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बुधवार, 23 दिसंबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 Motivation-

Attitude Determines Altitude

प्रेरणा स्त्रोत

सोच ,
लक्ष्य 
और 
 सफलता 


1
लक्ष्य प्रारप्ति में सफलता
और सोच 
का  रोल बहुत ही महत्व पूर्ण है।

सकारत्मक सही दिशा की सोच सफलता देती है।

 नकारत्मक सोच दुःखों और मानसिक बीमारियों की जड़ है।

सकारत्मक सुखों का संसार।


2
यथार्थ जैसा है सभी के लिए  बैसा ही है। कुछ इसी यथार्थ का सद्पयोग करके सफल और सुखी बन जाते हैं। और दूसरे संघर्ष शील जीवन जीते रहते हैं।

अपने आप का विश्लेष्ण कर सोच बदली जा सकती है।

3

 रबैया बदलने से सफलता उसी यथार्थ से मिल जाती है।

4
कैसे?

एक धर्म स्थल के निर्माण में 3 मजदूर लगे हैं।

तीनों को एक ही पगार/मजदूरी मिलती है।

5
एक यूनिवर्सिटी के सोशल रिसर्चर ने 

5.1
पहले मजदूर से पूछा: 
काम कैसा लगता है?

मजदूर ने उत्तर दिया:

 मेडम जी मजबूरी है।
 काम नही करूँगा तो बचों को खाना कहाँ से ख़िलायउँगा?

रिसर्चर ने अपनी नोट बुक में लिख लिया।

5.2 
दूसरे मजदूर से पूछा:
काम कैसा लगता है?

मजदूर ने उत्तर दिया।

बहुत अच्छा।

 कम से कम मेरे पास काम है।
बहुत से लोग तो बिना काम के हैं।

मैं पूरा दिन परिश्रम करता हूँ।
स्वभिमान बढ़ता है कि मैं भिखारी नहीँ हूँ।

इस उत्तर को भी रिसर्चर ने नोट बुक में लिख लिया।

जो आप बोलते हैं, ब्रह्ण्ड बहि देता है।
 अंतर्मन सुनता होता है। 

इसलिए सकारत्मक उर्जाशील ही बोलें।

दुख,  कमियां ,मजबूरियां गिनयोगे तो यथार्थ में यही मिलेंगे।

5.3
अब रिसर्चर तीसरे मजदूर के पास पहुंची।

यह मिस्री (mason) था। 


बह हर इंट को अपने गमछे से साफ करता, 
आँखें बंद कर कुछ बुदबुदाता और ईट
को मंदिर निर्माण में लगा देता।

रिसर्चर यह सब देख रही थी और फिर बहि प्रश्न पूछा जो पहले दो मजदूरों को पूछ चुकी थी।

आपको काम कैसा लगता है?

मैडम जी यह काम नहीं मेरी पूजा है, मेरी श्रद्धा है।

मेरा सौभाग्य   है कि मूझे धर्म स्थल बनाने के लिए धर्म स्थल बनाने बाले ने चुना।

रिसर्चर सुन कर धंग रह गई।
 यह उत्तर भी उसने अपनी नोट बुक में लिख लिया ।

सारे उत्तर रिसर्चर ने यूनिवर्सिटी को दे दिए और यूनिवर्सिटी ने अपने* डेटा बैंक* में डेट डाल कर रिकॉर्ड कर लिए।

6
अब 11** बर्ष बाद यूनिवर्सिटी ने अपने रिसर्चर को यही डाटा दे कर उन तीनों मजदूरों से मिलने भेजा ताकि बह जान सके कि सोच का जीवन में क्या अंतर(effect इफ़ेक्ट) पड़ता() है।

7
रिसर्चर पहले मजदूर के घर पहुंची।

 मजदूर बीमार था।
 काठ पर लेटा था।
 खांस रहा था।।

पत्नी ने बताया 
" महीने में 20 दिन ही काम पर जा पाते हैं।

उम्र बढ़ने के कारण काम भी कम मिलता है क्योंकि जवान लोगों को काम मिलता है। 

जो कमाते हैं वह बीमारी पर लग जाता है।

खाने के हमेशा लाले पढ़े रहते हैं।"

रिसर्चर ने सब कुछ नोट कर लिया।

8
अब रिसर्चर दूसरे मजदूर के घर पहुँची।
 बह अपने घर नहीँ था 

घर बालों ने बताया आफिस में है।
रिसर्चर आफिस पहुंची।

रिसेप्शनिस्ट ने कहा: 
इंतजार करेँ।

रिसर्चर सांमने लगे सोफे पर बैठ गईं।

कुछ समय के बाद रिसेप्शनिस्ट ने रिसर्चर को अंदर जाने के लिए इशारा किया।

अन्दर का नजारा देख रिसर्चर खुश भी हुई 
और हैरान भी।

9
बहुत ही भव्य आफिस।

बड़ा टेबल। 
शाही कुर्सी।
और उस पर टाई कोट लगाए 
एक जेंटलमैन बैठा 
कुछ वर्कर को गाइड 
कर रहा था।

10
उस जेंटलमैन ने सभी बर्कर को गाइड करके भेज दिया और रिसर्चर को फ्रंट सीट पर आ कर बैठने को कहा।

रिसर्चर को परिचय देने को कहा।
परिचय जानने के बाद रिसर्चर का स्वागत किया।

11
रिसर्चर ने 11 बर्ष की जीवन यात्रा के बारे में पूछा।

"जब मैं 11 बर्ष पहले आप से मिली थी तब तो  आप के सिर पर ईंटे रखी थी। 
और आप पूजा स्थल पर भवन निर्माण  को ले जा रहे थे।

इतना बदलाब कैसे?"

यह दूसरा साबका मजदूर हँसा और बोला:
"
*बह और मैं *            जब काम करते हैं तो सफ़लता मिलती ही मिलती है।"

"बह कौन?"
 रिसर्चर ने पूछा।

"जिसने मुझे बनाया है और जिसमें मेरी पूरी आस्था है।
सुबह उसको याद कर परिश्रम- 

शारीरिक ब मानसिक -
 करना शुरू कर देता हूँ। 

*बह *हमेशा मेरे साथ रहता है।
और मैं सफलता की सीढ़ियां चड़ता जाता हूँ। 
सभी मुझे सफलता का श्रेय देते हैं। 

परन्तु मैं अपनी सफलता का श्रेय 
"उसको" 
मानता हूँ।

उसको न मानने से मेरे में नम्रता कम होती जाती है अहँकार और मन के बंधन बड़ते जाते हैं।

 "बह" की भावना  मुझे - sense of possession and frugal pride- से बचाती है।

* मैं,
 मेरा,,
 तेरा 
की बजाए
 हम, हमारा" 

की भावना को बढ़ावा मिलता है।

हां तो 11 बर्ष की जीवन यात्रा।

जब आप मिली थी मैं मजदूरी करता था। 
10बी पढ़ा था। 

मजदूरी से कुछ पैसे इकठ्ठे किये और ईवनिंग कालिज जॉइन कर लिया। 

सारा दिन काम और शाम को कालिज में पढ़ना।
पहले मजदूर होने की शर्म आती थी।

परन्तु सभी बातें करते हैं।

 फीस कोई नहीँ देता।
इसलिए मैंने अपने काम यानी मजदूरी से प्यार करना शुरू किया।

पैसे मिलते थे। 
मैं BA कर गया।
फिर MA कर लिया।

गरीबी पढाई में रूकावट थी।

झूठी शान- 
मेरी ईज़्ज़त, 
मेरी बेइज्जत, 
लोग क्या कहेंगे की भावनायों पर काबू बड़ी कठिनाई से किया। 

और सफलता आसान हो गई । 

मैं अपने पर और अपने काम पर फोकस करता हूँ।

 दूसरे क्या सोचते हैं, 
कैसे सोचते हैं 
मैं सोचता ही नहीँ हूँ।

मैंने देखा पहले मैं लोगों को बताता हूँ फिर लोग बेबजह उसमें नुकताचीनी करते हैं और मैं हताश और दुखी हो जाता हूँ

अब मैं बोलता नहीँ, 
बताता नहीँ, 
केवल करता हूँ। 

और सफल हो रहा हूँ। 
केवल करने और चुप रहने से बहुत तरक्की होती है।


B

क्योंकि मुझे मजदूरी करते भवन निर्माण का अनुभव था एक ^रियल एस्टेट^  कंपनी में नौकरीमिल गई। 

पढाई और नौकरी दोनों साथ साथ।

C

कुछ बर्षों बाद मैंने अपना काम शुरू कर लिया और ^रियल एस्टेट मैनेजमेंट^  में कॉरेस्पोंडेंस कोर्स(पत्राचार) के द्वारा डिप्लोमा किया।

अब अपना काम अपना आफिस है।

तब तक चाय आ चुकी थी। 

रिसर्चर ने चाय पी और धन्यबाद किया।

यह सब रिसर्चर ने अपनी नोट बुक पर लिख लिया।

खुश थी रिसर्चर कि एक मजदूरी करने बाले ने अपनी सोच के *बल* पर कितना बड़ा एम्पायर खड़ा कर लिया है।

 11 साल पहले ही सोच सकारत्मक थी।।
यह उसी का नतीजा है।

11
अब रिसर्चर ने इस दूसरे मजदूर से पूछ कर तीसरे बर्कर के घर का रुख किया।

उसके घर पहुंची तो देखा बहुत सुंदर घर है। 

बेटी बाहर निकली और बड़े सलीके से रिसर्चर को घर के मेहमान- घर मे बिठाया। 

बड़े अदब से ट्रे में रख कर शुद्ध जल परोसा।

बेटी ने बड़े अदब से अपनी मम्मी को बुलाया।
जब मम्मी आई, 
उसने बताया: 

साहिब तो अपनी इंस्टीट्यूट में बच्चों को पढ़ाने गए हैं।

बेटी तब तक चाय लेकर आ चुकी थी। 
उसकी मम्मी औऱ रिसर्चर ने चाय की चुस्कियां ली।

रिसर्चर ने धन्यवाद किया और इंस्टिट्यूट में तीसरे वर्कर से मिलने चल पड़ी।

12
जब इंस्टिट्यूट पर पहुंची तो गेट पर अपनी पहचान दी।
 पहचान रजिस्टर में आने का समय नोट किया।

देख कर धंग रह गई
 यह एक बहुत बड़ी इमारत थी ।

खुले खुले
 खेल के मैदान । 
यह कालिज नुमा थी।

रिसर्चर ने सोचा कि 11 बर्ष पहले बाला बर्कर जहाँ नौकरी कर रहा होगा।

13
पूछते, पूछते यह एक भव्य आफिस के बाहर थी। जिसके बाहर एक पियोन बैठा था।

रिसर्चर ने अपना विजिटिंग कार्ड पियोन को दिया। पियोन ने यह कार्ड अपने साहिब को दिया।

साहिब ने तुरंत रिसर्चर को आफिस में बुला लिया।
आफिस देख रिसर्चर अचंबित थी।

14
कुर्सी पर बैठे आदमी ने रिसर्चर से पूछा: 
क्या पियेंगी।

रिसर्चर बोली:
 नींबू पानी।

तभी कुर्सी पर बैठे ऑफिसर ने पियोन को दो गिलास नींबू पानी लाने को कहा।

पियोन ले आया।

दोनो नींबू पानी सिप कर रहे थे और जीवन यात्रा पर अपने अनुभव शेयर कर रहे थे।

15

"जरा 11 बर्ष की जीवन यात्रा पर रोशनी डालें"
रिसर्चर ने कहा।

"जरूर जी"

जब आप पहले मिली थी। 
तब मैंने इंजीनियरिंग (B.E/B.Tech) की डिग्री की हुई थी।

पर *सरकारी नौकरी* मिल नहीँ रही थी। मैंने सोचा सरकारी नौकरी का इं त जार करने की बजाए क्यों न अपना काम करूँ।

आज आफिस है और मैं आत्मनिर्भर हूँ। 
नौकरी लेने के सुपने की बजाए नौकरी देता हूँ।

कमाई करता हूँ।
 नेशन पर बोझ नहीँ। 
कमाई करके टैक्स देता हूँ।

 हमारे एक प्रोफेसर कहा करते थे: 
परिवार औऱ देश पर बोझ न बनना।

स्वरोजगार करो। 
दुसरों को रोजगार दो।

काम काम होता है।
।काम को प्यार करोगे जीवन हमेशा सुखी रहेगा।

 आज छोटा करोगे। 
अनुभव होगा। 

उस अनुभव से आगे बड़ जायोगे। 
नहीँ तो डिग्रियां गिनते ही दुःखी रहोगे।

डिग्रियां केवल जहाँ जरूरत है बहां बतायो और दिखायो।

 डिग्रियां का बखान करके बेबजह अहंकार को या दूसरों को रौब दिखाने के लिए प्रयोग न करो।

इनसे प्राप्त ज्ञान अपने काम मे लगायो, 
दूसरे केवल बातें करने बाले, लिफाफे बाजों से बहुत आगे निकल जायोगे

काम कोई छोटा
 या बड़ा नहीँ होता। 

हमेशा छत पर जाने बाली सीढ़ियों के बारे में सोचो।

पहली , दुसरीं ..........
सीड़ी से चढ़ कर ही छत पर पहुंचा जा सकता है।
 एक दम छलांग लगा कर नहीँ।

केवल यही बड़ी  सोच
 आज मुझे जहाँ पर "चेयरमैन " की कुर्सी पर बैठाए है।

मैंने पार्ट टाइम M Tech किया PGDBM किया आज चेयरमैन हूँ  ।

अपने आप पर फ़ोकस करो।

Listen to everyone but never deviate to do what you are doing.

Nobody knows everything;
But everybody knows something.

Listen well to gain from that something.
Never compare with others. Neither copy.

Be original.

रिसर्चर देख रही थी कि 11 साल पहला मेसन जो आज  *चेयर मैन * है जब यह बता रहा था
 तो उसकी आँखों में 
खुशी,
 संतुष्टि और बिजेता
 होने की चमक झलक रही थी।

16

इन 11 सालों में की स्टडी का विश्लेषण रिसर्चर ने यूँ किया।
16.1

 जो परिश्रम और जीवन को नकारत्मक नजीरिये से देखते हैं वह असफलता और दुःखी जीवन को आमंत्रित करते हैं। (उदाहरण पहला मजदूर)

16.2
जो परिश्रम और जीवन को सकारत्मक व उज्जवल नजीरिये से देखते हैं बह मन चाहा जीवन जीते हैं।
(उदाहरण दूसरा मजदूर)

16.3
जो परिश्रम लग्न और मगन कर नम्रता से करते हैं, जीवन में उन्नति ही उन्नति करते हैं। 
(उदाहरण तीसरे मजदूर की सोच, लग्न और दिखाबे रहित मेहनत)
*
Work in silence
Let the results speak aloud.
@
Your World will know and appreciate it.

#
Surround yourself with positive, vibrant winning thinkers and achieve victories.

$
Never boast of victories. But do celebrate victories.

%
Verbal etiquettes bring laurels in life.

सोच संसार बनाती है,
 इसे बड़ा बनाएंगे
तो बड़ा पाएंगे।

बड़ा बनाने के लिए उच्च जीवन का साहित्य पढें।

Attitude determines altitude.

तुम्हारी सोच तुम्हारे जीवन की ऊँचाई बताती है।

Setbacks when emcourage to re-attempt and succeed, legends are born.

कोशिश करने पर ठोकरें और झटके तो सम्भब हैं, अवश्यम्भावी है। जो इन कठिनाईयों और झटकों को ठेंगा दिखा गया बह जीवन में सफलता और सुख पा गया।

Strong minded, strong willed never QUIT.


जो सोचो गे, बहि पयोगे।

अपने आप से बड़ी बाते करेँ।
 अपने गुणों पर फोकस करे।

सोने से पहले आईने में देखें।
 सोचें आज क्या सीखा।

थैंक यू गॉड,
थैंक यू गॉड
थैंक यू गॉड

दिन भर क्या अच्छा किया क्या गलत किया सोचें।
कह कर आगे गलत न करें की शपथ लें।
जिसने आपके साथ गलत किया है उसे माफ कर दें। आपकी स्वयं की जीवन ऊर्जा बड़ जाएगी।

नींद अच्छी आएगी। सुबह तरोताजा होंगे।

धन्यबाद।

Never Never Give Up

प्रयत्न बिलम्ब कर दें परन्तु क़भी न छोड़ें।























 







रविवार, 20 दिसंबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 Sharpen and hammer 

Your

Untrained &

Unorganized stranded thoughts &

Memory skills

To focus more thoughtfully 

On your goal/aim/target.


दो पत्थरों की कहानी, 

पत्थरों की जुबानी

1

चिलचिलाती धूप थी।

2

पूजा स्थल के बाहर 

श्रद्धालुयों का तांता लगा हुआ था।

3

बहुत से श्रद्धालु पंक्ति में खड़े थे और उनके पैरों के तले पत्थर थे।

4

जवान पत्थर ने बजुर्ग पत्थर से पूछा: 

महानुभाव एक तो चिलचिलाती धूप और दूसरे यह भारी भरकम श्रद्धालु हम पर पैर रखे खड़े हैँ।

5

है तो अंदर भी पत्थर जिसके यह दर्शन के अभिलाषी हैं।

हम में और उस पत्थर में क्या अंतर है? 

कृपया बताएँ।

6

बजुर्ग पत्थर ने लंबी गहरी सांस ली और बताने लगा:

सुनो बेटे :

आज से करीब 20 साल की बात है मैं और बह अंदर रखा पत्थर दोस्त थे।


हंसते थे, 

गाते थे, 

मस्ती करते थे।


दिन हंसी खुशी  गुजर रहे थे।

 कभी सोचा भी न था कि कभी बुढ़ापा भी आयेगा और यह दिन देखने पड़ेंगे कि मैं यहाँ चिलचिलाती  धूप में और बह अंदर शहनशाही भव्य पूजा स्थल में।

7

हताश युबा पत्थर ने पुछा: 

परन्तु हुया क्या? 

कृपया बताएंगे।

8

एक दिन एक शिल्पकार आया औऱ उसने मुझे उठाया और अपनी प्रयोगशाला में ले गया और हथौड़े और छैनी से छीलने लगा।

9

शिल्पकार जैसे ही छैनी से छीलता मैं चिल्लाने लगता।।मेरी आँखों में आँसू आ गए। मैं बार बार चिल्लाता:

 यह सहना  मेरे बस से बाहर है।

मेरी चीखों को सुन कर शिल्पकार क्रोदित हो गया और उसे मुझ पर तरस आ गया।

10

बह शिल्पकार मुझे अपनी प्रयोगशाला से उठा कर जहाँ छोड़ गया और दूसरे पत्थर जिसके दर्शन के लिए यह सब खड़े हैं को उठा ले गया।

11

जब शिल्पकार ने हथौड़ा और छैनी चलाई तो यह सहन करता गया और अंत में बह मूर्ति बन गया ।

और मूर्तिकार ने बह मूर्ती इस पूजा स्थल पर रख दी।

12

आज करीब 20 साल से मैं बाहर चिलचिलाती धूप में हूँ और बह मेरा दोस्त अंदर श्रद्धालुओं की श्रद्धा का पात्र है।

क्योंकि उसने हथौड़े और छेन्नी की मार को सहन किया।

बच्चो  

1 बिद्यार्थी पत्थर समान है।

2 मुर्तिकार या शिल्पकार आपका ट्रेनर/टीचर है। 

कठिन परिश्रम है।

3 पढ़ना या कोई हुनर सीखने के लिए कठिन परिश्रम की आवश्यकता है।

4 प्रयोगशाला=स्कूल/कालिज/ट्रैनिंग सेन्टर/उस्ताद

 यानी हथौड़े और छैनी की मार है।

4

जो हथौड़ी औऱ छैनी की मार खुशी खुशी सहन कर लेता है, बह मूर्ति बनकर पूजा के काबिल बन जाता है।

नहीँ तो चिलचिलाती धूप में चिल्लाता रहता है।

चॉइस आपकी अपनी है।

 कौन सा अपनाना है।


Be mentally, emotionally and in tellectually strong to ACHIEVE what appears Impossible.


Impossible= I am possible

(if you disect me. Dare.)







शनिवार, 19 दिसंबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 Sure success 

is certain today, 

tomorrow or in future

TO

those

who keep walking slowly

but steadily

AND

never stop persevering.


सफलता उनके पांब चूमती है

जो अहिस्ता अहिस्ता परन्तु 

लगातार अपनी मन्ज़िल की तरफ कदम बढ़ाते रहते हैं।

और बिना मंज़िल पाए अपनी कोशिशें नहीँ छोड़ते।


धीरे धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय

माली सींचे सौ घड़ा, रुत आये फल होय।


घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 Secret of Success 

and happiness

"       Accept

Yourself in

Absolutely."


And never compare.

Accept your greatness with utmost humility.

And you will enjoy better sleep

 and happiness in life.


सफलता और खुशी का सीक्रेट

जैसे भी हो अपने आप को पसंद करो, 

प्यार करो।


बहुत सी ऊर्जा तो नबी मन और दिमाग की लड़ाई में

ब्यर्थ चली जाती है।


दिमाग लॉजिक देता है करो

बहिं मन कहता है न करो


के

Subjective wishes को

Objective reality के साथ conflict से स्वयं की ऊर्जा या उत्पादकता कम हो जाती है।


इस लिए सफलता के लिए इस 

मन औऱ बुद्धि के द्विन्द पर विजय जरूरी है।


दुसरों के साथ तुलना करके अपने में

 हीन भावना को न पनपने दें।


अकेले पैदा हुए हो, 

अकेले चलो, 

अकेले चले जाने में खुशी महसूस करो।

 हर पल हर दिन खुशी भरा रहेगा यदि यह सोच रखो गे।

आत्म शक्ति बढ़ेगी।

मैं से' हम 'सोच को बढ़ावा ही 

अथाह शक्ति को पनपने देती है।




 

कुछ अपने को शीशे में देख कर दुःखी।

कुछ दुसरों के जीवन स्तर से तुलना करके दुखी।

Everybody does not know everything

But 

Everybody knows something 

The visible world is the total sum of something DONE by everybody.

मैं नहीँ "हम" की भावना इंसान को आगे बढ़ाती है।

हम से हमारा बनता है। जैसे हमारा भारत।

हमारा ब्रह्ण्ड।

बासुदेव कुटुम्बकम।

 अर्थात सारा जहान एक परिवार है।









गुरुवार, 17 दिसंबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी।करें

 Think First

Think Fast


थिंक फर्स्ट 

थिंक फ़ास्ट


थिंक बिफोर यू स्लीप

जो चाहिए उसके बारे में

सोने से पहले जरूर सोचें।


घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 Personality Development


(Inner Personality- known to you only but like the fragrance of flowers impacts your image and relationships with family, friends, society nation and world)



Power of AIM in life.

1

Aim, Goal, Mission, Target 
or 
whatever name the desired objective is known; 

BUT it has great importance and power in life.

2
Most important self deciding question is
 

2.1   Who am I?
Use this guiding help chart:

2.1.1  I am_______________
2.1.2  I am _______________
and so on


Think 
       and
Write minimum 10 strenths

Write as many as your strengths as you like but not less than 10.


2.1.2

"What is my aim in life?

 or 

Objective to be achieved in life?"

3
☺️ Think about a Train without proper destination board and  engine.☺️

Will you buy a ticket and board this train?

" No not at all", 
your mind will say.

4

So, have a "vision board" , 
better nail it on wall or wooden plank 
         and write your
 aim,
 mission,
 goal, 
target

 on it.

5
Now your mind will START
 finding 

ways and means to achieve

THIS Written GOAL.

6
START with
 whatever you know, 
whatever you have 
and
 where you are.

7

DO NOT CHANGE 
the Goal often 

or many times

 BUT do change the strategy,
 ways and means 
to achieve the desired GOAL.

8
There can be many

 sub goals

 to reach 
or 
achieve the BIG Goal.

9
Check your behaviour and actions and ask yourself

 "Is this nearing me to my Goal?"

10

Strengthen your strengths of achieving by reading about the goal and writing with what is achieved . 

Date is important so that you may know whether you are in right direction or moving in misdirection.

11
Achieving goal becomes 
easier and sure 
by following these steps.

पर्सनालिटी डेवलपमेंट

(अंतर पर्सनालिटी जो एक फूल की खुशबू की तरह है और आपका दुसरों के मन में इमेज और रिश्ते सुधारता है)

जीवन में लिखित लक्ष्य का महत्ब।

1
ऐम,
 गोल, 
मिशन, 
टारगेट या 
अपने  चाहे लक्ष्य 

को किसी भी नाम से जाने परन्तु" लिखित लक्ष्य "को पाने में बहुत ही महत्ब है।

2
अपने आप से पूछे जाने बाले प्रश्न?

2.1

मैं कौन हूँ?

2.2

मेरे जीवन का लक्ष्य क्या है?
         या 

मेरे जीवन का उद्देश्य क्या है?

नमूना:
2.2.1        मैं_______________हूँ
2.2.2        मैं _______________हूँ

इसी तरह लिखते जाएं।
 कम से कम अपने 10 गुण लिखें।

अधिक

* जितने चाहो*

 लिख सकते हो। 20, 30, 50 आदि


3

☺️ 
जरा सोचिए क्या आप उस *ट्रैन या बस* का टिकट लेंगे जिस पर कहाँ जा रही का डेस्टिनेशन बोर्ड न लगा हो?

 नहीँ न। 

परन्तु जीवन बिना लिखित लक्ष्य के जी रहे हैं।

 यदि लक्ष्य अभी पता नहीं तो पढ़ते जायो सीखते जायो। 

लक्ष्य मिल जाएगा। 

इंसान एक जैसे होते हैं, केवल सोच बढ़ी छोटी होती है।

बोलिये न केवल सुनिए, दूसरे की सोच पता लग जायेगी।
👍
सोचिए और कम से कम 2 साल में क्या करना और कहां पहुंचना है को लिख कर रखें और उसे दिन में कई बार पढें।

 ताकि लॉ ऑफ अट्रैक्शन से ब्रह्मण्ड आपके लक्ष्य पूरे करे।☺️

4
इसलिए "विज़न बोर्ड "बनाएं 
और अपनी दीवार पर लगाएं। 

डेट जरूर लिखें।
बिना डेट कहानी है। 
जो हज़ारों सालों से सुनाई जा रही हैं।

5
अब आपका दिमाग जो शरीर का इंजन है बार बार इस लक्ष्य को पाने क़े तरीके ढूंढे गा। 

इसे भी लिखते जायो डेट डाल कर। 

दिशा निर्देश और दिशा मिलती रहेगी।

6
सबसे पहले अपनी नोट बुक पर

 जहां हो,
 जो हो, 
जैसे हो 

लिखो और आगे बढ़ने के प्रयत्न करो। अपनी मजबूरियों को न देखें। सोचो और लिखो कि आज से 5-7 साल कहाँ।होंगे।

इसके सुपने। 

जो मजबूरियां गिनबायें उनसे दूर रहें। 
देखो समझो सब,
 पर बोलो न, 
बतायो न, 
केवल करो।

एक चुप सौ सुख।

करने से जिंदगी बदलती है।



 अपने और अपनी मेहनत पर बिश्वास करो।
 दुसरों पर नहीँ।
 जैसे किस्मत, सरकार आदि।

पढ़ो
पेपर दो,
 पास करो, 

आज नहीँ तो कल नौकरी मिलेगी ही।

 हार्ड वर्क सभी करते हैं,
 स्मार्ट बर्क करेँ।
 यह पैसिव लर्निंग से होता है

हर रोज़ एक घण्टा पढ़ने से, पेपर हो न हों, एक साल में 365 घन्टे का ज्ञान एकत्रित हो जाता है।


कुछ 10 घन्टे में 1 चैप्टर पूरा करते हैं।
दूसरे कुछ 10 घण्टे में 10 चैप्टर पढ़ और समझ लेते हैं ।

 यह पैसिव रीडर होते हैं। 
मर्जी आपकी।

7
बार बार लक्ष्य न बदल कर,
लक्ष्य को प्राप्त करने का तरीका बदलिए। 

लर्निंग स्ट्रेटेजी या करने का तरीका मेरा कहना है।

अपनी कमीयों को दूर कर, 
स्वयं अनुशाशन से कठिन से कठिन लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

8
बड़े लक्ष्य को पाने के लिए कई छोटे गोल प्राप्त करने पड़ते हैं।

जैसे किसी पहाड़ पर चढ़ने के लिए संघर्ष पहले कदम से शुरू होता है

 जो छोटे छोटे क़दम लेने से नहीँ डरता बह ऊंचे पहाड़ पर पताका फहरा ही देता है।

9
अपने ब्यवहार और दिन में किये कर्मो को चैक करके अपने आप से पूछें कि

 " क्या यह मुझे लक्ष्य के नजदीक ले जा रहे है या भटका रहे हैं? "

जिन्दगी दिनों और पलों का तो पुलंदा है।

10
अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए "गुणों" को बढ़ायो औऱ कमियों को सुधार कर घटायो।

11
उपरलिखित को फॉलो करने से "लक्ष्य प्राप्ति" सुगम हो जाती।

इसका प्रिंट लेकर बार बार भी पढ़ सकते हो या अपनी नोट बुक नोट भी कर सकते हो।













मंगलवार, 15 दिसंबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 


Simple Principles of Life

☺️                  💐            ☺️

* Never   Think I Am Nothing

*Never Think I Am Everything




BUT

**Always Think I Am Something

And 

**I Can Achieve Anything......


जीवन जीने के 

बहुत ही आसान

सिद्धान्त


1  कभी न सोचें मैं सब कुछ हूँ।

2 कभी न सोचें मैं कुछ नहीँ हूँ

बल्कि 

हमेशा सोचें

3 मैं कुछ तो हूँ

और


4

मेहनत, ज्ञान और लगन से जीवन में जो चाहूं पा सकता हूँ।


Hence: 

Sharpen your mental saw by reading and preparing, observing and analysing.


इसलिए अपने बुद्धि रूपी आरे को किताबेँ पढ़ कर, आँखों कानों से सुने को ऑब्जेरब (ध्यान से देख कर)  करके और बुद्धि से विश्लेषण करके जो चाहूँ पा सकता हूँ।

सोमवार, 14 दिसंबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 

   WHY DO WE LEARN/WORK?

4 ways to achieve anything in life.


1
An international education psychologist gave the following 4 reason for excelling in an exam/mission/dream :


      Reason                       Rate of Success

1  Interest                             100% 
                                               
2 Affection।                            60%  

3 Greed/Compulsion            40% 

4 Fear/Threat                         10%

Check where do you fall?

2

एक अंतरराष्ट्रीय शिक्षा मनोबैज्ञानी ने  4 कारण बताए जो इंसान को किसी शिक्षा क्ष्रेत्र, जीवन ध्येय या सुपने को पूरा करने क़े लिए मानवीय मानसिकता को प्रेरित करते हैं:


3
किसी भी मंजिल में सफलता पाने के  4 तरीक़े

तरीका   /कारण                    सफलता दर

1 रुचि या शौक                       100% 

2 लाड़ प्यार                              60%

3 मजबूरी/लालच।                     40%

4 डर/डंडा।                              10%

4

सबसे ऊपर शौक/रूचि है।

जब मंज़िल की महत्ता स्वयं को पता लग जाती है तो दिन रात 24 घन्टे अपनी मंजिल की दिशा में दिल लगा कर मेहनत करने से भी थकावट नहीँ होती।

5
मन, बचन, कर्म इसी मंजिल को पाने के लिए तत्पर रहते हैं। 

इसमें सफलता दर 100% है।

दुनिया के सभी लीडर (Mahatma Gandhi, Martin King Luther Jr, Bal Gagadhar Tilak, Ballabh Bhai Patel, 

खोजी (discoverers) Vasco Da Gama।

बड़े scientist Dr APJ Kalam या

सफल बिज़नेस मैन Tata, Birla आदि  इसी केटेगरी में आते हैं।
 

6
 इस केटेगरी के इंसानों की सोच होती है जितना अधिक मेहनत करेंगे, उनका मन उतना और मेहनत करने को करता है और वह करते हैं। 

     इसी कारण बह जीवन में आगे रहते और लीडर         होते है।
     इतिहास उन्हें मानवता का लीडर मानता है।

उनकी भूख, प्यास, सुख सुविधा सब त्याग कर मंज़िल पर दृष्टि रहती है।

7
इसको जनून भी कहते हैं।
 इसे अपने मे पैदा किया जा सकता है।

Practice, Practice and Practice

करत करत अभियास के, जड़मति होत सुजान;
रसरी आवत, जावत से सिल पर परे निसान।


दुसरा है लाड़ प्यार।

 जो बच्चे को बचपन में माँ बाप या जानकर दे कर पढ़ाई लिखाई या अच्छी आदतें डालने के लिए प्रयोग करते हैं। यह हमेशा नहीँ रहता। बड़े होने पर अपने आप को बिना लाड़ प्यार स्वयं को खुद पढ़ने, लिखने, काम करने की आदत छोड़नी पड़ती हैं।

    नहीँ तो आलस्य आ जाता है।

    मानसिक और शारिरिक आलस्य असफलता का        कारण बनता है। 

    जो जीवन भर दुख देता है। 

    आलस्य के कारण स्वयं जानकर सुधारने पड़ते हैं।
    दुसरों की टिप्पणियों(comments) को अपने में      सुधार का साधन माने।

   सब सुधर जाएगा,
   तो आप बिजेता बन जायोगे।
  
    दूसरे केवल टिप्पणी करते रह जायेंगे।

9

 बड़े होने पर यह लाड़ प्यार अपनी जगह और कैरियर, काम, पढ़ाई लिखाई की जिमेबारी जो लेता है बहि सफल हो पाता है।

इसे मनोबैज्ञानी 60% सफल मानता है।

क्योंकि जैसे ही नौकरी आदि से फाइनेंसियल सिक्योरिटी मिली कोशिशे, सुपने लेना बंद।

10
 तीसरा है लालच/मजबूरी। 

जीवन यापन के लिये धन अति ज़रूरी है। 

धन उपार्जन के लिए किसी न किसी नौकरी धंदे की जरुरत है।

जैसे ही नौकरी धंदा मिल गया, कोशिशें बंद।

सकून की जिन्दगी शुरू।

यह मजबूरी और लालच के कारण भी होता है।

इसकी मनोबैज्ञानी के अनुसार सफलता दर शौक के मुकाबले 40% रखता है।

11
डर डंडा। 
यह सबसे अंत में है।

     डंडे या डर से खींच खींच कर किसी को कितना         चलाया जा सकता है, जरा खुद सोचें।

 इसे 10 नंबर दिए हैं
मनोबैज्ञानी ने।

12
अब आप खुद को ढूंढो किस लेवल पर हो।


13
लेबल मेहनत करके, आदतें बदल कर बदला भी जा सकता है। 

14
आशावादी सब कुछ कर सकते हैं। 


15
ब्रह्मण्ड सभी को हर रोज  86400 हीरे देता है।

चाहे कोई अमीर है या गरीब।
जवान है या बूढ़ा।
महिला है या पुरुष।


16
यह हीरे हैं

" समय के पल " 
24 घण्टे x 60 मिन्ट x 60 सेकंड= 86400 पल।

17
अब इन हीरों का सदुपयोग करो या दुरुपयोग।

 यह आप पर निर्भर है।
     अज्ञानी हीरों का प्रयोग पत्थर के समान करता है 
      ज्ञानबान पत्थर का प्रयोग भी हीरे की तरह               करता   है।


18
सदुपयोग करने बाले जीवन में अर्श पर पहुंच जाते हैं और दुरपयोग करने बाले अपने जीवन को नरक बना लेते हैं।

19
समय का सदुपयोग करेँ।

20
हमेशा सफलता पाएं।

 किताब खोलनी भी आप ने है बंद भी आप ने करनी है।

मर्जी आपकी है कितनी देर पढ़ना है।

किताब तो बोलती नहीँ।

परन्तु पढ़ने से ज्ञानबान आपने बनना है म

Knowledge is power. 
Applied knowledge is super power.


     आज IBPS का साइट खोल कर Mains का सिलेबस अपनी नोट बुक पर लिखें ताकि पता चले टॉपिक कौन से हैं।

Important Dates नोट कर लें। पेपर की स्कीम नोट कर लें। 








 

रविवार, 13 दिसंबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 पेपर खत्म

 (बैंक प्रीलिमनरी के)
1
आशा है
 सभी पेपर ठीक ठाक हुए होंगें।
2
आज खूब रिलैक्स करेँ।

3

कल 14.12.2020 से बैंक मेन्स (Mains) की तैयारी करना शुरू कर दें।

रिजल्ट का इंतजार न करेँ। 
जो आएगा बहि मंजूर।

 परन्तु 18 दिन जो पढ़ लिया बह कभी न कभी जिन्दगी में काम आएगा ही।

4

ज्ञान ही इंसान को आगे लेकर
 पिता जी अपने बेटे को घर, बैंक बैलेंस, गाढ़ी दे सकते हैं।

यदिपिता अपने बेटे को अपनी डिग्रियां या अनुभव का प्रमाण पत्र दे दे तो बेटे को क्या लाभ?

ज्ञान अपना होता है। सभी को स्वयं अर्जित करना पड़ता है।

जितना बड़ा संघर्ष उतनी संतुष्टि भरी बड़ी सफलता।

5
इस लिए अधिक से अधिक ज्ञान अर्जित करो। 

यह बैसे ही जैसे यदि टंकी में पानी इक्कठा किया हो ।
जब दूसरे पानी के लिये तरस रहे होते हैं, हम आश्वस्त होते हैँ कि हमारे पास तो है।

6
एक ही किताब को बार बार पढ़ो। 
तभी कॉन्सेप्ट्स समझ आएँगे। 

कांसेप्ट समझ गए तो उस तरह के सवाल बड़े आसान हो जाएंगे।

एक से अधिक किताबेँ पढ़ने से 
कंफ्यूजन बड़ता है ।
6.1
हाँ जब एक किताब चार पांच बार पढ़ लें तो दूसरी किताब लेँ। हो सकता उसमे कुछ नया हो। 

नया केवल 5% होता है 95% सभी किताबों में एक जैसा होता है।

केवल लिखी भाषा ही थोड़ी अलग होती है।

7
पढ़ते समय अपनी पसंद का म्यूजिक लगा कर सुनते रहो ।


 साथ साथ पढ़ते रहो।
 फोकस बड़ता है।

बर्ना बाहर या
 दूसरों की आवाजें 
डिस्टर्ब करती रहती हैं।

चलो रिलैक्स करो।

सुसंध्या











शनिवार, 12 दिसंबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करेँ

     आज (13.12.2020) फाइनल पेपर है।



पेपर 
की 
शुभकामनाएं

ध्यान दें:
पेपर सेन्टर पर एक घण्टा पहले पहुंचे।
माता पिता इष्ट को प्रणाम करके 

2
सेंटर पर टहलें। 
रिलैक्स करेँ । 
पेपर अच्छा होगा।

3
हर प्रशन को 2 से 3 बार पढें।
 समझें।
फिर उत्तर टिक करे।

4
पेपर से पहले औऱ पेपर के दौरान लम्बी गहरी सांसें जरूर ले।
 मेमोरी की ऊर्जा बढ़ेगी
प्रशन सही व शीघ्र हल होंगे।।

Wish you the best.






शुक्रवार, 11 दिसंबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

     आज (12.12.2020) दूसरा पेपर है।



पेपर 
की 
शुभकामनाएं

ध्यान दें:

 

पेपर सेन्टर पर एक घण्टा पहले पहुंचे।
माता पिता इष्ट को प्रणाम करके 

2
सेंटर पर टहलें। 
रिलैक्स करेँ । 
पेपर अच्छा होगा।

3
हर प्रशन को 2 से 3 बार पढें।
 समझें।
फिर उत्तर टिक करे।

 

 

4
पेपर से पहले औऱ पेपर के दौरान लम्बी गहरी सांसें जरूर ले।

 

 
 मेमोरी की ऊर्जा बढ़ेगी

 

प्रशन सही व शीघ्र हल होंगे।।

Wish you the best.






गुरुवार, 10 दिसंबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 So, 

tomorrow Second paper will be attempted.

Focus on it.

Wish you the BEST.

फिर कल आपका दूसरा पेपर है।।
तैयारी पूरी है म
इसी पर फोकस करें। 

पेपर के लिए शुभकामनाएं।


बुधवार, 9 दिसंबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 Puzzle (पज़ल)


8 Apple     Rs 80
Apple 8     Rs 80000


बिकल्प चुने (Choose from alternative and fill ? ).

डॉक्टर: स्टेथोस्कोप :: मूर्तिकार :  ?

(A) खुरपा।               (B) नौकरी
(C) छेनी।                 (D) निहाई

उ: 

2
WRITE: JEVGR ::  WRONG :    ?

(A) JEDAT
(B) JECAT
(C) JEDAD
(D) JBET

Ans:

3
EJOT:VQLG  ::  BGLQ:  ?

(A) AFKP 
(B) AEIM
(Z) ZUPK
(D) YTOJ

Ans.:

4

DEAD:WVZW  ::  FGCF :   ?
(A) UXTU
(B) TUUX
(C) UTXU
(D) UUTX

Ans.: 

5

45:36   ::   63:   ?

(A) 61
(B) 71
(C) 54
(D) 64

उ.:



घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 Practice

Gives

Confidence

मंगलवार, 8 दिसंबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करेँ

 

Computer Literacy

कंप्यूटर बोध

Computer Dynasty

Types of कंप्यूटर

आम तौर पर कंप्यूटर 3 तरह के होते हैं

1 . डिजिटल कंप्यूटर।   Digital Computer
2   एनालॉग कंप्यूटर      Analog Computer
3   हाइब्रिड कंप्यूटर।      Hybrid Computer

क्लासिफिकेशन ऑफ कंप्यूटर बेस्ड ओन मेमोरी
मेमोरी आधारित कंप्यूटर की क्लासिफिकेशन

1 माइक्रो कंप्यूटर।        Upto 256 kb
2 मिनी कंप्यूटर।           256 Kb to 12 MB
3 सुपर मिनी कंप्यूटर।    1 MB to 80 MB
4 मिडी मेन फ्रेम कंप्यूटर 2 MB to 128 MB
5 मैक्सी या सुपर कंप्यूटर 8।MB to 256 MB

Self Testing Questions?
स्वयं की तैयारी चैक करें

What is the difference between computer and calculator?
कंप्यूटर औऱ कैलक्यूलेटर में क्या अंतर है?
2
Distinguish between। अंतर बताएं

a,) चिप और इनटैगरेटेड सर्किट
b) इनटैगरेटेड सर्किट और माइक्रो प्रोसेसर
c) माइक्रो प्रोसेसर और माइक्रो कंप्यूटर
d) एनालॉग और डिजिटल कंप्यूटर
e) वाल्व और ट्रांजिस्टर
f) मेनफ्रेम, मिनी और माइक्रो कंप्यूटर
g) कंप्यूटर औऱ कैलक्यूलेटर

3
A modern fast mainframe can perform।up to__________ operations per second:
आधुनिक तेज मेनफ्रेम कंप्यूटर एक सेकंड में कितने ऑपरेशन्स कर सकता है?

a) 1000
b) 100, 000
c) 1000,000
d) 1,000,000,000

4
The operation of digital computer is based on ___________principle
a) counting
b) measuring 
c) electronic
d) logical

डिजिटल कंप्यूटर कौन से सिद्धान्त पर काम करता है?

काउंटिंग(गिनना)
मेयूरिंग (मापना)
इलेक्ट्रॉनिक
लॉजिकल

5
A modern digital computer has
आधुनिक डिजिटल कंप्यूटर की है

a) extremely high speed बहुत अधिक स्पीड
b) large memory   बहुत अधिक मैमोरी
c) almost unlimited accuracy असीमित एक्यूरेसी
d) all of the above
   ऊपर के सभी

Disclaimer: 
डिस्क्लेमर
इस ब्लॉग में दी सभी गाइडेंस केवल आप को गाइड करने के लिए है।

 सभी प्रश्नों की एक्यूरेसी अपनी किताब से चैक करेँ।

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करेँ

 Test of Reasoning

तार्किक क्षमता

1

7  हॉकी के खिलाडियों A, B, C, D,E, F और G को इस प्रकार बैठाना है कि:
(1) B सदैव दुसरे स्थान पर अनिबायर्ता: बैठे
(2) F सदैव छठे स्थान पर अनिबायर्ता : बैठे
(3) D और E अनिबायर्ता: एक दूसरे क़े सनिकट बैठे।

ऊपरोक्त कितने भिन्न ढंगों में किया जा सकता है?
(a,) 8
(b) 12
(c) 24
(d) उपरोक्त में से कोई भी नहीँ।

2

निम्नलिखित दिल्ली सुल्तानों में से किसने आगरा को अपने साम्रज्य की राजधानी बनाया?

(A) इल्तुतमिश
(B) बलबल
(C) फिरोज़ शाह तुगलक
(D) सिकंदर लोधी

3

निम्नलिखित में से कौन सा युद्ध सबसे पहले लड़ा गया?
(1)  प्रथम आँग्ल- बर्मा युद्ध
(2)  प्रथम आँग्ल- अफ़ग़ान युद्ध
(3) प्रथम आँग्ल- सिख युद्ध
(4) प्रथम आँग्ल- मराठा युद्ध

4

निम्नलिखित कथनों पर बिचार कीजिये:

बलुटूथ प्राधोगिकी दिए गए परिवेश के अनुरूपण का प्रयोग में लाती है।
2
आभासी वास्तविकता मोबाइल फोन तथा कंप्यूटर के अन्तरयोजन के लिए लघु-परास बेतार संवधन को प्रयोग में लाती है

ऊपरोक्त कथनों में से कौन -सा/से सही है/हैं।?

a) केवल 1
b) केवल 2
c) दोनोँ  1 और 2
d,) न ही 1 और न ही 2

5

सूची -1(अयस्क) को सूची-I I (धातु) के साथ सुमेलित कीजिये और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए:

     सूची-I (अस्यक)                        सूची -II(धातु)
A मैग्नेटाइट                               1   सीसा
B गेलेना                                    2   जस्ता(जिंक)
C बॉकसाइट                              3  लोहा
D स्फेलेराइट                              4 एल्युमीनियम

कूट:
              A      B     C       D
a)          3       4     1        2
b)          2        1     4        3
c)          3         1     4        2
d)          2        4      1        3

Importance of Preparation

An Olympic aspirant player was being in in terviewed by a TV channel reporter.

Reporter: 
So, you will win a Goldmedal.

Player: 
No I expect it this time. But next time 100%. I have full 4 years to practice.




सोमवार, 7 दिसंबर 2020

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करेँ

 


Test of Reasoning

मोहन लाल के परिवार में उनकी पत्नी सुशीला, 2 पुत्रियां, 3 पुत्र हैं। एक पुत्री अभी अविवाहित है और दूसरी पुत्री का एक पुत्र है। साथ ही दो पुत्रों में से दो दो बच्चे हैँ और तीसरे के तीन बच्चे हैं। एक बृद्ध चाची व दामाद भी उनके साथ रहते हैं। मोहन लाल के परिवार में कुल कितने सदस्य हैं?

(A) 17       
(B) 20   
(C) 19      
(D) 18

रजनी सुशील की पुत्र बधू है और रमेश की भाबी। मदन सुशील का पुत्र है और रमेश का अकेला भाई, रजनी और मदन के बीच का संबंद बताएं?


(A) भाभी      
(B) चाची    
(C) चचेरी बहन 
(D) पत्नी

3
एक परिवार घूमने निकला, पुत्री अपने पिता से आगे चली, पुत्र अपनी माता से पीछे चल रहा था और पिता से आगे, सबसे पीछे कौन था?

(A) पिता  
 (B) पिता   
(C) माता
 (D) पुत्री

गाइडिंग 
Hint: 

ऐसे सवालों को नोट बुक पर लिख कर हल करें। केवल मन और दिमाग से न करेँ। जब दस बीस कापी पर हल कर लेंगे तो बिना लिखे भी हल कर पयोगे।

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 


Don't be afraid to
👌 commit mistakes.

Our professor used to say:

Commit mistakes fast 

Correct mistakes fast

and 

succeed faster.

And 

never commit the
 same mistake 3rd time.

Only weakminded do that.

हमारे प्रोफेसर कहते थे

गलतियां करो
गलतियों से न घबराएं

जिसने गलती नहीँ की 
अर्थ कि उसने कभी कुछ किया ही नहीँ

बिना गलतियों के सफलता दुर्लभ है।
परन्तु एक गलती तीसरी बार न करें।

केवल मन्द बुद्धि ही दो बार से अधिक 
गलती करते हैँ।



गलतियों को सुधार 
कर 
ही चैंपियन बनते हैं।

घर बैठे बैंक पेपर की तैयारी करें

 Rate of Success Booster

Focus and action boost rate of success in any exam, competition, profession, business or work.



Avoid:

1 Extra illogical thinking

2 Over thinking 

And

Focus on what you want to achieve now and in future.

Mind it that concentration is ESSENCE of life.

सफलता  की दर  को कैसे बढ़ाये।


बचें:

गँवारू सोच से।

अधिक सोचने।


मन की प्रवृति है गंबारु सोचना या जरूरत से अधिक सोचना। क्योंकि बहुत सा पैसिव ज्ञान पहले ही दिमाग।में जमा होता है।


अपनी सोचने की ऊर्जा को ऐसे ऊर्जा ह्रास से बचा कर अपने लक्ष्य पर लगाये।

सफलता के चांस बढेंगे। अधिक मार्क्स आयेंगे।