YES
Happiness (true) is self creation that comes through contentment with what you have .
इच्छा-सूची को बढ़ाओगे तो कभी अंतरमन में खुश न रह पाओगे।
A personal development (self-improvement) resources blog. By regularly reading this blog, you will be more confident, courageous and bold. These traits are necessary for enjoying FREEDOM of thought, feelings and actions. आत्म विकास (आत्म सुधार ) के लिए इस ब्लॉग को पढ़ें। इस ब्लॉग को लगातार पड़ने से आप की सोच बदलेगी। जैसे ही सोच नकारात्मक से सकारत्मक हुई , आप के जीवन में दुःख और समस्याएं कम और सुख और खुशियां बढ़ती जाएँगी। इस ब्लॉग को पड़ने से आप की English में भी सुधार आएगा
YES
Happiness (true) is self creation that comes through contentment with what you have .
इच्छा-सूची को बढ़ाओगे तो कभी अंतरमन में खुश न रह पाओगे।
Don't focus on results 😕
Focus on daily preparation for desired results - the ultimate goal.
And the result will be BEST.
लक्ष्य पर फोकस न करें।
लक्ष्य पाने के लिए प्रतिदिन तैयारी करने पर फोकस करें। लिख कर।
लक्ष्य स्वयं भू प्राप्त हो जायेगा
जैसे एक एक क़दम चलने से हजारों मील की यात्रा हूयआन सांग ने की थी।
सुप्रभात सुस्वागतम दोस्तो
🙏🏽🤓
श्रंदांजली
Our dears- Alive or Dead- never leave us.
Time 😲 takes away Edge of Grief.....
BUT memory turns backs every leaf 🌿......
2
Those we 💕 love
never go away.... ..
They walk beside us everyday......
3
Unheard, unseen always near.........
Still loved 😍, still missed, to us very dear.
.
.
Breathing is energy to living beings 💪.
Self discipline is key 🗝️ to success 💪.
A good interaction with a CA.
Yesterday, I met one of my old friend's son .
He is Chartered accountant.
He gave me a great learning.
To have separate work place (office) and home.
2
He shared:
Uncle I was fed up from my family members, and friends who aren't as educated as I am.
3
I had office at home for about 4 years after my getting CA certificate of Practice.
To save office expenses and devote more time to office, I started my practice at home.
BUT this caused lots of stress.
4
I was stressed.
Because all family elders, my parents, my wife, brother's kids, brother interfered a lot in my work.
My professional work responsibility demanded more focus, more conentration and my family did not understand.
I felt.
Entire day, all family members remained in preparing tea and serving to clients.
No privacy at all.
This destroyed family's peace ✌️ of mind.
I felt
"I earn, family must follow me." Wrong.
Father felt:
I am head of family. Family must obey whereas owing to old age, he was unable and capable to do so.
Brother felt:
Younger brother( me) must obey though he was matriculate.
Wife felt:
I am wife.
In All financial and family matters, ALL should follow.
She was highly emotional and less rational as she was just graduate domestic woman.
Always wanted to win and not listen 👂 to others.More stubborn and static attention
No experience of एजुकेटेड educated world. Every day, world is changing.
Later I realized that it's not family that's wrong.
It's me who is wrong.
Because I am CA, not family.
I operate from home.
I must have separate OFFICE.
5
Last year, I shifted my office to this isolated place after great hitches and hackles.
And have realized:
* More spare time for thinking
* My own brand is boosted.
* Productivity boosted.
* Clients increased 3 x.
* Finances improved.
* Mental health improved.
* More planning, more freedom.
* Full office work, full family time.
* More transaction, more transparency.
* Less tension, more clarity as I write ✍️ diary for daily routines and planning for next 2 years.
Lesson learnt.
Work from office
away from home
boosts self productivity.
Rain drops may be small
But their continuous fall causes floods and floods destroy dams.
Similarly small efforts done daily may cause grand success 🙂 in life.
बारिश की छोटी छोटी वूंदे लगातार वरसने से बाड़ का रूप ले लेती है
और
यही वाड़ फलड वन कर वड़ी वड़ी डैम, विल्डिंग और शहरों की तबाही का कारण बन जाती है।
सफलता
इसी प्रकार हर रोज की गई लक्ष्य हेतु छोटी छोटी कोशिशें अनुभव और ज्ञान वड़ा कर जीवन में बड़ी खुशहाली और सफलता प्रदान करती हैं।
लगातार कोशिशें करते रहें।
Consitancy की ताक़त
बहता हुआ पानी, बड़े से बड़े पहाड़ को भी गिरा देता है।
पहाड़ को गिराने की ताकत पानी में नहीं है।
यह तो बार बार प्रहार की ताकत है, जो पानी के बार बार पहाड़ से टकराता है और पहाड़ को गिरा देता।
इसलिए सफलता उन्हीं को मिलती है जो तीन तरीके अपनाते
1 Self Practice
2 More Practice in writing.
3 Assess and Again Practice - Written with date 🌹 each time practiced.
Nothing can stop such a person to succeed in life.
Self Direction
1
Direction is more important than speed.
जीवन में आगे बढ़ने के लिए दिशा गति/स्पीड से अधिक महत्वपूर्ण है।
2
Modern youth and may be olden youth run with speedometer in Life .
They do not bother much about ethics, morality, legality and the end of their running.
Some instead of enjoying Rail, land in Jail
युवा - आज के या हो सकता है भूतकाल में भी - दिशाहीन भागदौड़ में रुचि लेते हैं। धन और सफलता के शार्ट कट अपनाने में रूचि रखते हैं।
इसमें जीवन मूल्य -इमानदारी, संस्कार, नैतिकता को दांव पर लगा बढ़ते जाते हैं।
अंततः अधिकतर रेल नहीं ,
जेल की हवा खाते हैं।
जीवन के उर्जा भरे बर्ष जेल में कट जाते हैं।
एक उदाहरण:
सोचो: सजा काटने के बाद उम्र 48 साल हो जायेगी।
सारा कैरियर और जीवन समाप्त।
अपना भी और अपनों का भी।
यदि भावनाओं को नियंत्रित रखा होता तो जीवन स्वतंत्रता से जीता।
मन में तो बुरे अच्छे भाव चलते रहते हैं।
उनके बस में नहीं,
उनको अपने बस में रख कर जीवन यात्रा सुखद होती है।
जरा सोचो, साईकिल, स्कूटर, कार या वाहन हम लोग चलाते हैं और आगे कोई कार, स्कूटर, साइकिल या वाहन , तो क्या सामने से टक्कर मार देते है।
नहीं, हैडल या स्टीयरिंग व्हील घुमा कर सुरक्षित तरीके से निकल जाते हैं। एक एक्सीडेंट जीवन समाप्त कर सकता है
3
इसी प्रकार इन्द्रियों का नियन्त्रण है। जब कभी लगे कि इंद्रियां अति हावी हो रही है। बहां से किनारा कर लो।
किस्मत के सहारे न रहो।
क़ानून सज़ा देता है।
ऐसे बच जाओगे।
3
Slow and steady wins the race.
यह एक बहुत पुरानी कहावत है और इसके मायने भी जीवन को यथार्थ और पर्याप्त दिशानिर्देश देते हैं।
जंगल में एक खरगोश हर रोज़ आ कर सभी जानवरो को रेस में शामिल होने की शेखी बघारता।
कोई भी जानवर उस से रेस लगाने के लिए तैयार नहीं था। सभी बहाने बनाते परन्तु अन्दर
ही अन्दर डरते थे कि हार न जाएं।
हारने का डर हर जानवरों को ही नहीं इन्सानों को भी होता।
इस डर को खत्म करोगे तभी किसी प्रतिस्पर्धा या इग्जेम को क्रैक कर पायेंगे।
आलस्य हराता है।
अर्थात आलस ही हार का सबसे बड़ा कारण है।
https://www.youtube.com/live/_9LVbvbDDlc?feature=share
जो बैंक PO/Clerk की तैयारी कर रहे हैं
बह इसमें बैठें।
सिलेबस बैसा ही है।
2
बाकि जानकारी बिडियो से लें www.Licindia.in पर है। पढ़ें और जानें।
3
Qualification:
Graduation/degree
Age: 21-30 General. दूसरों के लिए ऐज रिलैक्स्ड है।
Preliminary: शायद 31 जनवरी को हो। बैवसाईट देखें।
Mains: प्रिलिमिनरी के एक महीने बाद
Medium: हिंदी व इंग्लिश English
Vacancy: 300
Salary: Rs 92000+
4
बाकि जानकारी बिडियो और बैवसाईट से लें।
सही बही
5
एक पढ़ने का तरीका।
Strategic Reading Skills.
किताब को बार बार पढ़ो।
कंसेप्ट कलीर होनी चाहिए।
नोट्स बना कर लिखो
इग्जेम क्रैक करने के लिए
रिबिजन करना आसान हो जाएगा
Revison/Repetition is father of Success.
6
घबराइए नहीं
जहां तक नज़र आता है बहां तो पहुंचो
बहां पहुंचने पर आगे का रास्ता नज़र आ जायेगा।
घबराहट कैसी।
उठो, जागो, तब तक जूझते रहो
जब तक मंजिल न मिल जाए।
Don't make haste.
अपने जीवन के लिए 3-4 साल ज़रूर दें।
इगजैम में बैठने से
इगजैम का पैटर्न पता चल जाता है।
एटैम्ट जरुर करे,
चुपचाप बिना शोर मचाये।
आपकी सफलता शोर मचाए।
तैयारी चुपचाप करें।
शोर मचाने से दस गुणा बेहतर होगी।
7
बहानें बाजी बंद।
अपनी शक्तियों को जाग्रत करो।
सभी बहाने एक पेपर लिखें।
और आग में जला दें या पानी में बहा दें
कोई बहाना नहीं।
8
समय बचाओ Time Management
सभी सोशल मीडिया
सोशल फंक्शन, बिबाह शादी भूल जाओ।
पढ़ने, लिखने पर मन।
बिना लिखे, सब बेकार।
रट तो तोता भी लेता है
परन्तु बह आफिसर नहीं बनता।
क्योंकि बह लिख नहीं सकता।
इसलिए लिखना ज़रूरी है।
No phone, TV, non connected friends.
Group study is good.
फोन टीबी सारी उम्र कर सकते हो,
अब कैरियर बना लो।
9
अपनी जिम्मेदारी समझो,
जानों और करो।
9.1
फीस किसकी जिम्मेदारी:
पिताजी की
9.2
रोटी पकाना,
कपड़े धोना किसकी जिम्मेदारी:
मां की
9.3
पढ़ना,
लिखना,
कैरियर बनाना
किसकी जिम्मेदारी:
आपकी और किसकी ।
कामचोर न बनें।
मेहनत करो, मन से, लग्न से
इमानदारी से करो,
सफलता आज नहीं तो कल अवश्य मिलेगी।
10
बिंडो 15.1.2023 को खुली है।
शायद 30.1.2.23 बंद हो जाये।
इसलिए आज ही एप्लाई कर दो।
30x24x 60x 60= 720X3600=2572000 यानी 2572 हजार पल हैं।
इनका सदुपयोग कर लिया तो सफल होने से कोई नहीं रोक पायेगा।
11
अपने पर विश्वास करें और दोहराएं।
में
I am unique .
Yes I can do.
Graduation का क्या मतलब है। कि आप दुनिया के बुद्धिजीवियों में हैं।
संसार के 8% लोगों में से एक है। 100 में से 92 ने ग्रैजुएशन नहीं कि है।
कम से 15 साल पढ़े हो
15x365X24x60x60= करोड़ों पल का ज्ञान है आप के पास,
फिर घबराहट कैसी।
दूसरे तो पल में मनोबल तोड़ देते हैं, कयोकि बह ग्रैजुएट नहीं है।
यह घर के , बाहर के या रिश्तेदार भी हो सकतें हैं।
उठो, जागो और करो।
सफल होंगे।
Female Specie -
A power unbelievable.
नारी एक शक्ति।
सम्मान करें "स्त्रियों" का
*स्त्रियां " कुछ भी बर्बाद
नहीं होने देती
* बह समझती हैं और
सहजती है,
* संजोती और संभालती हैं
कल के लिए,
गर्म मौसम में
सर्द और दर्द मौसम व वक्त के लिए।
इसलिए कुल की देवी कहलाती
* मोह, ममता की मूर्ति है स्त्री
हो मां
, बहन हो, पत्नी या भावी ।
*
बह सहजती है ।
संभालती है
ढकती है
बांधती है
उम्मीद को आखिरी छोर तक।
*
कभी तुरपाई से
कभी टांका लगा के
कभी धूप दिखा के
कभी हवा झला के
कभी छांट कर
कभी वीन कर (Sieving Skills)
कभी तोड़ कर
कभी मरोड़ कर
कभी जोड़कर
देखा होगा न?
परन्तु प्रशंसा न की होगी कभी।
पुरुष यह सब नहीं कर पायेगा
अपनी इगो में पड़कर
केवल असहाय और असहयोगी वन जायेगा।
* देखा होगा न?
अपने ही घर में शाम को सुबह की वची
"बासी" रोटी खाते हुए।
दोपहर को थोड़ी सब्जी को भी तड़का लगाते हुए।
दीवारों की सीलन
तस्वीरों से हटाते हुए।
बचे खाने से मान से
अपनी खाने की थाली
सजाते हुए।
फटे पुराने कपड़ों को भी
डस्टर बनाते हुए।
आओ इन्सान बनें
"नारी " का मान व सम्मान करें।
Preparation stages for competitive exam or degree /diploma courses.
Step 1
1 E=R
E= Eligibility
R= Requirement
1.1
सबसे पहले यह चैक करो कि जो कोर्स करने जा रहे हो उसके लिए मिनिमम क्वालिफिकेशन क्या है और क्या मैं उसके लिए क्वालीफाई भी करती/करता हूं।
1.2
हर कोर्स कोई विना किसी उद्देश्य के तो न करोंगे। इसलिए यह जरूरी जानकारी प्राप्त करें कि इस कोर्स/कम्पीटीशन को पास करने पर क्या काम करना है।
1.3
जैसे बैंक क्लर्क के लिए क्वालीफिकेशन कोइ भी ग्रैजुएशन यानी B.A, B.Com, B.SC., BCA, B.Ed,BBA, LLB degree आदि है।
और बैंक क्लर्क का काम
* फ्रंट डैस्क पर बैठ कस्टमर को गाइड करना
* कम्प्यूटर में लेन देन की एंट्री करना
* पास बुक अपडेट करना
* नये बैंक खोलना आदि।
1.4
इसलिए इस कंपीटिटिव इगजैम के लिए तभी एप्लाई करें यदि क्वालीफाई करते हैं, और काम अच्छा लगता है।
और अपना 100% मन लगाकर पढ़ाई लिखाई तैयारी कर सकते।
1.5
आधे अधूरे मन से किया काम कभी सफलता नहीं देता है।
1.6
यह केवल गाईडैस है।
वैवसाईट जरूरी देखें। उसी की सूचनाएं उचित व सही हैं।
Step 2
यदि आप ने अगले बर्ष पेपर देने हैं तो तैयारी अभी से शुरू कर दो।
2.1
डिग्री के
2nd year में पढ़ते ही तैयारी कर दो 25% समय दो इसे और , 75% डिग्री की पढ़ाई को।
2.2
बिना प्लान के तो बैसे भी 2-3 साल बच्चे खराब कर देते हैं।
Step 3
जब वैबसाइट पर बैकैंसी निकले तो एप्लाई कब करना शुरू है और कब बन्द है उसकी जानकारी सम्पूर्ण जानकारी रखें।
3.1
और एप्लिकेशन को 3-4 बार अच्छी तरह से पढ़ें। जो एप्लीकेशन भरने के लिए सेरटीफिकेट, सूचनाएं, फोटो आदि चाहिए पहले तैयार रखें।
3.2
आरिजनल सैरटिफिकेट ले इधर उधर न घूमें।
उनकी फ़ोटो कापी ले प्रयोग करें।
ताकि आरिजनल सेफ घर पर हों।
* यदि फोटोकापी गुम भी हो जाए तो आरिजनल से दोबारा वनवा सकते हैं।
** परन्तु यदि आरिजनल गुम हो गये तो डुप्लीकेट लेने में सालों लग जायेंगे।
3.3
हड़बड़ी या जल्द बाजी न करें।
जीवन का सवाल है।
करोड़ों कमायोगे यदि नौकरी पा जायोगे।
3.4
आखरी तारीख से पहले कम से कम 5-10 दिन पहले एप्लाई कर दो ।
आखरी दिनों में वैबसाइट क्रैश हो जाता है क्योंकि रश बहुत होता है।
यह शिकायत है बहुत से बच्चों की।
4
अब पेपर की तैयारी करना शुरू।
दो तरीके हैं
4.1
घर पर अकेले
क्लास में ग्रुप स्टडी
4.2
पहला तरीका है कि घर पर किताब लो अकेले पढ़ो। बहुत कठिन है और जो सफलता एक साल में मिलनी थी , 3-4 साल लग जाते हैं। विधार्थी कहते हैं। घर पर पढ़ाई में मन नहीं लगता डिस्टर्ब बहुत है।
घर बाले काम कहते रहते हैं। पड़ोसी की डिसटबैंस अति अधिक। और जब पास न हो तो सारा भांडा पढ़ने बाले पर फोड़ देते हैं।
यह अनुभव है घर पर तैयारी करने वाले बच्चों का।
4.3
क्लास ज्वाइन करें।
कोचिंग लें।
फीस दे।
बिना टिकट लिए लाटरी भी नहीं निकालती है।
4.3.1
लाभ:
अनुभबी एक्सपर्ट की कोचिंग। जीवन के 30-40 साल बच जायेंगे। क्यों कि टीचर/ट्रेनर आप से 30-40 साल अधिक अनुभवी होगा।।
कम से कम 25-30 सह विधार्थियों की सहायता Group Learning में मिल जाती है। यानी 25-30 ब्रेन आपकी सहायता कर रहे हैं।
*
Discipline अनुशासन व रैगुलरटी। जो घर पर नहीं हो पाता है।
*
डाउट क्लीयरिंग सैशनज
*
मेमोरी स्किल्स
*
मोटीवेशन सैशन
*
पर्सनालिटी डेवलपमेंट
*
प्रेरणा व प्ररेक प्रसंग।
*
माइंड पावर स्किल्स,
Relevance and connectivity issues resolutions.
*
Qualified trainers.
MBA (Banking & Finance) trainers.
5
General Guidance
5.1
सफलता यकीनन बनानें का सबसे कारगर तरीका है कि आप का एट्टीट्यूड Attitude क्या है, आपका एप्टीट्यूड Aptitude क्या है।
Attitude = किसी काम, मेहनत या चैलेंज के लिए आपका मानसिक रिस्पांस "हां" है या "न" है।
यदि "न"है तो कभी उस काम में कामयाबी मिल ही नहीं सकती।
सबसे पहले अपने मन और मस्तिष्क से काम या चैलेंज के प्रति "हां" का रवैया होना जरूरी है। इसे अपनाएं। मन को बार बार कहें: हां मैं कर सकता हूं, मैं कर सकता हूं।
Experts opine:
There are only two attitudes in the world 🌍
Yes, I can.
No, I can't.
Both are right.
See which one you have.
5.2
Mind माइंड पावर एक बहुत शक्तिशाली स्किल है जिसे आप डिवैलप कर सकते हैं।
ब्रेन की लोकेशन होती है। हैड।
परन्तु माइंड की लोकेशन, सम्पूर्ण शरीर में है।
कैसे ?
जो आपने खाया,
पिया,
देखा,
सुना
उसके असर और
प्रभाव शरीर में प्रभावी हो जायेंगे।
किसी ने बुरा ब्यबहार किया, उसका प्रभाव मन मस्तिष्क पर हो ही जाता है।
ठंडा पानी पिया
या ठंडे पेय ््
शरीर पर अपना ठंडा प्रभाव देंगे।
इसी तरह से पौष्टिक आहार है।
जंक फ़ूड शरीर को दीर्घायु नहीं दे पायेगा।
*
नशे,
मदिरा पान,
बुरी आदतें,
बुरी संगत
जीवन की दिशा और दशा बिगाड़ देती हैं
*
शरीर को अन्दर से खोखला कर देती हैं।
इनसे बचना चाहिए।
यह कौन कर सकता है, करता है,
मांइड अर्थात
मन
*
चेतन मन और अवचेतन मन ।
अवचेतन मन की शक्ति बहुत प्रभावी है।
सोचो आप खाना खाने बैठे और मन पसन्द सब्जी न बनी हो, हर निवाला वे स्वाद लगेगा।
तो यह वे स्वाद किसने बनाया।
मन ने।
इसलिए सबसे पहले जीत के लिए मन को समझना और समझाना चाहिए।
जैसे बैंकर बनने के लिए हर रोज :
50-60 बार बोलें :
**
I am a banker. Yes, I can do it.
**
इससे बहुत फर्क पड़ता है।
सफलता के चांस /तीन गुणा बढ़ जाते हैं।
दिन में कई बार बोलिए मन ही मन।
सफलता का मानसिक माहौल बन जायेगा और
जो पढ़ोगे आसानी से समझ आ जाए गा।
5.3
दो ब्रेन
एक हैड में है और दूसरा पेट भी ब्रेन है
दोनों को भोजन चाहिए।
पेट को खाना और ब्रेन को बिचार।
पेट जो खाता है बह न पचे तो तकलीफ देता है । इसलिए हम सोच समझकर, मौसम मुताबिक, शरीर मुताबिक खाना खाते हैं।
जो खाना अब खाया है, साधारण होगा तो कम से कम 3-4 घंटे पचने के लिए लगाता है।
*
इसी तरह से जो
पढ़ते हैं,
सुनते हैं,
देखते हैं
बह ब्रेन के लिए खाना है।
इसलिए सोच समझकर ही पढ़ना लिखना, सुनना और देखना चाहीए। इसका प्रभाव अनूकूल या प्रतिकूल होगा।
*
इसपर 6/18 रुल एप्लाई होता है।
अर्थात जो 6 घंटे पढ़ते हैं, सुनते हैं, देखते है उसे दिमाग में 18 घंटे घुमाओगे तभी सही मनन कर पाओगे।
इसलिए सही पढ़ा, सही रिजल्ट देगा
ग़लत पढ़ा गलत।
उसके बाद लिखोगे तो परमानैंट हो जायेगा।
भूलेगा नहीं।
5.4
चित्र और मित्र चरित्र बनाते हैं।
अच्छे अच्छा चरित्र देते हैं। जो सुख मय जीवन देता है।
बुरे की संगति बर्बाद कर देती है।
आप स्वयं अपना जीवन के निर्माता हो। कैप्टन हो।
सोच बिचार कर अपने को दिशा निर्देश दो
" I am Best"
फील करने वाले बैसट वन ही जाते हैं।
मन ही मन महसूस करो,
कोशिश करो,
वन जाओगे।
असम्भव कुछ नहीं है, ढ़ूढने से सब हल मिलते हैं । समय लगता है,
इसलिए धीरज रखें, कोशिश करते जायें, लिखते जायें, अपनी कोशिश भी।
धन्यवाद पढ़ने के लिए।
पढ़ने का तो तरीक़ा।
अधिकतर बच्चों की यही शिकायत रहती है
कि स्लैब्स बहुत बड़ा है, किताबें बहुत मोटी हैं।
2
परन्तु अनुशासित रह कर बड़े से बड़ा स्लैब्स या कठिन से कठिन काम भी किया जा सकता है।
3
फार्मल पढ़ाई जो स्कूल कालिज में करवाई जाती है
बह यदि प्लान करके की जाए तो रुचि बढ़ेगी।
पढ़ना आसान लगेगा।
और यदि मन में बिचार आते हैं कि
"मैं समय बर्बाद कर रही या रहा हूं"
तो बही आसान पढ़ाई,
एक पहाड़ लगने लग जायेगी।
4
सबसे पहला प्रश्न अपने आप से पूछें:
कि "पढ़ाई लिखाई आसान है या कठिन।"
इससे मुझे 15 साल बाद,
30 साल बाद क्या मिलने बाला है।
5
मेरा मत
शिक्षा एक ऐसा हथियार है जिससे आप आजादी का जीवन जी सकते हैं।
IT is said:
Man (female and male) is born FREE BUT throughout Life he remains in chains - chains of fear I mean.
But education Empowers and breaks those chains.
कुछ लोग कहते हैं उसे देखो:
बह दसवीं भी नहीं पड़ा और लाखों में खेल रही /रहा है।
क्या उसके अन्दर झांक कर देखा है
किसी ने
कि रात को "सोने की चैन " पहन कर चैन की नींद आ रही है या नहीं।" और उसकी तरक्की में कितनी तपस्या है।
शादी कभी ंनही।
जजमेंट देनी बड़ी आसान है।
करना मुश्किल है पर असम्भव नहीं।
6
बिना ज्ञान,
सकिल और शिक्षा के बिजनेस करना भी है
यह उस "कुएं" के समान है, जो मीठा पानी दूसरों को पिलाता परन्तु उस पानी को एक क़दम आगे पीछे नहीं हिला सकता।
7
दुनिया और दुनिया के कानून बदलते रहते हैं। बिना शिक्षा अपने आप को बदलना अति कठिन है। बदलाव ही सुखी जीवन है।
8
इसलिए पढ़ो, सीखो, लिखो। बिना लिखे कुछ सीखा नहीं।
9
अब कंपीटिटिव इगजैम के बारे में।
9.1
कैरियर चुनाव के समय गहन विचार करें।
* यह कोर्स मैं क्यों करु? लिखें।
कम से कम 10 लाभ।
* इससे मुझे 15 साल बाद क्या लाभ होगा और मै कहां पहुंचुगा।
* इसे करने के लिए मेरी क्षमता है भी या नहीं। कहीं इधर उधर से पूछ कर न कोई कोर्स या कैरियर अपनाएं।
* आप खास हैं। अपनी शक्तियों और खूबियों को जान कर चयन करें। हर इन्सान में गुण होते हैं। अपने गुणों को मानें, जाने और पहचान करें।
लिख कर, डेट डाल कर।
* जो यह कहता है कि आप यह नहीं कर सकते, उससे नहीं हुआ, इसलिए कह रहा है। आप कर सकते हो। ््््््््््््््््््एस
ऐसी सोच रखो। आगे बढ़ोगे।
* फेल हो तो दूसरों को न बताएं। केवल आप मनन करें और दोबारा शुरू करें। पास हो जायोगे। साइंस कहती है फेल कोई लफ्ज़ नहीं है - पास या सीख - Success or Learning.
बैसे बेवजह दूसरों को बताने की बजाय, चुपचाप करते जाओ, जब कुछ कर लोगे तो सभी को पता लग जाएगा।
केवल 60-70% दुसरे जानें ््
30 -40% तो कभी किसी को न बताओ। आपकी पढ़ाई लिखाई कैरियर आपका है। आपके परिवार और आपके लिए है। दूसरों को क्या सरोकार।
9.2
Love your MoM
Respect your father - father is like army for family. Mom is confined to house and home 🏠 But Father faces all troubles, turbulent working and challenges/dangers to make life of family members comfortable.
Hence father is REAL HERO.
9.3
* कोई भी कैरियर चुनें,
हो सके तो पैसे के लिए नहीं,
जहां मन हो बहीं अस्ली तरक्की होती है।
यदि हालात के कारण आपके प्रतिकूल हैं, तो धीरज रखें, अनूकूल समय भी आयेगा जब आप राजा के तरह जीवन जी लोगे।
*
जीवन एक किताब की तरह है जिस के पन्नों पर आज तक की जीवनी लिखी जा चुकी है
आज़ आप लिख रहे हो और भविष्य के पन्ने खाली हैं जिन पर अपने मन मुताबिक लिख सकते हैं। पिछले से सीख लो । बुरे को भूल जाओ।
9.4
बुरे से सकारात्मक सीख
एक छोटे लड़के ने शरारत की और पुलिस ने उसे थप्पड़ जड़ दिया।
लड़का पड़ता चला गया और अब अमेरिका में जज बन गया है।
अख़बारों की हैडलाइन है:
एक पुलिस के थप्पड़ ने भारतीय लड़के को अमेरिका में जज वना दिया।
कमजोरी पाल लेता तो सारी उम्र इसके याद कर कर हीन वना रहता और जीवन दुखों में जीता। केवल सीख ले आगे बढ़ता गया।
यह आप पर निर्भर है
बुरे पल याद रखने हैं या
उनको अपनी उन्नति की सीढ़ी वना आगे बढ़ना है।
* दो चीज़ें आपके अन्दर है
- खुशी
- सफलता
कोशिश करोगे मिल जाएं गी।
किसी इंसान या परिस्थिति पर निर्भर रहना दुख देता है।
10
मान कर चलें कि आप जैसा इस दुनिया में कोई नहीं है।
एक बार जंगल में जानवर की प्रतियोगिता आयोजित हुई
1 शेर
2 बिल्ली
3 खरगोश
4 चुहा और
5 मछली ््
ने भाग लिया।
प्रतियोगी को बृक्ष पर चढ़ना था।
चूहा सबसे पहले नंबर पर आ गया
दूसरे पर बिल्ली , तीसरे पर खरगोश और शेर चौथे स्थान पर ।
मछली ने कोशिश ही नहीं की, क्योंकि प्रकृति ने उसे पेड़ पर चढ़ना सिखाया ही नहीं है
मछली और बहुत निराश।
परन्तु भालू ने बताया कि सभी के अपने अपने गुण होते हैं। प्रकृति ने दिये ही ऐसे होते हैं । इसलिए निराश न हो। शेर भागने में एक्सपर्ट है, तो मछली तैरने में।
शेर और मछली खुश हो गये, यथार्थ जान कर, मानकर और पहचान कर।
इसी तरह आप भी अफने गुण पहचानें और मानें। उसके बाद प्रगति अनन्त।
खूब मन लगाकर पढ़ाई करो
खूब मन लगा कर खेल कूद करो।
जो भी करो उसे अपना 100% दो।
हाकि की टीम को याद रखो। सभी प्लेयर अपना अपना 100% देते हैं। हार जीत की कोई परवाह नहीं।
Enjoy 🙂 the journey NoT destination alone.
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आम तौर पर हर किताब 600 पन्नों से कम ही होती है। अधिक से अधिक 6 सब्जैक्ट।
3600 पेज
साल में 365 दिन।
65 छुट्टी कर लो।
3600/300= 12 पेज रोज़ पढ़ने और लिखने । अधिक से अधि आधा घंटा अर्थात 30 मिनट लगते हैं।
जो अपनी जिंदगी के लिए हर रोज 30 मिनट नहीं दे सकता उसे अच्छे जीवन की आशा ही छोड़ देनी चाहिए।
बह अपना दुश्मन आप ही है।
किसी और काम में रुचि बढाये।
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जीवन में आगे बढ़ने में लिखना बहुत जरुरी है। यह बैसे ही है जैसे ट्रेन के लिए ट्रैक।
ट्रैक साफ, सुथर हो तो ट्रेन की दिशा व दशा ठीक रहती है। वर्ना डिरेल होने का डर बना रहता है।
लिखना भी बैसा ही है। अपने भाब लिखें, अपने लक्ष्य लिखें, लक्ष्य प्राप्ति के लिए किए गए यत्न लिखें।
मंजिल कब तक पाई जानी है, लिखें।
लिखना जीवन को दिशाहीन नहीं होने देगा।
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अपनी शक्ति बढायें।
हर रोज़ कम से कम अपनी पसंदीदा 20 पन्ने ज़रुर लिखें।
तीन महीने 20 पन्ने रोज़ लिखने से आप कोई भी इग्जेम या प्रतियोगिता पास करने में सफल हो जायेंगे।
हां, यह ध्यान रखें कि किताब एक ही बार बार पढ़ो।
जब सभी फार्मुले या कंसपैट कलीर हो जायें तभी दूसरी किताब पढ़ें।
थे
सब्जैक्ट का स्लैब्स एक ही होता है। अधिक किताबें पढ़ने से कंफ्यूजन हो जाता है।
एक किताब कम से कम पांच वार पढ़ लें। मास्टर वन जाओगे उस सब्जैक्ट के ्
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अंततः मनन करने का अभ्यास करें।
आंखें बंद।
सोचें क्या कर रहा हूं, क्या करना है, कैसे करना है।
नोटबुक साथ रखे
पैन पैंसिल साथ रखें।
जो मनन करके बिचार आएं।
उन्हें लिखें यानी हार्ड कर लें।
परमानैंट हो जायेंगे।
यह सब कर लोगे, कभी फेल नहीं होंगे।
धन्यवाद।
Listening leverages learning
Learning leverages LIFE.
IT may be remembered 🙂 as Double LLL rule.
सुनने से स्मरण शक्ति बढ़ती है।
स्मरण शक्ति पढ़ने, लिखने और सीखते रहने की शक्ति बढ़ती है।
पढ़ने, लिखने, सीखने सीखाने की आदत जीवन और जीवनशैली को तरोताजा, मनोरंजन प्रदान करती है।
क्रियेटिव जीवन अमर्त्य के भाव जैसा होता है।
इसक
अपने जीवन को
शौशल मिडिया के टैव बहुत सहायतार्थ हैं।
असली जीवन में भी सोच में लोगों, परिवार, परिस्थितियों, व्यवसाय या व्यवसाय (नौकरीपेशा या बिजनेस)को यह एप्लाई करें।
बहुत लाभ होता है
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केवल मानसिक स्तर पर करे। तनाव कम हो जायेगा।
Writers rule the world 🌎.
लेखक इस दुनिया को प्रेरित करते हैं।
बह करोड़ों
शरीर नहीं
मन और मस्तिष्क पर राज करते हैं।
2
स्थूल शरीर मृत्यु के बाद पां जैच प्राकृतिक तत्व में विलीन हो जाता है, परन्तु लेखक की कलम से लिखे शब्द शक्ति बन दूसरों जीवित आत्माओं को प्रेरित करती रहती हैं।
3
इसलिए पढ़िए और लिखिए।
यदि लक्ष्य कोई ( कंपीटिटिव इगजैम) प्राप्त करना चाहते हो तो
पढ़िए , समझिए, लिखिए।
यदि लिखा नही, नोट्स नहीं बनाए
तो पढ़ा, पढ़े के बराबर है।
4
शान्ति कहां है?
Never compare, comparison is HELL. Feel proud, feel happy in your SKIN 😍.
अपनी तुलना दूसरों से करना, अपने लिए नर्क भरी सोच बनाने की तरह है।
अपने पर मान करें, खुद पर विश्वास, यकीन था भरोसा करो।
लग्न से, इमानदारी से, इमोशनल नहीं, रैशनल हो , प्रयास करें।
सफ़लता मिलेगी ही, दुनिया की कोई शक्ति आपको सफल होने से नहीं रोक सकती।
अपने को कमजोर समझना, सबसे बड़ा पाप है। आप शक्ति वान हो। उठो जागो, और तब तक जूझते रहो जब तक जब तक मंजिल न मिल जाए।
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सुखी कौन है?
5.1 निर्धन कहे, धनवान सुखी
5.2 धनवान कहे, राजा सुखी
5.3 राजा कहे, संन्यासी सुखी
5.4 संन्यासी कहे, संतोषी सुखी।
Contentment contains happiness.
इसलिए लिए संतुष्ट हो बढ़ते रहीए।
मंजिल आपकी है, जीत आपकी होगी।
कौन कहता है
🐥कि रौशनी केवल
चिराग़ों से होती है
😍 बेटियां भी घर में
उजाला करती हैं।
आज का दिन शुभ हो।
केषप
Education is the most important weapon with which you can change the world 🌍.
2
शिक्षा बह हथियार है जिसके बल पर आप संसार को बदल सकते हैं।
3
शिक्षा बिचार और ब्यबहार सुधार कर स्व जीवन और पर जीवन में सुधार करती है।
4
शिक्षा से विभिन्न विषयों का ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है
जैसे
4.1 विज्ञान , Science 🔭
4.2 अंग्रेजी English (International Language अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय भाषा)
4.3 गणित Mathematics. Mathematics की महत्ता इस से पता चलती है कि इंग्लैंड के प्रधानमंत्री श्री सुनक जी 12बीं तक के बच्चों के लिए गणित की पढ़ाई आवश्यक करने जा रहे हैं।
4.4 सामान्य ज्ञान व विज्ञान General Knowledge, General Science for developing Scientific thinking 🤔.
4.5 मात्र भाषा -(पंजाबी -बोलना, पढ़ना व लिखना) Mother Tongue 👅
4.6 राष्ट्रीय भाषा (हिन्दी बोलना, पढ़ना व लिखना) National Language
4.7 स्वास्थ्य, स्वच्छता का ज्ञान व महत्व Importance of health and cleanliness. Cleanliness is next to Godliness.
4.8 संस्कृति ,संस्कार और संस्कृत Culture, Non verbal Etiquettes and Sanskrit - the old Indian Language that is language of many old scriptures.
4.9 कम्प्यूटर Computer 💻 - CI and AI rule the world 🌍.
CI= Cognitive Intelligence that is given by Nature at the time of birth.
AI=Artificial intelligence i.e. algorithm of computer 💻.
CI अर्थात दिमाग दुनिया का सबसे बड़ा कम्प्यूटर है। सारे कम्प्यूटर मिल कर बह नहीं कर सकते जो दिमाग कर सकता है। उदाहरण के तौर पर यदि सड़क पर कोई हादसाग्रस्त हो जाये और उसके पास कम्प्यूटर है तो बह कम्प्यूटर किसी को सहायता के लिए आबाज नहीं लगा सकता।
परन्तु यदि वहां कोई छोटा बच्चा है तो बह परिस्थिति को देखकर सहायता कर सकता है।
यह नहीं कि कम्प्यूटर (AI) की महत्ता नहीं है। कम्प्यूटर मानवीय सरोकार में बहुत बड़ी भूमिका निभा रहा है।
कम्प्यूटर या डिजिटल मीडिया ( Digital Media) के गुलाम नहीं मालिक बनें रहें तो जीवन सुखमय रहेगा वर्ना....................
4.10 स्व अनुशासन( Self Discipline)
4.11 व्यायाम , फिटनेस और जीवन (Value of Exercise, Yoga, Meditation and BMI i.e. fitness in life )
4.12 मर्यादित जीवन - माताजी, पिताजी, विधार्थी, भाई बहन के रूप में किन मर्यादा का पालन करना है (Knowing the role behaviour as mother, father, student, teacher, doctor, brother, sister, as elder, as younger,expert mentor, motivator etc)
4.13 प्रयोग करने की क्षमता व बल (Development of experimental and exploration Skills)
4.14 स्वार्थ से समूह भावना का उत्थान (Development of feelings of Cooperation) वासुदेव कुटुम्ब कम की भावना। सारा संसार एक परिवार है की भावना अपनाना.
4.15 लोक व्यवहार की कला (Communication 🎿 Skills.
4.16 धर्म, संस्कृति, सेवा व संसार ( World and spirituality, culture, service)
Educate Yourself
Education Empowers
Education Elevates
........ More आप और समझते हैं तो कमैंट में लिख दें।
धन्यवाद वाद
मैं एक चिंगारी हूं I am a flame 🔥.
सीखूंगी, पढूंगी लिखूंगी
पढूंगी सब पर भारी हूं।
2
मैं जानती हूं
शिक्षा बह हथियार है
जिससे दुनिया का हर सदस्य सुख पा सकता है।
3
कहावत है
"धन बह इकठ्ठा करो,
जो तुम्हारी रक्षा करे।
न कि बह जिसकी रक्षा
तुम्हें करनी पड़े।"
4
शिक्षा ही बह धन है
जिससे घर बैठे संसार के सब सुख प्राप्त कर सकते हैं।
कलम की ताकत तलवार से बढ़ कर है।
5
मैं शिक्षित हो fire 🔥बन जाऊंगी
अपने और अपनों(मां बाप, भाई बहन आदि) सभी के सब सपने साकार कर पाऊंगी।
देश और दुनिया की बेहतर व्यवस्था कर पाऊंगी।
6
मैं एक चिंगारी हूं
समय पर आग बन जाऊंगी।
मैं एक चिंगारी हूं।
मेहनत लग्न से आग बन जाऊंगी।
जिसके पास आत्म विश्वास नहीं है
बह किसी मनुष्य, आस्था, वस्तु, परिस्थिति पर विश्वास नहीं करता है।
धन्यवाद