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Friday, June 27, 2014

Self-Freedom

सम्पूर्ण स्वतंत्रता

क्या आप तनाब में रहते हैं? क्या आप अपने भविष्य के बारे में इतना सोचते हैं कि अपने बर्तमान का आनन्द भी नहीं ले पाते ? तनाब का सबसे बड़ा कारण जो हमारे पास है उसका आनंद न ले कर जो नहीं है उसके बारे में सोचते रहना व उन लोगो से तुलना करना जिनके पास है।  हमेशा याद रखें की खुश रहना एक सोच है धन दौलत और दुनियावी पदार्थो से मन की  शांति नहीं मिलती।  अकेले बैठ कर सोचें की जो विचार आ रहे हैं बह मन को शांत कर रहे हैं या अशांत कर रहे हैं। 

दुनिया में सबसे बड़ा दुःख का कारण राग और द्वैष है।  दुनिया बैसी जैसे हम ने मन में अपने ज्ञान और बुद्धि से  बनाई है।

क्या आप बार बार अपने भूतकाल यानि बीते हुए समय के बारे में सोचते हैं ? नकारत्मक या सकारत्मक।

सकारत्मक में पुरानी खूबसूरत यादेँ  जैसे आपकी उपल्बधियों की यादें या कहानिंयाँ , आपके रंगीन और हसीन तजुर्बे।  आपके साहसिक कारनामे  आदि।

नकारत्मक  में अपराध बोध (guilt )अहम (pride ) आक्रोष , क्रोध, पश्चात्ताप या आत्म दया आदि।

यदि आप ऐसा सोचते हैं तो आप केवल अपने झूठे भूतकाल को ही अपनी सोच में बार बार बैठा रहे हो बल्कि अपने बुढ़ापे को भी समय से पूर्व दस्तक दे रहे हो।

यदि इसको जाँचना चाहते हैं तो अपने इर्द गिर्द किसी को देखें जो इस तरह से भूतकाल में डूबा रहता है।

दुनिया खुश लोगों से मिलना पसंद करती है।  इसका प्रमाण T.V पर कॉमेडी सीरियल को देखें।  बहां देखने बालों की संख्या अधिक होती है।

कुछ लोग जो तनाब ग्रस्त रहते हैं उनका कारण एक और भी है।  वह हमेशा सोचते रहते हैं की बह लाइलाज वीमारी से ग्रस्त हैँ।  एक बार डॉक्टर से चेक उप करवा कर उसी प्रेस्क्रिशन पर कई कई साल दूकान बालों से बही पर्ची दिखा कर दवाई कहते रहते हैं।  जैसे पोदे को यदि अधिक पानी डाल दिया जाये तो पोदा सड़ जाता है कुछ इसी तरह से बिना डॉक्टर की सलाह से ली दवाई करती है।


क्या आप भूतकाल के बहुत से पल पल डर के मर रहे हैं?

आपको ऐसा करने की जरूरत नहीं है।  केवल उसी समय भूतकाल को सन्दर्व मे ले जब इसकी जरूरत है।

पल में जीने की शक्ति को बढ़ावा दीजिये।  भूतकाल या भबिष्य काल के बारे में न सोचें।  पल बर्बाद तो बभिष्य बरबाद खुशियाँ बरवाद।

बर्तमान के पल में अपनी सम्पूर्ण स्वतंत्रता का आनंद लें। 

क्या आप चिन्तित रहते हैं? हमेशा if what के विचार आते रहते हैँ ? अपने आप को इनसे ऊपर उभारे। आप कर सकते हैं यह संभव है मैंने किया हैं।  मैं अब खुश हूँ। . अब ऐसा लगता है जिअसे भूतकाल एक सपना था सब बीमारीआं सपना थी  10 -15 साल का एक समय ऐसा लगताथा जैसे अब जीवन समापत  हो गया है।  परन्तु अपने देव में  विश्वास के सहारे आज लगता है जैसे वह एक सपना था और अव अनंत जीवन खुशीआं ही खुशीआं हैं। में आशावादी हूँ।

आपकी पहचान आपके मन से है। जो भूतकाल या भविष्य की कल्पनाओं में खोया रहने में मग्न रहना पसन्द करता है।

आप इस तरह की सिथति से मुकाबला कभी नहीं कर सकते क्यूंकि यह यथार्थ तो है नहीं केवल कल्पना है अपने मन से बनाया हुआ भूत है।  तो इसका इलाज़ कहाँ होगा।  केवल आप ही खुद इसका इलाज़ कर सकते है।  आप का सकते हैं।  आप अपने विचारों के मालिक हैं।  नकारत्मक िचारों।  को सकारत्मक बना सकते है। All is well . सभ कुछ ठीक है  का 108 बार दोहराने से मन में शांति भरे सकूँ भरे विचार आने शुरू हो जाते हैं।  शरीर ठीक होना शुरू हो जाता हैं।  21 दिन में बहुत अन्तर आ जाता है।  कर के स्वय महसूस करें।  नकारत्मक लोगो से बात न करें।  केवल चुपचाप करें।


अपने साँसों के बारे में सतर्कता बरतें।  सांस शरीर को ऊर्जा देते हैं जैसे पेट्रोल स्कूटर , कार आदि को ऊर्जा देता है।  साँसों को धीता गहरा लें और ऑंखें बंद कर के शरीर में रहने दें केवल सांस पर ध्यान दें और महसूस करें की शरीर में सांस कहाँ कहाँ जा रहा है।  मुख से अन्दर शरीर के ले जाएँ आँखें बंद रखें 2 से 5 मिनट तक सांस शरीर में रखें फिर नाक की तरफ से छोड़ दें।  बहुत हल्का महसूस होगा।  कुछ दिन करने से आप महसूस करेंगे की आपका क्रोध करना और स्वाभिक चिड़चिडा पन  कम  हो गया है।







 

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