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Saturday, January 10, 2015

Mom and Dad

माता पिता

  1. जब आप ने धरती पर पहला सांस लिया था तब आपके माता पिता आपके साथ थे , मन में प्रण लें जब आपके माता पिता इस धरती पर आखरी सांस लें तब आप उनके साथ हों। 
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  3. माता गर्भ में अपने बच्चे को सम्भाल कर रखती है बच्चों का भी फ़र्ज़ है कि वह अपने माता पिता को घर में सम्भाल कर रखें। 
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  5. बचपन में विस्तर गीला करते थे जवानी में ऐसा कुछ न करें जिस से माँ बाप की आँखे गीली हों। 
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  7. 5 साल का लाडला बच्चा आपसे प्यार की उम्मीद रखता है 50 साल के बाद माँ बाप  भी आपसे प्यार भरी बोलबानी व व्यवहार की उम्मीद रखते हैं। 
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  9. बचपन में पालने  बाले व पालने में झुलाने बाले माँ बाप को बुढ़ापे में धोखा न देना। उनका आशीर्वाद ही सभी तीर्थ स्थलों के दर्शन हैं। 
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  11. माँ बाप जीवित और दृष्टा (कड़वे दिखने बाले ) भगवन  है और भगवान अदृश्य माँ बाप है उनको सुवह शाम सादर प्रणाम जीवन में सफलता व सुख देता है। 
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  13. पति/पत्नी पसन्द से मिलती है परन्तु माँ बाप कर्मो से मिलते हैं बनाने बाला देता है।  पसन्द के लिए कर्मों से मिले माँ बाप का दिल न दुखाना।
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  15. माता पिता शक्की ,क्रोधी, पक्षपाती बाद में पहले वह दृष्टा देव रूप हैं। 
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  17. माता पिता की आँखों में मन से दो बार अश्रु आते हैं - एक जब बेटी की बिदाई होती है और दूसरे जब बेटा उनसे मुख मोढ़ लेता है। ऐसा न करना। 
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  19. जिन बच्चों को माता पिता बचपन में कह कह कर बोलना सीखाते हैं वही बच्चे बढ़े हो कर माँ बाप को चुप रहना कहते हैं। 
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  21. बड़ों का करो सत्कार छोटों को दो लाड़ प्यार। 
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  23. मीठे बोल प्यार बढ़ाते हैं कड़वे बोल झगड़ा करवाते हैं 
   24 मीठे बोल रिश्ते बनाते हैं कड़वे बोल रिश्ते तुड़वाते हैं।

   25  खोये हुए पैसे या धन जीवन में  देर सवेर बापिस कमाया जा सकता है लेकिन बदकलामी से टूटा हुआ रिश्ता दोवारा नहीं जुड़ता। 

  26 . जब मेरे जीवन में मेरे पास धन की भरमार थी तब मैंने अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ खूब शेयर किया। अब पिछले 7 साल से मैं वीमारी से लाचार घर पर हूँ तो वही रिश्तेदार , दोस्त,जानकार मेरी सहायता कर रहे है यह कहना एक 5 साल पहले हुई दुर्घटना में घायल मरीज। वह कहता है जीवन में उतार चढ़ाव आते है चढ़ाव में दूसरों की सहायता करो उतार में वह आपकी सहायता करेंगे।

27 . इंसान आधा सुनता है चौथाई समझता है परन्तु दुगना बोलता है।  यही दुनिया में अधिक मानसिक समस्यायों की जड़ है।

28  सुनो, सोचो ,समझो, जानो और करो।  अंग्रेजी में कहते है "Kids reply , adults respond ." अर्थ : बच्चे बिना सोचे समझे केवल जवाब देते हैं बड़े सोच समझ कर समस्यायों का समाधान देते हैं।

29 . अधिक इंसानों की मानसिकता "सबसे बड़ा रोग , क्या कहेंगे लोग " यह सोच इंसान को अपने अन्दर ही एक  स्पीडब्र्रेकर है जो आगे बढ़ने नहीं देता।  अपने आप को पहचानो , अपनी शक्तियों को जानो और सही लोगों से मेल जोल रख कर आगे बढो      दुनिया आप की है "चिकन thinking या ईगल thinking " जैसा सोचोगे बैसा बनोगे।  एकान्त में बैठ कर लिख कर सोचे।  जीवन की समस्यायों के हल निकल आएंगे।  जॉन मिल्टन , अंग्रेजी लेखक "Paradise Lost " में कहते है : हमारा दिमाग़ बहुत ही शक्ति शाली है जो अपनी सोच से नरक को स्वर्ग और स्वर्ग को नरक बना देता है।  Have faith in your faith and doubt your doubts - A.D.Mohla . दुःख सोच में होते हैं।  सोच बदलो अपनी दुनिया बदलो। 

Vadmulla Teacher 8


तकनीक 93  : क्लास रूम से बाहर
तकनीक 94 :  चयन व चुनौती (चैलेंज)
तकनीक 95  : रिसर्च ट्रिप
तकनीक 96  : हैंड रिटन नोट
तकनीक 97  :  रि साइकिल बिन
तकनीक 98  : पेपर के दोनों पन्ने
तकनीक 99  :  दुनिया का नक़्शा
तकनीक 100 :  पब्लिक लाइब्रेरी

तकनीक 101 : बढ़ा सोचो बढ़ा पढ़ाओ 
तकनीक 102  :सुनना एक कला
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5.  टीचर के कर्त्वय                                                                                                      130 -135

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तकनीक 103  : क्या करें ?
तकनीक 104 :  क्लास में टीचर
 तकनीक 105 :  क्लास टीचर
तकनीक 106   : साइंस टीचर। ....
तकनीक 107  :  टीचर को यह। ....
तकनीक 108  : धीरज व नमृता

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जीवन कथा : महान टीचर  डॉक्टर एस. राधाकृष्णन
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Vadmulla Teacher 7

तकनीक 74 : किसी को अपनी बे इज्ज़ती। …।
तकनीक 75  : ड्रैस
तकनीक 76  : टीचर कभी। …।
तकनीक 77  : गोरूल ल्डन

तकनीक 78  : आप और आपके स्टूडेंट्स
तकनीक 79  : सकारतमक व्यव्हार
तकनीक 80  : आम टीचर से ऊँचे बनो
तकनीक 81  : जिंदगी कोई देखने। ..........
तकनीक 82  : स्मार्ट बनें

तकनीक 83  : अपने स्टूडेंट्स को जानें
तकनीक 84  : बच्चों को स्टीरियो टाइप। ……

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4 . क्लास रूम से बाहर की दुनीया                                                116 -129
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तकनीक 85  : क्लास रूम से बाहर की। ....... 
तकनीक 86  : फिल्म देखना
तकनीक 87 :  बच्चों के घर

तकनीक 88  : फोन करो
तकनीक 89  : टीचर सप्लाई स्टोर
तकनीक 90  : इंटरनेट
तकनीक 91 :  जानकारी बढ़ाएँ
:तकनीक 92 : माता पिता


ध्यान योग : लेखक ने पिछले 16 बर्षों में 3000 से अधिक बच्चे पढ़ाये हैं जिनमे से 250 के लगभग अमेरिका , कनाडा , ऑस्ट्रेलिआ , न्यूजीलैंड आदि दूसरे देशों में पढ़ रहे हैं या बहां पर पी. आर ले कर बस गए हैं

 

Thursday, January 8, 2015

Vadmulla Teacher 6

 इस पुस्तक में वह तकनीकेँ हैं जो ETT /JBT /B.Ed /M.Ed में नहीं पढाई जाती हैं परन्तु टीचिंग कैरियर में बहुत ही लाभदायक हैं। मैंने इस किताब को 10 बार से भी अधिक बार पढ़ा है हर बार नया गुण सीखता हूँ  :- एक टीचर जिसका पढाने का तजुर्बा 13 साल है।

तकनीक 55 :  गैस्ट स्पीकर बुलाओ

तकनीक 56  : स्टूडेंट्स करने से.……।
 तकनीक 57  : रियल प्ले। ……
तकनीक 58  :  लेटर राइटिंग - पत्र लेखन
तकनीक 59  :  कलाज बनबाओ
तकनीक 60  :  सभी की सहायता करो
तकनीक 61  :  हार्ड वर्क - परिश्र्म
तकनीक 62  : टीचिंग मैटेरियल
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3 . अच्छा टीचर कैसे बने                                                                  91 - 115
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तकनीक 63  : बच्चों के भले ,,,,,,,,,,
तकनीक 64  : अपनी फिनान्शिअल सुरक्षा -एक दायित्ब
तकनीक 65  : अपने शौक के लिए क्लास। ....

तकनीक 66  : हमेशा उत्साहित रहो।
तकनीक 67  : विश्वास
तकनीक 68  : क्लास में मौन
तकनीक 69  : अपने आप को प्यार - सैल्फ लब
तकनीक 70  : जिंदगी जियें
तकनीक 71  : सकारत्मक सोच - सकारत्मक बातेँ
तकनीक 72  : धन्यबादी बनें
तकनीक 73  : जो पढ़ते हो , उसे अपनी। ……

ध्यान दें :
लेखक वलर्ड लेवल "Visionaries " the Principals Award प्राप्तकर्ता है और Google ब्लॉगिंग पर "Good Parenting " व " Motivational Speaking " के Rank # 1 रहे हैं।
 

Vadmulla Teacher 5

तकनीक 34 : नवीन शिक्षा

तकनीक 35  : शब्दों की खोज - डिक्शनरी और थिसॉरस
तकनीक 36  : प्रोडक्टिव ब्रेक
तकनीक 37  :पेपर
 तकनीक 38  : पेपर मार्किंग करने का ढंग
 तकनीक 39  : टैस्ट
तकनीक 40 :   "आई डोंट नो " मुझे पता नहीं

तकनीक 41  :  क्लास को बदलो
तकनीक 42  :  केवल टेस्ट के लिए
तकनीक 43  :  टॉकिंग एण्ड टीचिंग
 तकनीक 44  : ग्रे सैल
 तकनीक 45  :  ज्ञान या ग्रेड
तकनीक 46  :   पढ़ाई या प्रशंशा

 तकनीक 47  :  पिक्चर और पढ़ाई
तकनीक 48  :   महान टीचर
तकनीक 49  :   बच्चों की सुनो
तकनीक 50  :   मिलजुल कर पढ़ने से। ……
तकनीक 51  :  पढ़ाने के नए। ....
 तकनीक 52  : बच्चों का नया होसला
 तकनीक 53  : क्रियेटिव अवॉर्ड
तकनीक 54  :  हम बच्चों का.…… 

Monday, January 5, 2015

Vadmulla Teacher4

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2 . स्कूल में कैसे रहें ?                                                                                                   40 -90               
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तकनीक 15 :             टीचर रूम का प्रयोग। …

तकनीक 16  :            नकारात्मक प्रश्न। ....

तकनीक 17  :           पैसे खर्च करें

तकनीक 18  :            लेसन प्लान शेयर करें

तकनीक 19  :            स्कूल के लिए ग्रांट कैसे लें ?

तकनीक 20  :           सुप्पोर्ट स्टाफ से वोलचाल व् व्यबहार।

तकनीक 21  :           सह -टीचर। …

तकनीक 22  :           स्कूल में कुछ समय। …

तकनीक 23  :           पढ़ाने की तकनीक। …

तकनीक 24  :           क्लास का बातावरण। …

तकनीक 25  :           गलतियाँ। ....

तकनीक 26  :           लाल पैन

तकनीक 27  :           पेपर मार्किंग (+/-)

तकनीक 28  :           पेपर टाइपिंग

तकनीक 29  :           मैमोरी गेम्स

तकनीक 30  :           बार- बार दोहराना (रिवीज़न ) …

तकनीक 31  :           लेसन प्लान में.....
      
तकनीक 32  :          इस के स्पैलिंग। ..

तकनीक 33  :           नवीन शब्द। ..

ध्यान योग :
 एक स्कुल के प्रिंसिपल ने बताया : जो मैं टीचर डिवेलपमेंट प्रोग्राम पर लाखो रूपए का खर्च करके प्रपात नहीं कर पाया वह मैं इस किताब से कर पाया हूँ।  मैंने इस किताब की पंजाबी भाषा की 22 किताबें खरीदी और 20किताबे  अपने सीनियर टीचर्स को दे दी वह  ETT/JBT/B.Ed/M.Ed हैं।       और 2 लाइब्रेरी में रख दी   मैं उनके व्याहबार में एक अच्छे टीचर के गुण देख रहा हूँ।  एक  विद्वान ने सही कहा है -  अपने  जीवन की समस्यायों का हल बाहर न ढूंढ कर अपनी सोच को बदलना चाहिए।  सोच पड़ने लिखने से बदलती है।  यह दुनिया बहुत ही अच्छी है हमनी केवल अपने विचारों को बदलना है दुिनया को नहीं। सीखना ही जीवन है  जैसे ही आपकी सेल्फ टॉक नकरात्मक से सकारात्मक होगी जीवन का रुख दुखों से सुख में बदल जायेगा।

Sunday, January 4, 2015

Vadmulla Teacher 3


Content
 
 
टीचर होने  मान महसूस होता है। 
 
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1 . क्लास रूम में                                                                                       23 -  39
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तकनीक 1 :        विद्यार्थिओं का स्वागत

तकनीक 2 :        इक चौकाने बाला बुलेटिन बोर्ड। ……

तकनीक 3 :        बचपन

तकनीक 4 :        अपने स्टूडेंट्स के नाम। .......
 
तकनीक 5 :       डिग्रीआं का डिस्प्ले। ……………

तकनीक 6 :       क्लास में 15 मिन्ट। ………    

तकनीक 7 :       एक  कोटेशन बोर्ड। ……

तकनीक 8 :       हीरा या पत्थर ....

तकनीक 9  :      बुरी आदतें


तकनीक 10  :    कसम लेना व देना  गलत 

तकनीक 11  :    बच्चों को बोर्ड। ……

तकनीक 12  :    अपने बुलेटिन बोर्ड। …

तकनीक 13  :     देश का नक्शा। …

तकनीक 14  :     एक अच्छी आदत। …… सफाई

ध्यान योग बात :
ज्यादा ध्यान सिखने पर दें।  व्याकरण (ग्रामर ) पर नहीं कियूंकि लेखक भाषा के माहिर नहीं हैं। 

Vadmulla Teacher 2










समर्पण


मेरे पूज्य माता पिता , दादा, दादी जी ,
परिवार, दोस्त और माननीय  गुरु (टीचर)

प्रोफ : केशप लेखक



 

Vadmulla Teacher 1

दूसरों को बच्चे के जन्म दिन या शाद पर  उपहार दो
दूसरों का भला करो  आप को हमेशा याद रखेंगे

सेवा में
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मेरे प्यारे __________________________________________(यहाँ जिसको उपहार दे रहें हैँ उसका नाम व उसके साथ आप का जो रिश्ता है लिखेँ ) मैं आप को यह गिफ्ट कर रहन हूँ कियूंकि मैं इस किताब को पढ़ कर बहुत सीखा है और मेरी इच्छा है आप भी इसे पढ़ें और अपना जीवन  करें।  धन्यबाद।

                                                                                                      आपका अपना




                                                                                                    (हस्ताक्षर )
दिनाँक ______________________

नोट : इस किताब को पढ़ें व अपनी असली जीवन में अपनाएं।  किताबें देव परित्मायों की तरह होती हैं , जो बिना थप्पड़ मारे जीवन को सही राह दिखाती हैं। आप अपने जीवन को सही राह  सकते हैं। चनन आप ने करना है।

 

Monday, December 22, 2014

953rd Posts



In 2008 when I started blogging, I never had an idea that I had so many useful thoughts to share with the people of the world.














Today, 23rd December, 2014 , I felt good when I posted 952nd post.










Thank you Google.










Thank you international blogging community.








You are my inspiration.








I have noticed 2 benefits of blogging:






1. It has refined my skill of writing and organized my thoughts which were running riot in my head.
2. It made me reach the intelligentsia of the world.








I have written 5 books in English and 1 book titled "Vadmulla Teacher" in Punjabi for Punjabi reading people of the world.






The book is on amazon.




Steps for reaching the book:






1. Open Google
2. Type amazon.in in search bar.
3. Click on books
4. Type "Vadmulla Teacher" in amazon.in search bar.
5. You can buy it from there.

Crime

Crime pays
.......
     ........
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but only in films.

Tuesday, December 16, 2014

RIGHT LIFE DIRECTION


Life direction

 

(to 4 kids of slum dwellers).

 

I remember the day about 2 years back on which 3 little boys of the age of 6-7 years came to my home and knocked the door asking for alms.

 

I made them sit inside my office housed in my house.

 

They were very happy to sit on chairs.

 

 

Then I started lecturing them.

 

“Begging is a bad thing in this world. You are young children, gift of God. Why don’t you do something and go to schools?”

 

“Our parents are poor labor and they do not send us to school. Rather they ask us to beg and bring money. Father drinks a lot and mother quarrels a lot.” The youngest one told.

 

“Go and tell your parents we want to attend school.”

 

“Uncle on the name of school, papa starts beating, mother starts weeping.” Another one replied.

 

“Ok then don’t beg but do business.”

 

“Business!” All were looking towards one another in awe struck surprise.

 

“Yes, business.”

 

“But how can we do that. We don’t have money?” One of them said.

 

“Ok I will give you money.”

 

Next day I found the small kids sitting outside my door.

I came out and asked them to come inside. They did as directed.

 

They told me :

You were telling about business.

 Yes! Business.

 

I made 2 of them sit on my scooter and one stood in the front.
We went to the market, bought sugar canes from the market.
20 for Rs. 100/- . The vendor gave them 22 .
I told them : Now sit and sell for Rs. 10 each.
They sat whole of the day. They were smiling and laughing.
It was a new experience of useful life.

 And  by the evening all pcs of sugar canes were sold.

All the kids were very happy. Directly, the came to my home and reported like disciplined soldiers that they have sold all the sugarcanes. They were dancing and smiling. 

They had Rs. 220/- in total.
They earned profit of Rs. 120/-
Returned my Rs. 100/- and kept another Rs. 100/- with me for future business.
Rs. 20/ - they took for their own spending and enjoying.

 

They were very happy because today they had experienced new life of self-pride.
No abuses. No slaps from the people they begged from.

 

Whenever they met me  during these 2 years,  I encouraged them to go to school.

 

After 2 years:

 
They met me today at about 6.30 pm.

They met me and asked for note books and pencils.
I hugged them tightly and kissed them on the head saying :
"I am very happy you have joined school."

 

They told me further:
They were offered drugs by someone but they refused. "Very good", was my reply.
Now they go to temple too daily.

 

My eyes went up          to thank God.
I felt that small souls are now on the right track of life.
They will become responsible citizens.
Now no power on Earth can make them bad or criminals.
Their right consciousness is their guard. They need none to guide them now.
They now know what is "wrong" and what is "right" for them.

Drugs are the worst. Going to temple and living in the company of the good people itself is step towards "righteousness" and "spirituality".

The light of the consciousness has lighted in their minds.

 

They bought note books, pencils and erasers.

It all cost Rs. 170/- for 4 sets for 4 tiny tots.

 

They further told me that they are now asking all other children in their “Behra” ( the small houses or place where migratory poor labor lives) to go to school. School is a good place for children.

 

I was feeling happy:

I have got 4 messengers for spreading the message of goodness and education among tiny tots.

They have a long life to spread this message. Thank God – the merciful protector of ALL.

 

 

Friday, December 5, 2014

CERTIFICATE

                            Certificate of Appreciation
                       
                   This is to appreciate the humanistic gesture of  Baby Atharav student of 5rd class.

                  He inspires and teaches the children of his house maid so that they may become good at studies.  .

                   This gesture shows his  love for humans and living.  I congratulate his parents too for inculcating such good  human values in their child.

                                                                                          Prof                                                                                              P.K.Keshap
                                                          Associate Professor to MBA

                                                         Education Consultant of India.

CERTIFICATE

                               Certificate of Appreciation

This is to appreciate the humanistic gesture of  Baby Manya student of 3rd class.


She saw a student of 1st class weeping bitterly. She went out of the school and asked the street vendor to make a call to the parents of the child. Parents came and took care of the child.


This gesture shows her love for humans and living.  I congratulate her parents too for inculcating such good “sanskars” in their child.

                                                                        Prof P.K.Keshap
                                                                Associate Professor to MBA
                                                                    Education Consultant of India.