, बहन कैसे सोचते होंगे।
मैं इन की निगाह।में अच्छा हूँ या नहीं। इनकी निगाह में अच्छा बनने की कोशिश में मैं जरूर तनाब में रहता था।
परन्तु कल मैंने आचार्य चाणक्य जो भारत के दुनिया में जाने जानेबाले विद्वान थे कि बहुत ही शानदार quote पढ़ी।
" जीवन में सफलता के लिए अपने पर ध्यान दो न कि इस पर कि आप को जानने बाले आपके बारे में क्या सोचते हैं। यदि कोई कहता है कि आप नहीँ कर पाओगे, इसका मतलब है कहने बाला नहीँ कर सकता। आप कर सकते हैं।।अपनी शक्तियोँ को संबारो। दूसरों के कमेंट पर नहीँ"
जब से यह पढ़ा है मैं 4 गुणा बेहतर पढ़ पाया हूँ।
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